CBSE Class 7 Hindi Vasant: Chapter 2 'Dadi Ma' NCERT Solutions

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This chapter, 'Dadi Ma', from the CBSE Class 7 Hindi Vasant textbook, delves into the poignant memories of childhood and the author's grandmother. The NCERT Solutions provided here offer detailed answers to all questions from the 'Kahani Se', 'Kahani Se Aage', 'Anuman aur Kalpana', and 'Bhasha Ki Baat' sections. Students will explore themes of familial relationships, the emotional significance of a grandmother's presence, and the author's reflections on past events. The solutions also touch upon seasonal changes, societal practices like borrowing money, and the nuances of language, including similes and emphatic verb usage. These solutions are designed to help students grasp the story's essence, improve their comprehension skills, and prepare effectively for their Hindi examinations by offering clear, step-by-step explanations.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 7
SubjectHindi Vasant
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 2

Chapter summary

Chapter 2 of CBSE Class 7 Hindi Vasant, titled 'Dadi Ma', focuses on the author's nostalgic recollections of his grandmother and childhood. The NCERT Solutions cover questions related to the story's plot, character of the grandmother, and the author's feelings. It also includes sections on understanding seasonal changes, financial situations in rural families, and language-based exercises on similes and verb repetition for emphasis. These solutions aim to provide a thorough understanding of the chapter's content and literary elements.

Learning outcomes

  • Understand the emotional bond between a grandchild and grandmother.
  • Analyze the author's childhood memories and reflections.
  • Identify and explain the significance of seasonal changes mentioned in the story.
  • Discuss the economic conditions and borrowing practices in rural settings.
  • Recognize and use similes in Hindi sentences.
  • Understand the use of repeated verbs for emphasis in Hindi.

Topics covered

Paper topics

  • Childhood Memories
  • Grandmother's Love and Care
  • Seasonal Changes
  • Rural Economy and Debt
  • Family Relationships
  • Figurative Language (Similes)
  • Verb Usage for Emphasis
  • Nostalgia

Important topics

  • Author's memories of his grandmother
  • Description of different seasons
  • Economic hardships and borrowing
  • Understanding similes in Hindi
  • The emotional core of the story

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. लेखक को अपनी दादी माँ की याद के साथ-साथ बचपन की और किन-किन बातों की याद आ जाती है?

लेखक को अपनी दादी माँ की याद के साथ-साथ बचपन की और किन-किन बातों की याद आ जाती है?
Solution: लेखक को अपनी दादी माँ की याद के साथ-साथ अपने बचपन की कई बातें याद आ जाती हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं - बचपन में की गई शरारतें, जैसे - बीमार होने पर चादर ओढ़कर सोना, दादी माँ का स्नेहपूर्वक डाँटना और उनकी चिंता करना, गीली मिट्टी में खेलना, और फिर दादी माँ द्वारा डाँटे जाने पर भी उनका प्यार मिलना। ये सभी स्मृतियाँ लेखक को अपने बचपन और दादी माँ के अनमोल रिश्ते की याद दिलाती हैं।

प्रश्न 2. दादा की मृत्यु के बाद लेखक के घर की आर्थिक स्थिति खराब क्यों हो गई थी?

दादा की मृत्यु के बाद लेखक के घर की आर्थिक स्थिति खराब क्यों हो गई थी?
Solution: दादा की मृत्यु के बाद लेखक के घर की आर्थिक स्थिति इसलिए खराब हो गई थी क्योंकि दादाजी पर बहुत अधिक कर्ज था। उनकी मृत्यु के बाद, घर के सदस्यों को उस कर्ज को चुकाने की जिम्मेदारी लेनी पड़ी, जिससे घर की आर्थिक व्यवस्था बिगड़ गई थी।

प्रश्न 3. दादी माँ के स्वभाव का कौन सा पक्ष आपको सबसे अच्छा लगता है और क्यों?

दादी माँ के स्वभाव का कौन सा पक्ष आपको सबसे अच्छा लगता है और क्यों?
Solution: दादी माँ के स्वभाव का सबसे अच्छा पक्ष उनका स्नेहशील और चिंता करने वाला व्यवहार है। जब लेखक बीमार पड़ता है, तो दादी माँ उसकी खूब देखभाल करती हैं, उसे दवा देती हैं, और उसकी सेहत के बारे में घरवालों से बार-बार पूछती रहती हैं। उनका यह वात्सल्यपूर्ण स्वभाव, जो डाँटने में भी प्यार छिपाए रखता है, पाठक को सबसे अधिक प्रभावित करता है।

प्रश्न 1. आपने इस कहानी में महीनों के नाम पढ़े. जैसे-कार, आषाढ़. माघ। इन महीनों में मौसम कैसा रहता है, लिखिए।

आपने इस कहानी में महीनों के नाम पढ़े. जैसे-कार, आषाढ़. माघ। इन महीनों में मौसम कैसा रहता है, लिखिए।
Solution: कहानी में उल्लिखित महीनों के अनुसार मौसम का वर्णन इस प्रकार है:

कार्तिक (कार): यह शरद ऋतु का महीना होता है। इस समय मौसम सुहावना होता है, न अधिक गर्मी होती है और न ही अधिक सर्दी। आसमान साफ रहता है और हल्की ठंडक महसूस होती है।

आषाढ़: यह वर्षा ऋतु का महीना है। इस समय चारों ओर खूब बारिश होती है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ जाती है और हरियाली छा जाती है। कभी-कभी तेज गर्मी के बाद बारिश से राहत मिलती है।

माघ: यह शीत ऋतु का महीना है। इस समय कड़ाके की ठंड पड़ती है, सुबह के समय कोहरा छाया रहता है और दिन में भी ठंड का अहसास होता है।

प्रश्न 2. 'अपने-अपने मौसम की अपनी-अपनी बातें होती हैं'-लेखक के इस कथन के अनुसार यह बताइए कि किस मौसम में कौन-कौन सी चीजें विशेष रूप से मिलती हैं?

'अपने-अपने मौसम की अपनी-अपनी बातें होती हैं'-लेखक के इस कथन के अनुसार यह बताइए कि किस मौसम में कौन-कौन सी चीजें विशेष रूप से मिलती हैं?
Solution: लेखक का यह कथन बिल्कुल सही है कि हर मौसम की अपनी विशेषता होती है और उसी के अनुसार कुछ चीजें विशेष रूप से मिलती हैं।

गर्मी के मौसम में: आम, खरबूजा, तरबूज, ककड़ी जैसी फल-सब्जियां खूब मिलती हैं।

वर्षा ऋतु में: भुट्टे, मक्के और विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियां मिलती हैं। बारिश के कारण मिट्टी की सौंधी खुशबू भी इसी मौसम की देन है।

सर्दी के मौसम में: संतरा, मौसमी, अमरूद, शकरकंद और विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियां जैसे मटर, गोभी आदि मिलती हैं।

बसंत ऋतु में: सरसों के फूल, गेहूं की बालियां और विभिन्न प्रकार के फूल खिलते हैं।

प्रश्न 1. इस कहानी में कई बार ऋण लेने की बात आपने पढ़ी। अनुमान लगाइए, किन-किन पारिवारिक परिस्थितियों में गाँव के लोगों को ऋण लेना पड़ता होगा और यह उन्हें कहाँ से मिलता होगा? बड़ों से बातचीत कर इस विषय में लिखिए।

इस कहानी में कई बार ऋण लेने की बात आपने पढ़ी। अनुमान लगाइए, किन-किन पारिवारिक परिस्थितियों में गाँव के लोगों को ऋण लेना पड़ता होगा और यह उन्हें कहाँ से मिलता होगा? बड़ों से बातचीत कर इस विषय में लिखिए।
Solution: गाँव के लोगों को कई पारिवारिक परिस्थितियों में ऋण लेना पड़ता है, जैसे:

1. फसल खराब होने पर: यदि किसी वर्ष बारिश न हो, या अत्यधिक बारिश हो जाए, या किसी कीड़े के कारण फसल खराब हो जाए, तो किसान को बीज और खाद खरीदने के लिए या गुजारा करने के लिए ऋण लेना पड़ता है।

2. बीमारी या आपातकाल में: परिवार में किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर इलाज के लिए धन की आवश्यकता होती है, जिसके लिए लोग ऋण लेते हैं।

3. शादी-विवाह या अन्य पारिवारिक समारोहों में: बेटियों की शादी या अन्य बड़े पारिवारिक आयोजनों के लिए भी अक्सर धन की कमी होने पर ऋण लिया जाता है।

4. घर की मरम्मत या निर्माण के लिए: यदि घर की छत टपकने लगे या कोई अन्य बड़ी मरम्मत की जरूरत हो, तो भी लोग ऋण का सहारा लेते हैं।

ऋण कहाँ से मिलता होगा: गाँव के लोगों को ऋण मुख्य रूप से साहूकार, महाजन, या कभी-कभी सहकारी समितियों से मिलता है। कुछ लोग बैंक से भी ऋण लेते हैं, लेकिन गाँव के छोटे किसानों के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो सकती है। साहूकार अक्सर ऊँचे ब्याज पर ऋण देते हैं।

प्रश्न 2. घर पर होनेवाले उत्सवों / समारोहों में बच्चे क्या-क्या करते हैं? अपने और अपने मित्रों के अनुभवों के आधार पर लिखिए।

घर पर होनेवाले उत्सवों / समारोहों में बच्चे क्या-क्या करते हैं? अपने और अपने मित्रों के अनुभवों के आधार पर लिखिए।
Solution: घर पर होने वाले उत्सवों और समारोहों में बच्चों की भूमिका और उनकी गतिविधियाँ बहुत मजेदार होती हैं। मेरे और मेरे मित्रों के अनुभवों के आधार पर, बच्चे आमतौर पर ये सब करते हैं:

1. तैयारी में मदद: बच्चे सजावट करने, मेहमानों के आने पर उनका स्वागत करने, और कभी-कभी खाने-पीने की चीजों को लाने-ले जाने में मदद करते हैं।

2. खेलना-कूदना: उत्सवों के माहौल में बच्चे बहुत उत्साहित रहते हैं। वे एक-दूसरे के साथ दौड़-भाग करते हैं, छुपन-छुपाई खेलते हैं, या नए खिलौनों से खेलते हैं।

3. मेहमानों से मिलना: बच्चे दूर से आए रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलकर बहुत खुश होते हैं। वे उनसे बातें करते हैं, उनके साथ खेलते हैं और कभी-कभी उनसे उपहार भी पाते हैं।

4. खाने का आनंद: उत्सवों में तरह-तरह के पकवान बनते हैं, जिन्हें खाने में बच्चों को बहुत मजा आता है। वे अपनी पसंद की मिठाइयाँ और नमकीन खाते हैं।

5. नाच-गाना और मस्ती: कई बार उत्सवों में संगीत बजता है, जिस पर बच्चे नाचते हैं। वे अपनी शरारतों से और हंसी-मजाक से माहौल को और भी खुशनुमा बना देते हैं।

प्रश्न 1. नीचे दी गई पंक्तियों पर ध्यान दीजिए

नीचे दी गई पंक्तियों पर ध्यान दीजिए ज़रा-सी कठिनाई पड़ते अनमना-सा हो जाता है सन-से सफ़ेद
Solution: यहाँ दी गई पंक्तियों में 'सा' या 'से' का प्रयोग समानता बताने के लिए किया गया है, जिसे उपमा अलंकार कहते हैं।

1. ज़रा-सी कठिनाई पड़ते: यहाँ 'ज़रा-सी' का अर्थ है 'थोड़ी सी'। यह कठिनाई की मात्रा को बता रहा है।

2. अनमना-सा हो जाता है: यहाँ 'अनमना-सा' का अर्थ है 'थोड़ा उदास या बेचैन'। यह मन की स्थिति की तुलना किसी ऐसी चीज से की जा रही है जो थोड़ी उदास हो।

3. सन-से सफ़ेद: यहाँ 'सन-से सफ़ेद' का अर्थ है 'सन के पौधे की तरह सफेद'। यह रंग की तुलना सन के पौधे के सफेद रंग से की जा रही है।

समानता बताने वाले ऐसे पाँच और शब्द और उनके वाक्य प्रयोग:

  1. फूल-सा: उसका चेहरा चाँद-सा खिला हुआ था।
  2. बर्फ़-सी: उसकी बातें ठंडी हवा-सी लगीं।
  3. मोती-सा: उसकी मुस्कान मोती-सी चमक रही थी।
  4. रुई-सा: बादल रुई-सा कोमल दिख रहा था।
  5. तलवार-सी: उसकी जुबान तलवार-सी तेज थी।

प्रश्न 2. कहानी में 'छू छुकर ज्वर का अनुमान करतीं, पूछ-पूछकर घरवालों को परेशान कर देती'-जैसे वाक्य आए हैं। किसी क्रिया को जोर देकर कहने के लिए एक से अधिक बार एक ही शब्द का प्रयोग होता है।

कहानी में 'छू छुकर ज्वर का अनुमान करतीं, पूछ-पूछकर घरवालों को परेशान कर देती'-जैसे वाक्य आए हैं। किसी क्रिया को जोर देकर कहने के लिए एक से अधिक बार एक ही शब्द का प्रयोग होता है।
Solution: जैसा कि बताया गया है, किसी क्रिया पर जोर देने के लिए या उसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक ही शब्द का प्रयोग एक से अधिक बार किया जाता है। इस प्रकार के प्रयोग से क्रिया की तीव्रता या निरंतरता का बोध होता है।

उदाहरण वाक्य:

  1. वह मुझेदेखते-देखतेचला गया। (अर्थात, देखते रहने की क्रिया पर जोर दिया गया है।)
  2. बच्चे मैदान मेंखेलते-खेलतेथक गए। (अर्थात, लगातार खेलते रहने के कारण थक गए।)
  3. माँ ने बच्चे कोसहलाते-सहलातेसुला दिया। (अर्थात, प्यार से बार-बार सहलाने की क्रिया पर जोर है।)
  4. वहभागते-भागतेगिर पड़ा। (अर्थात, दौड़ने की क्रिया के दौरान ही वह गिर गया।)
  5. हमें एक-दूसरे की बातसुनते-सुनतेसमझना चाहिए। (अर्थात, ध्यानपूर्वक और लगातार सुनने पर जोर है।)

Common mistakes

  • Confusing the author's feelings about his grandmother with general observations.
  • Incomplete answers regarding seasonal descriptions or financial situations.
  • Difficulty in forming sentences with similes or repeated verbs.
  • Not fully explaining the 'why' behind the grandmother's actions or the author's feelings.

Revision tips

  • Reread the chapter 'Dadi Ma' to connect with the author's emotions.
  • Focus on the descriptions of different seasons and their associated activities.
  • Pay close attention to the language exercises, especially the use of 'sa' for similes and repeated verbs.
  • Discuss the economic aspects and the concept of borrowing with family or friends.
  • Summarize the grandmother's character traits and the author's memories in your own words.

Practice MCQs

Q1. लेखक को दादी माँ की किन-किन बातों की याद आती है?

Q2. दादा की मृत्यु के बाद घर की आर्थिक स्थिति क्यों खराब हो गई थी?

Q3. दादी माँ के स्वभाव का कौन सा पक्ष लेखक को सबसे अच्छा लगता है?

Q4. कहानी में 'कार' और 'आषाढ़' किनका उल्लेख करते हैं?

Q5. नीचे दी गई पंक्तियों में 'सन-से सफ़ेद' में किस अलंकार का प्रयोग हुआ है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 7 के हिंदी वसंत पाठ्यपुस्तक के अध्याय 2 'दादी माँ' के लिए हैं।

इस अध्याय में मुख्य रूप से किन विषयों पर चर्चा की गई है?

इस अध्याय में लेखक की बचपन की यादें, दादी माँ का स्नेहपूर्ण व्यवहार, मौसमों का वर्णन, और ग्रामीण परिवेश की आर्थिक स्थिति जैसे विषयों पर चर्चा की गई है।

क्या इन समाधानों में भाषा से संबंधित प्रश्न भी शामिल हैं?

हाँ, इन समाधानों में 'भाषा की बात' खंड के प्रश्न भी शामिल हैं, जिनमें उपमा (जैसे 'सन-से सफ़ेद') और क्रियाओं के प्रयोग पर आधारित प्रश्न हैं।

यह समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान अध्याय की गहरी समझ प्रदान करते हैं, सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर देते हैं, और भाषा के प्रयोग को स्पष्ट करते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

कहानी से आगे' खंड में किन बातों पर ध्यान केंद्रित किया गया है?

'कहानी से आगे' खंड में महीनों और मौसमों के अनुसार होने वाले बदलावों और विशेष मिलने वाली चीजों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

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