कक्षा 8 संस्कृत अध्याय 12: संवाद लेखन और अनुच्छेद लेखन अभ्यास - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 8 के छात्रों के लिए संस्कृत के अध्याय 12, 'संवाद लेखन और अनुच्छेद लेखन अभ्यास' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें मञ्जूषा (शब्द-कोश) का उपयोग करके संवादों को पूरा करने के विभिन्न उदाहरण शामिल हैं, जो छात्रों को संस्कृत में प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिए आवश्यक शब्दावली और वाक्य संरचना को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में उदाहरण के तौर पर क्रिकेट मैच, पारिवारिक बातचीत और ऐतिहासिक पात्रों के बारे में संवाद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यह छात्रों को फलों और उनकी पसंद के बारे में बातचीत के माध्यम से संस्कृत में अपनी अभिव्यक्ति को बेहतर बनाने में सहायता करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी और संस्कृत भाषा में उनकी समग्र समझ को मजबूत करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 8
SubjectSanskrit
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 12

Chapter summary

कक्षा 8 के लिए संस्कृत के अध्याय 12 के ये NCERT समाधान छात्रों को संवाद और अनुच्छेद लेखन के अभ्यास में सहायता करते हैं। इसमें मञ्जूषा से शब्दों का चयन करके अधूरे संवादों को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उदाहरणों में खेल, पारिवारिक चर्चाएँ और ऐतिहासिक संदर्भ शामिल हैं, जो छात्रों को विभिन्न विषयों पर संस्कृत में संवाद करने का तरीका सिखाते हैं। यह खंड छात्रों को अपनी शब्दावली और वाक्य निर्माण कौशल को बेहतर बनाने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • दिए गए मञ्जूषा से उपयुक्त शब्दों का चयन करके संस्कृत संवादों को पूरा करना सीखें।
  • संवादों के माध्यम से विभिन्न विषयों जैसे खेल, परिवार और इतिहास पर अपनी समझ विकसित करें।
  • संस्कृत में वाक्य संरचना और शब्दावली के उपयोग का अभ्यास करें।
  • प्रश्नों के उत्तर देने और अपनी पसंद व्यक्त करने के लिए संस्कृत वाक्यों का निर्माण करें।
  • संवाद लेखन के माध्यम से संस्कृत भाषा में प्रवाह प्राप्त करें।

Topics covered

Paper topics

  • संवाद लेखन
  • मञ्जूषा पूर्ति
  • संस्कृत शब्दावली
  • वाक्य निर्माण
  • व्याकरण अभ्यास
  • क्रिकेट खेल
  • पारिवारिक संवाद
  • ऐतिहासिक पात्र
  • फलों के नाम
  • पसंद व्यक्त करना

Important topics

  • मञ्जूषा का प्रयोग करके संवाद पूर्ण करना
  • संवादों में क्रियाओं और संज्ञाओं का सही प्रयोग
  • विभिन्न विषयों पर संस्कृत में संवाद का अभ्यास
  • शब्दावली विस्तार
  • वाक्य संरचना की समझ

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Questions and Solutions

उदाहरणम्

अभिनवः — मित्र, किं त्वम् ..... पश्यसि ?

अरुण: — नहि, अहम् त्वया सह ''''' वार्तां करोमि।

अभिनवः — अलम् ''''''। किं त्वम् क्रिकेट्-प्रतियोगिताम् अपश्यः?

अरुण: — आम्, अहम् ..... एव पश्यामि।

अभिनवः — अद्य खेलः अतीव ..... वर्तते। कस्य ..... भविष्यति, भारतस्य वा ..... वा ?

अरुण: — विजयः कस्य भविष्यति इति कोऽपि न जानाति। अहं तु ...... आनन्दम् अनुभवामि।

मञ्जूषा: पाकिस्तानस्य, विजयः, खेलस्य, दूरदर्शनम्, दूरभाषेण, उपहासेन, क्रिकेट्-खेलम्, रोचकः।

Solution:

इस संवाद को पूरा करने के लिए, हमें मञ्जूषा से उपयुक्त शब्दों का चयन करना होगा।

  1. अभिनव पूछता है, "मित्र, क्या तुम ..... देखते हो?" यहाँ 'दूरदर्शनम्' (टेलीविजन) सबसे उपयुक्त है।
  2. अरुण कहता है, "नहीं, मैं तुमसे ..... बात कर रहा हूँ।" यहाँ 'दूरभाषेण' (फोन पर) या 'क्रिकेट-खेलम्' (क्रिकेट खेल के बारे में) हो सकता है, लेकिन संदर्भ के अनुसार 'दूरभाषेण' अधिक उपयुक्त लगता है। हालाँकि, बाद के प्रश्न 'क्रिकेट-प्रतियोगिताम्' का उल्लेख करते हैं, इसलिए यह संभव है कि वे खेल के बारे में बात कर रहे हों। यदि हम 'दूरभाषेण' का उपयोग करते हैं, तो अगला वाक्य थोड़ा अजीब लगता है। यदि हम 'क्रिकेट-खेलम्' का उपयोग करते हैं, तो यह अधिक सुसंगत है। आइए 'क्रिकेट-खेलम्' का उपयोग करें।
  3. अभिनव कहता है, "बहुत हो गया .....। क्या तुमने क्रिकेट प्रतियोगिता देखी?" यहाँ 'उपहासेन' (मजाक में) या 'खेलस्य' (खेल का) हो सकता है। यदि वे खेल के बारे में बात कर रहे हैं, तो 'खेलस्य' उपयुक्त है।
  4. अरुण कहता है, "हाँ, मैं ..... ही देखता हूँ।" यहाँ 'क्रिकेट-खेलम्' (क्रिकेट खेल) या 'दूरदर्शनम्' (टेलीविजन) हो सकता है। यदि पहले 'दूरदर्शनम्' का उपयोग किया गया है, तो यहाँ 'क्रिकेट-खेलम्' उपयुक्त है।
  5. अभिनव कहता है, "आज खेल बहुत ..... है। किसका ..... होगा, भारत का या ..... का?" यहाँ 'रोचकः' (रोचक) खेल के लिए उपयुक्त है। 'विजयः' (जीत) और 'पाकिस्तानस्य' (पाकिस्तान का) प्रश्न के दूसरे भाग के लिए उपयुक्त हैं।
  6. अरुण कहता है, "जीत किसकी होगी यह कोई नहीं जानता। मैं तो ...... आनंद का अनुभव करता हूँ।" यहाँ 'खेलस्य' (खेल का) आनंद उपयुक्त है।

सही क्रम में भरे गए शब्द इस प्रकार हैं:

अभिनवः — मित्र, किं त्वम् दूरदर्शनम् पश्यसि ?

अरुण: — नहि, अहम् त्वया सह क्रिकेट्-खेलम् वार्तां करोमि।

अभिनवः — अलम् खेलस्य। किं त्वम् क्रिकेट्-प्रतियोगिताम् अपश्यः?

अरुण: — आम्, अहम् दूरदर्शनम् एव पश्यामि।

अभिनवः — अद्य खेलः अतीव रोचकः वर्तते। कस्य विजयः भविष्यति, भारतस्य वा पाकिस्तानस्य वा ?

अरुण: — विजयः कस्य भविष्यति इति कोऽपि न जानाति। अहं तु खेलस्य आनन्दम् अनुभवामि।

उत्तर: दूरदर्शनम्, क्रिकेट्-खेलम्, खेलस्य, दूरदर्शनम्, रोचकः, विजयः, पाकिस्तानस्य, खेलस्य।

उदाहरणम् 2

पुत्रः — मातः, अहम् .....गच्छामि।

माता — किं तव ……… सम्पूर्णम् अस्ति ?

पुत्र: — यदा अहम् क्रीडाक्षेत्रात् आगमिष्यामि तदा .....

माता: — प्रतिदिनं तु गृहकार्यम् ..... खेलसि ।

पुत्र: — मातः, अद्य ..... अस्ति।

माता — पश्य, तव ..... सुनील: आगच्छति।

पुत्र : ..... अहम्।

मञ्जूषा: करिष्यामि, मित्रम्, पुत्र, कृत्वा, क्रीडाक्षेत्रम्, गृह-कार्यं, गच्छामि, क्रिकेट्-प्रतियोगिता।

Solution:

इस संवाद को पूरा करने के लिए, हमें मञ्जूषा से उपयुक्त शब्दों का चयन करना होगा।

  1. पुत्र माँ से कहता है, "माँ, मैं ..... जाता हूँ।" यहाँ 'क्रीडाक्षेत्रम्' (खेल के मैदान) उपयुक्त है।
  2. माँ पूछती है, "क्या तुम्हारा ..... पूरा है?" यहाँ 'गृह-कार्यं' (घर का काम) उपयुक्त है।
  3. पुत्र कहता है, "जब मैं खेल के मैदान से आऊँगा तब ....." यहाँ 'करिष्यामि' (करूँगा) उपयुक्त है, जो घर का काम करने के संदर्भ में है।
  4. माँ कहती है, "रोज तो घर का काम ..... खेलते हो।" यहाँ 'कृत्वा' (करके) उपयुक्त है।
  5. पुत्र कहता है, "माँ, आज ..... है।" यहाँ 'क्रिकेट्-प्रतियोगिता' (क्रिकेट प्रतियोगिता) उपयुक्त है।
  6. माँ कहती है, "देखो, तुम्हारा ..... सुनील आ रहा है।" यहाँ 'मित्रम्' (मित्र) उपयुक्त है।
  7. पुत्र कहता है, "..... मैं।" यहाँ 'गच्छामि' (जाता हूँ) उपयुक्त है, शायद मित्र से मिलने के लिए।

सही क्रम में भरे गए शब्द इस प्रकार हैं:

पुत्रः — मातः, अहम् क्रीडाक्षेत्रम् गच्छामि।

माता — किं तव गृह-कार्यं सम्पूर्णम् अस्ति ?

पुत्र: — यदा अहम् क्रीडाक्षेत्रात् आगमिष्यामि तदा करिष्यामि

माता: — प्रतिदिनं तु गृहकार्यम् कृत्वा खेलसि ।

पुत्र: — मातः, अद्य क्रिकेट्-प्रतियोगिता अस्ति।

माता — पश्य, तव मित्रम् सुनील: आगच्छति।

पुत्र : गच्छामि अहम्।

उत्तर: क्रीडाक्षेत्रम्, गृह-कार्यं, करिष्यामि, कृत्वा, क्रिकेट्-प्रतियोगिता, मित्रम्, गच्छामि।

प्रश्न 1

पुत्री — मातः, अभिमन्युः कः आसीत्?

माता — ..... अर्जुनस्य पुत्रः आसीत्।

पुत्री — ..... क: आसीत् ?

माता — भीष्मः कौरवानां पाण्डवानां च ...... आसीत्।

पुत्री — पितामहः कः भवति ?

माता — जनकस्य ..... पितामहः भवति।

पुत्री — ....., किम् श्री आर्यवीर: तव भ्राता ?

माता — आम्, मम ..... तव मातुल:।

पुत्री — लवकुशौ रामस्य ..... आस्ताम्?

माता — रामस्य ..... आस्ताम्।

मञ्जूषा: कौ, मातः, पितामहः, भाता, जनकः, लवकुशौ, भीष्मः, पुत्रौ, अभिमन्युः।

Solution:

इस संवाद को पूरा करने के लिए, हमें मञ्जूषा से उपयुक्त शब्दों का चयन करना होगा।

  1. पुत्री पूछती है, "माँ, अभिमन्यु कौन था?"
  2. माँ उत्तर देती है, "..... अर्जुनस्य पुत्रः आसीत्।" यहाँ 'अभिमन्युः' (अभिमन्यु) उपयुक्त है।
  3. पुत्री पूछती है, "..... क: आसीत् ?" यहाँ 'भीष्मः' (भीष्म) के बारे में पूछा जा रहा है, क्योंकि वह अगला पात्र है।
  4. माँ उत्तर देती है, "भीष्मः कौरवानां पाण्डवानां च ...... आसीत्।" यहाँ 'पितामहः' (दादा) उपयुक्त है।
  5. पुत्री पूछती है, "पितामहः कः भवति ?"
  6. माँ उत्तर देती है, "जनकस्य ..... पितामहः भवति।" यहाँ 'जनकः' (पिता) उपयुक्त है।
  7. पुत्री पूछती है, "....., किम् श्री आर्यवीर: तव भ्राता ?" यहाँ 'मातः' (माँ) उपयुक्त है।
  8. माँ उत्तर देती है, "आम्, मम ..... तव मातुल:।" यहाँ 'भ्राता' (भाई) उपयुक्त है।
  9. पुत्री पूछती है, "लवकुशौ रामस्य ..... आस्ताम्?" यहाँ 'पुत्रौ' (पुत्र) उपयुक्त है।
  10. माँ उत्तर देती है, "रामस्य ..... आस्ताम्।" यहाँ 'पुत्रौ' (पुत्र) उपयुक्त है।

सही क्रम में भरे गए शब्द इस प्रकार हैं:

पुत्री — मातः, अभिमन्युः कः आसीत्?

माता — अभिमन्युः अर्जुनस्य पुत्रः आसीत्।

पुत्री — भीष्मः क: आसीत् ?

माता — भीष्मः कौरवानां पाण्डवानां च पितामहः आसीत्।

पुत्री — पितामहः कः भवति ?

माता — जनकस्य जनकः पितामहः भवति।

पुत्री — मातः, किम् श्री आर्यवीर: तव भ्राता ?

माता — आम्, मम भ्राता तव मातुल:।

पुत्री — लवकुशौ रामस्य पुत्रौ आस्ताम्?

माता — रामस्य पुत्रौ आस्ताम्।

उत्तर: अभिमन्युः, भीष्मः, पितामहः, जनकः, मातः, भ्राता, पुत्रौ, पुत्रौ।

प्रश्न 2

अध्यापक: — सुधीर, त्वम् किम् इच्छिस ?

सुधीर: — श्रीमन्, अहम् सेवम् खादितुम् ''''''''''''

अध्यापक: — राधिके, तुभ्यं किं .....?

राधिका — ..... नारङ्गम् रोचते ।

सुदीप: — मम कदलीफलम् .....अस्ति।

अध्यापकः — शोभने, तव किं प्रियम्?

शोभना — ..... नारिकेलम् प्रियम्।

अध्यापक: - तु .....राजा। एतत् ... 'प्रियम्।

मञ्जूषा: फलानाम्, महाम्, मम, आम्रम्, इच्छामि, सर्वेषाम्, रोचते, प्रियम्।

Solution:

इस संवाद को पूरा करने के लिए, हमें मञ्जूषा से उपयुक्त शब्दों का चयन करना होगा।

  1. सुधीर अध्यापक से पूछता है, "श्रीमान्, मैं ...... खाना चाहता हूँ।" यहाँ 'इच्छामि' (चाहता हूँ) उपयुक्त है।
  2. अध्यापक राधिका से पूछते हैं, "राधिका, तुम्हें क्या .....?" यहाँ 'रोचते' (पसंद है) उपयुक्त है।
  3. राधिका उत्तर देती है, "..... नारङ्गम् रोचते ।" यहाँ 'मह्यम्' (मुझे) उपयुक्त है।
  4. सुदीप कहता है, "मेरा केला ..... है।" यहाँ 'प्रियम्' (प्रिय) उपयुक्त है।
  5. अध्यापक शोभना से पूछते हैं, "शोभना, तुम्हें क्या प्रिय है?"
  6. शोभना उत्तर देती है, "..... नारिकेलम् प्रियम्।" यहाँ 'मम' (मेरा) उपयुक्त है।
  7. अध्यापक कहते हैं, "तुम ..... राजा। यह ..... 'प्रियम्'।" यहाँ 'आम्रम्' (आम) और 'सर्वेषाम्' (सभी का) उपयुक्त हो सकते हैं, लेकिन संदर्भ स्पष्ट नहीं है। यदि हम 'आम्रम्' को फल के रूप में लेते हैं, तो यह उपयुक्त हो सकता है। 'सर्वेषाम्' (सभी का) भी एक विकल्प है। आइए 'आम्रम्' को फल के रूप में लें।

सही क्रम में भरे गए शब्द इस प्रकार हैं:

अध्यापक: — सुधीर, त्वम् किम् इच्छिस ?

सुधीर: — श्रीमन्, अहम् सेवम् खादितुम् इच्छामि

अध्यापक: — राधिके, तुभ्यं किं रोचते?

राधिका — मह्यम् नारङ्गम् रोचते ।

सुदीप: — मम कदलीफलम् प्रियम्अस्ति।

अध्यापकः — शोभने, तव किं प्रियम्?

शोभना — मम नारिकेलम् प्रियम्।

अध्यापक: - तु आम्रम् राजा। एतत् सर्वेषाम् 'प्रियम्।

उत्तर: इच्छामि, रोचते, मह्यम्, प्रियम्, मम, आम्रम्, सर्वेषाम्।

प्रश्न 5

प्रथम: — भवान् कुतः आगतः ?

द्वितीय: — अहम् अमेरिका-देशात् .....।

प्रथम: — किं .....भवान् ?

द्वितीय: — आम्, दिल्ली-विश्वविद्यालये : : : : : : : : : : : : : : : : : : : महती....।

प्रथम: — आः शोभनम्। अहम् अत्र ..... दर्शनाय

गमिष्यामि।

मञ्जूषा: (यह प्रश्न अधूरा है और मञ्जूषा प्रदान नहीं की गई है, इसलिए इसका समाधान संभव नहीं है।)

Solution:

यह प्रश्न अधूरा है और इसमें मञ्जूषा (शब्द-कोश) प्रदान नहीं की गई है, जिसके बिना संवाद को पूरा करना संभव नहीं है। कृपया प्रश्न को पूरा करें या मञ्जूषा प्रदान करें ताकि समाधान दिया जा सके।

Common mistakes

  • संवाद के संदर्भ के अनुसार सही शब्द का चयन न कर पाना।
  • क्रियाओं और संज्ञाओं के लिंग, वचन और कारक में त्रुटियाँ करना।
  • वाक्य संरचना में गलतियाँ करना।
  • मञ्जूषा के सभी शब्दों का सही उपयोग न कर पाना।

Revision tips

  • प्रत्येक संवाद को ध्यान से पढ़ें और मञ्जूषा के शब्दों के अर्थ को समझें।
  • खाली स्थानों को भरने के लिए शब्दों का चयन करते समय वाक्य के संदर्भ पर विचार करें।
  • संवादों को जोर से पढ़ें ताकि उच्चारण और प्रवाह का अभ्यास हो सके।
  • संवादों में प्रयुक्त व्याकरणिक संरचनाओं और शब्दावली को नोट करें।

Practice MCQs

Q1. संवाद को पूरा करने के लिए मञ्जूषा का उपयोग क्यों महत्वपूर्ण है?

Q2. अभिनव और अरुण के संवाद में किस खेल का उल्लेख है?

Q3. माता अपने पुत्र से घर का काम कब करने को कहती है?

Q4. पुत्री अभिमन्यु के बारे में क्या पूछती है?

Q5. सुधीर अध्यापक से क्या खरीदना चाहता है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 8 के संस्कृत विषय के लिए है, विशेष रूप से अध्याय 12 पर केंद्रित है।

इस अध्याय में मुख्य रूप से किस कौशल का अभ्यास कराया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से मञ्जूषा (शब्द-कोश) की सहायता से संस्कृत संवादों को पूरा करने का अभ्यास कराया गया है।

क्या ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान छात्रों को संवाद लेखन और संस्कृत शब्दावली की समझ को मजबूत करके परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

संवादों को पूरा करने के लिए किन साधनों का उपयोग किया गया है?

संवादों को पूरा करने के लिए मञ्जूषा में दिए गए शब्दों का उपयोग किया गया है।

क्या इस अध्याय में विभिन्न विषयों पर संवाद शामिल हैं?

हाँ, इस अध्याय में खेल (क्रिकेट), पारिवारिक बातचीत और ऐतिहासिक पात्रों जैसे विभिन्न विषयों पर संवाद शामिल हैं।

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