CBSE Class 6 Hindi NCERT Solutions: Chapter 10 - झाँसी की रानी

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This chapter, 'Jhansi Ki Rani', delves into the life and valor of Rani Lakshmibai, a pivotal figure in India's struggle for independence. The NCERT Solutions for Class 6 Hindi provide a detailed exploration of the poem, explaining its verses and historical context. Students will learn about the events leading to the British annexation of Jhansi, Rani Lakshmibai's courageous resistance, and her transformation from a queen to a warrior. The solutions also highlight the stark contrast between her childhood, filled with martial training, and the modern childhood of today's students. By studying these solutions, students can gain a deeper appreciation for India's rich history and the sacrifices made for freedom, aiding in their exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 6
Subjectवसंत
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter10. झाँसी की रानी

Chapter summary

Chapter 10, 'Jhansi Ki Rani', focuses on the life and bravery of Rani Lakshmibai. The NCERT Solutions cover the poem's verses, explaining the historical context of the first war of independence, the challenges faced by India under British rule, and Rani Lakshmibai's role as a symbol of resistance. It contrasts her warrior-like childhood with contemporary childhoods and discusses the evolution of women's roles in the Indian army. These solutions aim to provide a clear understanding of the chapter's themes and historical significance.

Learning outcomes

  • Understand the historical context of the first war of Indian independence.
  • Analyze the bravery and sacrifices of Rani Lakshmibai.
  • Compare and contrast the childhood of Rani Lakshmibai with modern childhoods.
  • Identify the significance of Rani Lakshmibai's resistance against the British.
  • Recognize the changing roles of women in the Indian army.
  • Appreciate the poetic expression of historical events.

Topics covered

Paper topics

  • Life of Rani Lakshmibai
  • Jhansi's history
  • Indian freedom struggle
  • Poetic analysis
  • Childhood comparisons
  • Historical weapons
  • Women in the army
  • British rule in India
  • Courage and bravery
  • Symbolism in poetry

Important topics

  • Rani Lakshmibai's bravery and resistance
  • Historical context of the first war of independence
  • Symbolic meaning of 'kali ghata' and 'nai jawani'
  • Comparison of childhoods
  • Role of women in historical and modern armies

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Questions and Solutions

1.1 'किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई' इस पंक्ति में किस घटना की ओर संकेत है?

'किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई' इस पंक्ति में किस घटना की ओर संकेत है?
Solution: इस पंक्ति में कवयित्री ने झाँसी के राजा गंगाधर राव की अचानक मृत्यु की ओर संकेत किया है। राजा की मृत्यु के साथ ही रानी लक्ष्मीबाई के जीवन में खुशियों का अंत हो गया और दुखों के काले बादल छा गए, जिससे उनका जीवन शोक में डूब गया। यह घटना रानी के विधवा होने और राज्य पर आने वाले संकट का प्रतीक है।

1.2 'किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई' काली घटा घिरने की बात क्यों कही गई है?

'किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई' काली घटा घिरने की बात क्यों कही गई है?
Solution: कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान ने 'काली घटा' घिरने की बात इसलिए कही है क्योंकि जिस प्रकार काली घटाएँ सूर्य के प्रकाश को ढक लेती हैं, उसी प्रकार रानी लक्ष्मीबाई के पति, राजा गंगाधर राव की आकस्मिक मृत्यु ने रानी के जीवन की खुशियों को ढक लिया और उनके जीवन में दुखों का अंधकार छा गया। राजा की मृत्यु के कारण रानी असमय विधवा हो गईं और उनकी कोई संतान न होने के कारण अंग्रेजों को झाँसी पर कब्ज़ा करने का अवसर मिल गया, जिससे राज्य पर भी संकट के बादल मंडराने लगे।

2. कविता की दूसरी पंक्ति में भारत को 'बूढ़ा' कहकर और उसमें 'नई जवानी' आने की बात कहकर सुभद्रा कुमारी चौहान क्या बताना चाहती हैं?

कविता की दूसरी पंक्ति में भारत को 'बूढ़ा' कहकर और उसमें 'नई जवानी' आने की बात कहकर सुभद्रा कुमारी चौहान क्या बताना चाहती हैं?
Solution: कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान भारत को 'बूढ़ा' इसलिए कहती हैं क्योंकि भारतवर्ष उस समय अंग्रेजों के अधीन गुलाम था, जिससे देश में चारों ओर निराशा और हताशा का माहौल था। भारतीय वीरों का साहस कमज़ोर पड़ गया था और लोग स्वयं को असहाय महसूस कर रहे थे, मानो पूरा देश ही बूढ़ा हो गया हो। लेकिन, ऐसे निराशाजनक वातावरण में झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के आगमन से देश में एक नई ऊर्जा और उमंग का संचार हुआ, मानो 'नई जवानी' आ गई हो। लोगों में स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष करने की नई भावना जागृत हुई और वे पुनः स्वतंत्रता के लिए प्रयत्न करने लगे।

3. झाँसी की रानी के जीवन की कहानी अपने शब्दों में लिखो और यह भी बताओ कि उनका बचपन तुम्हारे बचपन से कैसे अलग था?

झाँसी की रानी के जीवन की कहानी अपने शब्दों में लिखो और यह भी बताओ कि उनका बचपन तुम्हारे बचपन से कैसे अलग था?
Solution: झाँसी की रानी का नाम लक्ष्मीबाई था और बचपन में उन्हें प्यार से 'छबीली' कहा जाता था। वह अपने पिता की इकलौती संतान थीं और कानपुर के नाना साहेब की मुंहबोली बहन थीं। बचपन से ही लक्ष्मीबाई बहुत वीर और साहसी थीं। उनका विवाह झाँसी के राजा गंगाधर राव से हुआ। दुर्भाग्यवश, राजा की अचानक मृत्यु हो गई, जिससे रानी पर संकट आ गया। चूँकि राजा की अपनी कोई संतान नहीं थी, अंग्रेज सरकार झाँसी पर कब्ज़ा करना चाहती थी, लेकिन रानी लक्ष्मीबाई ने इसका कड़ा विरोध किया और अंग्रेजों को कड़ी टक्कर दी।

मेरा बचपन रानी लक्ष्मीबाई के बचपन से बहुत अलग था। जहाँ आज के बच्चे वीडियो गेम्स, कंप्यूटर, मोबाइल या बिजली से चलने वाले खिलौनों से खेलते हैं, वहीं रानी लक्ष्मीबाई के खिलौने बरछी, ढाल और कृपाण जैसे हथियार थे। वह अपनी उम्र के बच्चों के साथ खेलने के बजाय नकली युद्ध का अभ्यास, शिकार करना और दुश्मनों के लिए चक्रव्यूह की रचना जैसे युद्ध से संबंधित खेल खेला करती थीं। इस प्रकार, उनका बचपन युद्ध कौशल सीखने और वीरता का अभ्यास करने में बीता, जो आज के बच्चों के खेल के तरीकों से बिल्कुल भिन्न है।

4. वीर महिला की इस कहानी में कौन-कौन से पुरुषों के नाम आए हैं?

वीर महिला की इस कहानी में कौन-कौन से पुरुषों के नाम आए हैं?
Solution: इस वीर महिला (रानी लक्ष्मीबाई) की कहानी में कई पुरुषों के नाम आए हैं, जो स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े थे। इनमें प्रमुख हैं: वीर शिवाजी, नाना धुंधूपंत, पेशवा, तांत्या टोपे, अजीमुल्ला, अहमद शाह मौलवी, ठाकुर कुँवरसिंह, और सैनिक अभिराम। ये सभी उस समय के महत्वपूर्ण व्यक्ति थे जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष में योगदान दिया।

5. कविता में किस दौर की बात है? कविता से उस समय के माहौल के बारे में क्या पता चलता है?

कविता में किस दौर की बात है? कविता से उस समय के माहौल के बारे में क्या पता चलता है?
Solution: कविता भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम दौर की बात करती है। कविता से उस समय के माहौल के बारे में यह पता चलता है कि अंग्रेजों ने धीरे-धीरे भारत में अपना शासन स्थापित कर लिया था। देश में स्वतंत्रता की भावना के बीज अंकुरित हो रहे थे, लेकिन संगठित नेतृत्व का अभाव, राजाओं की स्वार्थपरता और आपसी फूट के कारण स्वतंत्रता आंदोलन पूरी तरह सफल नहीं हो पा रहा था। ऐसे कठिन और विषम परिस्थितियों में भी, झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और कुछ अन्य वीर नेताओं ने स्वतंत्रता की चिंगारी को जीवित रखने का सराहनीय प्रयास किया।

6. सुभद्रा कुमारी चौहान लक्ष्मीबाई को 'मर्दानी' क्यों कहती हैं?

सुभद्रा कुमारी चौहान लक्ष्मीबाई को 'मर्दानी' क्यों कहती हैं?
Solution: कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान ने झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई को 'मर्दानी' इसलिए कहा है क्योंकि लक्ष्मीबाई एक महिला होते हुए भी उनमें पुरुषों के समान असाधारण साहस, वीरता, निडरता और युद्ध कला में प्रवीणता जैसे गुण थे। उन्होंने युद्ध के मैदान में अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी और अपनी वीरता से न केवल भारतीयों का बल्कि अंग्रेजों का भी लोहा मनवाया। लक्ष्मीबाई के इन पुरुषोचित गुणों और अदम्य साहस को दर्शाने के लिए कवयित्री ने 'मर्दानी' शब्द का प्रयोग किया है।

7. 'बरछी', 'कृपाण', 'कटारी' उस ज़माने के हथियार थे। आजकल प्रयोग में लाए जाने वाले हथियारों के नाम लिखो।

'बरछी', 'कृपाण', 'कटारी' उस ज़माने के हथियार थे। आजकल प्रयोग में लाए जाने वाले हथियारों के नाम लिखो।
Solution: 'बरछी', 'कृपाण', और 'कटारी' जैसे हथियार उस समय के पारंपरिक हथियार थे। आजकल के युग में, तकनीकी विकास के साथ, बहुत अधिक उन्नत और शक्तिशाली हथियारों का प्रयोग किया जाता है। इनमें शामिल हैं: बंदूकें (जैसे राइफल, पिस्टल), टैंक, तोपें, मिसाइलें, बम, पनडुब्बियाँ, लड़ाकू विमान, युद्धपोत (समुद्री जहाज़), और परमाणु अस्त्र। ये आधुनिक हथियार अत्यधिक विनाशकारी क्षमता रखते हैं।

8. लक्ष्मीबाई के समय में ज्य़ादा लड़कियाँ 'वीरांगना' नहीं हुई क्योंकि लड़ना उनका काम नहीं माना जाता था। भारतीय सेना में अब क्या स्थिति है? पता करो।

लक्ष्मीबाई के समय में ज्य़ादा लड़कियाँ 'वीरांगना' नहीं हुई क्योंकि लड़ना उनका काम नहीं माना जाता था। भारतीय सेना में अब क्या स्थिति है? पता करो।
Solution: लक्ष्मीबाई के समय में लड़कियों को युद्ध या सेना में भाग लेने की अनुमति नहीं थी, क्योंकि उस समय समाज में यह धारणा थी कि युद्ध करना पुरुषों का काम है। हालाँकि, आज भारतीय सेना में स्थिति बहुत बदल गई है। भारतीय सेना के तीनों अंगों - थल सेना, नौसेना और वायु सेना - में महिलाएँ सक्रिय रूप से सेवा कर रही हैं। वे न केवल सैनिक के रूप में बल्कि उच्च पदों पर अधिकारी के रूप में भी कार्यरत हैं। यद्यपि सेना में महिलाओं की कुल संख्या अभी भी पुरुषों की तुलना में कम है, फिर भी ये 'वीरांगनाएँ' वीरतापूर्वक देश की सेवा कर रही हैं और विभिन्न भूमिकाओं में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

Common mistakes

  • Confusing historical events or figures mentioned in the poem.
  • Misinterpreting the symbolic language used by the poet.
  • Not fully grasping the contrast between past and present childhoods.
  • Underestimating the challenges faced during the freedom struggle.

Revision tips

  • Read the poem thoroughly to understand its narrative and emotional tone.
  • Focus on the historical events and figures mentioned in the solutions.
  • Pay attention to the comparison between Rani Lakshmibai's childhood and your own.
  • Discuss the bravery of Rani Lakshmibai and its relevance today.
  • Review the names of historical weapons and modern weapons mentioned.

Practice MCQs

Q1. कविता की किस पंक्ति में राजा गंगाधर राव की मृत्यु का संकेत है?

Q2. कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान भारत को 'बूढ़ा' क्यों कहती हैं?

Q3. रानी लक्ष्मीबाई के बचपन के खिलौने क्या थे?

Q4. कविता में किस स्वतंत्रता संग्राम के दौर की बात की गई है?

Q5. कवयित्री ने लक्ष्मीबाई को 'मर्दानी' क्यों कहा है?

Frequently asked questions

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

ये समाधान सीबीएसई कक्षा 6 हिंदी के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 10 'झाँसी की रानी' पर केंद्रित हैं।

पाठ 'झाँसी की रानी' में किस ऐतिहासिक घटना का वर्णन है?

यह पाठ भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौर का वर्णन करता है, जिसमें झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के साहस और अंग्रेजों के विरुद्ध उनके संघर्ष पर प्रकाश डाला गया है।

कवयित्री ने रानी लक्ष्मीबाई को 'मर्दानी' क्यों कहा है?

कवयित्री ने रानी लक्ष्मीबाई को 'मर्दानी' इसलिए कहा है क्योंकि उनमें एक महिला होते हुए भी पुरुषों के समान असाधारण साहस, वीरता और युद्ध कौशल था।

रानी लक्ष्मीबाई के बचपन और आज के बच्चों के बचपन में क्या अंतर बताया गया है?

रानी लक्ष्मीबाई का बचपन बरछी, ढाल, कृपाण जैसे हथियारों से खेलने और युद्ध-संबंधी खेल खेलने में बीता, जबकि आज के बच्चे वीडियो गेम्स, कंप्यूटर और बिजली के खिलौनों से खेलते हैं।

ये समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान पाठ की गहरी समझ प्रदान करते हैं, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भों को स्पष्ट करते हैं, और प्रश्नों के विस्तृत उत्तर देते हैं, जिससे छात्रों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है।

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