कक्षा 8 विज्ञान अध्याय 9: जंतुओं में जनन - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 9, 'जंतुओं में जनन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें जनन की परिभाषा, महत्व, और विभिन्न प्रकारों जैसे कि आंतरिक और बाह्य निषेचन की व्याख्या की गई है। समाधानों में युग्मनज, भ्रूण के विकास, और जरायुज व अंडप्रजक जंतुओं के बीच अंतर को स्पष्ट किया गया है। इसके अतिरिक्त, अलैंगिक जनन की विधियों जैसे मुकुलन (हाइड्रा में) और द्विखंडन (अमीबा में), तथा कायांतरण (मेंढक में) की प्रक्रियाओं को भी सरल भाषा में समझाया गया है। परखनली शिशु तकनीक का भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करने में सहायक होंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. जंतुओं में जनन |
Chapter summary
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 9 'जंतुओं में जनन' के ये NCERT समाधान जनन की मूल अवधारणाओं को कवर करते हैं। इसमें लैंगिक जनन के अंतर्गत आंतरिक और बाह्य निषेचन, युग्मनज और भ्रूण के विकास की प्रक्रियाएं शामिल हैं। साथ ही, अलैंगिक जनन की विधियों जैसे मुकुलन और द्विखंडन, और कायांतरण की प्रक्रिया को भी समझाया गया है। यह समाधान छात्रों को जंतुओं में प्रजनन की विभिन्न विधियों को समझने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- जनन की परिभाषा और इसके महत्व को समझना।
- आंतरिक और बाह्य निषेचन के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- युग्मनज और भ्रूण के विकास की प्रक्रिया को समझना।
- जरायुज और अंडप्रजक जंतुओं के बीच अंतर बताना।
- अलैंगिक जनन की विधियों (मुकुलन, द्विखंडन) को समझना।
- कायांतरण की प्रक्रिया को उदाहरण सहित समझाना।
Topics covered
Paper topics
- जनन की परिभाषा और महत्व
- लैंगिक जनन
- आंतरिक निषेचन
- बाह्य निषेचन
- युग्मनज का निर्माण
- भ्रूण का विकास
- जरायुज जंतु
- अंडप्रजक जंतु
- अलैंगिक जनन
- मुकुलन (हाइड्रा)
- द्विखंडन (अमीबा)
- कायांतरण (मेंढक)
Important topics
- आंतरिक बनाम बाह्य निषेचन
- अलैंगिक जनन की विधियाँ (मुकुलन और द्विखंडन)
- कायांतरण की प्रक्रिया
- जनन का महत्व
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
जब कोई जीव अपने जैसे ही नए जीव को उत्पन्न करता है, तो इस प्रक्रिया को जनन कहते हैं। जनन किसी भी जाति के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह सुनिश्चित करता है कि जीव अपनी प्रजाति को पृथ्वी पर बनाए रख सकें और पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रह सकें। जनन के बिना, कोई भी प्रजाति विलुप्त हो जाएगी।
प्रश्न 2
निषेचन मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है:
- बाह्य निषेचन: इस प्रकार के निषेचन में नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) का संलयन मादा जीव के शरीर के बाहर होता है। यह प्रक्रिया आमतौर पर जलीय वातावरण में होती है, जैसे कि मेंढक और मछलियों में।
- अंतः निषेचन: इस प्रकार के निषेचन में नर युग्मक और मादा युग्मक का संलयन मादा जीव के शरीर के अंदर होता है। यह मनुष्यों, गायों, कुत्तों और मुर्गियों जैसे जीवों में पाया जाता है।
प्रश्न 3
जब नर युग्मक (शुक्राणु) और मादा युग्मक (अंडाणु) आपस में मिलकर एक हो जाते हैं, तो इस संयुक्त कोशिका को युग्मनज कहा जाता है। यह निषेचन की प्रक्रिया का परिणाम होता है और एक नए जीव के विकास का प्रारंभिक बिंदु है।
प्रश्न 4
परखनली शिशु एक ऐसी विधि है जिसका उपयोग उन स्त्रियों की सहायता के लिए किया जाता है जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ होती हैं। इस प्रक्रिया में, डॉक्टर महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को शरीर के बाहर एक प्रयोगशाला में एकत्र करते हैं और उन्हें एक उचित माध्यम में कुछ घंटों के लिए एक साथ रखते हैं ताकि निषेचन हो सके। इस प्रकार बने निषेचित अंडे (युग्मनज) को कुछ दिनों तक विकसित होने दिया जाता है और फिर उसे महिला के गर्भाशय में स्थापित कर दिया जाता है। यदि यह सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित हो जाता है, तो गर्भधारण होता है और शिशु का जन्म होता है, जिसे परखनली शिशु कहा जाता है।
Common mistakes
- आंतरिक और बाह्य निषेचन के उदाहरणों को गलत मिलाना।
- अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन के बीच भ्रमित होना।
- कायांतरण और सामान्य विकास के बीच अंतर को न समझना।
- युग्मनज और भ्रूण के बीच के अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
Revision tips
- जनन के विभिन्न प्रकारों (लैंगिक और अलैंगिक) के बीच मुख्य अंतरों को सूचीबद्ध करें।
- निषेचन के प्रकारों (आंतरिक और बाह्य) के उदाहरणों को याद करें।
- कायांतरण की प्रक्रिया को दर्शाने वाले चित्र का अभ्यास करें।
- अमीबा और हाइड्रा में जनन की विधियों के चरणों को समझें।
Practice MCQs
Q1. जनन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Explanation: जनन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने समान संतान उत्पन्न करते हैं, जिससे जाति का अस्तित्व बना रहता है।
Q2. मनुष्यों में किस प्रकार का निषेचन होता है?
Explanation: मनुष्यों में, शुक्राणु और अंडाणु का संलयन मादा के शरीर के अंदर होता है, जिसे आंतरिक निषेचन कहते हैं।
Q3. मेंढकों में निषेचन किस प्रकार होता है?
Explanation: मेंढक जैसे जलीय जीव बाह्य निषेचन प्रदर्शित करते हैं, जहाँ अंडे और शुक्राणु मादा के शरीर के बाहर पानी में मिलते हैं।
Q4. हाइड्रा में नए जीव का विकास किस प्रक्रिया से होता है?
Explanation: हाइड्रा में, जनक के शरीर पर एक उभार (मुकुल) विकसित होता है जो एक नए जीव के रूप में परिपक्व होता है, यह प्रक्रिया मुकुलन कहलाती है।
Q5. अमीबा में जनन की मुख्य विधि कौन सी है?
Explanation: अमीबा जैसे एककोशिकीय जीव द्विखंडन द्वारा अलैंगिक रूप से प्रजनन करते हैं, जिसमें कोशिका दो भागों में विभाजित हो जाती है।
Q6. निषेचित अंडाणु को क्या कहा जाता है?
Explanation: नर और मादा युग्मकों के संलयन से बने निषेचित अंडाणु को युग्मनज कहा जाता है, जो बाद में भ्रूण में विकसित होता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 9 में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में जंतुओं में जनन की प्रक्रिया, जैसे लैंगिक जनन (आंतरिक और बाह्य निषेचन), अलैंगिक जनन (मुकुलन और द्विखंडन), युग्मनज और भ्रूण का विकास, तथा कायांतरण जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
आंतरिक और बाह्य निषेचन में क्या अंतर है?
आंतरिक निषेचन मादा के शरीर के अंदर होता है (जैसे मनुष्य, गाय में), जबकि बाह्य निषेचन मादा के शरीर के बाहर होता है, आमतौर पर जलीय वातावरण में (जैसे मेंढक, मछली में)।
अलैंगिक जनन से आप क्या समझते हैं?
अलैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें केवल एक ही जनक नए जीव को जन्म देता है, बिना युग्मकों के संलयन के। हाइड्रा में मुकुलन और अमीबा में द्विखंडन इसके उदाहरण हैं।
कायांतरण क्या है और यह किस जंतु में पाया जाता है?
कायांतरण वह प्रक्रिया है जिसमें लार्वा कुछ उग्र परिवर्तनों से गुजरकर वयस्क जंतु में बदल जाता है। मेंढक में टैडपोल का वयस्क मेंढक में बदलना इसका एक प्रमुख उदाहरण है।
परखनली शिशु तकनीक क्या है?
परखनली शिशु तकनीक (IVF) एक सहायक प्रजनन तकनीक है जिसमें अंडाणु और शुक्राणु को शरीर के बाहर एक नियंत्रित माध्यम में निषेचित कराया जाता है और फिर विकसित भ्रूण को मादा के गर्भाशय में स्थापित किया जाता है।
यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलती है।
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