कक्षा 9 गणित के लिए NCERT समाधान: अध्याय 3 - निर्देशांक ज्यामिति

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यह पृष्ठ कक्षा 9 गणित के अध्याय 3, "निर्देशांक ज्यामिति" के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें एक बिंदु की स्थिति को परिभाषित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले कार्तीय तल, अक्ष (x-अक्ष और y-अक्ष), चतुर्थांश और निर्देशांक जैसी प्रमुख अवधारणाओं को शामिल किया गया है। समाधानों में एक टेबल लैंप की स्थिति का वर्णन करने से लेकर एक शहर के सड़क ग्रिड का मॉडल बनाने तक के व्यावहारिक उदाहरण शामिल हैं। यह छात्रों को निर्देशांक प्रणाली को समझने, बिंदुओं को प्लॉट करने और ज्यामितीय आकृतियों के स्थान को निर्धारित करने में मदद करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं में महारत हासिल कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectगणित
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. निर्देशांक ज्यामिति

Chapter summary

कक्षा 9 गणित के अध्याय 3 "निर्देशांक ज्यामिति" के लिए NCERT समाधान, कार्तीय तल में बिंदुओं की स्थिति का पता लगाने पर केंद्रित हैं। यह अध्याय छात्रों को क्षैतिज (x-अक्ष) और ऊर्ध्वाधर (y-अक्ष) रेखाओं, उनके प्रतिच्छेदन बिंदु (मूल बिंदु), और तल के चार चतुर्थांशों से परिचित कराता है। समाधानों में व्यावहारिक अनुप्रयोग शामिल हैं, जैसे किसी वस्तु की स्थिति का वर्णन करना और एक ग्रिड प्रणाली पर बिंदुओं को प्लॉट करना।

Learning outcomes

  • कार्तीय तल में क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाओं (अक्षों) की पहचान करना।
  • निर्देशांकों का उपयोग करके तल में एक बिंदु की स्थिति का निर्धारण करना।
  • किसी बिंदु के भुज और कोटि को समझना।
  • मूल बिंदु और चतुर्थांश की अवधारणा को समझना।
  • दिए गए निर्देशांकों के आधार पर आकृतियों में बिंदुओं की स्थिति का पता लगाना।
  • व्यावहारिक स्थितियों में निर्देशांक ज्यामिति के अनुप्रयोगों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • निर्देशांक ज्यामिति का परिचय
  • कार्तीय तल
  • x-अक्ष
  • y-अक्ष
  • मूल बिंदु
  • निर्देशांक
  • भुज (x-निर्देशांक)
  • कोटि (y-निर्देशांक)
  • चतुर्थांश
  • तल में बिंदु की स्थिति का निर्धारण
  • निर्देशांकों का ज्यामितीय निरूपण
  • व्यावहारिक अनुप्रयोग

Important topics

  • कार्तीय तल और अक्षों की पहचान
  • निर्देशांकों का उपयोग करके बिंदु की स्थिति का निर्धारण
  • चतुर्थांशों में बिंदुओं का स्थान
  • मूल बिंदु की अवधारणा
  • भुज और कोटि की परिभाषा

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Questions and Solutions

प्रश्नावली 3.1, प्रश्न 1

एक अन्य व्यक्ति को आप अपने अध्ययन मेज पर रखे टेबल लैंप की स्थिति किस तरह बताएँगे?
Solution: किसी वस्तु की स्थिति बताने के लिए, हमें एक संदर्भ बिंदु और दिशाओं का एक सेट परिभाषित करना होगा। कार्तीय तल की अवधारणा का उपयोग करते हुए, हम मेज के एक कोने को मूल बिंदु (0,0) मान सकते हैं। फिर, हम मेज के किनारों को x-अक्ष (पूर्व-पश्चिम दिशा) और y-अक्ष (उत्तर-दक्षिण दिशा) के रूप में मान सकते हैं।

माना कि टेबल लैंप सामने (बैठने वाली जगह) से 2 फीट की दूरी पर है और मेज के दायें किनारे से 1 फीट की दूरी पर है। इस स्थिति को निर्देशांक (2, 1) के रूप में दर्शाया जा सकता है, जहाँ पहला मान (2) x-अक्ष के अनुदिश दूरी है और दूसरा मान (1) y-अक्ष के अनुदिश दूरी है।

प्रश्नावली 3.1, प्रश्न 2

एक नगर में दो मुख्य सड़कें हैं, जो नगर के केंद्र पर मिलती हैं। ये दो सड़कें उत्तर-दक्षिण की दिशा और पूर्व-पश्चिम की दिशा में हैं। नगर की अन्य सभी सड़कें इन मुख्य सड़कों के समांतर परस्पर 200 मीटर की दूरी पर हैं। प्रत्येक दिशा में लगभग पाँच सड़कें हैं। 1 सेंटीमीटर = 200 मीटर का पैमाना लेकर अपनी नोटबुक में नगर का एक मॉडल बनाइए। सड़कों को एकल रेखाओं से निरूपित कीजिए। आपके मॉडल में एक-दूसरे को काटती हुई अनेक क्रॉस-स्ट्रीट (चौराहे) हो सकती हैं। एक विशेष क्रॉस-स्ट्रीट दो सड़कों से बनी है, जिनमें से एक उत्तर-दक्षिण दिशा में जाती है और दूसरी पूर्व-पश्चिम दिशा में। प्रत्येक क्रॉस-स्ट्रीट का निर्देशन इस प्रकार किया जाता हैः यदि दूसरी सड़क उत्तर-दक्षिण दिशा में जाती है और पाँचवीं सड़क पूर्व-पश्चिम दिशा में जाती है और ये एक क्रॉसिंग पर मिलती हैं, तब इसे हम क्रॉस-स्ट्रीट (2, 5) कहेंगे। इसी परंपरा से यह ज्ञात कीजिए कि:
  1. कितनी क्रॉस-स्ट्रीटों को (4, 3) माना जा सकता है।
  2. कितनी क्रॉस-स्ट्रीटों को (3, 4) माना जा सकता है।
Solution: इस समस्या को हल करने के लिए, हम निर्देशांक ज्यामिति की अवधारणा का उपयोग करेंगे। नगर के मॉडल में, हम मुख्य सड़कों को अक्षों के रूप में मान सकते हैं। पूर्व-पश्चिम दिशा वाली सड़क को x-अक्ष और उत्तर-दक्षिण दिशा वाली सड़क को y-अक्ष माना जा सकता है। सड़कों के बीच की दूरी 200 मीटर है, जिसे हम पैमाने 1 सेमी = 200 मीटर के अनुसार 1 इकाई मानेंगे।

निर्देशन (x, y) में, पहला अंक (x) पूर्व-पश्चिम दिशा वाली सड़क की संख्या को दर्शाता है, और दूसरा अंक (y) उत्तर-दक्षिण दिशा वाली सड़क की संख्या को दर्शाता है।

  1. क्रॉस-स्ट्रीट (4, 3): इसका मतलब है कि यह वह चौराहा है जहाँ पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वाली चौथी सड़क और उत्तर-दक्षिण दिशा में जाने वाली तीसरी सड़क मिलती है। चूँकि प्रत्येक दिशा में सड़कें विशिष्ट रूप से स्थित हैं, इसलिए केवल एक ही ऐसी क्रॉस-स्ट्रीट हो सकती है जो इन दो विशिष्ट सड़कों के प्रतिच्छेदन से बनती है। अतः, केवल एक क्रॉस-स्ट्रीट को (4, 3) माना जा सकता है।

  2. क्रॉस-स्ट्रीट (3, 4): इसी प्रकार, इसका मतलब है कि यह वह चौराहा है जहाँ पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वाली तीसरी सड़क और उत्तर-दक्षिण दिशा में जाने वाली चौथी सड़क मिलती है। विशिष्ट सड़कों के प्रतिच्छेदन के कारण, यहाँ भी केवल एक ही ऐसी क्रॉस-स्ट्रीट संभव है। अतः, केवल एक क्रॉस-स्ट्रीट को (3, 4) माना जा सकता है।

प्रश्नावली 3.2, प्रश्न 1

निम्नलिखित प्रश्नों में से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दीजिए:
  1. कार्तीय तल में किसी बिन्दु की स्थिति निर्धरित करने वाली क्षैतिज और उर्ध्वाधर रेखाओं के क्या नाम हैं?
  2. इन दो रेखाओं से बने तल के प्रत्येक भाग के नाम बताइए।
  3. उस बिन्दु का नाम बताइए जहाँ ये दो रेखाएँ प्रतिच्छेदित होती हैं।
Solution:
  1. कार्तीय तल में, क्षैतिज रेखा को x-अक्ष कहा जाता है और ऊर्ध्वाधर रेखा को y-अक्ष कहा जाता है।
  2. x-अक्ष और y-अक्ष से बने तल के प्रत्येक भाग को चतुर्थांश कहा जाता है। ये चार चतुर्थांश होते हैं: प्रथम चतुर्थांश, द्वितीय चतुर्थांश, तृतीय चतुर्थांश और चतुर्थ चतुर्थांश।
  3. वह बिंदु जहाँ x-अक्ष और y-अक्ष प्रतिच्छेदित होते हैं, मूल बिंदु कहलाता है। इसके निर्देशांक (0, 0) होते हैं।

प्रश्नावली 3.2, प्रश्न 2

आकृति 3.14 देखकर निम्नलिखित को लिखिए:
  1. B के निर्देशांक
  2. C के निर्देशांक
  3. निर्देशांक (-3, -5) द्वारा पहचाना गया बिंदु
  4. निर्देशांक (2, -4) द्वारा पहचाना गया बिंदु
  5. D का भुज
  6. बिंदु H के निर्देशांक
  7. बिंदु L के निर्देशांक
  8. बिंदु M के निर्देशांक
Solution: (आकृति 3.14 को देखकर, हम निम्नलिखित निर्देशांक और मान ज्ञात कर सकते हैं। मान लीजिए कि प्रत्येक इकाई 1 इकाई के बराबर है।)
  1. B के निर्देशांक: बिंदु B, x-अक्ष पर -5 पर और y-अक्ष पर 4 पर स्थित है। अतः, B के निर्देशांक (-5, 4) हैं।
  2. C के निर्देशांक: बिंदु C, x-अक्ष पर 5 पर और y-अक्ष पर -4 पर स्थित है। अतः, C के निर्देशांक (5, -4) हैं।
  3. निर्देशांक (-3, -5) द्वारा पहचाना गया बिंदु: x-निर्देशांक -3 और y-निर्देशांक -5 वाले बिंदु को ढूँढने पर, हम पाते हैं कि यह बिंदु E है।
  4. निर्देशांक (2, -4) द्वारा पहचाना गया बिंदु: x-निर्देशांक 2 और y-निर्देशांक -4 वाले बिंदु को ढूँढने पर, हम पाते हैं कि यह बिंदु G है।
  5. D का भुज: बिंदु D के निर्देशांक (-5, -5) हैं। भुज x-निर्देशांक होता है। अतः, D का भुज -5 है।
  6. बिंदु H के निर्देशांक: बिंदु H, x-अक्ष पर 5 पर और y-अक्ष पर 0 पर स्थित है (यह x-अक्ष पर है)। अतः, H के निर्देशांक (5, 0) हैं।
  7. बिंदु L के निर्देशांक: बिंदु L, x-अक्ष पर 0 पर और y-अक्ष पर -3 पर स्थित है (यह y-अक्ष पर है)। अतः, L के निर्देशांक (0, -3) हैं।
  8. बिंदु M के निर्देशांक: बिंदु M, x-अक्ष पर -3 पर और y-अक्ष पर 0 पर स्थित है (यह x-अक्ष पर है)। अतः, M के निर्देशांक (-3, 0) हैं।

Common mistakes

  • भुज (x-निर्देशांक) और कोटि (y-निर्देशांक) को भ्रमित करना।
  • चतुर्थांशों में चिह्नों के परिपाटी को गलत समझना।
  • मूल बिंदु को गलत तरीके से पहचानना।
  • निर्देशांकों को गलत अक्ष पर प्लॉट करना।

Revision tips

  • प्रत्येक चतुर्थांश में x और y निर्देशांकों के चिह्नों को याद करें।
  • मूल बिंदु (0,0) की स्थिति को स्पष्ट रूप से समझें।
  • दिए गए निर्देशांकों को कार्तीय तल पर प्लॉट करने का अभ्यास करें।
  • आकृतियों में दिए गए बिंदुओं के निर्देशांक ज्ञात करने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. कार्तीय तल में किसी बिंदु की स्थिति निर्धारित करने वाली क्षैतिज रेखा को क्या कहा जाता है?

Q2. कार्तीय तल में ऊर्ध्वाधर रेखा को क्या कहा जाता है?

Q3. वह बिंदु जहाँ x-अक्ष और y-अक्ष प्रतिच्छेद करते हैं, क्या कहलाता है?

Q4. निर्देशांक (-3, 5) किस चतुर्थांश में स्थित होगा?

Q5. निर्देशांक (2, -4) में भुज का मान क्या है?

Frequently asked questions

निर्देशांक ज्यामिति क्या है?

निर्देशांक ज्यामिति गणित की वह शाखा है जो बीजगणितीय समीकरणों का उपयोग करके ज्यामितीय आकृतियों का अध्ययन करती है। यह कार्तीय तल में बिंदुओं की स्थिति का वर्णन करने के लिए निर्देशांकों का उपयोग करती है।

कक्षा 9 के लिए निर्देशांक ज्यामिति के मुख्य बिंदु क्या हैं?

मुख्य बिंदुओं में कार्तीय तल, x-अक्ष, y-अक्ष, मूल बिंदु (0,0), चतुर्थांश, और किसी बिंदु के निर्देशांक (भुज और कोटि) शामिल हैं।

किसी बिंदु के निर्देशांक (x, y) का क्या अर्थ है?

निर्देशांक (x, y) में, 'x' क्षैतिज दूरी (भुज) को दर्शाता है और 'y' ऊर्ध्वाधर दूरी (कोटि) को दर्शाता है, जो मूल बिंदु से मापी जाती है।

चतुर्थांश क्या होते हैं?

जब x-अक्ष और y-अक्ष एक दूसरे को मूल बिंदु पर काटते हैं, तो वे तल को चार भागों में विभाजित करते हैं, जिन्हें चतुर्थांश कहा जाता है। ये प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ चतुर्थांश होते हैं।

इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे अवधारणाओं को समझना आसान हो जाता है। आप अभ्यास के लिए इन हल किए गए उदाहरणों का उपयोग कर सकते हैं और अपनी समझ का परीक्षण कर सकते हैं।

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