कक्षा 8 संस्कृत अध्याय 7: कारक विभक्ति तथा उपपद विभक्ति - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 7, 'कारक विभक्ति तथा उपपद विभक्ति' के लिए विस्तृत समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर केंद्रित है, जिसमें विभिन्न कारक और उपपद विभक्तियों का उपयोग शामिल है। समाधानों में अभ्यास के प्रश्नों को हल करने के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शन दिया गया है, जिससे छात्रों को वाक्यों में सही विभक्ति का चयन करने और उनका उचित उपयोग समझने में मदद मिलती है। प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, और उत्तरों को सटीक और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह संसाधन छात्रों को व्याकरण की अपनी समझ को मजबूत करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectSanskrit
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 7

Chapter summary

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 7 के ये NCERT समाधान 'कारक विभक्ति' और 'उपपद विभक्ति' की अवधारणाओं पर केंद्रित हैं। इसमें अभ्यास के माध्यम से छात्रों को यह सिखाया गया है कि वाक्यों में संज्ञाओं और सर्वनामों के साथ सही परसर्ग (विभक्ति) का प्रयोग कैसे करें। समाधानों में दिए गए उदाहरणों से विभिन्न विभक्तियों के नियमों को स्पष्ट किया गया है, जिससे छात्रों को रिक्त स्थानों को भरने और वाक्यों को पूरा करने में मदद मिलती है। यह अध्याय व्याकरणिक सटीकता पर जोर देता है।

Learning outcomes

  • वाक्यों में विभिन्न कारकों की पहचान करना सीखें।
  • उपपद विभक्तियों के नियमों को समझें।
  • दिए गए शब्दों के उचित रूप से रिक्त स्थान भरें।
  • संस्कृत वाक्यों में सही विभक्ति का प्रयोग करें।
  • कारक और उपपद विभक्ति के अनुप्रयोग का अभ्यास करें।

Topics covered

Paper topics

  • कारक विभक्ति
  • उपपद विभक्ति
  • प्रथमा विभक्ति
  • द्वितीया विभक्ति
  • तृतीया विभक्ति
  • चतुर्थी विभक्ति
  • पंचमी विभक्ति
  • षष्ठी विभक्ति
  • सप्तमी विभक्ति
  • क्रियाओं के साथ विभक्तियों का प्रयोग
  • अव्ययों के साथ विभक्तियों का प्रयोग
  • वाक्य पूर्ति अभ्यास

Important topics

  • कारक विभक्तियों के नियम
  • उपपद विभक्तियों के विशिष्ट प्रयोग
  • क्रियाओं के अनुसार विभक्ति का चयन
  • रिक्त स्थान पूर्ति अभ्यास
  • संस्कृत वाक्य रचना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कोष्ठकात् शुद्धं विकर्ल्पं चित्वा रिक्तस्थाने लिख्त-(कोष्ठक से शुद्ध विकल्प चुनकर रिक्त स्थान में लिखए-)
Solution: इस प्रश्न में कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों को भरना है। यह अभ्यास संस्कृत में कारक और उपपद विभक्तियों के ज्ञान का परीक्षण करता है। नीचे प्रत्येक उप-प्रश्न का हल दिया गया है:
  1. बालकः वृक्षम् आरोहति। (यहाँ 'आरोहति' क्रिया के साथ कर्म कारक का प्रयोग होगा।)
  2. सः वृक्षात् अवतरित। (यहाँ 'अवतरित' क्रिया के साथ 'वृक्ष' से उतरने के अर्थ में पंचमी विभक्ति का प्रयोग होगा।)
  3. गुरु: शिष्ये विश्वसिति। ('विश्वास्' धातु के योग में सप्तमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  4. माता पुत्रे स्निह्यति । ('स्निह्' धातु के योग में सप्तमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  5. अहं मोहनाय कलमम् अयच्छम्। ('अयच्छम्' (दा धातु) के साथ संप्रदान कारक का प्रयोग होता है।)
  6. त्वं मित्रम् पृच्छ। ('पृच्छ' क्रिया के साथ कर्म कारक का प्रयोग होगा।)
  7. सः मित्रम् किम् अवदत्। ('वद्' धातु के साथ कर्म कारक का प्रयोग होगा।)
  8. छात्राः अध्यापिकाया: विज्ञानम् पठन्ति । (यहाँ 'अध्यापिकाया:' षष्ठी विभक्ति है, जो संबंध दर्शाती है।)
  9. नद्यः पर्वतेभ्यः उत्पन्नाः भवति। ('उत्पन्नाः भवति' के साथ उत्पत्ति के स्थान के लिए पंचमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  10. निर्धन: धनिकम् धनं याचते। ('याचते' क्रिया के साथ जिससे याचना की जाती है, उसमें द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है।)

प्रश्न 2

कोष्ठकदत्तस्य शब्दस्य उचितरूपेण वाक्यानि पूरयत। (क) (कोष्ठक में दिए गए शब्द के उचित रूप से वाक्य पूरे कीजिए-)
Solution: इस प्रश्न में कोष्ठक में दिए गए शब्दों के उचित विभक्ति रूप का प्रयोग करके वाक्यों को पूरा करना है।
  1. वृक्षस्य (वृक्ष) अधः कः तिष्ठति? (यहाँ 'वृक्ष' के नीचे होने का संबंध दर्शाने के लिए षष्ठी विभक्ति का प्रयोग हुआ है।)
  2. देवालयस्य (देवालय) उपरि ध्वजा शोभते। (ध्वजा का देवालय से संबंध दर्शाने के लिए षष्ठी विभक्ति।)
  3. अध्यापकम् (अध्यापक) परित: छात्रा: तिष्ठन्ति । ('परित:' अव्यय के साथ द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  4. गृहात् (गृह) बहि: बालक: क्रीडित। ('बहि:' अव्यय के साथ पंचमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  5. पितामही सूर्योदयात् (सूर्योदय) पूर्वम् उत्तिष्ठति। ('पूर्वम्' अव्यय के साथ पंचमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  6. त्वं सूर्योदयस्य (सूर्योदय) पश्चात् उत्तिष्ठसि। ('पश्चात्' अव्यय के साथ षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  7. ते आपणम् (आपण) प्रति अगच्छन्। ('प्रति' अव्यय के साथ द्वितीया विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  8. बालक: मित्रेण (मित्र) सह क्रीडित। ('सह' अव्यय के साथ तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  9. भवनस्य (भवन) पृष्ठतः देवालयः अस्ति। ('पृष्ठतः' के साथ षष्ठी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  10. कृष्ण: कंसाय (कंस) अलम्। ('अलम्' के योग में चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग होता है।)

प्रश्न 2 (ख)

(ख) कोष्ठक में दिए गए शब्द के उचित रूप से वाक्य पूरे कीजिए-
Solution: इस भाग में भी कोष्ठक में दिए गए शब्दों के उचित विभक्ति रूप का प्रयोग करके वाक्यों को पूरा करना है।
  1. गुरु: शिष्यम्/शिष्यान् अपृच्छत्। (यहाँ 'पृच्छ' क्रिया के साथ कर्म कारक का प्रयोग होगा, एकवचन या बहुवचन हो सकता है।)
  2. त्वं अरविन्दाय किम् अयच्छ:। ('अयच्छ:' (दा धातु) के साथ संप्रदान कारक का प्रयोग होता है।)
  3. पिता पुत्रे विश्वसिति। ('विश्वास्' धातु के योग में सप्तमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  4. छात्राः विद्यालयात् गृहम् आगच्छति। ('आगच्छति' क्रिया के साथ उत्पत्ति के स्थान के लिए पंचमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  5. वानर: वृक्षम् आरोहति। ('आरोहति' क्रिया के साथ कर्म कारक का प्रयोग होगा।)
  6. बिडाल: कुक्कुरात् त्रस्यति। ('त्रस्' धातु के योग में पंचमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  7. सर्प: बिलात् निर्गच्छति। ('निर्गच्छति' क्रिया के साथ उत्पत्ति के स्थान के लिए पंचमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  8. सैनिक: देशम् रक्षति। ('रक्षति' क्रिया के साथ कर्म कारक का प्रयोग होगा।)
  9. वानराय/वानरेभ्य: कदलीफलं रोचते। ('रोचते' क्रिया के साथ जिसे कोई वस्तु अच्छी लगे, उसमें चतुर्थी विभक्ति का प्रयोग होता है।)
  10. एते छात्रा: पादकन्दुक-खेले निपुणा:। ('निपुणा:' शब्द के साथ सप्तमी विभक्ति का प्रयोग होता है।)

Common mistakes

  • कारक और उपपद विभक्ति के बीच भ्रमित होना।
  • शब्दों के गलत रूप का चयन करना।
  • विभक्ति के नियमों को ठीक से लागू न कर पाना।
  • वाक्य के अर्थ के अनुसार सही विभक्ति का चयन करने में त्रुटि।

Revision tips

  • प्रत्येक विभक्ति के नियमों को ध्यान से पढ़ें और समझें।
  • दिए गए उदाहरणों का अभ्यास करें और स्वयं नए वाक्य बनाने का प्रयास करें।
  • रिक्त स्थान भरने वाले प्रश्नों को हल करते समय वाक्य के संदर्भ पर ध्यान दें।
  • उपपद विभक्तियों से संबंधित क्रियाओं और अव्ययों को याद करें।

Practice MCQs

Q1. बालकः ______ आरोहति। (वृक्ष)

Q2. गुरुः ______ विश्वसिति। (शिष्य)

Q3. माता ______ स्निह्यति। (पुत्र)

Q4. अहं ______ कलमम् अयच्छम्। (मोहन)

Q5. नद्यः ______ उत्पन्नाः भवति। (पर्वत)

Q6. कृष्णः ______ अलम्। (कंस)

Frequently asked questions

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 7 में कौन से मुख्य व्याकरणिक विषय शामिल हैं?

कक्षा 8 संस्कृत के अध्याय 7 में मुख्य रूप से 'कारक विभक्ति' और 'उपपद विभक्ति' के नियमों और उनके प्रयोगों को शामिल किया गया है। इसमें विभिन्न विभक्तियों के प्रयोग को उदाहरणों द्वारा समझाया गया है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान छात्रों को अध्याय के प्रत्येक प्रश्न को समझने और हल करने में मदद करते हैं। चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण और सही उत्तरों के साथ, छात्र अपनी व्याकरणिक समझ को मजबूत कर सकते हैं और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकते हैं।

कारक विभक्ति और उपपद विभक्ति में क्या अंतर है?

कारक विभक्ति वाक्य में क्रिया के साथ संज्ञा या सर्वनाम के संबंध को दर्शाती है, जबकि उपपद विभक्ति किसी विशेष शब्द (जैसे क्रिया, अव्यय) के कारण लगती है, भले ही वह वाक्य में कारक संबंध न बना रहा हो।

क्या इन समाधानों में सभी अभ्यास प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?

हाँ, इन समाधानों में अध्याय 7 के अभ्यास के सभी प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, जिनमें रिक्त स्थानों को भरने और वाक्यों को पूरा करने जैसे अभ्यास शामिल हैं।

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