CBSE Class 5 Hindi Rimjhim Chapter 10: Chawal ki Rotiyan - NCERT Solutions

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This chapter of CBSE Class 5 Hindi Rimjhim, titled 'Chawal ki Rotiyan' (Rice Rotis), delves into the world of theatre and culinary arts. The solutions provide a detailed explanation of stage setting and character roles in a play, helping students understand the nuances of drama. It also explores the diverse ways rice is consumed across India, encouraging students to discover local recipes and cooking methods. Through interactive questions and detailed answers, students will learn about dialogue writing, the concept of main and supporting characters, and the importance of honesty. The chapter also includes a step-by-step recipe for a popular rice-based dish, 'Kheer', making learning engaging and practical. These solutions are designed to aid students in comprehending the chapter's themes and preparing effectively for their exams.

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 5
Subjectरिमझिम
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 10

Chapter summary

Chapter 10 of CBSE Class 5 Hindi Rimjhim, 'Chawal ki Rotiyan', focuses on understanding theatrical elements like stage setting and character importance (main vs. supporting). It also highlights the cultural significance of rice in India through various regional preparations and includes a practical guide to making a rice-based dish. The solutions cover dialogue writing and the consequences of dishonesty, making it a comprehensive learning resource.

Learning outcomes

  • Understand the concept of stage setting in a play.
  • Differentiate between main and supporting characters in a drama.
  • Learn to write dialogues for different situations.
  • Explore the diverse uses of rice in Indian cuisine.
  • Follow a recipe to prepare a rice-based dish.
  • Understand the importance of honesty and the consequences of lying.

Topics covered

Paper topics

  • Stage Setting
  • Character Roles (Main and Supporting)
  • Dialogue Writing
  • Honesty and Lying
  • Rice Preparations in India
  • Recipe: Kheer
  • Cultural Diversity of India

Important topics

  • Understanding Play Structure
  • Character Analysis
  • Dialogue Creation
  • Regional Food Variations
  • Following Recipes

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Questions and Solutions

मंच और मंचन - प्रश्न 1

प्रश्न 1. ऊपर लिखी पंक्तियों में कोको के घर में एक कमरे का वर्णन किया गया है | दरअसल नाटक के लिए मंच सज्जा कैसी हो यह निर्देश उसके लिए है | तुम इस वर्णन को पढ़कर मंच का एक चित्र बनाओ जो ठीक वैसा ही होना चाहिए जैसा कि बताया गया है।
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को नाटक के मंचन के लिए मंच सज्जा का वर्णन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। दिए गए वर्णन के अनुसार, मंच पर एक सादा कमरा दिखाया गया है।

मंच सज्जा का विवरण:

  • कमरा: एक सादा कमरा जिसकी दीवारों पर बाँस की चटाइयाँ लगी हैं।
  • अलमारी: एक दीवार के सहारे मांस रखने की अलमारी है।
  • अलमारी के ऊपर: एक रेडियो, चाय की केतली, कुछ कप और एक खाली गुलाबी फूलदान रखा है।
  • फर्श: कमरे के बीच में एक चटाई बिछी है।
  • मेज: चटाई के ऊपर कम ऊँचाई वाली एक गोल मेज रखी है।
  • दरवाजे: दो दरवाजे हैं। एक पीछे की ओर खुलता है और दूसरा किनारे की ओर।

छात्र इन विवरणों का उपयोग करके मंच का एक चित्र बना सकते हैं, जिसमें इन सभी वस्तुओं को ठीक उसी तरह व्यवस्थित किया गया हो जैसा कि नाटक के निर्देशों में बताया गया है।

नाटक की बात - प्रश्न 1

प्रश्न 1. नाटक में हिस्सा लेने वालों को पात्र कहते हैं | जिन पात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है उन्हें ' मुख्य पात्र '| और जिनकी भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होती उन्हें 'गौण पात्र ' कहते हैं | बताओ इस नाटक में कौन - कौन मुख्य और गौण पात्र कौन है?
Solution:

नाटक में पात्रों को उनकी भूमिका के महत्व के आधार पर मुख्य और गौण पात्रों में विभाजित किया जाता है।

  • मुख्य पात्र: वे पात्र होते हैं जिनकी कहानी में भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है और वे नाटक के केंद्र में होते हैं। इस नाटक में, कोको, मिमि और तिन सू मुख्य पात्र हैं।
  • गौण पात्र: वे पात्र होते हैं जिनकी भूमिका मुख्य पात्रों की तुलना में कम महत्वपूर्ण होती है, लेकिन वे कहानी को आगे बढ़ाने में सहायक होते हैं। इस नाटक में, नीनी और उ बा तुन गौण पात्र हैं।

नाटक की बात - प्रश्न 2

प्रश्न 2. पात्रों को जो बात बोलनी होती है उसे संवाद कहते हैं | क्या तुम किसी एक परिस्थिति के लिए संवाद लिख सकती हो ? ( इसके लिए तुम टोलियों में भी काम कर सकती हो |) उदाहरण के लिए ; खो - खो या कबड्डी जैसा कोई खेल - खेलते समय दूसरे दल के खिलाड़ियों से बहस।
Solution:

संवाद पात्रों के बीच होने वाली बातचीत होती है जो कहानी को आगे बढ़ाती है। यहाँ खो-खो या कबड्डी जैसे खेल के दौरान दूसरे दल के खिलाड़ियों से बहस की एक काल्पनिक परिस्थिति के लिए संवाद का उदाहरण दिया गया है:

परिस्थिति: खो-खो का खेल खेलते समय एक खिलाड़ी के आउट होने पर बहस।

पहला दल सदस्य: अरे! तुम्हारे खिलाड़ी आउट हो गए हैं!

दूसरा दल सदस्य: किस तरह आउट हो गए? हमें तो ऐसा नहीं लगता।

पहला दल सदस्य: क्योंकि उसकी साँस टूट गई थी जब वह हमारे पाले में था।

दूसरा दल सदस्य: नहीं, ऐसा नहीं हुआ। इससे पहले कि वह आउट होता, वह अपने पाले में वापस आ गया था।

पहला दल सदस्य: तुम झूठ बोल रहे हो! यह नियम के खिलाफ है।

दूसरा दल सदस्य: बहस मत करो, खेल पर ध्यान दो और खेल शुरू करो।

इस तरह के संवाद खेल के दौरान तनाव और प्रतिस्पर्धा को दर्शाते हैं। छात्र अपनी कल्पना का उपयोग करके विभिन्न परिस्थितियों के लिए ऐसे संवाद लिख सकते हैं।

नाटक की बात - प्रश्न 3

प्रश्न 3. क्या कभी आपने कोई चीज या बात दूसरों से छिपाई है या छिपाने की कोशिश की है उस समय क्या - क्या हुआ था?
Solution:

यह प्रश्न छात्रों को व्यक्तिगत अनुभवों के बारे में सोचने और ईमानदारी के महत्व को समझने के लिए प्रेरित करता है। यहाँ एक काल्पनिक उत्तर दिया गया है:

हाँ, एक बार मैंने अपनी पसंदीदा कहानी की पुस्तक अपने मित्र से छिपाने की कोशिश की थी क्योंकि मैं उसे वह पुस्तक देना नहीं चाहता था। जब मेरा मित्र पुस्तक मांगने आया, तो मैंने उसे बताया कि मेरे पास वह पुस्तक नहीं है और उसे तकिए के नीचे छुपा दिया। लेकिन वह मित्र वहीं बैठ गया, जिससे मुझे और भी असहजता हुई।

तब मैंने चुपके से पुस्तक निकालकर मेज की दराज में रख दी। कुछ समय बाद, जब मेरे मित्र ने दराज खोली, तो मुझे उसे सच बताने या कोई और बहाना बनाने में बहुत मुश्किल हुई। अंततः, मैंने उसे किसी तरह बाहर भेजकर पुस्तक को सुरक्षित रख लिया। इस अनुभव से मुझे यह एहसास हुआ कि चीजों को छिपाने से स्थिति और भी जटिल हो जाती है और सच बोलना हमेशा बेहतर होता है।

नाटक की बात - प्रश्न 4

प्रश्न 4. कहते हैं , एक झूठ बोलने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं | क्या तुम्हें कहानी पढ़कर ऐसा लगता है? कहानी की मदद से इस बात समझाओ।
Solution:

यह कहावत 'एक झूठ बोलने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं' बिल्कुल सच लगती है जब हम कोको के व्यवहार को देखते हैं। कोको अपनी माँ द्वारा बनाई गई चावल की रोटियों को मिमि और नीनी के साथ साझा नहीं करना चाहता, इसलिए वह झूठ का सहारा लेता है।

कोको द्वारा बोले गए झूठ:

  • वह कहता है कि रेडियो खराब है (शायद यह बताने के लिए कि वह कुछ सुन नहीं सकता या कोई बहाना बनाने के लिए)।
  • वह कहता है कि उसका पेट भरा हुआ है।
  • वह कहता है कि वह मुंह-हाथ धोने गया है।
  • वह झूठ बोलता है कि कमरे में चूहा है ताकि वे डरकर चले जाएं।
  • वह कहता है कि उसने रोटियाँ खा ली हैं।
  • वह यह भी झूठ बोलता है कि उसकी माँ को चावल से एलर्जी है।

इन सभी झूठों से पता चलता है कि एक छोटे से झूठ को छिपाने के लिए कोको को लगातार कई और झूठ बोलने पड़ते हैं। यह स्थिति उसे और उसके दोस्तों को असहज बनाती है और अंततः सच्चाई सामने आ ही जाती है। यह कहानी इस कहावत को अच्छी तरह से समझाती है।

एक चावल कई-कई रुप - प्रश्न 1

प्रश्न 1. कोको की माँ ने उसके लिए चावल की रोटियां बनाकर रखी थी | भारत के विभिन्न प्रांतो में चावल अलग - अलग तरीके से इस्तेमाल किया जाता है - भोजन के हिस्से की रूप में में भी, नमकीन और मीठे पकवान के रूप में भी | तुम्हारे प्रांत में चावल का इस्तेमाल कैसे होता है ? घर में बातचीत करके पता करो एक तालिका बनाओ | कक्षा मैं अपने दोस्तों की तालिका के साथ मिलान करो तो पाओगे की भाषा , कपड़ों और रहन - सहन के साथ - साथ खान - पान की दृष्टि से भी भारत अनूठा है।
Solution:

भारत अपने विविध खान-पान के लिए जाना जाता है, और चावल देश के कई हिस्सों में मुख्य भोजन है। यहाँ दिल्ली प्रांत के संदर्भ में चावल के उपयोग की एक तालिका दी गई है:

प्रांत: दिल्ली

चावल का प्रयोग विवरण
मुख्य भोजन के रूप में सादे चावल को दाल, सब्जी या करी के साथ परोसा जाता है।
मीठे पकवान खीर (चावल, दूध, चीनी और मेवों से बनी), चावल की फिरनी।
नमकीन पकवान पुलाव (सब्जियों या मांस के साथ पके चावल), बिरयानी, खिचड़ी (चावल और दाल से बनी)।
अन्य व्यंजन इडली, डोसा (चावल के घोल से बने)।

यह तालिका दर्शाती है कि चावल का उपयोग केवल एक तरह से नहीं, बल्कि विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है। अपने दोस्तों के साथ अपनी तालिका का मिलान करने पर, आप पाएंगे कि हर क्षेत्र की अपनी अनूठी चावल की डिश और बनाने की विधि है, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है।

एक चावल कई-कई रुप - प्रश्न 2

प्रश्न 2. अपनी तालिका में से चावल से बनी कोई एक खाने चीज बनाने की विधि पता करो और उसे नीचे दिए गए बिंदुओं के साथ से लिखो
  • सामग्री, *तैयारी, *विधि
Solution:

यहाँ चावल से बनी एक लोकप्रिय मिठाई 'खीर' बनाने की विधि दी गई है, जिसमें सामग्री, तैयारी और विधि शामिल है:

व्यंजन: खीर

सामग्री:

  • 1/2 कप बासमती चावल (या कोई भी छोटा दाना चावल)
  • 1 लीटर फुल क्रीम दूध
  • 1/2 कप चीनी (स्वादानुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं)
  • 1/4 कप कटे हुए मेवे (जैसे काजू, बादाम, पिस्ता)
  • 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर (वैकल्पिक)

तैयारी:

  • चावल को अच्छी तरह से साफ करके धो लें।
  • मेवों को बारीक काट लें।
  • एक भारी तले वाली कड़ाही या पैन लें।

विधि:

  1. सबसे पहले, भारी तले वाली कड़ाही में दूध डालें और मध्यम आंच पर उबाल आने तक गर्म करें।
  2. जब दूध में उबाल आ जाए, तो आंच धीमी कर दें और उसमें धुले हुए चावल डाल दें।
  3. चम्मच से लगातार चलाते रहें ताकि चावल तले में न लगें और दूध फटे नहीं।
  4. धीमी आंच पर चावल को पकने दें, जब तक कि वे नरम न हो जाएं और दूध थोड़ा गाढ़ा न हो जाए (लगभग 15-20 मिनट)।
  5. जब चावल पक जाएं, तो उसमें चीनी डालें और अच्छी तरह मिलाएं जब तक कि चीनी घुल न जाए।
  6. कटे हुए मेवे और इलायची पाउडर (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
  7. खीर को 2-3 मिनट और पकाएं, फिर आंच बंद कर दें।
  8. खीर को गरमागरम या ठंडा करके परोसें।

इस विधि का पालन करके आप स्वादिष्ट चावल की खीर बना सकते हैं।

एक चावल कई-कई रुप - प्रश्न 3

प्रश्न 3. "कोको के माता-पिता <u>धान</u> लगाने के लिए खेतों में गए।"
Solution:

यह वाक्य बताता है कि कोको के माता-पिता खेतों में धान (कच्चे चावल) लगाने के लिए गए थे। यह वाक्य चावल की उत्पत्ति और खेती की प्रक्रिया को दर्शाता है। धान खेतों में उगाया जाता है, और पकने के बाद उसे संसाधित करके चावल प्राप्त किया जाता है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के भोजन बनाने में होता है, जैसा कि हमने पिछले प्रश्नों में देखा। यह वाक्य हमें याद दिलाता है कि हम जो भोजन खाते हैं, वह कहाँ से आता है और उसे उगाने के लिए कितनी मेहनत लगती है।

Common mistakes

  • Confusing main and supporting characters.
  • Difficulty in creating realistic dialogues.
  • Not understanding the cultural significance of rice preparations.
  • Errors in following recipe steps.

Revision tips

  • Visualize the stage setting described in the text.
  • Practice writing dialogues for various scenarios.
  • Discuss different rice dishes from your region with family.
  • Follow the 'Kheer' recipe carefully to understand the process.

Practice MCQs

Q1. Who are the main characters in the play 'Chawal ki Rotiyan'?

Q2. What is the term for what characters say in a play?

Q3. Which of the following is NOT a reason Koko gives for not sharing the rice rotis?

Q4. What is the primary ingredient for making 'Kheer' as described in the solution?

Q5. The chapter emphasizes that India is unique in terms of:

Frequently asked questions

What is the main theme of Chapter 10, 'Chawal ki Rotiyan'?

The chapter explores theatrical elements like stage setting and character roles, alongside the diverse culinary uses of rice in India and the importance of honesty.

How do the NCERT Solutions help students understand the play's staging?

The solutions explain the stage directions provided in the text, helping students visualize the room and its props as described for the play.

What is the difference between main and supporting characters?

Main characters have important roles in the play, while supporting characters have less significant roles. The solutions identify these for the given play.

Can students learn to cook from these solutions?

Yes, the solutions provide a step-by-step recipe for 'Kheer', a popular rice dish, enabling students to learn a new culinary skill.

How does the chapter address the concept of lying?

The chapter uses Koko's attempts to hide the rice rotis as an example, illustrating how one lie often leads to many more, and the solutions explain this concept with reference to the story.

Why is comparing rice preparations important in this chapter?

Comparing rice preparations across different regions highlights the rich culinary diversity of India, showcasing how food habits vary while also connecting people through common ingredients.

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