CBSE Class 6 Hindi Vasant Chapter 12: संसार पुस्तक है NCERT Solutions

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This chapter, 'Sansaar Pustak Hai' (The World is a Book), from the CBSE Class 6 Hindi Vasant textbook, delves into the fascinating history of our Earth. Through engaging questions and answers, students will explore how scientists learn about the past by studying natural elements like rocks, mountains, and fossils. The solutions explain the concept of geological time, the formation of the Earth, and the evolution of life. It highlights how even a simple round stone can tell a story of millions of years of transformation. The chapter also touches upon the use of natural resources in ancient times and explores various conjunctions in Hindi grammar. These NCERT Solutions provide clear, step-by-step explanations to help students grasp complex ideas and prepare effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectवसंत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12. संसार पुस्तक है

Chapter summary

Chapter 12, 'Sansaar Pustak Hai', focuses on understanding Earth's history through natural evidence. The NCERT Solutions cover topics like the formation of the Earth, the existence of ancient life, and how geological formations like rocks and fossils act as records of the past. It explains the journey of a simple stone and its transformation over millions of years. The chapter also includes exercises on Hindi grammar, specifically focusing on the usage of various conjunctions. These solutions aim to make learning about Earth's history and language engaging for Class 6 students.

Learning outcomes

  • Understand how natural elements serve as historical records.
  • Learn about the geological history of the Earth and the evolution of life.
  • Explain the journey and transformation of a rock over millions of years.
  • Identify and use various conjunctions in Hindi sentences correctly.
  • Appreciate the concept of 'The World is a Book' through scientific observation.

Topics covered

Paper topics

  • Earth's Geological History
  • Fossils and Rocks as Historical Records
  • Evolution of Life on Earth
  • The Journey of a Stone
  • Use of Natural Resources in Ancient Times
  • Hindi Grammar: Conjunctions (Samuchchay Bodhak)
  • Understanding Metaphors in Literature
  • Scientific Inquiry and Observation

Important topics

  • Earth's formation and early conditions
  • Interpreting rocks and fossils
  • The life cycle of a stone as a narrative
  • Correct usage of Hindi conjunctions

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

लेखक ने प्रकृति के किन अक्षरों को 'संसार की पुस्तक' के अक्षर कहा है?
Solution: लेखक के अनुसार, प्रकृति के वे सभी तत्व जो हमें पृथ्वी के इतिहास के बारे में बताते हैं, वे 'संसार की पुस्तक' के अक्षर हैं। इनमें चट्टानों के टुकड़े, पुराने पेड़, ऊँचे पहाड़, बहती नदियाँ, विशाल समुद्र और जानवरों की हड्डियाँ शामिल हैं। ये सभी हमें बीती हुई दुनिया की कहानियाँ सुनाते हैं।

प्रश्न 2

लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती का हाल क्या था? उस समय धरती पर मनुष्यों का अस्तित्व क्यों नहीं था?
Solution: लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती बहुत ज़्यादा गर्म थी। इतनी गर्मी के कारण उस पर किसी भी प्रकार का जीवन, जैसे कि पौधे या जानवर, पनप नहीं सकता था। चूँकि उस समय जीवन का अस्तित्व ही नहीं था, इसलिए मनुष्यों का होना तो दूर की बात थी। धीरे-धीरे समय के साथ पृथ्वी में परिवर्तन हुए और तापमान कम हुआ, जिससे पहले पौधों और फिर जानवरों का जन्म हुआ।

प्रश्न 3

दुनिया का पुराना हाल किन चीज़ों से जाना जाता है?
Solution: दुनिया का पुराना हाल हमें प्रकृति में मौजूद विभिन्न चीज़ों से पता चलता है। इनमें मुख्य रूप से चट्टानों के टुकड़े, पुराने वृक्ष, ऊँचे पहाड़, दूर के तारे, बहती हुई नदियाँ, गहरे समुद्र और प्राचीन जानवरों की हड्डियाँ शामिल हैं। ये सभी चीज़ें पृथ्वी के इतिहास की गवाह हैं और हमें अतीत की जानकारी देती हैं।

प्रश्न 4

गोल चमकीला रोड़ा अपनी कहानी बताते हुए क्या कहता है?
Solution: गोल चमकीला रोड़ा अपनी कहानी सुनाते हुए बताता है कि वह कभी एक बड़ी चट्टान का हिस्सा था। एक दिन, पहाड़ों से बहते हुए पानी ने उसे वहाँ से बहा दिया और वह घाटी में पहुँच गया। वहाँ से एक पहाड़ी नाले ने उसे आगे बढ़ाया और वह एक बड़ी नदी (दरिया) में जा मिला। नदी के पानी में लगातार बहते और घिसते रहने के कारण, वह धीरे-धीरे अपनी खुरदरी सतह खोता गया और एक चिकना, गोल और चमकीला पत्थर बन गया।

प्रश्न 5

गोल चमकीले रोड़े को यदि दरिया और आगे ले जाता तो क्या होता?
Solution: यदि दरिया उस गोल चमकीले रोड़े को अपने साथ और आगे बहाकर ले जाता, तो वह लगातार घिसता रहता। धीरे-धीरे वह और भी छोटा होता जाता और अंत में रेत के एक छोटे कण या बालू के जर्रे में बदल जाता। इसके बाद, वह समुद्र के किनारे पहुँचता और अपने जैसे अन्य रेत के कणों से मिल जाता, जिससे वहाँ एक सुंदर रेतीला किनारा बन जाता। इस किनारे पर बच्चे खेलते और रेत के घरौंदे बनाते।

प्रश्न 6

नेहरूजी दुनिया कैसे शुरू हुई के बारे में क्या बताते हैं?
Solution: नेहरूजी बताते हैं कि हमारी पृथ्वी लाखों-करोड़ों वर्ष पुरानी है। बहुत लंबे समय तक इस पृथ्वी पर कोई मनुष्य नहीं था। मनुष्यों के आने से भी पहले, यहाँ केवल जानवर मौजूद थे। और जानवरों से भी पहले, एक ऐसा समय था जब यह पृथ्वी अत्यधिक गर्म थी और इस पर कोई भी जीवित प्राणी, चाहे वह पौधा हो या जानवर, रह नहीं सकता था।

अनुमान और कल्पनाः प्रश्न 1

हमारे यहाँ तो यही कहानी प्रचलित है कि दुनिया और सृष्टि के रचयिता ईश्वर हैं। इस बारे में अपने विचार लिखो।
Solution: हमारे देश और समाज में यह मान्यता बहुत पुरानी और प्रचलित है कि ईश्वर ने ही इस पूरी दुनिया और सृष्टि की रचना की है। यह एक गहरी आस्था का विषय है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पृथ्वी के बनने की प्रक्रियाएँ अलग हैं, लेकिन धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, ईश्वर की शक्ति से ही सब कुछ संभव हुआ है। यह विश्वास लोगों को जीवन का अर्थ और उद्देश्य समझने में मदद करता है।

अनुमान और कल्पनाः प्रश्न 3

मसूरी और इलाहाबाद के बारे में कुछ जानकारी प्राप्त करो और उनके बारे में लिखो।
Solution: मसूरी उत्तराखंड राज्य का एक खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन स्थल है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ठंडी जलवायु और मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है। यह देहरादून जिले में स्थित है। दूसरी ओर, इलाहाबाद (अब प्रयागराज) उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक शहर है, जो गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम (त्रिवेणी संगम) के लिए प्रसिद्ध है। यह शिक्षा और संस्कृति का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

अनुमान और कल्पनाः प्रश्न 4

उस युग में पत्थरों का इस्तेमाल किन-किन कामों के लिए होता होगा?
Solution: उस प्राचीन युग में, जब मनुष्य पत्थरों का उपयोग करना सीख गया था, पत्थरों का इस्तेमाल कई महत्वपूर्ण कामों के लिए होता था। इनका उपयोग मुख्य रूप से जानवरों को डराने या उनसे बचाव के लिए किया जाता था। शिकार करने के लिए नुकीले पत्थरों से हथियार बनाए जाते थे। आत्मरक्षा के लिए भी ये पत्थर काम आते थे। इसके अलावा, पत्थरों से खेती के औजार और साधारण मकान बनाने में भी मदद मिलती थी।

• भाषा की बात: प्रश्न

नीचे दिए गए शब्दों के अर्थों के अनुसार खाली स्थानों में सही शब्द भरो:

ढकेलना - इतना भारी पत्थर ढकेलना तो मुश्किल है।

सरकना - आदत न होने के कारण नई दुल्हन का घूँघट सरकने लगा।

खिसकना - बॉस के आने से पहले ही रोहन ऑफिस से खिसक लिया।

Solution: दिए गए शब्दों के अर्थों के अनुसार खाली स्थानों को भरना है। यहाँ प्रत्येक शब्द का प्रयोग उसके सही अर्थ को दर्शाते हुए किया गया है:
  1. ढकेलना: इतना भारी पत्थर ढकेलना तो मुश्किल है। (किसी चीज़ को ज़ोर लगाकर आगे बढ़ाना)
  2. सरकना: आदत न होने के कारण नई दुल्हन का घूँघट सरकने लगा। (धीरे-धीरे या अनायास हिलना या हटना)
  3. खिसकना: बॉस के आने से पहले ही रोहन ऑफिस से खिसक लिया। (चुपके से या जल्दी से हट जाना)

भाषा की बात: प्रश्न 2

नीचे दिए गए विशेषण शब्दों से संज्ञा शब्द बनाओ:

शब्द विशेषण संज्ञा शब्द

पत्थर पथरीला रास्ता

काँटा कँटीला मार्ग

रस रसीला फल

जहर जहरीला शरबत

Solution: दिए गए विशेषण शब्दों से संज्ञा शब्द बनाने का तरीका इस प्रकार है:
  • पथरीला (विशेषण): इससे संबंधित संज्ञा शब्द 'पत्थर' है, और वाक्य 'पथरीला रास्ता' है।
  • कँटीला (विशेषण): इससे संबंधित संज्ञा शब्द 'काँटा' है, और वाक्य 'कँटीला मार्ग' है।
  • रसीला (विशेषण): इससे संबंधित संज्ञा शब्द 'रस' है, और वाक्य 'रसीला फल' है।
  • जहरीला (विशेषण): इससे संबंधित संज्ञा शब्द 'जहर' है, और वाक्य 'जहरीला शरबत' है।

भाषा की बात: प्रश्न 3

नीचे दिए गए वाक्यों में मोटे छपे शब्दों के बारे में बताओ:

(क) कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है <u>परन्त</u> मैं मेले में जाना चाहती हूँ।

(ख) मुनिया ने सपना देखा कि वह चंद्रमा पर बैठी है।

(ग) छुट्टियों में हम सब <u>तो</u> दुर्गापुर जाएँगे <u>निक</u> जालंधर।

(घ) सब्ज़ी कटवा कर रखना <u>ताकि</u> घर आते ही मैं खाना बना लूँ।

(ड) <u>यदि</u> मुझे पता होता कि शमीम बुरा मान जाएगा <u>तो</u> मैं यह बात न कहता।

(च) मालती ने तुम्हारी शिकायत नहीं <u>बल्कि</u> तारीफ़ ही की थी ।

(छ) इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है <u>इसलिए</u> अनाज महँगा है।

(ज) विमल जर्मन सीख रहा है <u>या</u> फ्रेंच।

Solution: नीचे दिए गए वाक्यों में मोटे छपे (अंडरलाइन किए गए) शब्द संयोजक (Conjunctions) हैं, जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ते हैं:
  1. परन्तु: यह दो विरोधी विचारों को जोड़ता है। (कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है, परन्तु मैं मेले में जाना चाहती हूँ।)
  2. कि: यह एक उपवाक्य को मुख्य वाक्य से जोड़ता है, यहाँ सपना बताने के लिए प्रयुक्त हुआ है। (मुनिया ने सपना देखा कि वह चंद्रमा पर बैठी है।)
  3. तो, निक: यहाँ 'तो' और 'निक' का प्रयोग थोड़ा असामान्य है। संभवतः 'तो' का प्रयोग जोर देने के लिए और 'निक' का प्रयोग 'या' के अर्थ में किया गया है, जो कि सही नहीं है। सही वाक्य हो सकता है: "छुट्टियों में हम सब या तो दुर्गापुर जाएँगे या जालंधर।" या "छुट्टियों में हम सब दुर्गापुर जाएँगे, न कि जालंधर।" यहाँ दिए गए शब्दों का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से पूरी तरह सही नहीं लग रहा है।
  4. ताकि: यह उद्देश्य बताने के लिए दो वाक्यों को जोड़ता है। (सब्ज़ी कटवा कर रखना ताकि घर आते ही मैं खाना बना लूँ।)
  5. यदि, तो: ये शब्द शर्त और उसके परिणाम को बताते हैं। (यदि मुझे पता होता कि शमीम बुरा मान जाएगा तो मैं यह बात न कहता।)
  6. बल्कि: यह पहले वाक्य का खंडन करके दूसरे को स्वीकार करने के लिए प्रयोग होता है। (मालती ने तुम्हारी शिकायत नहीं बल्कि तारीफ़ ही की थी ।)
  7. इसलिए: यह कारण और परिणाम को जोड़ता है। (इस वर्ष फसल अच्छी नहीं हुई है इसलिए अनाज महँगा है।)
  8. या: यह दो विकल्पों में से एक को चुनने के लिए प्रयोग होता है। (विमल जर्मन सीख रहा है या फ्रेंच।)

अन्य वाक्य - प्रश्न

नीचे दिए गए वाक्यों में मोटे छपे शब्दों के बारे में बताओ:
  1. रीमा शरारती नहीं <u>बल्</u>कि शांत बालिका है।
  2. रोहन दुर्घटना में घायल हो गया <u>इसलिए</u> विवाह समारोह में सम्मिलत नहीं हो पाया।
  3. सिनेमा जाओ परन्तु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद।
  4. किसी ने सच ही कहा है कि झूठ के पाँव नहीं होते हैं।
  5. <u>यदि</u> समय रहते बड़े भाई ने मेरी सहायता नहीं की होती <u>तो</u> आज मैं सफल न होता।
  6. हमें दूसरों के गुणों पर ध्यान देना चाहिए <u>निक</u> उनके अवगुणों का बखान करना चाहिए।
  7. राम प्रदर्शनी में तुम जाना चाहते हो या मैं रोहन को भेज दूँ।
  8. पढ़ाई पर ध्या=न दो तािक अच्छे अंक ला सको।
Solution: नीचे दिए गए वाक्यों में मोटे छपे (अंडरलाइन किए गए) शब्द संयोजक (Conjunctions) हैं, जो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ते हैं:
  1. बल्कि: यह पहले कथन का निषेध करके दूसरे कथन को स्वीकार करने के लिए प्रयोग होता है। (रीमा शरारती नहीं बल्कि शांत बालिका है।)
  2. इसलिए: यह कारण और परिणाम को जोड़ने वाला संयोजक है। (रोहन दुर्घटना में घायल हो गया इसलिए विवाह समारोह में सम्मिलत नहीं हो पाया।)
  3. परन्तु: यह दो विरोधी या भिन्न विचारों को जोड़ने के लिए प्रयोग होता है। (सिनेमा जाओ परन्तु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद।)
  4. कि: यह दो वाक्यों या उपवाक्यों को जोड़ने के लिए प्रयोग होता है, यहाँ कथन को प्रस्तुत करने के लिए है। (किसी ने सच ही कहा है कि झूठ के पाँव नहीं होते हैं।)
  5. यदि, तो: ये शब्द शर्त और उसके परिणाम को दर्शाते हैं। (यदि समय रहते बड़े भाई ने मेरी सहायता नहीं की होती तो आज मैं सफल न होता।)
  6. निक: यहाँ 'निक' का प्रयोग संभवतः 'न कि' के अर्थ में किया गया है, जो कि व्याकरण की दृष्टि से सही नहीं है। सही वाक्य होना चाहिए: "हमें दूसरों के गुणों पर ध्यान देना चाहिए, न कि उनके अवगुणों का बखान करना चाहिए।"
  7. या: यह दो विकल्पों में से एक को चुनने का बोध कराता है। (राम प्रदर्शनी में तुम जाना चाहते हो या मैं रोहन को भेज दूँ।)
  8. ताकि: यह उद्देश्य बताने के लिए प्रयोग होता है। (पढ़ाई पर ध्यान दो ताकि अच्छे अंक ला सको।)

Common mistakes

  • Confusing the literal meaning of 'book' with the metaphorical use in the chapter title.
  • Difficulty in understanding geological time scales.
  • Incorrect usage of conjunctions in complex sentences.
  • Not connecting the scientific explanations with the narrative of the 'talking' stone.

Revision tips

  • Read the chapter thoroughly to grasp the central metaphor of the world as a book.
  • Focus on understanding the scientific explanations for Earth's history and life's evolution.
  • Practice identifying and using the different types of conjunctions covered in the 'Bhasha Ki Baat' section.
  • Try to explain the journey of the round stone in your own words to reinforce understanding.

Practice MCQs

Q1. लेखक ने प्रकृति के किन अक्षरों को 'संसार की पुस्तक' के अक्षर कहा है?

Q2. लाखों-करोड़ों वर्ष पहले पृथ्वी की स्थिति कैसी थी?

Q3. गोल चमकीला रोड़ा अपनी कहानी में क्या बताता है?

Q4. यदि गोल चमकीला रोड़ा दरिया में और आगे जाता तो क्या होता?

Q5. निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'ढकेलना' क्रिया का उदाहरण है?

Q6. वाक्य में 'परन्तु' का प्रयोग किस प्रकार के संबंध को दर्शाता है?

Frequently asked questions

यह 'संसार पुस्तक है' पाठ किस बारे में है?

यह पाठ बताता है कि पृथ्वी का इतिहास कितना पुराना है और हम चट्टानों, जीवाश्मों और अन्य प्राकृतिक चीज़ों के ज़रिए उस इतिहास को कैसे जान सकते हैं, जैसे कोई पुस्तक पढ़कर जानते हैं।

पाठ के अनुसार, दुनिया का पुराना हाल कैसे पता चलता है?

दुनिया का पुराना हाल चट्टानों के टुकड़े, पेड़, पहाड़, नदियाँ, समुद्र और जानवरों की हड्डियों जैसी चीज़ों से पता चलता है, जो लाखों वर्षों की कहानी कहती हैं।

गोल चमकीला रोड़ा क्या कहानी सुनाता है?

गोल चमकीला रोड़ा बताता है कि वह कभी एक बड़ी चट्टान का हिस्सा था, जिसे बहते पानी ने धीरे-धीरे घिसकर गोल और चमकीला बना दिया।

कक्षा 6 के हिंदी व्याकरण के लिए इस पाठ में क्या महत्वपूर्ण है?

इस पाठ के 'भाषा की बात' खंड में विभिन्न प्रकार के संयोजक शब्दों (जैसे परन्तु, ताकि, यदि, तो, बल्कि, इसलिए, या) के सही प्रयोग का अभ्यास कराया गया है।

ये NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?

ये समाधान छात्रों को पाठ की अवधारणाओं को गहराई से समझने, प्रश्नों के उत्तर स्पष्ट रूप से लिखने और व्याकरण के नियमों का सही उपयोग करने में मदद करते हैं, जिससे परीक्षा की तैयारी बेहतर होती है।

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