कक्षा 3 पर्यावरण अध्ययन (EVS) NCERT समाधान: अध्याय 7 - बिन बोले बात

NCERT Solutions PDF Class 3 PDF

यह खंड कक्षा 3 के पर्यावरण अध्ययन (EVS) के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, जो 'बिन बोले बात' नामक अध्याय पर केंद्रित है। यह अध्याय छात्रों को गैर-मौखिक संचार के विभिन्न तरीकों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता है, जैसे कि इशारे, चेहरे के हाव-भाव और शारीरिक मुद्राएँ। समाधान छात्रों को यह समझने में मदद करते हैं कि लोग, विशेष रूप से छोटे बच्चे और विशेष आवश्यकता वाले व्यक्ति, बिना बोले कैसे संवाद करते हैं। इसमें विभिन्न भावनाओं को व्यक्त करने वाले चेहरों को चित्रित करने और नृत्य मुद्राओं के अर्थ की व्याख्या करने जैसे अभ्यास शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को अपने आसपास की दुनिया का निरीक्षण करने और संचार के विभिन्न रूपों की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में काम करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 3
SubjectEnvironmental Studies
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. बिन बाेले बात

Chapter summary

अध्याय 7, 'बिन बोले बात', कक्षा 3 के छात्रों को गैर-मौखिक संचार की अवधारणा से परिचित कराता है। समाधान छात्रों को इशारों, चेहरे के हाव-भाव और शारीरिक मुद्राओं के माध्यम से संवाद करने के विभिन्न तरीकों का पता लगाने में मदद करते हैं। इसमें छोटे बच्चों द्वारा उपयोग किए जाने वाले संचार के तरीके, विभिन्न भावनाओं को व्यक्त करने वाले चेहरे के चित्र बनाना और नृत्य मुद्राओं की व्याख्या करना शामिल है। यह अध्याय छात्रों को अवलोकन और व्याख्या कौशल विकसित करने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • गैर-मौखिक संचार के विभिन्न तरीकों को समझना।
  • इशारों और चेहरे के हाव-भाव के माध्यम से भावनाओं को पहचानना और व्यक्त करना।
  • छोटे बच्चों के संचार के तरीकों का अवलोकन करना।
  • नृत्य मुद्राओं के माध्यम से व्यक्त किए जाने वाले अर्थों की व्याख्या करना।
  • संचार के विभिन्न रूपों के महत्व की सराहना करना।

Topics covered

Paper topics

  • गैर-मौखिक संचार
  • इशारों द्वारा बातचीत
  • चेहरे के हाव-भाव
  • भावनाओं की अभिव्यक्ति
  • बच्चों का संचार
  • नृत्य मुद्राएँ
  • अवलोकन कौशल
  • व्याख्या कौशल

Important topics

  • गैर-मौखिक संचार के तरीके
  • चेहरे के हाव-भाव से भावनाओं को समझना
  • इशारों का उपयोग
  • बच्चों के संचार के तरीके

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 43)

कैसा लगा यह खेल?
Solution: यह खेल बहुत ही रोचक और मजेदार लगा, हालाँकि इसमें बिना बोले अपनी बात समझाने की कोशिश करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण भी था।
क्या बिना बोले नाटक करने में मुश्किल आई?
Solution: हाँ, बिना बोले केवल इशारों और हाव-भाव से अपनी बात को समझाना या किसी नाटक को प्रस्तुत करना काफी मुश्किल था, क्योंकि शब्दों के बिना अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करना कठिन हो जाता है।
क्या तुमने कभी किसी को इशारों से बातें करते देखा है?
Solution: हाँ, मैंने ऐसे लोगों को इशारों से बातें करते हुए देखा है जो बोल या सुन नहीं सकते (मूक-बधिर लोग)। इसके अलावा, मैंने मंच पर कलाकारों को भी देखा है जो अपनी प्रस्तुति में हाव-भाव और इशारों का भरपूर उपयोग करते हैं।
लोगों को इशारों में बात करने की जरूरत कब पड़ती है?
Solution: लोगों को इशारों में बात करने की आवश्यकता तब पड़ती है जब वे बोल या सुन नहीं सकते। मूक-बधिर व्यक्तियों के लिए, इशारे ही संवाद का मुख्य माध्यम होते हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे कि शोरगुल वाले वातावरण में या जब चुप रहना आवश्यक हो, तब भी लोग इशारों का उपयोग कर सकते हैं। स्टेज कलाकार भी अपनी प्रस्तुति को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इशारों का प्रयोग करते हैं।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 46)

अपने आस-पास के छोटे बच्चों (करीब 6-8 महीनों के) को देखो। वे अपनी बात बिना बोले कैसे कहते हैं?
Solution: 6 से 8 महीने के छोटे बच्चे अपनी बात कहने के लिए तरह-तरह की आवाजें निकालते हैं, जैसे कि 'आ', 'ऊ', 'गगग' आदि। वे रोकर, मुस्कुराकर, हाथ-पैर हिलाकर या किसी खास तरह का इशारा करके अपनी जरूरतें या भावनाएं व्यक्त करते हैं। उनके माता-पिता और परिवार के सदस्य अक्सर इन इशारों और आवाजों को समझ जाते हैं कि बच्चा क्या चाहता है या क्या महसूस कर रहा है।
यह आफताब है। उसका खिलौना गिर कर टूट गया है। वह दुखी है। कैसा होगा उसका चेहरा?
Solution: जब आफताब का खिलौना टूट गया और वह दुखी है, तो उसका चेहरा उदास दिखेगा। उसकी भौंहें थोड़ी सिकुड़ी हुई होंगी, होंठ नीचे की ओर झुके हुए हो सकते हैं, और आँखों में आँसू भी आ सकते हैं। वह शायद मुंह बनाकर रोने जैसा चेहरा बनाएगा।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 47)

यह जूली है। कल ही उसकी छोटी बहन पैदा हुई है। वह बहुत खुश है। उसका चेहरा बनाओ।
Solution: जब जूली की छोटी बहन पैदा हुई है और वह बहुत खुश है, तो उसका चेहरा खुशी से दमक रहा होगा। उसकी आँखें चमकेंगी, होंठों पर एक प्यारी सी मुस्कान होगी, और शायद वह खुशी से चिल्लाने या ताली बजाने जैसा हाव-भाव भी दिखाएगी। उसके गाल ऊपर की ओर उठे हुए दिखेंगे और पूरा चेहरा प्रसन्नता व्यक्त करेगा।
यह यामिनी की अम्मा है। आज यामिनी ने जब रसोई से अचार की शीशी निकाली, शीशी गिर कर टूट गई। अम्मा का चेहरा बनाओ।
Solution: जब यामिनी की अम्मा ने देखा कि अचार की शीशी गिर कर टूट गई है, तो उनका चेहरा गुस्से और निराशा से भरा होगा। उनकी भौंहें तन सकती हैं, होंठ कसकर भिंचे हुए हो सकते हैं, और वे शायद यामिनी को डांटने के लिए मुंह खोलेंगी। चेहरे पर चिंता और झुंझलाहट के भाव स्पष्ट दिखेंगे।
यह रेहाना है। रेहाना को कुत्तों से बहुत डर लगता है। वह खेल रही थी। अचानक उसके सामने एक कुत्ता आ गया। कैसा होगा रेहाना का चेहरा?
Solution: जब रेहाना खेल रही थी और अचानक उसके सामने कुत्ता आ गया, जिससे उसे बहुत डर लगता है, तो उसका चेहरा डर से पीला पड़ जाएगा। उसकी आँखें बड़ी-बड़ी हो जाएंगी, भौंहें ऊपर की ओर उठ सकती हैं, और मुंह खुला रह सकता है। वह शायद चीखने की कोशिश करेगी या डर के मारे कांपने लगेगी।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 48)

तुम्हारे साथ कभी ऐसा हुआ है कि तुमने कोई शरारत की हो और माँ को तुम्हारा चेहरा देखकर ही समझ में आ गया हो?
Solution: हाँ, ऐसा कई बार हुआ है कि मैंने कोई शरारत की हो और मेरी माँ ने मेरे चेहरे के हाव-भाव को देखकर ही समझ लिया हो कि मैंने कुछ गड़बड़ की है। कभी-कभी शरारत के बाद मैं छिपने की कोशिश करता हूँ या मासूम दिखने का नाटक करता हूँ, लेकिन माँ की नज़रें मेरे चेहरे पर कुछ न कुछ पकड़ ही लेती हैं, जैसे कि मेरी आँखों की चमक या मेरे होंठों पर आई हल्की सी मुस्कान जो छिप नहीं पाती।
नीचे नाच की कुछ मुद्राएँ दी हैं। बताओ, ये मुद्राएँ क्या दिखा रही हैं? (एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक, पृष्ठ संख्या 48 देखें)
Solution: यह प्रश्न छात्रों को पुस्तक में दी गई नृत्य मुद्राओं को देखकर उनके अर्थ या भाव को समझने के लिए प्रोत्साहित करता है। चूँकि यहाँ मुद्राएँ दिखाई नहीं गई हैं, इसलिए छात्र स्वयं पुस्तक में देखकर यह बता सकते हैं कि कौन सी मुद्रा खुशी, दुख, क्रोध या किसी अन्य भावना को दर्शा रही है। यह अभ्यास छात्रों को शारीरिक भाषा और अभिव्यक्ति को समझने में मदद करता है।
नाच की कुछ मुद्राएँ तुम भी सीखो और करके दिखाओ।
Solution: यह एक गतिविधि-आधारित प्रश्न है जहाँ छात्रों को स्वयं कुछ नृत्य मुद्राएँ सीखने और उन्हें कक्षा में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। छात्र विभिन्न भारतीय शास्त्रीय या लोक नृत्यों की मुद्राओं का अनुकरण कर सकते हैं या अपनी कल्पना से नई मुद्राएँ बना सकते हैं। यह छात्रों की रचनात्मकता और शारीरिक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देता है।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 49)

चित्र को देखकर, अपने मन से कहानी बनाओ और अपने साथियों को सुनाओ।
Solution: यह प्रश्न छात्रों को एक चित्र के आधार पर अपनी कल्पना का उपयोग करके एक कहानी बनाने और उसे अपने दोस्तों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित करता है। चूँकि यहाँ कोई चित्र प्रदान नहीं किया गया है, छात्र किसी भी चित्र की कल्पना कर सकते हैं, जैसे कि जंगल का दृश्य, जानवरों का समूह, या कोई अन्य परिदृश्य, और उसके आधार पर एक कहानी बुन सकते हैं। उदाहरण के लिए, एक कहानी इस प्रकार हो सकती है: 'एक घने जंगल में, एक चालाक लोमड़ी और एक भोला खरगोश दोस्त थे। एक दिन, उन्होंने मिलकर जंगल के राजा शेर के लिए एक सरप्राइज पार्टी की योजना बनाई। उन्होंने रंग-बिरंगे फूल इकट्ठे किए और स्वादिष्ट जामुन ढूंढे। जब शेर आया, तो सबने मिलकर गाना गाया और नाचे। शेर बहुत खुश हुआ और उसने अपनी दोस्ती के लिए सबको धन्यवाद दिया।'

Common mistakes

  • केवल मौखिक संचार पर ध्यान केंद्रित करना और गैर-मौखिक संकेतों को अनदेखा करना।
  • चेहरे के हाव-भाव और इशारों के बीच अंतर को समझने में कठिनाई।
  • विभिन्न भावनाओं को व्यक्त करने वाले चेहरों को सटीक रूप से चित्रित करने में असमर्थता।

Revision tips

  • विभिन्न भावनाओं को व्यक्त करने वाले चेहरों के चित्र बनाने का अभ्यास करें।
  • परिवार के सदस्यों के साथ इशारों में संवाद करने का प्रयास करें।
  • विभिन्न नृत्य मुद्राओं को देखें और उनके अर्थों को समझने की कोशिश करें।
  • छोटे बच्चों के हाव-भाव और आवाजों पर ध्यान दें कि वे क्या व्यक्त करने की कोशिश कर रहे हैं।

Practice MCQs

Q1. जब हम बोल नहीं सकते, तो हम संवाद करने के लिए किसका उपयोग करते हैं?

Q2. 6-8 महीने का बच्चा अपनी बात कहने के लिए क्या कर सकता है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति में किसी को डर लग सकता है?

Q4. जब कोई बच्चा शरारत करता है, तो माँ अक्सर कैसे समझ जाती है?

Frequently asked questions

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?

यह NCERT समाधान कक्षा 3 के पर्यावरण अध्ययन (EVS) विषय के लिए है।

यह समाधान किस अध्याय को कवर करता है?

यह समाधान अध्याय 7, जिसका शीर्षक 'बिन बोले बात' है, को कवर करता है।

इस अध्याय में मुख्य रूप से क्या सिखाया गया है?

इस अध्याय में मुख्य रूप से गैर-मौखिक संचार के तरीकों जैसे इशारों, चेहरे के हाव-भाव और शारीरिक मुद्राओं के बारे में सिखाया गया है।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट करके और अभ्यास प्रश्न प्रदान करके परीक्षा की तैयारी में मदद करते हैं।

क्या समाधान में प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं?

हाँ, प्रत्येक प्रश्न का उत्तर विस्तृत और समझने योग्य तरीके से दिया गया है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.