कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: संचार माध्यमों को समझना - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 7 के लिए सामाजिक विज्ञान के अध्याय 6, 'संचार माध्यमों को समझना' पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय मीडिया की विभिन्न भूमिकाओं, जैसे सूचना प्रदान करना, मनोरंजन करना और एजेंडा तय करना, की पड़ताल करता है। समाधानों में संचार के विभिन्न रूपों, जैसे रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट, के ऐतिहासिक विकास पर चर्चा की गई है, और यह भी बताया गया है कि ये माध्यम हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं। इसमें विज्ञापनों की भूमिका और समाचारों को प्रस्तुत करने में मीडिया के पूर्वाग्रह जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रकाश डाला गया है। ये समाधान छात्रों को मीडिया की कार्यप्रणाली को गहराई से समझने और आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद करेंगे, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
Subjectसामाजिक एवं राजनीतिक जीवन
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6. संचार माध्यमों को समझना

Chapter summary

कक्षा 7 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 6, 'संचार माध्यमों को समझना' के लिए NCERT समाधान, मीडिया की भूमिका और प्रभाव पर केंद्रित हैं। यह अध्याय विभिन्न संचार माध्यमों के ऐतिहासिक विकास, जैसे रेडियो और टेलीविजन से लेकर इंटरनेट तक, की पड़ताल करता है। इसमें विज्ञापनों की भूमिका, मीडिया द्वारा एजेंडा तय करने की प्रक्रिया और समाचारों को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करने के महत्व पर भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को मीडिया की कार्यप्रणाली को समझने और आलोचनात्मक मूल्यांकन करने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • संचार माध्यमों के ऐतिहासिक विकास को समझना।
  • रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट जैसे विभिन्न माध्यमों की भूमिका का विश्लेषण करना।
  • विज्ञापनों के उद्देश्य और प्रभाव को पहचानना।
  • मीडिया द्वारा एजेंडा तय करने की प्रक्रिया को समझना।
  • समाचारों को संतुलित और निष्पक्ष तरीके से प्रस्तुत करने के महत्व का मूल्यांकन करना।

Topics covered

Paper topics

  • संचार माध्यमों का परिचय
  • रेडियो और टेलीविजन का इतिहास
  • इंटरनेट और डिजिटल मीडिया
  • विज्ञापनों की भूमिका
  • मीडिया और एजेंडा सेटिंग
  • संतुलित रिपोर्टिंग का महत्व
  • मीडिया का प्रभाव
  • संचार माध्यमों के प्रकार

Important topics

  • संचार माध्यमों की भूमिका
  • विज्ञापनों का विश्लेषण
  • मीडिया द्वारा एजेंडा तय करना
  • संतुलित समाचारों का महत्व
  • विभिन्न संचार माध्यमों की तुलना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

अपने परिवार के बड़े सदस्यों से पूछिए कि जब टेलीविजन (टी.वी.) नहीं था, तब वे रेडियो पर क्या सुना करते थे? उनसे यह भी पूछिए कि आपके क्षेत्र में सबसे पहले टेलीविजन कब आया था और केबल टेलीविजन का प्रसारण कब शुरू हुआ था?
Solution:

जब टेलीविजन (टी.वी.) का आविष्कार नहीं हुआ था, तब हमारे परिवार के बड़े सदस्य रेडियो पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम सुना करते थे। इनमें प्रमुख थे:

  • समाचार: देश-विदेश की ताज़ा खबरें और महत्वपूर्ण घोषणाएँ।
  • संगीत: विभिन्न प्रकार के गाने और शास्त्रीय संगीत।
  • नाटक: रेडियो पर प्रसारित होने वाले मनोरंजक और ज्ञानवर्धक नाटक।
  • टॉक शो और चर्चाएँ: विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों और आम लोगों के बीच बातचीत।

हमारे क्षेत्र में टेलीविजन का आगमन लगभग 1980 के दशक के अंत या 1990 के दशक की शुरुआत में हुआ था। केबल टेलीविजन का प्रचलन इसके कुछ वर्षों बाद, यानी 1990 के दशक के मध्य में धीरे-धीरे शुरू हुआ, जिसने विभिन्न चैनलों के माध्यम से मनोरंजन के विकल्पों को बढ़ाया।

प्रश्न 2

आपके पड़ोस में कितने लोग इंटरनेट का प्रयोग करते हैं?
Solution:

यह एक व्यक्तिगत अवलोकन पर आधारित प्रश्न है। मेरे पड़ोस में, इंटरनेट का प्रयोग करने वाले लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। आजकल, स्मार्टफोन और किफायती डेटा प्लान की उपलब्धता के कारण, लगभग 60-70% परिवार इंटरनेट का उपयोग करते हैं। इसका उपयोग मुख्य रूप से ऑनलाइन जानकारी प्राप्त करने, संचार (जैसे व्हाट्सएप, ईमेल), मनोरंजन (जैसे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग), ऑनलाइन बैंकिंग और बिल भुगतान के लिए किया जाता है। युवा पीढ़ी इसका अधिक उपयोग करती है, लेकिन अब बुजुर्ग भी इसका उपयोग करना सीख रहे हैं।

प्रश्न 3

ऐसी तीन चीज़ों की सूची बनाइए, जो संसार के किन्हीं अन्य भागों से संबंधित हैं और जिनके बारे में आपने टेलीविजन देखकर जाना है।
Solution:

टेलीविजन के माध्यम से हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों के बारे में बहुत कुछ सीखा है। यहाँ तीन ऐसी चीज़ों की सूची दी गई है जिनके बारे में हमने टेलीविजन देखकर जाना है और जो संसार के अन्य भागों से संबंधित हैं:

  1. बुर्ज खलीफा (दुबई, संयुक्त अरब अमीरात): हमने टेलीविजन पर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत, बुर्ज खलीफा के बारे में देखा और जाना। यह दुबई शहर की एक प्रतिष्ठित संरचना है, जो आधुनिक वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है।
  2. पेट्रोनास टावर्स (कुआलालाम्पुर, मलेशिया): टेलीविजन पर हमने मलेशिया की राजधानी कुआलालाम्पुर में स्थित पेट्रोनास टावर्स के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। ये टावर्स अपनी अनूठी वास्तुकला और ऊंचाई के लिए जाने जाते हैं और कभी दुनिया की सबसे ऊंची इमारतों में से थे।
  3. लास वेगास (संयुक्त राज्य अमेरिका): हमने टेलीविजन पर लास वेगास शहर के बारे में देखा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित है। इसे अक्सर 'दुनिया की मनोरंजन राजधानी' कहा जाता है और यह अपने कैसीनो, होटलों और लाइव शो के लिए प्रसिद्ध है।

इन उदाहरणों से पता चलता है कि टेलीविजन हमें विभिन्न देशों की संस्कृति, वास्तुकला और जीवन शैली से अवगत कराता है।

प्रश्न 4

अपने प्रिय टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान विज्ञापित होने वाली तीन चीज़ों की सूची बनाइए।
Solution:

मेरे पसंदीदा टेलीविजन कार्यक्रमों के दौरान अक्सर विभिन्न प्रकार के उत्पादों का विज्ञापन दिखाया जाता है। मेरे प्रिय कार्यक्रम के दौरान विज्ञापित होने वाली तीन चीज़ों की सूची इस प्रकार है:

  1. शैम्पू (जैसे पैंटीन, हेड एंड शोल्डर): बालों की देखभाल से संबंधित उत्पादों का विज्ञापन अक्सर दिखाया जाता है, जिसमें उनके फायदों और उपयोग के तरीकों पर जोर दिया जाता है।
  2. मोटरसाइकिल (जैसे हीरो, बजाज): ऑटोमोबाइल कंपनियों के विज्ञापन, विशेष रूप से मोटरसाइकिल के, काफी आम हैं। ये उनकी नई मॉडल, माइलेज और फीचर्स को उजागर करते हैं।
  3. अंडरवियर/बनियान (जैसे लक्स, रियो): परिधान श्रेणी में, विशेष रूप से इनर वियर के विज्ञापन भी प्रसारित होते हैं, जो आराम और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

ये विज्ञापन अक्सर आकर्षक दृश्यों और संगीत का उपयोग करके दर्शकों को उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करते हैं।

प्रश्न 5

एक समाचार-पत्र लीजिए और उसमें दिए गए विज्ञापनों की संख्या गिनिए। कुछ लोग कहते हैं कि समाचार-पत्रों में बहुत अधिक विज्ञापन होते हैं। क्या आप सोचते हैं कि यह बात सही है? यदि हाँ, तो क्यों?
Solution:

मैंने एक समाचार-पत्र (जैसे हिंदुस्तान टाइम्स या दैनिक भास्कर) का अवलोकन किया और उसमें विज्ञापनों की संख्या गिनी। यह सच है कि समाचार-पत्रों में, विशेषकर रविवार के संस्करणों में, बहुत अधिक विज्ञापन होते हैं। एक सामान्य रविवार के अंक में 1000 से भी अधिक विज्ञापन हो सकते हैं, जिनमें नौकरी, रियल एस्टेट, मैट्रिमोनियल, कारों और विभिन्न उत्पादों के विज्ञापन शामिल होते हैं।

यह बात सही है कि समाचार-पत्रों में बहुत ज्यादा विज्ञापन होते हैं, जिसके कई कारण हैं:

  1. आय का स्रोत: विज्ञापन समाचार-पत्रों के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत हैं। विज्ञापनदाताओं से प्राप्त राजस्व समाचार-पत्र के प्रकाशन, वितरण और कर्मचारियों के वेतन में मदद करता है।
  2. पाठकों की रुचि: कुछ प्रकार के विज्ञापन, जैसे नौकरी या वैवाहिक विज्ञापन, विशेष पाठक वर्ग को आकर्षित करते हैं। जो लोग नौकरी या जीवनसाथी की तलाश में हैं, वे इन विज्ञापनों को देखने के लिए समाचार-पत्र खरीदते हैं, जिससे समाचार-पत्र की पाठक संख्या बढ़ती है।
  3. पृष्ठों की संख्या में वृद्धि: अधिक विज्ञापनों का मतलब है कि समाचार-पत्र में अधिक पृष्ठ शामिल किए जा सकते हैं, जिससे अधिक सामग्री प्रकाशित करने की गुंजाइश बनती है।
  4. उत्पादों का प्रचार: कंपनियाँ अपने उत्पादों और सेवाओं को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुँचाने के लिए समाचार-पत्रों का उपयोग करती हैं।

इसलिए, विज्ञापनों की अधिक संख्या समाचार-पत्रों के व्यावसायिक मॉडल और उनके पाठकों तक पहुँचने के तरीके का एक अभिन्न अंग है।

प्रश्न 6

क्या आप ऐसा सोचते हैं कि किसी विषय के दोनों पक्षों को जानना महत्वपूर्ण है? क्यों?
Solution:

हाँ, मैं निश्चित रूप से सोचता हूँ कि किसी भी विषय के दोनों पक्षों को जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके कई कारण हैं:

  • संतुलित दृष्टिकोण: किसी मुद्दे के केवल एक पक्ष को जानने से हमारी समझ अधूरी रह जाती है। दोनों पक्षों को समझने से हमें एक संतुलित और व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त होता है।
  • सूचित निर्णय: जब हम किसी विषय के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं से अवगत होते हैं, तो हम बेहतर और अधिक सूचित निर्णय ले पाते हैं। उदाहरण के लिए, किसी नई तकनीक को अपनाने से पहले उसके फायदे और नुकसान दोनों को जानना जरूरी है।
  • पूर्वाग्रह से बचाव: केवल एक पक्ष की जानकारी के आधार पर राय बनाना पूर्वाग्रह को जन्म दे सकता है। दोनों पक्षों को जानने से हम निष्पक्ष रह पाते हैं और किसी भी विषय का आलोचनात्मक मूल्यांकन कर पाते हैं।
  • समस्या समाधान: किसी समस्या के विभिन्न पहलुओं को समझने से उसके समाधान के लिए अधिक प्रभावी रणनीतियाँ विकसित की जा सकती हैं।

संक्षेप में, किसी भी विषय के दोनों पक्षों को जानने से हमारी समझ गहरी होती है, हम अधिक तार्किक बनते हैं और समाज में अधिक जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य कर पाते हैं।

प्रश्न 7

संचार माध्यमों द्वारा एजेंडा तय करते हुए, झोपड़पट्टियों के स्थान पर फैशन वीक की खबर को अधिक महत्व देने से क्या नतीजा निकलता है?
Solution:

जब संचार माध्यम (जैसे समाचार-पत्र या टेलीविजन चैनल) झोपड़पट्टियों से संबंधित महत्वपूर्ण खबरों के बजाय फैशन वीक जैसी घटनाओं को अधिक महत्व देते हैं, तो इसके कई नकारात्मक नतीजे निकलते हैं:

  • सामाजिक मुद्दों की उपेक्षा: यह दर्शाता है कि मीडिया समाज के उन वर्गों या मुद्दों की उपेक्षा कर रहा है जो शायद कम आकर्षक या कम व्यावसायिक महत्व के हों। झोपड़पट्टियों में रहने वाले लोगों की समस्याएं और उनकी आवाज अनसुनी रह सकती है।
  • एजेंडा सेटिंग का प्रभाव: मीडिया यह तय कर रहा है कि जनता के लिए क्या महत्वपूर्ण है। फैशन वीक जैसी खबरों को प्राथमिकता देकर, वे अनजाने में यह संदेश दे रहे हैं कि यह समाज के लिए अधिक प्रासंगिक या दिलचस्प है, जबकि झोपड़पट्टियों की समस्याएं गौण हैं।
  • पाठक वर्ग का प्रभाव: अक्सर मीडिया अपने लक्षित दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर खबरें चुनता है। यदि उनका मुख्य दर्शक वर्ग युवा और शहरी है, तो वे फैशन या मनोरंजन से जुड़ी खबरों को अधिक महत्व दे सकते हैं, क्योंकि ऐसी सामग्री उन्हें अधिक आकर्षित करती है।
  • असमानता का प्रतिबिंब: यह स्थिति समाज में मौजूद असमानताओं को भी दर्शाती है, जहाँ कुछ वर्गों की समस्याओं को अधिक कवरेज मिलती है जबकि अन्य की अनदेखी की जाती है।

इस प्रकार, मीडिया द्वारा एजेंडा तय करने की यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों से ध्यान हटा सकती है और समाज में एक विशेष प्रकार की प्राथमिकता स्थापित कर सकती है, जो हमेशा संतुलित या न्यायसंगत नहीं होती।

Common mistakes

  • मीडिया के पूर्वाग्रहों को पहचानने में विफलता।
  • विज्ञापनों के प्रभाव को कम आंकना।
  • संचार माध्यमों के ऐतिहासिक संदर्भ को नजरअंदाज करना।

Revision tips

  • प्रत्येक संचार माध्यम की विशिष्ट भूमिकाओं को सूचीबद्ध करें।
  • विज्ञापनों के उदाहरणों पर चर्चा करें और उनके लक्षित दर्शकों का विश्लेषण करें।
  • मीडिया द्वारा प्रस्तुत विभिन्न दृष्टिकोणों की तुलना करें।

Practice MCQs

Q1. रेडियो पर किस प्रकार की सामग्री सुनी जाती थी जब टेलीविजन उपलब्ध नहीं था?

Q2. टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q3. समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की अधिक संख्या का क्या कारण हो सकता है?

Q4. किसी विषय के दोनों पक्षों को जानना क्यों महत्वपूर्ण है?

Q5. जब मीडिया फैशन वीक को झोपड़पट्टियों की खबरों से अधिक महत्व देता है, तो इसका क्या नतीजा निकलता है?

Frequently asked questions

कक्षा 7 के लिए 'संचार माध्यमों को समझना' अध्याय में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस अध्याय में संचार माध्यमों की भूमिका, उनके ऐतिहासिक विकास (जैसे रेडियो से टीवी और इंटरनेट तक), विज्ञापनों का प्रभाव, और मीडिया द्वारा समाचारों को प्रस्तुत करने के तरीके के बारे में सिखाया गया है।

संचार माध्यमों को समझना क्यों महत्वपूर्ण है?

यह समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि मीडिया हमारे विचारों और विश्वासों को प्रभावित करता है। यह हमें दुनिया भर की घटनाओं से अवगत कराता है और हमें सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।

क्या ये समाधान कक्षा 7 के छात्रों के लिए उपयुक्त हैं?

हाँ, ये समाधान विशेष रूप से कक्षा 7 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जो NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं।

विज्ञापनों के बारे में इस अध्याय में क्या बताया गया है?

अध्याय बताता है कि विज्ञापन कैसे काम करते हैं, वे उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कैसे उपयोग किए जाते हैं, और वे समाचार-पत्रों और अन्य माध्यमों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत कैसे हैं।

मीडिया 'एजेंडा तय करना' से क्या तात्पर्य है?

एजेंडा तय करने का मतलब है कि मीडिया यह तय करता है कि किन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना है और किन पर नहीं, जिससे जनता की राय प्रभावित होती है।

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