CBSE Class 5 Hindi Rimjhim: Chapter 4 - Jahan Chaah Wahan Raah NCERT Solutions

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CBSE Class 5 Hindi 'Rimjhim' Chapter 4, 'Jahan Chaah Wahan Raah' (Where there's a will, there's a way), presents the remarkable story of Ila. This chapter highlights Ila's journey, her struggles, and her unwavering spirit in overcoming obstacles despite physical challenges. The accompanying NCERT Solutions guide students through Ila's experiences, prompting reflection on empathy and the importance of understanding the difficulties faced by individuals with disabilities. Through engaging questions and answers, the solutions emphasize self-reliance, the role of support networks, and the development of compassion. They aim to broaden students' understanding of ability and determination, reinforcing the chapter's central theme and preparing students for assessments by consolidating key ideas and encouraging critical thought on social values.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectरिमझिम
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 4

Chapter summary

Chapter 4 of CBSE Class 5 Hindi 'Rimjhim', titled 'Jahan Chaah Wahan Raah', narrates the story of Ila, a determined girl. The NCERT Solutions cover questions that prompt students to think about Ila's challenges, the importance of her independence, and how society can be more inclusive. It emphasizes understanding the perspective of individuals with disabilities and appreciating their capabilities. The exercises encourage empathy and reflection on how to support such individuals in educational and social settings.

Learning outcomes

  • Understand the challenges faced by individuals with physical disabilities.
  • Develop empathy and compassion towards differently-abled people.
  • Appreciate the importance of determination and self-reliance.
  • Reflect on societal attitudes and inclusivity towards disabled individuals.
  • Analyze the role of support systems in enabling individuals to overcome obstacles.
  • Express thoughts and feelings through letter writing.

Topics covered

Paper topics

  • Empathy and understanding towards differently-abled individuals
  • Overcoming physical challenges
  • Determination and self-reliance
  • Inclusivity in schools and society
  • The story of Ila
  • Embroidery and traditional crafts
  • Letter writing as a form of expression
  • Challenging societal perceptions

Important topics

  • Understanding Ila's challenges and determination
  • Developing empathy for differently-abled individuals
  • The importance of self-reliance and opportunity
  • Promoting inclusivity and support systems
  • Analyzing the message 'Jahan Chaah Wahan Raah'

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

इला या इला जैसी कोई लड़की यदि तुम्हारी कक्षा में दाखिला लेती तो तुम्हारे मन में कौन-कौन से प्रश्न उठते?
Solution:

यदि इला जैसी कोई लड़की हमारी कक्षा में दाखिला लेती, तो हमारे मन में कई प्रश्न उठते। हम जानना चाहते कि वह अपनी दैनिक गतिविधियों को कैसे करती होगी, जैसे लिखना, पढ़ना, या खेल खेलना। हमें यह भी जिज्ञासा होती कि उसे किन-किन विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता होगा और हम उसकी सहायता कैसे कर सकते हैं।

प्रश्न 2

इस लेख को पढ़ने के बाद क्या तुम्हारी सोच में कुछ बदलाव आए?
Solution:

हाँ, इस लेख को पढ़ने के बाद हमारी सोच में निश्चित रूप से बदलाव आया है। पहले हम शायद शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को कमज़ोर समझते थे, लेकिन इला की कहानी ने हमें सिखाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही अवसर मिलने पर वे भी किसी से कम नहीं होते। अब हम उन्हें हर काम करने में सक्षम मानेंगे और उनकी क्षमताओं का सम्मान करेंगे।

प्रश्न 1

यदि इला तुम्हारे विद्यालय में आए तो उसे किन-किन कामों में परेशानी आयेगी?
Solution:

यदि इला हमारे विद्यालय में आती, तो उसे कुछ विशेष कामों में परेशानी आ सकती थी, जिनमें शामिल हैं:

  • (क) जल्दी-जल्दी लिखना: उसकी लिखने की गति धीमी हो सकती है, जिससे वह समय पर अपना काम पूरा नहीं कर पाएगी।
  • (ख) कोई खेल खेलना: शारीरिक गतिविधियों वाले खेलों में उसे भाग लेने में कठिनाई हो सकती है।
  • (ग) कोई सामान उठाना: भारी या मुश्किल से पकड़ में आने वाली चीज़ों को उठाने में उसे दिक्कत आ सकती है।

प्रश्न 2

उसे यह परेशानी न हो इसके लिए तुम अपने विद्यालय में क्या कुछ बदलाव सुझा सकते हो?
Solution:

इला को विद्यालय में परेशानी न हो, इसके लिए हम कुछ सहायक बदलाव सुझा सकते हैं:

  • हम एक सहायक या सहपाठी नियुक्त कर सकते हैं जो लिखने या अन्य कामों में इला की मदद करे।
  • विद्यालय में रैंप (ढलान) की व्यवस्था की जा सकती है ताकि वह आसानी से आ-जा सके।
  • खेलों के नियमों में थोड़े बदलाव किए जा सकते हैं ताकि वह भी भाग ले सके।
  • कक्षा में उसकी बैठने की व्यवस्था ऐसी हो जहाँ से वह आसानी से देख और लिख सके।

प्रश्न (पत्र लेखन)

इला के बारे में पढ़कर जैसे भाव तुम्हारे मन में उठ रहे हैं उन्हें इला को चिटी लिखकर बताओ। चिडी की रुपरेखा नीचे दी गई है।
Solution:

प्रिय इला,

मैं तुम्हें यह पत्र तुम्हारी कहानी पढ़कर लिख रही हूँ। तुम्हारी हिम्मत और जज़्बे को देखकर मैं बहुत प्रभावित हुई हूँ। यह जानकर कि तुम शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद इतनी मेहनत और लगन से काम करती हो, मुझे बहुत प्रेरणा मिली है।

जब मैंने पढ़ा कि तुम्हें लिखने में या खेल खेलने में थोड़ी परेशानी होती है, तो मुझे तुम्हारी स्थिति का अंदाज़ा हुआ। लेकिन जिस तरह तुमने अपने पैर के अँगूठे का उपयोग करके कशीदाकारी सीखी, वह काबिले तारीफ है। तुम्हारी बनाई हुई चीज़ों में जो लखनऊ और बंगाल की झलक है, वह बहुत सुंदर है।

मैं तुम्हें यह बताना चाहती हूँ कि तुम जैसी साहसी और मेहनती लड़की से मिलकर मुझे बहुत खुशी होगी। तुम्हारी कहानी ने मुझे सिखाया है कि अगर हम कुछ करने की ठान लें, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती।

तुम्हारी दोस्त,

क.ख.ग.

प्रश्न 1

इला को लेकर स्कूल वाले चिंतित क्यों थे? क्या उनका चिंता करना सही था या नहीं? अपने उत्तर का कारण भी लिखो।
Solution:

स्कूल वाले इला को लेकर मुख्य रूप से दो बातों पर चिंतित थे: पहला, उसकी सुरक्षा, क्योंकि वह शारीरिक रूप से थोड़ी अलग थी, और दूसरा, उसके काम करने की गति। उन्हें डर था कि कहीं उसे चोट न लग जाए या वह कक्षा के काम को समय पर पूरा न कर पाए।

उनका चिंता करना कुछ हद तक सही था, क्योंकि इला को कुछ कामों में वास्तव में कठिनाई हो सकती थी। हालाँकि, उनकी चिंता का तरीका शायद थोड़ा अधिक सुरक्षात्मक था। उन्हें इला की क्षमताओं पर भी भरोसा करना चाहिए था और उसे अपनी गति से काम करने का अवसर देना चाहिए था, बजाय इसके कि वे उसे पूरी तरह से अक्षम मान लें।

प्रश्न 2

इला की कशीदाकारी में ख़ास बात क्या थी?
Solution:

इला की कशीदाकारी (कढ़ाई) में कई ख़ास बातें थीं। उसने न केवल लखनऊ और बंगाल की पारंपरिक शैलियों को अपनाया, बल्कि उनमें अपनी नवीनता भी जोड़ी। उसने किंदियावाड़ी टाँकों के साथ-साथ अन्य कई प्रकार के टाँके भी इस्तेमाल किए। पत्तियों को सजाने के लिए उसने चिकनकारी का प्रयोग किया और डंडियों को उभारने के लिए कांथा तकनीक का इस्तेमाल किया। उसके डिजाइनों में पारंपरिक और आधुनिकता का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता था, जो उसे खास बनाता था।

प्रश्न 3

सही के आगे (√) का निशान लगाओ: इला दसवीं की परीक्षा पास नहीं कर सकी क्योंकि...
Solution:

सही विकल्प है: लिखने की गति धीमी होने के कारण वह प्रश्न-पत्र पूरे नहीं कर पाती थी।

इला की शारीरिक स्थिति के कारण उसकी लिखने की गति सामान्य छात्रों की तुलना में धीमी थी। इस वजह से, वह परीक्षा के दौरान दिए गए सभी प्रश्नों को समय पर पूरा करने में असमर्थ रहती थी, जिसके कारण वह दसवीं की परीक्षा पास नहीं कर सकी।

प्रश्न 4

क्या इला अपने पैर के अँगूठे से कुछ भी करना सीख पाती, अगर उसके आस-पास के लोग उसके लिए सभी काम स्वयं कर देते और उसको कुछ करने का मौका नहीं देते?
Solution:

नहीं, यदि इला के आस-पास के लोग उसके लिए सभी काम स्वयं कर देते और उसे खुद कुछ करने का मौका नहीं देते, तो वह अपने पैर के अँगूठे से कुछ भी करना नहीं सीख पाती। किसी भी कौशल को सीखने के लिए अभ्यास और प्रयास की आवश्यकता होती है। जब तक वह खुद कोशिश नहीं करती, तब तक वह सीख नहीं सकती थी। दूसरों पर निर्भर रहने से उसकी अपनी क्षमताएं विकसित नहीं हो पातीं।

Common mistakes

  • Underestimating the capabilities of differently-abled individuals.
  • Assuming that physical limitations prevent participation in all activities.
  • Not considering the emotional impact of pity or over-helpfulness.
  • Failing to recognize the importance of opportunities for self-expression and skill development.

Revision tips

  • Read Ila's story carefully to understand her perspective.
  • Discuss the questions about empathy and support with classmates.
  • Practice writing a letter to Ila, expressing your thoughts and feelings.
  • Think about how you can make your school more inclusive for everyone.

Practice MCQs

Q1. इला को स्कूल में किन कामों में परेशानी आ सकती थी?

Q2. इला की कशीदाकारी की क्या खास बात थी?

Q3. स्कूल वाले इला को लेकर क्यों चिंतित थे?

Q4. यदि इला के आस-पास के लोग उसके लिए सब कुछ कर देते, तो क्या होता?

Q5. लेख पढ़ने के बाद इला जैसी लड़कियों के प्रति सोच में क्या बदलाव आना चाहिए?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 5 की हिंदी पुस्तक 'रिमझिम' के अध्याय 4 'जहाँ चाह वहाँ राह' के लिए हैं।

अध्याय 4 'जहाँ चाह वहाँ राह' का मुख्य संदेश क्या है?

इस अध्याय का मुख्य संदेश यह है कि यदि किसी व्यक्ति में कुछ करने की तीव्र इच्छाशक्ति (चाह) हो, तो वह किसी भी बाधा (राह) को पार कर सकता है, भले ही वह शारीरिक रूप से अक्षम हो।

इला को स्कूल में किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?

इला को लिखने की धीमी गति, खेल खेलने में कठिनाई और सामान उठाने जैसी गतिविधियों में परेशानी आ सकती थी।

इला की कशीदाकारी की क्या विशेषता थी?

इला की कशीदाकारी में लखनऊ और बंगाल की शैलियों का मिश्रण था, जिसमें उसने किंदियावाड़ी टाँकों, चिकनकारी और कांथा जैसे विभिन्न टाँकों का प्रयोग करके नवीनता लाई थी।

ये समाधान छात्रों को कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान छात्रों को इला की कहानी को गहराई से समझने, सहानुभूति विकसित करने और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करेंगे।

क्या इन समाधानों में इला के लिए पत्र लिखने का अभ्यास शामिल है?

हाँ, इन समाधानों में इला के प्रति भावनाओं को व्यक्त करने के लिए पत्र लिखने के अभ्यास से संबंधित प्रश्न और मार्गदर्शन शामिल है।

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