कक्षा 8 विज्ञान: फसल उत्पादन एवं प्रबंध NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 1, 'फसल उत्पादन एवं प्रबंध' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कृषि की मूल बातें शामिल हैं, जैसे कि एक ही स्थान पर बड़े पैमाने पर पौधे उगाना (फसल), मिट्टी तैयार करना (जुताई), बुवाई, खाद और उर्वरक डालना, सिंचाई, खरपतवारों से सुरक्षा, कटाई और भंडारण। समाधान बताते हैं कि कैसे मिट्टी को उपजाऊ बनाया जाता है, जैविक और रासायनिक खादों के बीच अंतर, विभिन्न सिंचाई तकनीकें (पारंपरिक और आधुनिक), और खरपतवारों को नियंत्रित करने के तरीके। यह अध्याय छात्रों को फसल उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1. फ़सल उत्पादन एवं प्रबंध |
Chapter summary
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 1 'फसल उत्पादन एवं प्रबंध' के ये NCERT समाधान छात्रों को कृषि की विभिन्न पद्धतियों से परिचित कराते हैं। इसमें फसल की परिभाषा, मिट्टी तैयार करने की विधियाँ जैसे जुताई, बुवाई के तरीके, खाद और उर्वरकों का महत्व, सिंचाई के विभिन्न स्रोत और विधियाँ, खरपतवार नियंत्रण, कटाई और भंडारण की प्रक्रियाएं शामिल हैं। समाधान छात्रों को इन महत्वपूर्ण कृषि कार्यों के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- फसल की परिभाषा और प्रकारों को समझना।
- मिट्टी तैयार करने की विभिन्न विधियों (जैसे जुताई) का वर्णन करना।
- खाद और उर्वरकों के बीच अंतर स्पष्ट करना और उनके महत्व को समझना।
- सिंचाई की विभिन्न पारंपरिक और आधुनिक विधियों की व्याख्या करना।
- खरपतवारों की पहचान करना और उन्हें नियंत्रित करने के तरीकों को जानना।
- कटाई और भंडारण की प्रक्रियाओं के महत्व को समझना।
Topics covered
Paper topics
- फसल
- कृषि पद्धतियाँ
- मिट्टी की तैयारी (जुताई)
- बुवाई
- खाद
- उर्वरक
- सिंचाई
- खरपतवार
- कटाई
- भंडारण
- खरीफ फसल
- रबी फसल
Important topics
- फसल उत्पादन की प्रमुख कृषि पद्धतियाँ
- खाद एवं उर्वरकों का महत्व और अंतर
- सिंचाई की विभिन्न विधियाँ
- खरपतवार नियंत्रण के उपाय
- खरीफ और रबी फसलों में अंतर
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(क) एक स्थान पर एक ही प्रकार के बड़ी मात्रा में उगाये गए पौधों को ______ कहते है ।
(ख) फसल उगाने से पहले प्रथम चरण मिट्टी की ______ होती है ।
(ग) क्षतिग्रस्त बीज जल की सतह पर ______ लगेंगे ।
(घ) फसल उगने के लिए पर्याप्त सूर्य का प्रकाश एवं मिट्टी से ______ तथा ______ आवश्यक है ।
यहां रिक्त स्थानों की पूर्ति उचित शब्दों से की गई है:
- (क) एक स्थान पर एक ही प्रकार के बड़ी मात्रा में उगाये गए पौधों को फसल कहते है ।
- (ख) फसल उगाने से पहले प्रथम चरण मिट्टी की तैयारी होती है ।
- (ग) क्षतिग्रस्त बीज जल की सतह पर तैरने लगेंगे ।
- (घ) फसल उगने के लिए पर्याप्त सूर्य का प्रकाश एवं मिट्टी से जल तथा पोषक आवश्यक है ।
स्पष्टीकरण:
- फसल का अर्थ है एक ही प्रकार के पौधों का बड़े पैमाने पर उगाया जाना।
- मिट्टी की तैयारी (जुताई) फसल उगाने का पहला कदम है।
- अच्छे बीज पानी में डूब जाते हैं, जबकि खराब या क्षतिग्रस्त बीज पानी पर तैरते हैं।
- पौधों के विकास के लिए सूर्य के प्रकाश के साथ-साथ मिट्टी से जल और पोषक तत्व भी आवश्यक हैं।
प्रश्न 2
कॉलम A
- खरीफ फसल
- रबी फसल
- रसायनिक उर्वरक
- कार्बनिक खाद
कॉलम B
- मवेशियों का चारा
- यूरिया, सुपर फॉस्फेट
- पशु अपशिष्ट, गोबर, मूत्र एवं पादप अवशेष
- गेंहूँ, चना, मटर
- धान एवं मक्का
कॉलम A का कॉलम B से सही मिलान इस प्रकार है:
- खरीफ फसल - (v) धान एवं मक्का
- रबी फसल - (iv) गेहूँ, चना, मटर
- रसायनिक उर्वरक - (ii) यूरिया, सुपर फॉस्फेट
- कार्बनिक खाद - (iii) पशु अपशिष्ट, गोबर, मूत्र एवं पादप अवशेष
स्पष्टीकरण:
- खरीफ फसलें वे फसलें हैं जो वर्षा ऋतु (जून से सितंबर) में उगाई जाती हैं, जैसे धान और मक्का।
- रबी फसलें वे फसलें हैं जो सर्दियों के मौसम (अक्टूबर से मार्च) में उगाई जाती हैं, जैसे गेहूँ, चना और मटर।
- रसायनिक उर्वरक कारखानों में बनाए जाते हैं और पौधों को विशिष्ट पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
- कार्बनिक खाद प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होती है और मिट्टी की उर्वरता व जल धारण क्षमता को बढ़ाती है।
- मवेशियों का चारा (i) एक अलग श्रेणी है जो किसी विशेष फसल प्रकार से सीधे मेल नहीं खाती, लेकिन अक्सर रबी या खरीफ फसलों के साथ उगाई जाती है।
Common mistakes
- खाद और उर्वरकों के बीच अंतर को न समझना।
- सिंचाई की विभिन्न विधियों को ठीक से याद न रख पाना।
- खरपतवारों को अनचाहे पौधों के रूप में पहचानने में गलती करना।
- फसल उत्पादन के चरणों को क्रम से याद रखने में कठिनाई।
Revision tips
- प्रत्येक कृषि पद्धति (जुताई, बुवाई, सिंचाई आदि) के उद्देश्य को समझें।
- खाद और उर्वरकों के लाभ और हानियों की तुलना करें।
- विभिन्न सिंचाई विधियों के चित्र बनाकर या देखकर याद करें।
- अध्याय के अंत में दिए गए अभ्यास प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. एक ही स्थान पर एक ही प्रकार के बड़ी मात्रा में उगाये गए पौधों को क्या कहते हैं?
Explanation: जब एक ही किस्म के पौधे किसी स्थान पर बड़े पैमाने पर उगाये जाते हैं, तो उसे फसल कहा जाता है।
Q2. फसल उगाने से पहले मिट्टी की कौन सी प्रक्रिया प्रथम चरण है?
Explanation: फसल उगाने से पहले मिट्टी को उलटने-पलटने और पोला करने की प्रक्रिया, जिसे जुताई कहते हैं, प्रथम चरण है।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी रबी फसल का उदाहरण है?
Explanation: गेहूँ, चना, मटर रबी फसलें हैं जो सर्दियों में उगाई जाती हैं। धान और मक्का खरीफ फसलें हैं।
Q4. जैविक खाद का मुख्य लाभ क्या है?
Explanation: जैविक खाद में ह्यूमस की मात्रा अधिक होती है, जिससे मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ती है और वह अधिक उपजाऊ बनती है।
Q5. सिंचाई की किस विधि का उपयोग असमतल भूमि के लिए किया जाता है जहाँ जल कम मात्रा में उपलब्ध है?
Explanation: छिड़काव तंत्र (Sprinkler system) असमतल भूमि के लिए उपयुक्त है और जल की कम उपलब्धता होने पर भी प्रभावी है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 1 का मुख्य विषय क्या है?
कक्षा 8 विज्ञान के अध्याय 1, 'फसल उत्पादन एवं प्रबंध' का मुख्य विषय कृषि की विभिन्न पद्धतियाँ हैं, जिनमें फसल उगाना, मिट्टी तैयार करना, बुवाई, खाद और उर्वरक देना, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण, कटाई और भंडारण शामिल हैं।
फसल उत्पादन में मिट्टी की तैयारी क्यों महत्वपूर्ण है?
फसल उत्पादन में मिट्टी की तैयारी (जैसे जुताई) महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मिट्टी को पोला बनाती है, जिससे जड़ों को गहराई तक जाने और सांस लेने में आसानी होती है। यह पोषक तत्वों को ऊपर लाता है और खरपतवारों को हटाने में भी मदद करता है।
खाद और उर्वरक में क्या अंतर है?
खाद एक जैविक पदार्थ है जो पौधों और जंतुओं के अपशिष्टों के अपघटन से बनता है और मिट्टी में ह्यूमस बढ़ाता है। उर्वरक रासायनिक रूप से तैयार होते हैं और विशेष पोषक तत्व प्रदान करते हैं, लेकिन ये मिट्टी की जल धारण क्षमता नहीं बढ़ाते।
सिंचाई के पारंपरिक और आधुनिक तरीकों में क्या अंतर है?
पारंपरिक तरीकों में मोट, ढेकली, रहट आदि शामिल हैं जो श्रम-साध्य होते हैं। आधुनिक तरीकों में छिड़काव तंत्र और ड्रिप सिंचाई शामिल हैं, जो अधिक कुशल हैं और पानी बचाते हैं।
खरपतवार क्या होते हैं और उन्हें कैसे नियंत्रित किया जाता है?
खरपतवार वे अनचाहे पौधे होते हैं जो मुख्य फसल के साथ उग आते हैं और पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इन्हें यांत्रिक विधियों (जैसे निराई) या रासायनिक विधियों (जैसे खरपतवारनाशी का उपयोग) से नियंत्रित किया जाता है।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को विस्तृत और स्पष्ट तरीके से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।
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