कक्षा 6 विज्ञान: अध्याय 9 सजीव एवं उनका परिवेश - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 6 के विज्ञान के अध्याय 9, 'सजीव एवं उनका परिवेश' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें सजीवों के श्वसन, आवास, अनुकूलन, जैव और अजैव घटक, अंकुरण, उत्सर्जन, उद्दीपन और विविधता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में मछली द्वारा श्वसन, आवास की परिभाषा, अनुकूलन की प्रक्रिया, स्थलीय और जलीय आवासों के बीच अंतर, जैव और अजैव घटकों की पहचान, बीज अंकुरण की व्याख्या, सजीवों के सामान्य लक्षण, मरुस्थलीय पौधों जैसे नागफनी के अनुकूलन और उत्सर्जन की क्रियाविधि को सरल भाषा में समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को सजीवों की विशेषताओं और उनके पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 6 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 9. सजीव एवं उनका परिवेश |
Chapter summary
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 9 'सजीव एवं उनका परिवेश' के ये NCERT समाधान सजीवों की दुनिया की पड़ताल करते हैं। यह अध्याय सजीवों के श्वसन, उत्सर्जन, वृद्धि और गति जैसे लक्षणों पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न प्रकार के आवासों, जैसे स्थलीय और जलीय आवासों की चर्चा की गई है, और यह समझाया गया है कि जीव अपने परिवेश के अनुकूल कैसे ढलते हैं। समाधानों में जैव और अजैव घटकों, अंकुरण और उद्दीपन जैसी अवधारणाओं को भी स्पष्ट किया गया है, जो छात्रों को सजीवों की विविधता और उनके जीवित रहने की रणनीतियों को समझने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- सजीवों के श्वसन अंग (जैसे मछली के गलफड़े) की पहचान करना।
- आवास, अनुकूलन, जैव और अजैव घटकों को परिभाषित करना।
- स्थलीय और जलीय आवासों के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- बीज अंकुरण की प्रक्रिया को समझना।
- सजीवों के सामान्य लक्षण (भोजन, श्वसन, उत्सर्जन, वृद्धि, गति, जनन) बताना।
- मरुस्थलीय पौधों (जैसे नागफनी) के अनुकूलन को समझाना।
- उत्सर्जन और उद्दीपन की अवधारणाओं को समझना।
Topics covered
Paper topics
- सजीवों के श्वसन अंग
- आवास की परिभाषा
- स्थलीय आवास
- जलीय आवास
- अनुकूलन
- जैव घटक
- अजैव घटक
- बीज अंकुरण
- सजीवों के सामान्य लक्षण
- मरुस्थलीय पौधों के अनुकूलन
- उत्सर्जन
- उद्दीपन
Important topics
- आवास और अनुकूलन
- जैव और अजैव घटक
- सजीवों के लक्षण
- मरुस्थलीय पौधों के अनुकूलन
- श्वसन और उत्सर्जन
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्न 2
प्रश्न 3
प्रश्न 4
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 7
प्रश्न 8
प्रश्न 9
प्रश्न 10
- भोजन, श्वसन तथा उत्सर्जन: सभी सजीवों को जीवित रहने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो वे भोजन से प्राप्त करते हैं। वे श्वसन क्रिया द्वारा ऊर्जा उत्पन्न करते हैं और अपने शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को उत्सर्जित करते हैं।
- जनन: सजीव अपने समान संतान उत्पन्न करने की क्षमता रखते हैं, जिसे जनन कहते हैं। यह प्रजाति को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
- वृद्धि और गति: सजीव समय के साथ आकार में बढ़ते हैं (वृद्धि) और उनमें आंतरिक या बाहरी गतिशीलता होती है।
प्रश्न 11
प्रश्न 12
प्रश्न 13
प्रश्न 14
- नागफनी (Cactus)
- बबूल (Acacia)
प्रश्न 15
प्रश्न 16
- प्रकाश संश्लेषण: नागफनी का तना हरा होता है और इसमें क्लोरोफिल होता है, जिसके कारण यह प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाता है।
- जल संरक्षण: तने की मोटी, मोमी परत वाष्पोत्सर्जन को कम करती है, जिससे पौधे के अंदर जल संरक्षित रहता है और मरुस्थल की शुष्क परिस्थितियों में जीवित रहने में मदद मिलती है।
प्रश्न 17
प्रश्न 18
- पत्तियों का रूपांतरण: इसकी पत्तियाँ या तो अनुपस्थित होती हैं या बहुत छोटी होकर कांटों में बदल जाती हैं। इससे वाष्पोत्सर्जन (पत्तियों से जल का निकलना) बहुत कम हो जाता है, जिससे जल की हानि नहीं होती।
- तने द्वारा प्रकाश संश्लेषण: नागफनी का तना मोटा, मांसल और हरा होता है। यह प्रकाश संश्लेषण का कार्य करता है, जिससे पौधा अपना भोजन बनाता है।
- मोमी परत: तने की सतह एक मोटी, मोमी परत से ढकी होती है। यह परत जल के वाष्पीकरण को रोकती है और पौधे को जल संरक्षित करने में मदद करती है।
- जड़ों का फैलाव: इसकी जड़ें जमीन में दूर-दूर तक फैली होती हैं ताकि वर्षा का थोड़ा सा पानी भी सोख सकें।
Common mistakes
- श्वसन के लिए सही अंग की पहचान न कर पाना।
- अनुकूलन और पर्यनुकूलन के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
- जैव और अजैव घटकों को ठीक से वर्गीकृत न कर पाना।
- मरुस्थलीय पौधों के अनुकूलन की जटिलताओं को सरलता से न समझा पाना।
Revision tips
- प्रत्येक सजीव के श्वसन अंग को सूचीबद्ध करें।
- आवासों के प्रकारों और उनमें पाए जाने वाले जीवों के अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित करें।
- जैव और अजैव घटकों के बीच के अंतर को स्पष्ट करने के लिए उदाहरणों का उपयोग करें।
- नागफनी जैसे मरुस्थलीय पौधों के विशेष अनुकूलनों को याद करें।
- सजीवों के मुख्य लक्षणों की एक सूची बनाएं और प्रत्येक को उदाहरण सहित समझाएं।
Practice MCQs
Q1. मछली श्वसन के लिए किस अंग का उपयोग करती है?
Explanation: मछलियाँ पानी में घुली ऑक्सीजन को गलफड़ों (Gills) की सहायता से ग्रहण करती हैं, जिससे वे श्वसन करती हैं।
Q2. किसी सजीव का वह परिवेश जिसमें वह रहता है, क्या कहलाता है?
Explanation: जिस स्थान पर कोई सजीव रहता है और जहाँ उसे भोजन, आश्रय और अन्य आवश्यकताएँ मिलती हैं, उसे उसका आवास कहते हैं।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सा एक अजैव घटक का उदाहरण है?
Explanation: चट्टान, मिट्टी, वायु और जल निर्जीव वस्तुएँ हैं, जिन्हें अजैव घटक कहा जाता है। पौधे, जंतु और कवक सजीव होने के कारण जैव घटक हैं।
Q4. नागफनी जैसे मरुस्थलीय पौधों में प्रकाश संश्लेषण मुख्य रूप से किस भाग में होता है?
Explanation: मरुस्थलीय पौधों जैसे नागफनी में, पत्तियाँ या तो अनुपस्थित होती हैं या बहुत छोटी होती हैं, और प्रकाश संश्लेषण का कार्य मुख्य रूप से हरे तने में होता है।
Q5. सजीवों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों के निष्कासन की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Explanation: उत्सर्जन वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा सजीव अपने शरीर से हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 6 विज्ञान के अध्याय 9 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में सजीवों के श्वसन, आवास, अनुकूलन, जैव और अजैव घटक, अंकुरण, उत्सर्जन, उद्दीपन और सजीवों की विविधता जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
मछली किस अंग से सांस लेती है?
मछली अपने गलफड़ों (Gills) नामक विशेष अंगों से सांस लेती है, जो उसे पानी से ऑक्सीजन निकालने में मदद करते हैं।
अनुकूलन का क्या अर्थ है?
अनुकूलन उन विशिष्ट संरचनाओं या स्वभावों को कहते हैं जो किसी जीव को उसके परिवेश में जीवित रहने और पनपने में मदद करते हैं।
स्थलीय और जलीय आवास में क्या अंतर है?
स्थलीय आवास जमीन पर पाए जाते हैं, जैसे जंगल और मैदान, जबकि जलीय आवास पानी में होते हैं, जैसे नदियाँ, झीलें और समुद्र।
नागफनी जैसे मरुस्थलीय पौधे रेगिस्तान में कैसे जीवित रहते हैं?
नागफनी में पत्तियाँ छोटी होती हैं या कांटों में बदल जाती हैं ताकि पानी का वाष्पीकरण कम हो, और इसका मोटा, मोमी तना पानी को संरक्षित करता है और प्रकाश संश्लेषण करता है।
सजीवों के कुछ सामान्य लक्षण क्या हैं?
सजीव भोजन करते हैं, श्वसन करते हैं, उत्सर्जन करते हैं, वृद्धि करते हैं, गति करते हैं और जनन करते हैं।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.