कक्षा 8 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 17 बाज और साँप
यह पृष्ठ कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक के पाठ 17, 'बाज और साँप' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह पाठ स्वतंत्रता के महत्व, साहस की भावना और जीवन के अर्थ पर गहराई से प्रकाश डालता है। समाधानों में बाज की साहसी भावना, उसकी संतुष्टि और साँप की जिज्ञासा का विश्लेषण शामिल है। छात्र यह समझेंगे कि कैसे बाज ने समझौतावादी जीवन को अस्वीकार किया और अपनी अंतिम साँस तक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। पाठ यह भी बताता है कि कैसे साँप, जो उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था, बाज के जीवन से प्रेरित होकर स्वयं उड़ने का प्रयास करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए स्पष्टीकरण और उदाहरण प्रदान करते हैं, जिससे वे पाठ के मुख्य संदेशों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 17. बाज और साँप |
Chapter summary
कक्षा 8 हिंदी के पाठ 17 'बाज और साँप' के NCERT समाधान छात्रों को स्वतंत्रता, साहस और जीवन के मूल्यों को समझने में मदद करते हैं। ये समाधान बाज के जीवन दर्शन, उसकी संतुष्टि और साँप की जिज्ञासा पर केंद्रित हैं। छात्र सीखेंगे कि कैसे बाज ने अपनी अंतिम साँस तक स्वतंत्रता को महत्व दिया और कैसे साँप ने बाज के जीवन से प्रेरणा लेकर उड़ने का प्रयास किया। समाधानों में पाठ के मुख्य संदेशों को स्पष्ट किया गया है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Learning outcomes
- बाज के जीवन दर्शन और उसकी संतुष्टि को समझना।
- साँप की जिज्ञासा और उसके उड़ने के प्रयास के कारणों का विश्लेषण करना।
- स्वतंत्रता के महत्व और उसके लिए संघर्ष की प्रेरणा को समझना।
- पाठ में प्रयुक्त मुहावरों और प्रत्ययों का अर्थ और प्रयोग सीखना।
- मानव द्वारा उड़ने की इच्छा की पूर्ति के साधनों की पहचान करना।
Topics covered
Paper topics
- स्वतंत्रता का महत्व
- साहस और वीरता
- जीवन का अर्थ और संतुष्टि
- समझौतावादी जीवन का खंडन
- जिज्ञासा और अन्वेषण
- प्रकृति और मानव की इच्छाएं
- मुहावरों का प्रयोग
- प्रत्ययों का प्रयोग
- बाज का चरित्र चित्रण
- साँप का चरित्र चित्रण
- लहरों का गीत
- मानव की उड़ने की इच्छा
Important topics
- स्वतंत्रता के लिए संघर्ष
- बाज का जीवन दर्शन
- साँप की प्रेरणा और परिवर्तन
- साहस का महत्व
- जीवन की संतुष्टि
- मुहावरे और प्रत्यय
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
बाज ने घायल होने के बाद भी यह कहा कि "मुझे कोई शिकायत नहीं है" क्योंकि वह अपने जीवन से पूर्णतः संतुष्ट था। उसने अपनी ज़िंदगी को भरपूर जिया था, असीम आकाश में जी भरकर उड़ान भरी थी और अपनी ताकत रहते हुए हर सुख का अनुभव किया था। वह किसी भी प्रकार के समझौते या कायरतापूर्ण जीवन को पसंद नहीं करता था और अपनी साहसी जीवनशैली पर गर्व करता था।
प्रश्न 2
बाज ज़िंदगी भर आकाश में उड़ता रहा और उसने ऊँचाइयों को नापा। घायल होने के बाद भी वह उड़ना चाहता था क्योंकि वह एक साहसी प्राणी था और कायर की तरह मरना नहीं चाहता था। वह अंतिम क्षण तक जीवन के लिए संघर्ष करना चाहता था और हार मानने को तैयार नहीं था। उसकी उड़ने की इच्छा उसकी स्वतंत्रता और जीवन के प्रति उसके अदम्य उत्साह का प्रतीक थी।
प्रश्न 3
साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था क्योंकि वह अपनी प्रकृति के अनुसार रेंगने के लिए बना था। परन्तु, जब उसने बाज के मन में आकाश में उड़ने की तीव्र इच्छा और तड़प देखी, तो उसके मन में भी आकाश के मुक्त जीवन के रहस्य को जानने की उत्सुकता जगी। इसी जिज्ञासावश उसने भी एक बार उड़ने की कोशिश करने का निश्चय किया।
प्रश्न 4
लहरों ने बाज के लिए गीत इसलिए गाया था क्योंकि वे उसकी बहादुरी, साहस और वीरता से बहुत प्रसन्न थीं। बाज ने अपने प्राणों की परवाह न करते हुए जीवन के खतरों का सामना किया और कभी पीछे नहीं हटा। उसकी इसी अदम्य भावना का सम्मान करने के लिए लहरों ने गीत गाया।
प्रश्न 5
साँप, बाज को अपना शत्रु मानता था और बाज उसका संभावित आहार था। घायल बाज किसी भी प्रकार से साँप के लिए खतरा नहीं था और न ही वह उसे नुकसान पहुँचा सकता था। इसलिए, साँप के लिए घायल बाज को देखकर खुश होना स्वाभाविक था, क्योंकि उसे अपनी सुरक्षा का अहसास हुआ और वह उसे आसानी से अपना शिकार बना सकता था।
प्रश्न 6
कहानी में स्वतंत्रता की प्रेरणा देने वाली पंक्तियाँ निम्नलिखित हैं:
- "जब तक शरीर में ताकत रही, कोई सुख ऐसा नहीं बचा जिसे न भोगा हो। दूर-दूर तक उडानें भरी हैं, आकाश की असीम ऊँचाइयों को अपने पंखों से नाप आया हूँ।"
- "आह! काश, मैं सिर्फ एक बार आकाश में उड पाता।"
- "पर वह समय दूर नहीं है, जब तुम्हारे खून की एक-एक बूँद जिंदगी के अँधेरे में प्रकाश फैलाएगी और साहसी, बहादुर दिलों में स्वतंत्रता और प्रकाश के लिए प्रेम पैदा करेगी।"
- "हमारा यह गीत उन साहसी लोगों के लिए है जो अपने प्राणों को हथेली पर लिए घूमते हैं।"
प्रश्न 7
मानव ने आदिकाल से ही पक्षियों की तरह उड़ने की इच्छा मन में रखी है। शारीरिक सीमाओं के कारण वह स्वयं उड़ नहीं पाता, लेकिन अपनी इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उसने अनेक वैज्ञानिक साधनों का आविष्कार किया है। आज मनुष्य हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून जैसे विभिन्न साधनों का उपयोग करके अपनी उड़ने की इच्छा पूरी करता है।
प्रश्न 8
कहानी से चुने गए पाँच मुहावरे और उनके वाक्य प्रयोग इस प्रकार हैं:
- भाँप लेना: बच्चों का उदास चेहरा देखकर माँ ने उनकी समस्या को तुरंत भाँप लिया।
- हिम्मत बाँधना: परीक्षा में अच्छे अंक आने की खबर सुनकर उसकी हिम्मत बँध गई।
- अंतिम साँस गिनना: गंभीर बीमारी के कारण दादाजी अब अंतिम साँसें गिन रहे थे।
- मन में आशा जागना: कठिन परिस्थिति में भी, शिक्षक के प्रोत्साहन से उसके मन में आशा जाग उठी।
- प्राण हथेली पर रखना: सैनिक देश की रक्षा के लिए हमेशा अपने प्राण हथेली पर रखते हैं।
प्रश्न 9
दिए गए समानार्थी प्रत्ययों का प्रयोग करके दो-दो शब्द इस प्रकार हैं:
- द: सुखद, दुखद
- प्रद: लाभप्रद, ज्ञानप्रद
- दाता: परामर्शदाता, सुखदाता
- दाई: सुखदाई, दुखदाई
- देह: विश्रामदेह, लाभदेह
Common mistakes
- स्वतंत्रता के महत्व को सतही तौर पर समझना।
- बाज के जीवन के प्रति संतुष्टि के गहरे अर्थ को न समझ पाना।
- मुहावरों और प्रत्ययों के प्रयोग में गलतियाँ करना।
- साँप के चरित्र परिवर्तन के कारणों को ठीक से न समझ पाना।
Revision tips
- बाज के जीवन के आदर्शों को समझें और उन्हें अपने जीवन से जोड़ें।
- साँप के चरित्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करें और उसके प्रेरणा स्रोत को पहचानें।
- पाठ में आए मुहावरों और प्रत्ययों का अभ्यास करें और वाक्यों में प्रयोग करें।
- स्वतंत्रता के विषय पर पाठ के विभिन्न अंशों को याद करें।
Practice MCQs
Q1. घायल होने के बाद भी बाज ने 'मुझे कोई शिकायत नहीं है' क्यों कहा?
Explanation: बाज ने यह इसलिए कहा क्योंकि उसने अपना जीवन भरपूर जिया था और वह किसी भी कीमत पर समझौतावादी जीवन नहीं चाहता था। वह अपनी साहसी उड़ान से संतुष्ट था।
Q2. साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण क्यों मानता था?
Explanation: साँप उड़ने की इच्छा को मूर्खतापूर्ण मानता था क्योंकि वह अपनी शारीरिक बनावट के कारण उड़ने में सक्षम नहीं था और इसे अपनी प्रकृति के विरुद्ध समझता था।
Q3. लहरों ने बाज के लिए गीत क्यों गाया था?
Explanation: लहरों ने बाज की बहादुरी, साहस और वीरता का सम्मान करते हुए गीत गाया था, क्योंकि उसने जीवन के खतरों का सामना करने से कभी परहेज नहीं किया।
Q4. साँप घायल बाज को देखकर क्यों खुश हुआ होगा?
Explanation: साँप घायल बाज को देखकर खुश हुआ क्योंकि बाज उसका शत्रु था और घायल होने के कारण वह साँप को कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता था, जिससे साँप को अपनी सुरक्षा का अहसास हुआ।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'देह' प्रत्यय से बना है?
Explanation: आरामदेह शब्द में 'देह' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है, जिसका अर्थ 'देने वाला' है। सुखद में 'द', सुखदाता में 'दाता' और सुखदाई में 'दाई' प्रत्यय है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 हिंदी के पाठ 17 'बाज और साँप' में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?
इस पाठ में मुख्य रूप से स्वतंत्रता के महत्व, साहस, जीवन के प्रति संतुष्टि और समझौतावादी जीवन को अस्वीकार करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई है। यह बाज के साहसी जीवन और साँप की जिज्ञासा को भी दर्शाता है।
बाज ने घायल होने पर भी 'कोई शिकायत नहीं है' क्यों कहा?
बाज ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसने अपना जीवन भरपूर जिया था, असीम आकाश में उड़ान भरी थी और वह किसी भी कीमत पर समझौतावादी जीवन नहीं चाहता था। वह अपने जीवन से पूर्णतः संतुष्ट था।
साँप ने उड़ने की कोशिश क्यों की, जबकि वह इसे मूर्खतापूर्ण मानता था?
साँप ने बाज के मन में आकाश में उड़ने की तड़प देखकर स्वयं भी आकाश के मुक्त जीवन के रहस्य को जानने की उत्सुकता में उड़ने की कोशिश की।
यह NCERT समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ के प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद मिलती है।
पाठ में 'देह' प्रत्यय का क्या अर्थ है?
पाठ में 'देह' प्रत्यय का प्रयोग 'देने वाला' के अर्थ में हुआ है, जैसे 'आरामदेह' का अर्थ है आराम देने वाला।
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