CBSE Class 5 Hindi Rimjhim Chapter 1: राख की रस्सी NCERT Solutions

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CBSE Class 5 Hindi, Chapter 1, 'राख की रस्सी' (Rakh ki Rassi) offers a deep dive into the story's narrative and its moral lessons. It explores the minister's concerns about his son's innocence and the reasons behind sending him to the city with sheep to gain practical experience. The chapter also clarifies the distinction between proper nouns ('व्यक्तिवाचक संज्ञा') and common nouns ('जातिवाचक संज्ञा') using examples from the story. Additionally, it encourages critical thinking and problem-solving skills through scenarios like the 'बीरबल' game, promoting creative solutions. These solutions aim to enhance students' understanding of the story, improve their comprehension abilities, and solidify their grasp of grammar, serving as a valuable tool for both learning and exam preparation.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectरिमझिम
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. राख की रस्सी

Chapter summary

NCERT Solutions for Class 5 Hindi, Chapter 1, 'राख की रस्सी', provides detailed answers to the exercises. It covers the story's plot, character motivations, and thematic elements like the importance of intelligence and problem-solving. The solutions also offer a clear explanation of proper and common nouns, using examples from the chapter to illustrate the concepts. This resource aims to enhance students' understanding of the text and grammar, aiding in their academic progress.

Learning outcomes

  • Understand the story 'राख की रस्सी' and its characters.
  • Analyze the reasons behind the minister's actions and concerns.
  • Differentiate between proper nouns (व्यक्तिवाचक संज्ञा) and common nouns (जातिवाचक संज्ञा).
  • Develop problem-solving skills through practical examples and scenarios.
  • Improve Hindi comprehension and vocabulary.

Topics covered

Paper topics

  • Story Comprehension: राख की रस्सी
  • Character Analysis: तिब्बत के मंत्री और उनका बेटा
  • Problem Solving Scenarios
  • Grammar: संज्ञा (Nouns)
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Nouns)
  • जातिवाचक संज्ञा (Common Nouns)
  • Vocabulary Building
  • Moral Values: चतुराई और समझदारी का महत्व

Important topics

  • Understanding the story 'राख की रस्सी'
  • व्यक्तिवाचक संज्ञा vs जातिवाचक संज्ञा
  • Analyzing character motivations
  • Creative problem-solving techniques

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भोलेपन से चिंतित रहते थे।

(क) तुम्हारे विचार से वह किन किन बातों के बारे में सोच कर परेशान होते थे।

Solution:

हमारे विचार से तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के भविष्य को लेकर चिंतित थे। वह शायद यह सोचकर परेशान होते थे कि उनका भोला-भाला बेटा दुनियादारी की बातों को कैसे समझेगा। वह यह भी सोचता होगा कि आगे चलकर वह अपना जीवनयापन कैसे करेगा, पैसे कैसे कमाएगा और समाज में अपनी जगह कैसे बनाएगा। मंत्री को डर था कि उसका बेटा आसानी से किसी की बातों में आ सकता है और उसे कोई धोखा दे सकता है।

(ख) तुम तिब्बत के मंत्री की जगह होती तो क्या उपाय करती।

Solution:

यदि मैं तिब्बत के मंत्री की जगह होती, तो मैं अपने बेटे को डांटने या चिंता करने के बजाय, उसे धीरे-धीरे दुनियादारी सिखाने का प्रयास करती। मैं उसे छोटी-छोटी जिम्मेदारियाँ सौंपती, जैसे कि बाजार जाकर कुछ सामान खरीदना या पड़ोसियों से बातचीत करना। मैं उसे कहानियाँ सुनाती जिनमें चतुराई और समझदारी का महत्व बताया गया हो। मैं उसे प्रोत्साहित करती कि वह सवाल पूछे और अपनी शंकाओं को दूर करे, ताकि वह धीरे-धीरे आत्मनिर्भर और समझदार बन सके।

प्रश्न 1. मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।

मंत्री ने अपने बेटे को शहर की तरफ रवाना किया।

(क) मंत्री ने अपने बेटे को शहर क्यों भेजा?

Solution:

मंत्री ने अपने बेटे को शहर इसलिए भेजा ताकि वह दुनियादारी सीख सके और थोड़ा चतुर व समझदार बन सके। मंत्री को चिंता थी कि उसका बेटा बहुत भोला है और दुनिया की चालाकियों को नहीं समझता। शहर जाकर वह लोगों के व्यवहार को देखेगा, उनसे बातचीत करेगा और अनुभव प्राप्त करेगा, जिससे उसका भोलापन कम होगा।

(ख) उसने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर में ही क्यों भेजा?

Solution:

मंत्री ने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर इसलिए भेजा ताकि वह एक विशेष कार्य (भेड़ों के बाल बेचकर नए कपड़े बनवाना) को पूरा करने के लिए मजबूर हो। यह एक अनोखा तरीका था उसे व्यावहारिक ज्ञान देने का। भेड़ों के साथ शहर जाने और उनके बाल बेचकर कुछ नया करने की चुनौती से उसका दिमाग तेज होगा और वह समस्या का हल निकालना सीखेगा। मंत्री चाहता था कि उसका बेटा खुद से सोच-समझकर काम करे।

(ग) तुम्हारे घर के बड़े लोग पहले कहां रहते थे? घर में पता करो। कुछ तो आज पड़ोस में किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में पता करो, जो किसी दूसरी जगह जाकर बस गया हो। तो उनसे बातचीत करो रोज जानने की कोशिश करो की क्या अपने निर्णय से ख़ुश है? क्यों? एक पुरुष, एक महिला और एक बच्चे से बात करो। यही भी पूछो कि उन्होंने वह जगह क्यों छोड़ दी?

Solution:

मेरे घर के बड़े लोग पहले गाँव में रहते थे। मेरे पड़ोस में एक परिवार है जो कुछ साल पहले दूसरे शहर से आकर यहाँ बसा है।

पुरुष से बातचीत: उन्होंने बताया कि वे अपने पुराने शहर में खुश थे, लेकिन उनके बेटे को यहाँ एक अच्छी नौकरी का अवसर मिला, इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया। वे यहाँ के जीवन से संतुष्ट हैं क्योंकि यहाँ बेहतर सुविधाएँ और अवसर हैं।

महिला से बातचीत: उन्होंने बताया कि वे अपने मायके के पास वाले शहर में रहती थीं, लेकिन उनके पति की नौकरी लगने के कारण उन्हें यह शहर छोड़ना पड़ा। वह अपने पुराने शहर को याद करती हैं, लेकिन यहाँ भी उन्होंने नए दोस्त बना लिए हैं और अब खुश हैं।

बच्चे से बातचीत: बच्चे ने बताया कि वह अपने पुराने शहर में अपने दोस्तों के साथ खेलता था और उसे वह जगह बहुत पसंद थी। लेकिन उसके माता-पिता को यहाँ नौकरी मिल गई, इसलिए वे आ गए। वह अब भी अपने पुराने दोस्तों को याद करता है, पर यहाँ भी उसने नए दोस्त बना लिए हैं और स्कूल भी अच्छा है, इसलिए वह खुश है।

प्रश्न 2. 'जौ' एक तरह का अनाज है जिसे कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसकी रोटी भी बनाई जाती है, सत्तू बनाया जाता है और सूखा भूनकर भी खाया जाता है। अपने घर में और अपने स्कूल में बातचीत करके कुछ और अनाज के नाम पता करो।

'जौ' एक तरह का अनाज है जिसे कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है। इसकी रोटी भी बनाई जाती है, सत्तू बनाया जाता है और सूखा भूनकर भी खाया जाता है। अपने घर में और अपने स्कूल में बातचीत करके कुछ और अनाज के नाम पता करो।

गेहूं जौ

Solution:

जौ और गेहूं के अलावा, हमारे घर और स्कूल में बातचीत करने पर कुछ अन्य अनाज के नाम पता चले हैं, जिनका उपयोग भोजन में किया जाता है। ये अनाज हैं:

  • बाजरा
  • चना
  • मक्का
  • सोयाबीन
  • चावल
  • दालें (जैसे अरहर, मूंग, मसूर)

इनमें से कुछ अनाज सीधे खाए जाते हैं, कुछ से रोटी या दलिया बनता है, और कुछ को पीसकर आटा या सत्तू बनाया जाता है।

प्रश्न 3. गेहूं और जौ अनाज होते है और ये तीनो शब्द संज्ञा है। 'गेहूं' और 'जौ' अलग-अलग किस्म के अनाजो के नाम है इसलिए ये दोनों व्यक्तिवाचक संज्ञा है। और 'अनाज' जातिवाचक संज्ञा है। इसी प्रकार 'रिमझिम' व्यक्तिवाचक संज्ञा है और 'पाठ्यपुस्तक' जातिवाचक संज्ञा है।

गेहूं और जौ अनाज होते है और ये तीनो शब्द संज्ञा है। 'गेहूं' और 'जौ' अलग-अलग किस्म के अनाजो के नाम है इसलिए ये दोनों व्यक्तिवाचक संज्ञा है। और 'अनाज' जातिवाचक संज्ञा है। इसी प्रकार 'रिमझिम' व्यक्तिवाचक संज्ञा है और 'पाठ्यपुस्तक' जातिवाचक संज्ञा है।

(क) नीचे दी गई संज्ञाओं का वर्गीकरण इन दो प्रकार की संज्ञाओं में करो- लेह, धातु, शेरवानी, भोजन, ताँबा, खिचड़ी, शहर, वेशभूषा।

Solution:

दिए गए शब्दों का व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में वर्गीकरण इस प्रकार है:

व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Nouns): ये किसी विशेष व्यक्ति, स्थान, वस्तु या भाव के नाम होते हैं।

  • लेह (एक विशेष शहर का नाम)
  • शेरवानी (एक विशेष प्रकार की पोशाक का नाम)
  • ताँबा (एक विशेष धातु का नाम)
  • खिचड़ी (एक विशेष व्यंजन का नाम)

जातिवाचक संज्ञा (Common Nouns): ये किसी एक वर्ग या जाति के सभी प्राणियों, वस्तुओं या स्थानों का बोध कराते हैं।

  • धातु (सभी धातुओं का सामान्य नाम)
  • भोजन (सभी प्रकार के खाने का सामान्य नाम)
  • शहर (सभी शहरों का सामान्य नाम)
  • वेशभूषा (सभी प्रकार के पहनावे का सामान्य नाम)

(ख) ऊपर लिखी हर जातिवाचक संज्ञा के लिए तीन-तीन व्यक्तिवाचक संज्ञाए खुद सोचकर लिखो।

Solution:

ऊपर लिखी जातिवाचक संज्ञाओं के लिए तीन-तीन व्यक्तिवाचक संज्ञाएँ इस प्रकार हैं:

  • धातु: सोना, चाँदी, लोहा
  • भोजन: रोटी, दाल, चावल
  • शहर: दिल्ली, मुंबई, जयपुर
  • वेशभूषा: साड़ी, कुर्ता, पैंट

प्रश्न 1. इस लड़की का तो सभी लोहा मान गए। था न सचमुच नहले पर दहला! तुम्हें भी यही करना होगा।

इस लड़की का तो सभी लोहा मान गए। था न सचमुच नहले पर दहला! तुम्हें भी यही करना होगा।

तुम ऐसा कोई काम ढूंढो जिसे करने के लिए सूझ-बूझ की जरूरत हो। उसे एक कागज में लिखो और तुम सभी अपने-अपने चिट को एक डिब्बे में डाल दो। डिब्बे को बीच में रखकर उसके चारों ओर गोलाई में बैठ जाओ। अब एक-एक करके आओ उस डिब्बे से एक चिट निकालकर पढ़ो और उसके लिए कोई उपाय सुझाओ। जिस बच्चे ने सबसे ज्यादा उपाय सुझाए वह तुम्हारी कक्षा का 'बीरबल' होगा।

Solution:

यह एक मजेदार गतिविधि है जो सूझ-बूझ और चतुराई को बढ़ावा देती है। यहाँ एक उदाहरण दिया गया है कि कैसे एक छात्र इस खेल में भाग ले सकता है:

चिट में लिखा काम: "एक टोकरी भरकर लाई गई भेड़ों के ऊन को बिना कैंची या किसी औजार के अलग करो।"

छात्र द्वारा सुझाया गया उपाय:

  1. पहला उपाय: भेड़ों के ऊन को आग के पास ले जाकर धीरे-धीरे गर्म करना, जिससे ऊन ढीला होकर अपने आप गिरने लगे। (यह उपाय थोड़ा खतरनाक हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए)।
  2. दूसरा उपाय: भेड़ों के ऊन को पानी में भिगोना और फिर उसे धीरे-धीरे रगड़ना, जिससे ऊन रेशों से अलग हो जाए।
  3. तीसरा उपाय (सबसे चतुर): मंत्री के बेटे की तरह, मैं कहूंगा कि भेड़ों के ऊन को अलग करने के लिए, पहले भेड़ों को एक ऐसे कमरे में ले जाना होगा जहाँ बहुत तेज हवा चल रही हो। हवा के कारण ऊन अपने आप उड़कर अलग हो जाएगा। या फिर, मैं कहूंगा कि भेड़ों को एक ऐसे मैदान में छोड़ना होगा जहाँ बहुत सारे कंटीले पौधे हों, ताकि ऊन उन पर अटक कर निकल जाए।

इस तरह के उपाय सुझाकर छात्र अपनी सूझ-बूझ का प्रदर्शन कर सकते हैं। सबसे अधिक और रचनात्मक उपाय सुझाने वाला छात्र कक्षा का 'बीरबल' बन सकता है।

प्रश्न 3. मंत्री ने अपने बेटे से कहा "पिछली बार भेड़ों के बाल उतार कर बेचना मुझे जरा भी पसंद नहीं आया।" क्या मंत्री को सचमुच यह बात पसंद नहीं आई थी? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।

मंत्री ने अपने बेटे से कहा "पिछली बार भेड़ों के बाल उतार कर बेचना मुझे जरा भी पसंद नहीं आया।" क्या मंत्री को सचमुच यह बात पसंद नहीं आई थी? अपने उत्तर का कारण भी बताओ।
Solution:

नहीं, ऐसा नहीं था कि मंत्री को सचमुच भेड़ों के बाल उतार कर बेचना पसंद नहीं आया था। मंत्री ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि वह अपने बेटे को यह सिखाना चाहता था कि उसने जो काम किया वह उसकी अपनी सूझ-बूझ से नहीं, बल्कि एक चालाक लड़की की मदद से किया था। मंत्री यह समझ गया था कि उसका बेटा अभी भी उतना चतुर नहीं है कि ऐसे काम खुद कर सके। वह अपने बेटे को दुनियादारी सिखाना चाहता था और उसे आत्मनिर्भर बनाना चाहता था, न कि उसे किसी पर निर्भर रहने देना। इसलिए, उसने यह कहकर अपने बेटे को एक नई और कठिन चुनौती दी ताकि वह और अधिक होशियार बन सके।

प्रश्न. पहली बार में मंत्री के बेटे ने भेड़ों के बाल बेच दिए और दूसरी बार में भेड़ों के सींग बेच डाले। जिन लोगों ने यह चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने भेड़ों के बालों और सींगों का क्या किया होगा? अपनी कल्पना से बताओ।

पहली बार में मंत्री के बेटे ने भेड़ों के बाल बेच दिए और दूसरी बार में भेड़ों के सींग बेच डाले। जिन लोगों ने यह चीजें खरीदी होंगी, उन्होंने भेड़ों के बालों और सींगों का क्या किया होगा? अपनी कल्पना से बताओ।
Solution:

यह एक रोचक प्रश्न है जो कल्पना शक्ति को बढ़ाता है। जिन लोगों ने भेड़ों के बाल और सींग खरीदे होंगे, उन्होंने उनका उपयोग विभिन्न प्रकार की चीजें बनाने के लिए किया होगा:

भेड़ों के बालों का उपयोग:

  • ऊन के गर्म कपड़े बनाना: जैसे स्वेटर, शॉल, मफलर, टोपी, दस्ताने आदि।
  • कंबल और चादरें बनाना।
  • कालीन और दरी बनाना।
  • तकिए और गद्दे भरने के लिए रुई के स्थान पर उपयोग करना।
  • ऊन के धागे बनाकर उनसे बुनाई का काम करना।

भेड़ों के सींगों का उपयोग:

  • सजावटी सामान बनाना: जैसे कंघी, बटन, पेन स्टैंड, छोटे खिलौने, या मूर्तियों के हिस्से।
  • औजारों के हैंडल बनाना।
  • कुछ संस्कृतियों में, सींगों का उपयोग वाद्य यंत्र बनाने में भी किया जाता है।
  • कलाकृतियाँ और हस्तशिल्प बनाना।

इस प्रकार, खरीदारों ने इन वस्तुओं का उपयोग अपनी आवश्यकता और रचनात्मकता के अनुसार विभिन्न उपयोगी और सजावटी वस्तुएँ बनाने में किया होगा।

Common mistakes

  • Confusing proper nouns and common nouns.
  • Difficulty in understanding the minister's underlying intentions.
  • Struggling to come up with creative solutions for hypothetical problems.

Revision tips

  • Read the story 'राख की रस्सी' carefully to understand the plot and characters.
  • Pay close attention to the explanations of 'व्यक्तिवाचक संज्ञा' and 'जातिवाचक संज्ञा'.
  • Try to solve the problem-solving questions yourself before looking at the answers.
  • Discuss the minister's decisions with friends or family to gain different perspectives.

Practice MCQs

Q1. तिब्बत के मंत्री अपने बेटे के किस गुण को लेकर चिंतित थे?

Q2. मंत्री ने अपने बेटे को भेड़ों के साथ शहर क्यों भेजा?

Q3. नीचे दिए गए शब्दों में से कौन सा व्यक्तिवाचक संज्ञा है?

Q4. 'अनाज' शब्द किस प्रकार की संज्ञा है?

Q5. कहानी में 'नहले पर दहला' मुहावरे का प्रयोग किस संदर्भ में हुआ है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान CBSE कक्षा 5 के हिंदी विषय के लिए हैं, विशेष रूप से 'रिमझिम' पुस्तक के पाठ 1: 'राख की रस्सी' के लिए।

समाधान में किस प्रकार के प्रश्न शामिल हैं?

समाधान में कहानी की समझ, पात्रों के विचारों, व्याकरण (संज्ञा के प्रकार) और समस्या-समाधान से संबंधित प्रश्न शामिल हैं।

क्या समाधान में व्याकरण के नियमों को समझाया गया है?

हाँ, समाधान में व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा के बीच अंतर को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया गया है।

यह समाधान छात्रों की मदद कैसे करेंगे?

ये समाधान छात्रों को पाठ को गहराई से समझने, व्याकरण की अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।

क्या कहानी के नैतिक मूल्यों पर भी चर्चा की गई है?

हाँ, समाधान अप्रत्यक्ष रूप से चतुराई, समझदारी और सूझबूझ जैसे नैतिक मूल्यों के महत्व को दर्शाते हैं।

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