कक्षा 8 संस्कृत NCERT समाधान: अध्याय 13 हिमालयः

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यह पृष्ठ कक्षा 8 संस्कृत के NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 13 'हिमालयः' पर केंद्रित है। इसमें दिए गए सभी अभ्यासों के प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर शामिल हैं। छात्र इन समाधानों का उपयोग करके हिमालय की महिमा, उसकी भौगोलिक स्थिति, कालिदास के महाकाव्य 'कुमारसंभवम्' में उसके चित्रण और पाठ में प्रयुक्त विभिन्न व्याकरणिक संरचनाओं को समझ सकते हैं। समाधानों में एक-पद उत्तर, प्रश्न निर्माण, संधि-विच्छेद, विभक्ति-आधारित शब्द वर्गीकरण और वाक्य रचना जैसे अभ्यास शामिल हैं। यह संसाधन छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में सहायता करता है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
Subjectसंस्कृत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. हिमालयः

Chapter summary

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 13 'हिमालयः' के लिए NCERT समाधान यहाँ दिए गए हैं। यह अध्याय हिमालय के महत्व, उसकी स्थिति और कालिदास द्वारा 'कुमारसंभवम्' में उसके काव्यात्मक वर्णन पर प्रकाश डालता है। समाधानों में एक-पद उत्तर, रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण, संधि-विच्छेद, विभक्ति के अनुसार शब्दों का वर्गीकरण और दिए गए पदों से वाक्य निर्माण जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की शब्दावली, व्याकरण और मुख्य संदेश को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • हिमालय से संबंधित एक-पद उत्तर देने में सक्षम होंगे।
  • दिए गए पदों के आधार पर प्रश्न बनाने का कौशल विकसित करेंगे।
  • पाठ में प्रयुक्त संधि-विच्छेद को समझने और करने में सक्षम होंगे।
  • संस्कृत व्याकरण में विभिन्न विभक्तियों के प्रयोग को पहचान सकेंगे।
  • दिए गए शब्दों का प्रयोग करके वाक्य रचना का अभ्यास करेंगे।

Topics covered

Paper topics

  • हिमालय का महत्व
  • भारत की भौगोलिक दिशाएँ
  • कालिदास का कुमारसंभवम्
  • संस्कृत व्याकरण: संधि-विच्छेद
  • संस्कृत व्याकरण: विभक्ति परिचय
  • वाक्य निर्माण
  • शब्दार्थ ज्ञान
  • पर्वतों का काव्यात्मक वर्णन

Important topics

  • हिमालय का भौगोलिक और काव्यात्मक वर्णन
  • संधि-विच्छेद के नियम और अभ्यास
  • विभक्तियों का प्रयोग और पहचान
  • कुमारसंभवम् का संदर्भ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

1. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखत-(निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखए-)
  • (क) पृथिव्याः मानदण्डः कः?
  • (ख) हिमालय: भारतस्य कस्यां दिशि वर्तते?
  • (ग) इन्दो: किरणेषु क: निमज्जित?
  • (घ) कुमारसम्भवमहाकाव्यस्य रचियता क:?
  • (ङ) हिमालय: गुहासु कं रक्षति?
Solution:

निम्नलिखित प्रश्नों के एक-पद में उत्तर इस प्रकार हैं:

  • (क) हिमालयः
  • (ख) उत्तरस्याम्
  • (ग) अङ्कः
  • (घ) कालिदासः
  • (ङ) अन्धकारम्

प्रश्न 2

2. अधोरेखाङ्कितेभ्य: पदेभ्य: प्रश्निर्माणं कुरुत-(नीचे रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्नों का निर्माण कीजिए-)
  • (क) हिमालय: <u>उत्तरस्यां</u> दिशि वर्तते।
  • (ख) पृथिव्याः मानदण्डः <u>हिमालयः</u> अस्ति।
  • (ग) कुमारसम्भवमहाकाृव्यं <u>कालिदासेन</u> विरचितम्।
  • (घ) अस्मिन् पाठे कवि: <u>हिमालयस्य</u> वर्णनं करोति।
Solution:

रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्नों का निर्माण इस प्रकार किया गया है:

  • (क) हिमालयः कस्याम् दिशि वर्तते?
  • (ख) पृथिव्या: मानदण्ड: कः अस्ति?
  • (ग) कुमारसम्भवमहाकाव्यं केन विरचितम्?
  • (घ) अस्मिन् पाठे कविः कस्य वर्णनं करोति?

प्रश्न 3

3. अधोलिखितेषु पदेषु सन्धिविच्छेदं कुरुत-(निम्नलिखित पदों में संधि-विच्छेद कीजिए-) अस्त्युत्तरस्याम् = ****** + *********** नगाधिराज: = ************************************* पूर्वापरौ = ..... + ..... किरणेष्विव = ..... + ...... यस्यातपवन्ति = *************************************
Solution:

निम्नलिखित पदों में संधि-विच्छेद इस प्रकार है:

  • अस्त्युत्तरस्याम् = अस्ति + उत्तरस्याम्
  • नगाधिराज: = नग + अधिराजः
  • पूर्वापरौ = पूर्व + अपरौ
  • किरणेष्विव = किरणेषु + इव
  • यस्यातपवन्ति = यस्य + आतपवन्ति

प्रश्न 4

4. मञ्जूषात: शब्दान् चित्वा निदिन्टस्तम्भेषु लिखत-(मञ्जूषा से शब्द चुनकर दिए गए स्तंभ के नीचे लिखए-)

नगाधिराज: दिशि सिद्धा: इन्दो: करिभि:

किरणै: द्रुमाणाम् क्षुद्रे स्रुतक्षीरतया छायायाम्

गुहासु महाकाव्ये शृङ्गाणि विघट्टितानाम् मानदण्ड:

प्रभवस्य य: वृष्टिभि: घनानाम् कालिदासेन

प्रथमा विभक्तिः तृतीया विभक्तिः षष्ठी विभक्तिः सप्तमी विभक्तिः

यथा- यः करिभि: इन्दो: गुहासु

................. ...... ................. ......

................ ................. ................ .................

................. .......

....... ................. .................

Solution:

मञ्जूषा से शब्दों को चुनकर विभक्ति के अनुसार स्तंभों में इस प्रकार लिखा गया है:

प्रथमा विभक्तिः | तृतीया विभक्तिः | षष्ठी विभक्तिः | सप्तमी विभक्तिः

नगाधिराजः | किरणैः | प्रभवस्य | दिशि

शृङ्गाणि | स्रुतक्षीरतया | द्रुमाणाम् | महाकाव्ये

सिद्धाः | वृष्टिभिः | घनानाम् | क्षुद्रे

मानदण्डः | कालिदासेन | विघट्टितानाम् | छायायाम्

यः | करिभिः | इन्दोः | गुहासु

प्रश्न 5

5. अधोलिखितानि पदानि आधृत्य वाक्यानि रचयत-(निम्नलिखित पदों के आधार पर वाक्यों की रचना कीजिए-) पृथिव्या: ............ हिमालये गुहासु इन्दो: छायायाम्
Solution:

दिए गए पदों के आधार पर वाक्यों की रचना इस प्रकार है:

  • पृथिव्याः - हिमालयः पृथिव्याः मानदण्डः इव अस्ति।
  • हिमालये - हिमालये ऋषयः तपः कुर्वन्ति स्म।
  • गुहासु - पुरा हिमालयस्य गुहासु ऋषयः अवसन्।
  • इन्दोः - इन्दोः किरणेषु शीतलता भवति।
  • छायायाम् - पथिकः वृक्षस्य छायायाम् विश्राम्यति।

अतिरिक्त अभ्यास

शब्दार्थ मिलान

1. शब्दार्थान् मेलयत-(शब्दार्थों का परस्पर मेल कीजिए-)

नगाधिराज: शिखराणि तोयनिधी मेघानाम् इन्दो: समुद्रौ

घनानाम् अपहर्तुम्/दूरीकुर्तुम् करिभि: पर्वतराज: सानूनि चन्द्रस्य विनेतुम् गजै:

Solution:

शब्दार्थों का सही मिलान इस प्रकार है:

  • नगाधिराज: = पर्वतराज:
  • सानूनि = शिखराणि
  • तोयनिधी = समुद्रौ
  • इन्दो: = चन्द्रस्य
  • घनानाम् = मेघानाम्
  • करिभि: = गजै:
  • विनेतुम् = अपहर्तुम्/दूरीकर्तुम्

सन्धि-विच्छेद

2. सन्धिः विच्छेदः वा क्रियताम्-(सन्धि अथवा सन्धिविच्छेद कीजिए-)
  1. अस्त्युत्तरस्यां = ..... + .....
  2. निमज्जित+इन्दो: = .....
  3. किरणेष्विवाङ्ग: = .... + ...... + .....
  4. यस्य+आतपवन्ति = .....
  5. वृष्टिभिराश्रयन्ते = ..... + .....
  6. क्षुद्रेऽपि = ..... + ....
  7. पूर्वापरौ = ..... + .....
Solution:

दिए गए पदों की सन्धि अथवा विच्छेद इस प्रकार है:

  1. अस्त्युत्तरस्यां = अस्ति + उत्तरस्याम्
  2. निमज्जित+इन्दो: = निमज्जतीन्दोः
  3. किरणेष्विवाङ्ग: = किरणेषु + इव + अङ्गः
  4. यस्य+आतपवन्ति = यस्यातपवन्ति
  5. वृष्टिभिराश्रयन्ते = वृष्टिभिः + आश्रयन्ते
  6. क्षुद्रेऽपि = क्षुद्रे + अपि
  7. पूर्वापरौ = पूर्व + अपरौ

एकपद उत्तर

3. एकपदेन उत्तरत-(एकपद में उत्तर दीजिए-)
  1. कः अनन्तरत्नप्रभवः अस्ति?
  2. किं हिमालयस्य सौन्दर्यं/वैभवं न नाशयति?
  3. एक: हि दोष: कस्मिन् निमज्जित?
  4. सिद्धाः काभिः उद्विग्नाः भूत्वा आतपयुक्तानि शिखराणि आश्रयन्ते?
  5. हिमालय: अन्धकारं कुत्र/कासु रक्षति?
Solution:

अतिरिक्त अभ्यास के प्रश्नों के एकपद में उत्तर इस प्रकार हैं:

  1. हिमालयः
  2. अन्धकारः
  3. इन्दोः (किरणेषु)
  4. वृष्टिभिः
  5. गुहासु

Common mistakes

  • संधि-विच्छेद करते समय शब्दों को सही ढंग से अलग न कर पाना।
  • प्रश्नों के उत्तर एक-पद में न देकर पूरे वाक्य में लिखना।
  • विभक्तियों के अनुसार शब्दों का गलत वर्गीकरण करना।
  • दिए गए पदों का वाक्य में सही प्रयोग न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को पाठ के संदर्भ में समझने का प्रयास करें।
  • संधि-विच्छेद वाले प्रश्नों का अभ्यास बार-बार करें।
  • वाक्य रचना के लिए दिए गए शब्दों का अर्थ समझें और फिर वाक्य बनाएँ।
  • विभक्ति-आधारित वर्गीकरण को समझने के लिए प्रत्येक शब्द के अर्थ पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. पृथिव्याः मानदण्डः इति कस्य कृते उक्तम्?

Q2. कुमारसम्भवमहाकाव्यस्य रचयिता कः अस्ति?

Q3. हिमालयः भारतस्य कस्यां दिशि वर्तते?

Q4. अस्त्युत्तरस्याम् इति पदे कः सन्धिः अस्ति?

Q5. नगाधिराजः इति पदस्य अर्थः अस्ति-

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 8 के संस्कृत विषय के लिए है, जो अध्याय 13 'हिमालयः' पर केंद्रित है।

इस समाधान में क्या-क्या शामिल है?

इसमें अध्याय 13 के सभी अभ्यासों के प्रश्नों के विस्तृत उत्तर, संधि-विच्छेद, विभक्ति-आधारित शब्द वर्गीकरण और वाक्य रचना जैसे व्याकरणिक अभ्यास शामिल हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं और व्याकरणिक अभ्यासों के माध्यम से छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद करते हैं।

संधि-विच्छेद के कौन से उदाहरण इस अध्याय में हैं?

इस अध्याय में 'अस्त्युत्तरस्याम्', 'नगाधिराजः', 'पूर्वापरौ', 'किरणेष्विव', 'यस्यातपवन्ति', 'निमज्जितोन्दो:', 'किरणेष्विवाङ्ग:', 'वृष्टिभिराश्रयन्ते', और 'क्षुद्रेऽपि' जैसे पदों के संधि-विच्छेद या संधि करने का अभ्यास है।

पाठ में हिमालय की किस दिशा का उल्लेख है?

पाठ में उल्लेख है कि हिमालय भारत की उत्तर दिशा (उत्तरस्याम् दिशि) में स्थित है।

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