कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान: राज्य शासन कैसे काम करता है - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 7 के लिए सामाजिक विज्ञान के "राज्य शासन कैसे काम करता है" अध्याय पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय बताता है कि राज्य स्तर पर सरकार कैसे काम करती है, जिसमें विधानसभाओं, विधायकों की भूमिका, बहुमत की अवधारणा, सत्तारूढ़ दल और विरोधी दल की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला गया है। समाधान आम जनता की सभाओं, निर्वाचन क्षेत्रों, गठबंधन सरकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करते हैं। यह भी समझाया गया है कि विधायक कैसे अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं को उठाते हैं और स्वास्थ्य मंत्री जैसी सरकारी भूमिकाएं इन चिंताओं पर कैसे प्रतिक्रिया देती हैं। ये समाधान छात्रों को भारत में राज्य शासन की जटिलताओं को समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक ज्ञान प्राप्त कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 7 |
| Subject | सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. राज्य शासन कैसे काम करता है |
Chapter summary
कक्षा 7 के लिए "राज्य शासन कैसे काम करता है" अध्याय के ये NCERT समाधान राज्य सरकार की संरचना और कार्यों की पड़ताल करते हैं। इसमें विधानसभा, निर्वाचन क्षेत्र, बहुमत, सत्तारूढ़ और विरोधी दल जैसी प्रमुख शब्दावली की व्याख्या की गई है। समाधान बताते हैं कि विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को कैसे उठाते हैं और सरकार इन मुद्दों पर कैसे प्रतिक्रिया देती है, विशेष रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के संदर्भ में। गठबंधन सरकारों और मंत्रियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई है।
Learning outcomes
- राज्य सरकार की प्रमुख शब्दावली को समझना।
- विधानसभा में विधायकों की भूमिका की व्याख्या करना।
- बहुमत, सत्तारूढ़ दल और विरोधी दल की अवधारणाओं को पहचानना।
- गठबंधन सरकारों के गठन की प्रक्रिया को समझना।
- सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करना।
- विधायकों और मंत्रियों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
Topics covered
Paper topics
- आमसभा
- भारत के राज्य
- निर्वाचन क्षेत्र
- बहुमत
- सत्तारूढ़ दल
- विरोधी दल
- गठबंधन सरकार
- विधायक की भूमिका
- सार्वजनिक स्वास्थ्य
- स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारियाँ
- विधानसभा की बहसें
- सरकार की कार्यप्रणाली
Important topics
- बहुमत और सत्तारूढ़ दल की अवधारणा
- विधायकों की भूमिका और जिम्मेदारियाँ
- विरोधी दल का महत्व
- गठबंधन सरकारों का गठन
- सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार की प्रतिक्रिया
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
यहां दी गई शब्दावलियों की विस्तृत व्याख्या दी गई है:
- आमसभा: आमसभा का तात्पर्य जनता के एक ऐसे सम्मेलन या सभा से है जहाँ सामान्य लोग एकत्रित होकर किसी विषय पर चर्चा करते हैं या अपने विचार व्यक्त करते हैं। यह किसी भी समुदाय या संगठन के सदस्यों की एक बड़ी बैठक हो सकती है।
- भारत के राज्य: भारत एक संघीय गणराज्य है जिसमें वर्तमान में 28 राज्य शामिल हैं। प्रत्येक राज्य की अपनी सरकार होती है जो राज्य के भीतर कानून बनाती और लागू करती है। सभी राज्यों का क्षेत्रफल और जनसंख्या भिन्न-भिन्न होती है।
- निर्वाचन क्षेत्र: निर्वाचन क्षेत्र एक परिभाषित भौगोलिक क्षेत्र होता है जहाँ के निवासी एक या एक से अधिक प्रतिनिधियों को चुनते हैं। उदाहरण के लिए, विधानसभा चुनाव में प्रत्येक जिले को कई निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा जाता है, और प्रत्येक क्षेत्र से एक विधायक चुना जाता है। पंचायत चुनाव में वार्ड भी एक निर्वाचन क्षेत्र हो सकता है।
- बहुमत: बहुमत का अर्थ है किसी समूह के आधे से अधिक सदस्यों की सहमति। जब किसी प्रस्ताव या निर्णय पर आधे से अधिक वोट मिलते हैं, तो उसे बहुमत प्राप्त माना जाता है। यह निर्णय लेने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कारक है।
- सत्तारूढ़ दल: सत्तारूढ़ दल वह राजनीतिक दल होता है जिसके सदस्य विधानसभा में बहुमत में होते हैं और सरकार का गठन करते हैं। यह दल राज्य का शासन चलाता है और नीतियां बनाता है।
- विरोधी दल: विरोधी दल उन राजनीतिक दलों या विधायकों के समूह को कहते हैं जो सत्तारूढ़ दल के सदस्य नहीं होते। उनकी भूमिका सरकार की नीतियों और कार्यों की आलोचना करना, वैकल्पिक सुझाव देना और विधानसभा में जनता के मुद्दों को उठाना होता है। वे सरकार पर नियंत्रण रखने का कार्य करते हैं।
प्रश्न 2
अपने राज्य के संदर्भ में उदाहरण देना इस बात पर निर्भर करेगा कि वर्तमान में किस दल की सरकार है। उदाहरण के लिए, यदि हम दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बात करें:
- बहुमत: दिल्ली विधानसभा में, आम आदमी पार्टी (आप) को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि उनके विधायकों की संख्या कुल विधायकों की संख्या के आधे से अधिक है।
- सत्तारूढ़ दल: दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सत्तारूढ़ दल है क्योंकि उन्होंने बहुमत प्राप्त किया है और सरकार का गठन किया है।
- विरोधी दल: दिल्ली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्य विरोधी दल के रूप में कार्य करती है, जो सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती है और वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। इसी प्रकार, अन्य राज्यों में भी सत्तारूढ़ और विरोधी दल होते हैं जो वहां की राजनीतिक स्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं।
प्रश्न 3
जब किसी एक राजनीतिक दल को विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाता है, तो सरकार बनाने के लिए दो या दो से अधिक दल आपस में मिलकर एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर सरकार का गठन करते हैं। इस प्रकार की सरकार को गठबंधन सरकार कहा जाता है।
गठबंधन सरकार में, सबसे बड़े दल को अक्सर अन्य दलों का समर्थन प्राप्त होता है। ये दल समान विचारधारा या साझा लक्ष्यों के आधार पर एक साथ आते हैं। भारत में राष्ट्रीय स्तर पर और कई राज्यों में गठबंधन सरकारों के उदाहरण देखे गए हैं, जैसे कि राष्ट्रीय मोर्चा, एन.डी.ए. (NDA) और यू.पी.ए. (UPA) की सरकारें। गठबंधन सरकारों में निर्णय लेने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती है क्योंकि इसमें विभिन्न दलों के बीच सहमति बनानी पड़ती है।
प्रश्न 4
हिमाचल प्रदेश के कुछ विधायकों ने विधानसभा में अपनी-अपनी क्षेत्रों की गंभीर समस्याओं को उठाया, यह तर्क देते हुए कि सरकार स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रही है। उनके मुख्य तर्क इस प्रकार थे:
- स्वास्थ्य संकट पर लापरवाही: एक विधायक ने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में हैजे (cholera) के कारण 15 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने सरकार की आलोचना की कि वह एक साधारण बीमारी को रोकने में भी असफल रही है, खासकर तब जब सरकार खुद को तकनीकी रूप से उन्नत मानती है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।
- सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति: दूसरे विधायक ने सरकारी अस्पतालों की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार जिला अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की पर्याप्त नियुक्ति क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार इस बढ़ती हुई महामारी जैसी स्थिति का सामना कैसे करेगी, जिससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।
इन तर्कों से यह स्पष्ट होता है कि विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सरकार के सामने रखकर तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
प्रश्न 5
यदि मैं स्वास्थ्य मंत्री होता, तो मैं विधानसभा में विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर निम्नलिखित तरीके से प्रतिक्रिया देता:
- स्वीकृति और आश्वासन: मैं सबसे पहले विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों की गंभीरता को स्वीकार करता और उन्हें आश्वस्त करता कि सरकार इन समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से ले रही है।
- कार्रवाई का विवरण: मैं बताता कि समस्या के समाधान के लिए सरकार द्वारा पहले से ही क्या कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा टीमों की तैनाती, दवाइयों की आपूर्ति, और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था।
- अधिकारियों की जवाबदेही: मैं यह भी स्पष्ट करता कि यदि किसी भी स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उचित दंड भी दिया जाएगा।
- भविष्य की योजनाएं: मैं भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं का भी उल्लेख करता, जैसे कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और जन जागरूकता अभियान चलाना।
- सहयोग का आग्रह: मैं विधायकों से भी सहयोग का आग्रह करता ताकि मिलकर इन समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सके।
मेरा उद्देश्य विधायकों को संतुष्ट करना और जनता को यह विश्वास दिलाना होता कि सरकार उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
प्रश्न 6
हाँ, मेरी राय में विधानसभा में हुई यह बहस निश्चित रूप से बहुत उपयोगी रही। इसके कई कारण हैं:
- जनता की समस्याओं का समाधान: विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं, जैसे कि स्वास्थ्य संकट, को विधानसभा में उठाया। इससे सरकार को इन समस्याओं से अवगत होने और उनके समाधान के लिए कदम उठाने का अवसर मिला।
- सरकार पर दबाव: विधानसभा में बहसें सरकार पर जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने और प्रभावी कदम उठाने का दबाव बनाती हैं। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
- नीतियों की समीक्षा: इस तरह की बहसों से सरकार को अपनी नीतियों और उनके कार्यान्वयन की समीक्षा करने का मौका मिलता है। यदि नीतियां प्रभावी नहीं हैं, तो उनमें सुधार किया जा सकता है।
- जागरूकता का प्रसार: विधानसभा की कार्यवाही सार्वजनिक होती है, जिससे जनता को भी पता चलता है कि उनके प्रतिनिधि किन मुद्दों को उठा रहे हैं और सरकार क्या कर रही है।
- विधायकों की भूमिका: यह बहस विधायकों की भूमिका को भी स्पष्ट करती है कि वे केवल निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं, बल्कि जनता की आवाज बनकर सरकार तक उनकी समस्याओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य भी करते हैं।
इसलिए, विधानसभा में होने वाली बहसें लोकतंत्र की कार्यप्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा हैं और ये जनता के कल्याण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 7
सरकार की कार्यप्रणाली में एक सामान्य विधायक और एक मंत्री विधायक के बीच महत्वपूर्ण अंतर होते हैं:
- सामान्य विधायक:
- एक सामान्य विधायक जनता द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुना गया प्रतिनिधि होता है।
- वे किसी भी राजनीतिक दल से हो सकते हैं, चाहे वह सत्तारूढ़ दल का हो या विरोधी दल का।
- उनका मुख्य कार्य अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और मांगों को विधानसभा में उठाना, सरकारी नीतियों पर चर्चा करना और मतदान में भाग लेना है।
- वे सरकार की नीतियों की आलोचना भी कर सकते हैं (यदि वे विरोधी दल के हैं)।
- मंत्री विधायक:
- एक मंत्री विधायक भी जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि होता है, लेकिन वह सत्तारूढ़ दल का सदस्य होता है।
- उन्हें सरकार में किसी विशेष विभाग (जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त) का प्रमुख बनाया जाता है, जिसे मंत्रालय कहा जाता है।
- मंत्री अपने मंत्रालय से संबंधित सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेते हैं, नीतियों का निर्माण करते हैं, और उन्हें लागू करवाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
- वे विधानसभा में अपने विभाग के कार्यों के लिए जवाबदेह होते हैं।
- मंत्रियों को विशेष सुरक्षा और अन्य सुविधाएं भी प्राप्त होती हैं जो सामान्य विधायकों को नहीं मिलतीं।
संक्षेप में, सामान्य विधायक जनता का प्रतिनिधित्व करता है और सरकार की निगरानी करता है, जबकि मंत्री विधायक सरकार का हिस्सा होता है और शासन चलाने में सक्रिय भूमिका निभाता है।
प्रश्न 8
हैजे (cholera) जैसी महामारी को नियंत्रण में लाने के लिए सरकार द्वारा किए गए दो महत्वपूर्ण उपाय निम्नलिखित थे:
- स्वच्छता और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था: सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, लोगों को पीने के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के प्रबंध किए गए ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो सके।
- चिकित्सीय सहायता और निगरानी: सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त चिकित्सा दल भेजे, आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित की, और लोगों के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की व्यवस्था की। इसके अतिरिक्त, बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए।
Common mistakes
- विधायकों और मंत्रियों के बीच के अंतर को समझने में भ्रम।
- गठबंधन सरकारों के गठन की प्रक्रिया को ठीक से न समझना।
- निर्वाचन क्षेत्र और बहुमत जैसी शब्दावली की गलत व्याख्या करना।
Revision tips
- प्रत्येक शब्दावली को अपने शब्दों में परिभाषित करने का अभ्यास करें।
- अपने राज्य के सत्तारूढ़ और विरोधी दलों के उदाहरणों पर विचार करें।
- विधानसभा में होने वाली बहसों के महत्व को समझें।
- सरकार की प्रतिक्रियाओं का विश्लेषण करते समय आलोचनात्मक सोच का उपयोग करें।
Practice MCQs
Q1. आमसभा का क्या अर्थ है?
Explanation: आमसभा का अर्थ है साधारण जनता का एक सम्मेलन, जहाँ लोग एकत्रित होकर चर्चा करते हैं।
Q2. किसी निर्णय या विचार पर आधे से अधिक लोगों की सहमति को क्या कहते हैं?
Explanation: जब किसी समूह के आधे से अधिक सदस्य किसी बात से सहमत होते हैं, तो उसे बहुमत कहा जाता है।
Q3. सरकार बनाने वाले दल को क्या कहा जाता है?
Explanation: जिस दल की सरकार बनती है और जो शासन करता है, उसे सत्तारूढ़ दल कहा जाता है।
Q4. जब कोई एक पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाती और कई पार्टियाँ मिलकर सरकार बनाती हैं, तो उसे क्या कहते हैं?
Explanation: जब कोई एक दल स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं कर पाता, तो कई दल मिलकर एक न्यूनतम कार्यक्रम के तहत गठबंधन सरकार बनाते हैं।
Q5. विधानसभा में सरकारी निर्णयों पर प्रश्न उठाने वाले सदस्यों को क्या कहते हैं?
Explanation: जो चुने हुए प्रतिनिधि सत्ता पक्ष में नहीं होते और सरकार के कार्यों पर सवाल उठाते हैं, वे विरोधी दल के सदस्य कहलाते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 7 के लिए "राज्य शासन कैसे काम करता है" अध्याय में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?
यह अध्याय सिखाता है कि राज्य स्तर पर सरकार कैसे काम करती है, जिसमें विधानसभा, विधायकों की भूमिका, बहुमत की अवधारणा, सत्तारूढ़ दल और विरोधी दल की जिम्मेदारियाँ शामिल हैं।
निर्वाचन क्षेत्र का क्या मतलब है?
निर्वाचन क्षेत्र एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र होता है जहाँ के सभी मतदाता मिलकर अपने प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
गठबंधन सरकार कब बनती है?
गठबंधन सरकार तब बनती है जब कोई एक राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं कर पाता और सरकार बनाने के लिए कई दल एक साथ आते हैं।
विधायक और मंत्री में क्या अंतर है?
विधायक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि होते हैं, जबकि मंत्री सत्तारूढ़ दल के विधायक होते हैं जिन्हें सरकार में एक विशेष विभाग का कार्यभार सौंपा जाता है।
विधानसभा में विधायकों की बहसें क्यों महत्वपूर्ण हैं?
विधानसभा में बहसें महत्वपूर्ण हैं क्योंकि विधायक जनता की समस्याओं और चिंताओं को सरकार के सामने रखते हैं, जिससे उन पर कार्रवाई की जा सके।
ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं, प्रमुख शब्दावली की व्याख्या करते हैं, और अभ्यास प्रश्नों के उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलती है।
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