कक्षा 9 भारत और समकालीन विश्व - I: नात्सीवाद और हिटलर का उदय NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के लिए 'भारत और समकालीन विश्व - I' पुस्तक के अध्याय 3, 'नात्सीवाद और हिटलर का उदय' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें हिटलर के विचारों, नात्सी पार्टी के उदय, नात्सी शासन की प्रकृति, द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों और परिणामों, और वाइमर गणराज्य के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है। समाधान विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को नात्सी विचारधारा की जटिलताओं, हिटलर के सत्ता में आने के कारणों और युद्ध के विनाशकारी प्रभावों को समझने में मदद मिलती है। यह संसाधन छात्रों को परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अध्ययन करने और विषय की गहरी समझ विकसित करने में सहायता करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectभारत और समकालीन विश्व - I
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. नात्सीवाद और हिटलर का उदय

Chapter summary

कक्षा 9 के लिए 'नात्सीवाद और हिटलर का उदय' अध्याय के NCERT समाधान, नात्सी विचारधारा के मूल सिद्धांतों, हिटलर के सत्ता में आने की परिस्थितियों, और नात्सी शासन के तहत हुए दमनकारी उपायों पर प्रकाश डालते हैं। यह समाधान द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों, धूरी और मित्र राष्ट्रों की भूमिका, और युद्ध के अंत को भी स्पष्ट करते हैं। वाइमर गणराज्य की समस्याओं और 'नवंबर के अपराधी' जैसे शब्दों की उत्पत्ति को भी समझाया गया है, जो छात्रों को उस ऐतिहासिक काल की महत्वपूर्ण घटनाओं और अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • नात्सीवाद की विचारधारा और उसके मूल सिद्धांतों को समझना।
  • हिटलर के सत्ता में उदय के कारणों और परिस्थितियों का विश्लेषण करना।
  • नात्सी शासन के तहत विभिन्न समूहों पर हुए दमन को पहचानना।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों और प्रमुख घटनाओं को समझना।
  • वाइमर गणराज्य के सामने आई चुनौतियों का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • नात्सीवाद की विचारधारा
  • हिटलर का उदय
  • नात्सी पार्टी
  • द्वितीय विश्व युद्ध
  • धूरी राष्ट्र
  • मित्र राष्ट्र
  • वाइमर गणराज्य
  • नवंबर के अपराधी
  • घेटो
  • नस्लीय सिद्धांत
  • आर्थिक संकट
  • हिटलर की राजनीतिक शैली

Important topics

  • नात्सीवाद की विचारधारा और मूल सिद्धांत
  • हिटलर के सत्ता में आने के कारण
  • द्वितीय विश्व युद्ध के कारण और परिणाम
  • वाइमर गणराज्य की समस्याएं
  • नात्सी शासन के दमनकारी उपाय

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

हिटलर के विचार किन दार्शनिकों के विचारों पर आधारित थे?
Solution: हिटलर के विचार मुख्य रूप से चार्ल्स डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत और हर्बर्ट स्पेंसर के सामाजिक डार्विनवाद से प्रभावित थे। डार्विन के 'योग्यतम की उत्तरजीविता' के विचार को हिटलर ने मानव समाजों पर लागू किया, यह मानते हुए कि कुछ नस्लें दूसरों से स्वाभाविक रूप से श्रेष्ठ होती हैं और उन्हें जीवित रहने का अधिक अधिकार है। स्पेंसर के विचारों ने इस धारणा को और मजबूत किया कि समाज में केवल सबसे मजबूत ही जीवित रह सकते हैं, जिसने नात्सी शासन की क्रूर नीतियों को वैचारिक आधार प्रदान किया।

प्रश्न 2

30 जनवरी 1933 को जर्मनी के किस राष्ट्रपति ने हिटलर को चांसलर का पद-भार संभालने का न्योता दिया?
Solution: 30 जनवरी 1933 को जर्मनी के तत्कालीन राष्ट्रपति पॉल वॉन हिंडनबर्ग ने एडॉल्फ हिटलर को जर्मनी का चांसलर नियुक्त किया और उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया। यह घटना जर्मनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, जिसने नात्सी तानाशाही की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।

प्रश्न 3

नात्सी शासन में कुल कितने किस्म के लोगों को अपने दमन का निशाना बनाया गया?
Solution: नात्सी शासन ने अपने दमनकारी एजेंडे के तहत विभिन्न प्रकार के लोगों को निशाना बनाया। स्रोत के अनुसार, कुल 52 विभिन्न किस्म के लोगों को नात्सी शासन द्वारा अपने दमन का शिकार बनाया गया। इनमें मुख्य रूप से यहूदी, जिप्सी, अश्वेत, विकलांग व्यक्ति, समलैंगिक, राजनीतिक विरोधी और अन्य अल्पसंख्यक समूह शामिल थे, जिन्हें नात्सी विचारधारा के अनुसार 'अवांछित' या 'निम्न' माना जाता था।

प्रश्न 4

द्वितीय विश्व युद्ध में हिटलर ने सबसे बड़ी भूल क्या की?
Solution: द्वितीय विश्व युद्ध में हिटलर की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक भूल 1941 में सोवियत संघ पर हमला करना था। यह एक रणनीतिक गलती थी क्योंकि इसने जर्मनी के लिए एक नया और विशाल मोर्चा खोल दिया, जिससे उसके संसाधन और सेनाएँ बंट गईं। सोवियत संघ की विशालता और उसकी सेना के कड़े प्रतिरोध ने जर्मनी को भारी नुकसान पहुँचाया और अंततः युद्ध में उसकी हार का एक प्रमुख कारण बना।

प्रश्न 5

द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ किन किन देशों ने दिया? इन्हें क्या कहा जाता है?
Solution: द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ मुख्य रूप से इटली और जापान ने दिया था। इन तीनों देशों के गठबंधन को 'धूरी राष्ट्र' (Axis Powers) के नाम से जाना जाता है। इन देशों ने मिलकर मित्र राष्ट्रों के खिलाफ युद्ध लड़ा था।

प्रश्न 6

किन देशों को मित्र राष्ट्र कहा जाता है?
Solution: द्वितीय विश्व युद्ध में धूरी राष्ट्रों के विरोधी देशों को 'मित्र राष्ट्र' (Allied Powers) कहा जाता था। इनमें प्रमुख देश फ्रांस, ग्रेट ब्रिटेन (इंग्लैंड) और सोवियत संघ (रूस) थे। बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका भी मित्र राष्ट्रों के खेमे में शामिल हो गया, जिसने युद्ध के परिणाम को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया।

प्रश्न 7

हिटलर ने आर्थिक संकट से निकालने के लिए कौन सा विकल्प चूना?
Solution: जर्मनी के गंभीर आर्थिक संकट से निकलने के लिए हिटलर ने युद्ध का विकल्प चुना। उसका मानना था कि युद्ध के माध्यम से जर्मनी अपने लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकता है, अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित कर सकता है और खोई हुई शक्ति को पुनः प्राप्त कर सकता है। उसने विस्तारवादी नीतियों और सैन्यीकरण पर जोर देकर इस विकल्प को आगे बढ़ाया।

प्रश्न 8

घेटो या दड़बा किसे कहा जाता था?
Solution: नात्सी शासन के दौरान, 'घेटो' या 'दड़बा' उन अलग-थलग और घनी आबादी वाली बस्तियों को कहा जाता था जहाँ यहूदियों को जबरन रहने के लिए मजबूर किया जाता था। इन बस्तियों को अक्सर शहर के सबसे गरीब इलाकों में बनाया जाता था और इन्हें बाहरी दुनिया से अलग कर दिया जाता था। यहाँ रहने की स्थितियाँ अत्यंत दयनीय होती थीं, जिनमें भोजन, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी होती थी।

प्रश्न 9

'नवम्बर का अपराधी' कहकर किसे बुलाया जाता था?
Solution: 'नवंबर का अपराधी' कहकर वाइमर गणराज्य के उन समर्थकों को संबोधित किया जाता था जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी के आत्मसमर्पण और वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया था। नात्सी और अन्य राष्ट्रवादी समूह इन नेताओं को देशद्रोही मानते थे क्योंकि उनके अनुसार इन लोगों ने जर्मनी को धोखा दिया था।

प्रश्न 10

नात्सीवाद क्या है?
Solution: नात्सीवाद एक राजनीतिक विचारधारा और आंदोलन का नाम है जिसका नेतृत्व एडॉल्फ हिटलर ने किया था। यह एक प्रकार की अति-राष्ट्रवादी, नस्लवादी और अधिनायकवादी विचारधारा थी। नात्सीवाद का मानना था कि जर्मन आर्य नस्ल सर्वश्रेष्ठ है और उसे दुनिया पर शासन करने का अधिकार है, जबकि अन्य नस्लों को निम्नतर माना जाता था और उन्हें दबाया या समाप्त किया जाना चाहिए। इस विचारधारा ने जर्मनी में बड़े पैमाने पर प्रचार और भय का इस्तेमाल करके सत्ता हासिल की।

प्रश्न 11

नात्सियों का विश्व दृष्टिकोण क्या था?
Solution: नात्सियों का विश्व दृष्टिकोण नस्लीय श्रेष्ठता और विस्तारवाद पर आधारित था। उनके अनुसार:
  1. सभी समाजों को जर्मन साम्राज्य के बराबर अधिकार प्राप्त नहीं थे। वे नस्लीय आधार पर बेहतर या कमतर थे। नात्सी मानते थे कि जर्मन आर्य सबसे उच्च कोटि की नस्ल है और केवल उसी को जीने का अधिकार है, जबकि अन्य नस्लों को समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
  2. उनका दूसरा दृष्टिकोण भू-राजनीतिक अवधारणा से संबंधित था। उनका मानना था कि जर्मन लोगों को बसाने के लिए अधिक से अधिक इलाकों पर कब्जा करना आवश्यक है। उनका यह भी मानना था कि युद्धों के माध्यम से जर्मन राष्ट्र के लिए संसाधन, धन और शक्ति एकत्र की जा सकती है।
यह विश्व दृष्टिकोण अत्यंत आक्रामक और विनाशकारी था, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध और नरसंहार को जन्म दिया।

प्रश्न 12

हिटलर का उदय कब और कैसे हुआ?
Solution: एडॉल्फ हिटलर ने 1919 में जर्मन वर्कर्स पार्टी की सदस्यता ली और धीरे-धीरे इस संगठन पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया, जिसे बाद में नात्सी पार्टी के नाम से जाना गया। प्रथम विश्व युद्ध के बाद जर्मनी की दयनीय आर्थिक स्थिति, महामंदी के कारण बढ़ती बेरोजगारी और भुखमरी ने जनता को हताश कर दिया था। इस माहौल का फायदा उठाते हुए, नात्सियों ने अपने प्रचार तंत्र के माध्यम से जनता को एक बेहतर भविष्य का सब्जबाग दिखाया और अपना आंदोलन चमकाया। इसी लोकप्रियता के बल पर, हिटलर 1933 में जर्मनी का चांसलर बनने में सफल हुआ, जिससे उसके सत्ता में उदय का मार्ग प्रशस्त हुआ।

प्रश्न 13

हिटलर की राजनैतिक शैली कैसी थी?
Solution: हिटलर की राजनीतिक शैली अत्यंत प्रभावी और जन-आकर्षक थी, जिसमें निम्नलिखित तत्व शामिल थे:
  1. वह लोगों को एकजुट करने के लिए भव्य प्रदर्शनों और आडंबरों में विश्वास रखता था।
  2. जनता का भारी समर्थन दिखाने और एकता की भावना पैदा करने के लिए वह बड़े पैमाने पर रैलियाँ और सभाएँ आयोजित करता था।
  3. उसने अपने प्रचार के लिए स्वस्तिक चिन्ह वाले लाल झंडे, नात्सी सैल्यूट और एक विशेष अंदाज में भाषण देने की शैली का प्रयोग किया। भाषणों के बाद तालियाँ बजाने का तरीका भी खास होता था।
  4. उस समय जर्मनी भीषण आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा था, इसलिए हिटलर ने खुद को एक मसीहा और रक्षक के रूप में प्रस्तुत किया, मानो वह जनता को इस तबाही से उबारने के लिए ही अवतरित हुआ हो।
यह शैली उसे आम जनता के बीच लोकप्रिय बनाने और सत्ता हासिल करने में सहायक सिद्ध हुई।

प्रश्न 14

द्वितीय विश्व युद्ध का अंत कैसे हुआ?
Solution: द्वितीय विश्व युद्ध का अंत तब हुआ जब मित्र राष्ट्रों, विशेषकर संयुक्त राज्य अमेरिका के युद्ध में पूरी तरह शामिल होने के बाद धूरी राष्ट्रों की स्थिति कमजोर हो गई। जर्मनी के खिलाफ सोवियत संघ का प्रतिरोध और पश्चिमी मोर्चे पर मित्र राष्ट्रों के बढ़ते दबाव के कारण जर्मनी की हार निश्चित हो गई। अंततः, हिटलर की मृत्यु और जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर अमेरिका द्वारा परमाणु बम गिराए जाने के बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध का पूर्णतः अंत हो गया।

प्रश्न 15

वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएँ थी?
Solution: वाइमर गणराज्य को अपनी स्थापना के साथ ही कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिनमें प्रमुख थीं:
  1. प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की हार और उसके परिणामस्वरूप लगे राष्ट्रीय अपमान का बोझ।
  2. वर्साय की संधि के तहत लगाए गए भारी हर्जाने का भुगतान करने का दबाव, जिसने जर्मन अर्थव्यवस्था को और कमजोर कर दिया।
  3. गणराज्य के समर्थकों को अक्सर 'नवंबर के अपराधी' कहकर उनका उपहास उड़ाया जाता था, जिससे उनकी वैधता पर प्रश्नचिह्न लगता था और जनता का विश्वास कम होता था।
  4. आर्थिक अस्थिरता, राजनीतिक ध्रुवीकरण और उग्रवादी समूहों का बढ़ता प्रभाव भी वाइमर गणराज्य के लिए बड़ी चुनौतियाँ थीं।
इन समस्याओं ने गणराज्य को कमजोर किया और अंततः नात्सी पार्टी के उदय का मार्ग प्रशस्त किया।

Common mistakes

  • नात्सी विचारधारा के नस्लीय श्रेष्ठता के सिद्धांत को गलत समझना।
  • द्वितीय विश्व युद्ध के कारणों को केवल हिटलर की महत्वाकांक्षाओं तक सीमित रखना।
  • वाइमर गणराज्य की समस्याओं को सतही तौर पर समझना।

Revision tips

  • नात्सीवाद से संबंधित प्रमुख शब्दावली जैसे 'घेटो', 'नवंबर के अपराधी' को अच्छी तरह समझें।
  • हिटलर के उदय के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों की सूची बनाएं।
  • द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल प्रमुख देशों और उनके गठबंधनों को याद करें।
  • वाइमर गणराज्य की कमजोरियों और उसके पतन के कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।

Practice MCQs

Q1. नात्सी विचारधारा के अनुसार, किस नस्ल को सबसे श्रेष्ठ माना जाता था?

Q2. हिटलर ने किस वर्ष वर्कर्स पार्टी की सदस्यता ली, जो बाद में नात्सी पार्टी बनी?

Q3. द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी के साथ किन देशों ने धूरी राष्ट्रों का गठन किया?

Q4. 'नवंबर का अपराधी' कहकर किसे संबोधित किया जाता था?

Q5. हिटलर ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए किस विकल्प को चुना?

Frequently asked questions

नात्सीवाद क्या है और इसका जनक किसे माना जाता है?

नात्सीवाद एक संपूर्ण व्यवस्था और विचारों की संरचना का नाम है जिसका जनक हिटलर को माना जाता है। यह एक विचारधारा थी जो खास मूल्य-मान्यताओं और व्यवहार से संबंधित थी।

हिटलर कब और कैसे जर्मनी का चांसलर बना?

महामंदी के दौरान जर्मन अर्थव्यवस्था की बदहाली का फायदा उठाकर, नात्सियों ने प्रोपेगैंडा के माध्यम से जनता को बेहतर भविष्य की उम्मीद दिखाई। इसी के बाद हिटलर 32% वोटों से जर्मनी का चांसलर बना।

द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ किन देशों ने दिया और उन्हें क्या कहा जाता है?

द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मनी का साथ इटली और जापान ने दिया था। इन देशों को 'धूरी राष्ट्र' कहा जाता है।

वाइमर गणराज्य के सामने मुख्य समस्याएँ क्या थीं?

वाइमर गणराज्य के सामने युद्ध में हार, राष्ट्रीय अपमान, भारी हर्जाना और गणराज्य के समर्थकों को 'नवंबर का अपराधी' कहकर उपहास उड़ाया जाना जैसी समस्याएँ थीं।

हिटलर की राजनीतिक शैली की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं?

हिटलर की राजनीतिक शैली में आडंबर, प्रदर्शन, बड़ी रैलियाँ, स्वस्तिक झंडे, नात्सी सैल्यूट और खास अंदाज में भाषण देना शामिल था। वह खुद को जनता के मसीहा के रूप में पेश करता था।

द्वितीय विश्व युद्ध का अंत कैसे हुआ?

द्वितीय विश्व युद्ध का अंत तब हुआ जब अमेरिका युद्ध में शामिल हुआ, धूरी राष्ट्रों को हार का सामना करना पड़ा, हिटलर की पराजय हुई और अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए।

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