कक्षा 9 अभ्यासवान् भाष्: अध्याय 11 धातु रूप NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के लिए अभ्यासवान् भाष् के अध्याय 11, 'धातु रूप' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें छात्रों को विभिन्न क्रियाओं के सही रूपों का उपयोग करके वाक्यों को पूरा करने का अभ्यास कराया गया है। समाधानों में लट् (वर्तमान काल), लोट् (आज्ञार्थक), और लृट् (भविष्यत् काल) जैसे विभिन्न कालों और आज्ञार्थक क्रियाओं के प्रयोग को स्पष्ट किया गया है। अभ्यास 1 में, छात्रों को कोष्ठक में दी गई क्रियाओं के उचित रूपों से रिक्त स्थान भरने होते हैं। अभ्यास 2 में, एक समाचार पत्र के लेख में क्रियाओं की अशुद्धियों को शुद्ध करने का कार्य दिया गया है, जिससे छात्रों को व्याकरणिक शुद्धता का महत्व समझाया जा सके। ये समाधान छात्रों को संस्कृत में क्रियाओं के सही प्रयोग में निपुण बनाने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
SubjectAbhyasvan Bhav
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 11

Chapter summary

अध्याय 11 'धातु रूप' कक्षा 9 के अभ्यासवान् भाष् के लिए संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को विभिन्न धातुओं (क्रियाओं) के विभिन्न कालों (लट्, लोट्, लृट्) और पुरुष (उत्तम, मध्यम, प्रथम) के अनुसार सही रूपों को पहचानने और प्रयोग करने का अभ्यास कराता है। समाधानों में रिक्त स्थान भरने और अशुद्ध क्रियापदों को शुद्ध करने जैसे अभ्यास शामिल हैं, जो छात्रों को क्रिया रूपों की समझ को मजबूत करने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • छात्र विभिन्न कालों (लट्, लोट्, लृट्) में क्रियाओं के उचित रूपों का प्रयोग कर सकेंगे।
  • छात्र दिए गए संदर्भ के अनुसार क्रियाओं के सही पुरुष और वचन का चयन कर सकेंगे।
  • छात्र समाचार लेखों में क्रिया संबंधी अशुद्धियों को पहचान कर उन्हें शुद्ध कर सकेंगे।
  • छात्र संस्कृत वाक्यों में क्रियाओं के सही प्रयोग के महत्व को समझ सकेंगे।

Topics covered

Paper topics

  • धातु रूप परिचय
  • लट् लकार (वर्तमान काल)
  • लोट् लकार (आज्ञार्थक)
  • लृट् लकार (भविष्यत् काल)
  • क्रियाओं का पुरुषानुसार प्रयोग
  • क्रियाओं का वचननुसार प्रयोग
  • रिक्त स्थान पूर्ति अभ्यास
  • अशुद्ध क्रियापदों का शुद्धिकरण
  • संस्कृत व्याकरण
  • अभ्यासवान् भाष् कक्षा 9

Important topics

  • लट् लकार (वर्तमान काल) के क्रिया रूप
  • लोट् लकार (आज्ञार्थक) के क्रिया रूप
  • लृट् लकार (भविष्यत् काल) के क्रिया रूप
  • पुरुष और वचन के अनुसार क्रिया का सही चयन
  • व्याकरणिक अशुद्धियों का संशोधन

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कोष्ठक में दिए गए धातुओं के उचित रूपों से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए:
  1. ये छात्राः कक्षायां ध्यानेन पाठं _____ (श्रु, लट्), ते अभीष्टं परिणाम। (लभ्, लट्)
  2. भो छात्रा:! जंकभोजनं तु कदापि मा _____। (भक्ष, लोट)
  3. अनुशासनबद्धः बालः यथाकालं सर्वं कार्यं कर्तुं ______। (शक्, लट्)
  4. पुत्र! _____ (दृश्, लोट) स्वलेखम्। त्वं ध्यानेन सुलेखं _____ । (लिख, लोट)
  5. पितः! अद्याहम् ध्यानेन लिखित्वा भवते _____। (दर्शय्, लुट)
  6. रमा आश्रमे पुष्पाणि _____। (चि, लट्)
  7. यदि अहम् एतं कार्यं कुर्याम् तर्हि किमुपहारं _____। (लभ्, लुट्)
  8. ये जनाः यत्किमपि आखद्यम् _____। (भक्ष्, लट्) ते प्रायः अस्वस्थाः _____ (भू, लट्)
  9. भो बाला:! कमपि प्राणिनं मा _____। (तुद्, लोट)
  10. भवान् किं सत्यं _____? (ब्रू, लट)
Solution:

यहाँ विभिन्न कालों और आज्ञार्थक क्रियाओं के उचित रूपों से रिक्त स्थानों की पूर्ति की गई है:

  1. ये छात्राः कक्षायां ध्यानेन पाठं शृण्वन्ति (श्रु, लट्), ते अभीष्टं परिणामं लभन्ते (लभ्, लट्)।
  2. भो छात्रा:! जंकभोजनं तु कदापि मा भक्षयत (भक्ष, लोट)। (यहाँ 'भो छात्राः' मध्यम पुरुष बहुवचन है, इसलिए क्रिया भी मध्यम पुरुष बहुवचन होगी।)
  3. अनुशासनबद्धः बालः यथाकालं सर्वं कार्यं कर्तुं शक्नोति (शक्, लट्)। (यहाँ 'बालः' प्रथम पुरुष एकवचन है, इसलिए क्रिया भी प्रथम पुरुष एकवचन होगी।)
  4. पुत्र! पश्य (दृश्, लोट) स्वलेखम्। त्वं ध्यानेन सुलेखं लिख (लिख, लोट)। (यहाँ आज्ञा दी जा रही है, इसलिए लोट् लकार का प्रयोग हुआ है।)
  5. पितः! अद्याहम् ध्यानेन लिखित्वा भवते दर्शयिष्यामि (दर्शय्, लुट)। (यहाँ 'अहम्' उत्तम पुरुष एकवचन है, इसलिए भविष्यत् काल में उत्तम पुरुष एकवचन क्रिया का प्रयोग होगा।)
  6. रमा आश्रमे पुष्पाणि चिनोति (चि, लट्)। (यहाँ 'रमा' प्रथम पुरुष एकवचन है, इसलिए क्रिया भी प्रथम पुरुष एकवचन होगी।)
  7. यदि अहम् एतं कार्यं कुर्याम् तर्हि किमुपहारं लप्स्ये (लभ्, लुट्)। (यहाँ 'अहम्' उत्तम पुरुष एकवचन है, इसलिए भविष्यत् काल में उत्तम पुरुष एकवचन क्रिया का प्रयोग होगा।)
  8. ये जनाः यत्किमपि आखद्यम् भक्षयन्ति (भक्ष्, लट्) ते प्रायः अस्वस्थाः भवन्ति (भू, लट्)। (यहाँ 'जनाः' प्रथम पुरुष बहुवचन है, इसलिए क्रिया भी प्रथम पुरुष बहुवचन होगी।)
  9. भो बाला:! कमपि प्राणिनं मा तुदत (तुद्, लोट)। (यहाँ 'भो बालाः' मध्यम पुरुष बहुवचन है, इसलिए क्रिया भी मध्यम पुरुष बहुवचन होगी।)
  10. भवान् किं सत्यं ब्रवीति (ब्रू, लट)? (यहाँ 'भवान्' प्रथम पुरुष एकवचन है, इसलिए क्रिया भी प्रथम पुरुष एकवचन होगी।)

प्रश्न 2

समाचारपत्र में रेल दुर्घटना के विषय में प्रकाशित इस समाचार पत्र में धातु रूपों की अशुद्धियाँ हो गई हैं। इस समाचार पत्र को पढ़कर क्रियापदों को शुद्ध कीजिए:

यथा: ह्यः अहम् समाचार-पत्रे <u>पठामि</u> अपठम् यत, अपठम् रेलदुर्घटनायाम् अनेके जनाः आहताः।

i. केचन जना: तान् असेवन् परम् दु:खस्य

ii. विषय: एष: सन्ति यत् केचित् दुर्जना: तेषां

iii. धनस्यूतम् अचोरय: येन अनेकेषां तु

iv. परिचयपत्रमपि न अमिलत्। इतोऽपि

v. अधिकं यत् तेषां दु:खेन संवेदनहीना:

vi. जना: तु केवलं स्वचलदूरभाषयन्त्रेण तस्या:

vii. घटनाया: वीडियो-निर्माणे संलग्ना: सन्ति।

Solution:

समाचार पत्र में क्रियापदों की अशुद्धियों को शुद्ध रूप इस प्रकार हैं:

  1. केचन जनाः तान् असेवन्त परम् दु:खस्य (यहाँ 'जनाः' बहुवचन है, इसलिए क्रिया 'असेवन्त' होगी।)
  2. विषयः एषः अस्ति यत् केचित् दुर्जनाः तेषां (यहाँ 'विषयः' एकवचन है, इसलिए क्रिया 'अस्ति' होगी।)
  3. धनस्यूतम अचोरयन् येन अनेकेषां तु (यहाँ 'धनस्यूतम्' बहुवचन कर्ता के लिए है, इसलिए क्रिया 'अचोरयन्' होगी।)
  4. परिचयपत्रमपि न अमिलत्। इतोऽपि (यहाँ 'परिचयपत्रम्' एकवचन है, इसलिए क्रिया 'अमिलत्' होगी।)
  5. अधिकं यत् तेषां दुःखेभ्यः संवेदनहीनाः (यहाँ 'दुःखेन' के स्थान पर 'दुःखेभ्यः' अधिक उपयुक्त है, जो बहुवचन में है।)
  6. जनाः तु केवलं स्वचलदूरभाषयन्त्रैः तस्या: (यहाँ 'यन्त्रैः' बहुवचन में प्रयोग किया गया है, जो अधिक उपयुक्त है।)
  7. घटनायाः वीडियो-निर्माणे संलग्नाः आसन् (यहाँ भूतकाल का संकेत है, इसलिए 'सन्ति' के स्थान पर 'आसन्' होगा।)

Common mistakes

  • काल (वर्तमान, आज्ञार्थक, भविष्यत्) के अनुसार क्रिया का गलत रूप चुनना।
  • पुरुष (उत्तम, मध्यम, प्रथम) और वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) के अनुसार क्रिया का गलत रूप प्रयोग करना।
  • आज्ञार्थक क्रियाओं का प्रयोग करते समय अनौपचारिक या औपचारिक रूप में भ्रमित होना।
  • अशुद्ध वाक्यों में क्रियाओं की पहचान करने में कठिनाई।

Revision tips

  • प्रत्येक अभ्यास में दी गई धातुओं और कालों की सूची को ध्यान से देखें।
  • प्रत्येक वाक्य के संदर्भ को समझें ताकि क्रिया का सही काल और पुरुष निर्धारित किया जा सके।
  • अभ्यास 2 में, अशुद्ध क्रियापदों को शुद्ध करते समय मूल धातु और काल को पहचानें।
  • सभी समाधानों को ध्यान से पढ़ें और समझें, विशेषकर जहाँ क्रिया रूपों में परिवर्तन हुआ है।

Practice MCQs

Q1. छात्र कक्षा में ध्यान से पाठ _____ (श्रु, लट्)।

Q2. भो छात्रा:! जंकभोजनं तु कदापि मा _____। (भक्ष, लोट)

Q3. अनुशासनबद्धः बालः यथाकालं सर्वं कार्यं कर्तुं ______। (शक्, लट्)

Q4. रमा आश्रमे पुष्पाणि _____। (चि, लट्)

Q5. यदि अहम् एतं कार्यं कुर्याम् तर्हि किमुपहारं _____। (लभ्, लुट्)

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह समाधान कक्षा 9 के लिए अभ्यासवान् भाष् (संस्कृत) विषय के अध्याय 11 'धातु रूप' के लिए है।

इस अध्याय में मुख्य रूप से किन क्रिया कालों का अभ्यास कराया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से लट् लकार (वर्तमान काल), लोट् लकार (आज्ञार्थक), और लृट् लकार (भविष्यत् काल) का अभ्यास कराया गया है।

अभ्यास 2 का उद्देश्य क्या है?

अभ्यास 2 का उद्देश्य छात्रों को समाचार पत्र के लेख में क्रियाओं की अशुद्धियों को पहचानकर उन्हें शुद्ध करने का अभ्यास कराना है, जिससे व्याकरणिक शुद्धता पर ध्यान केंद्रित हो सके।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में सहायक हैं?

हाँ, ये समाधान छात्रों को धातु रूपों की अपनी समझ को मजबूत करने और परीक्षा में आने वाले व्याकरणिक प्रश्नों को हल करने के लिए तैयार करने में बहुत सहायक हैं।

धातु रूप क्या होते हैं?

धातु रूप क्रियाओं के विभिन्न रूपों को कहते हैं, जो काल, पुरुष और वचन के अनुसार बदलते हैं। ये संस्कृत वाक्यों का आधार होते हैं।

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