कक्षा 12 राजनीति विज्ञान: समकालीन विश्व में सुरक्षा NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 7, 'समकालीन विश्व में सुरक्षा' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय छात्रों को सुरक्षा की पारंपरिक और अपारंपरिक अवधारणाओं, विश्वास बहाली के उपायों, निरस्त्रीकरण, गठबंधन और विभिन्न प्रकार की सुरक्षा चिंताओं जैसे आतंकवाद, शरणार्थी समस्या और महामारी के प्रसार को समझने में मदद करता है। समाधानों में इन अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए उदाहरण और परिभाषाएँ शामिल हैं, जो छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इन समाधानों का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षा के बहुआयामी पहलुओं की गहरी समझ विकसित करने और जटिल अंतरराष्ट्रीय संबंधों का विश्लेषण करने में सक्षम बनाना है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectसमकालीन विश्व राजनीति
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. समकालीन विश्व सुरक्षा

Chapter summary

कक्षा 12 राजनीति विज्ञान के अध्याय 7 'समकालीन विश्व सुरक्षा' के लिए NCERT समाधान सुरक्षा की पारंपरिक और अपारंपरिक अवधारणाओं पर केंद्रित हैं। इसमें विश्वास बहाली के उपाय, अस्त्र-नियंत्रण, गठबंधन और निरस्त्रीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान छात्रों को विभिन्न प्रकार की सुरक्षा चिंताओं, जैसे कि आतंकवाद, शरणार्थी प्रवाह और महामारियों के प्रसार के बीच अंतर करने में मदद करते हैं। यह अध्याय छात्रों को सुरक्षा के जटिल मुद्दों को समझने और उनका विश्लेषण करने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • सुरक्षा की पारंपरिक और अपारंपरिक अवधारणाओं को परिभाषित करना।
  • विश्वास बहाली के उपायों (CBMs) के महत्व को समझना।
  • अस्त्र-नियंत्रण और निरस्त्रीकरण के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • गठबंधन बनाने के कारणों और उनके महत्व का विश्लेषण करना।
  • विभिन्न प्रकार की पारंपरिक और अपारंपरिक सुरक्षा चिंताओं की पहचान करना।
  • सुरक्षा से संबंधित विभिन्न शब्दावली के अर्थ को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • सुरक्षा की अवधारणा
  • पारंपरिक सुरक्षा
  • अपारंपरिक सुरक्षा
  • विश्वास बहाली के उपाय (CBMs)
  • अस्त्र-नियंत्रण
  • निरस्त्रीकरण
  • गठबंधन
  • आतंकवाद
  • शरणार्थी समस्या
  • महामारी
  • राष्ट्रीय सुरक्षा
  • अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा

Important topics

  • पारंपरिक बनाम अपारंपरिक सुरक्षा
  • विश्वास बहाली के उपाय (CBMs)
  • अस्त्र-नियंत्रण और निरस्त्रीकरण
  • गठबंधन का निर्माण और महत्व
  • सुरक्षा के विभिन्न खतरे (आतंकवाद, महामारी, शरणार्थी)

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित पदों को उनके अर्थ से मिलाएँ:
  1. विश्वास बहाली के उपाय (कोंफिडेन्स बिल्डिंग मेजर्स - CBMs)
  2. अस्त्र-नियंत्रण
  3. गठबंधन
  4. निरस्त्रीकरण
और निम्नलिखित अर्थों से मिलाएँ:
  • (क) कुछ खास हथियारों के इस्तेमाल से परहेज
  • (ख) राष्ट्रों के बीच सुरक्षा-मामलों पर सूचनाओं के आदान-प्रदान की नियमित प्रक्रिया
  • (ग) सैन्य हमले की स्थिति से निबटने अथवा उसके अपरोध के लिए कुछ राष्ट्रों का आपस में मेल करना।
  • (घ) हथियारों के निर्माण अथवा उनको हासिल करने पर अंकुश।
Solution:

यह प्रश्न सुरक्षा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण शब्दावली को उनके सही अर्थों से मिलाने के लिए कहता है। यहाँ प्रत्येक पद का उसके उचित अर्थ से मिलान दिया गया है:

  1. विश्वास बहाली के उपाय (CBMs) - (ख) राष्ट्रों के बीच सुरक्षा-मामलों पर सूचनाओं के आदान-प्रदान की नियमित प्रक्रिया। इसका उद्देश्य देशों के बीच विश्वास बढ़ाना और गलतफहमी को कम करना है।
  2. अस्त्र-नियंत्रण - (घ) हथियारों के निर्माण अथवा उनको हासिल करने पर अंकुश। यह हथियारों के प्रसार को रोकने और उन्हें सीमित करने का एक प्रयास है।
  3. गठबंधन - (ग) सैन्य हमले की स्थिति से निबटने अथवा उसके अपरोध के लिए कुछ राष्ट्रों का आपस में मेल करना। गठबंधन राष्ट्रों को सामूहिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  4. निरस्त्रीकरण - (क) कुछ खास हथियारों के इस्तेमाल से परहेज। इसका व्यापक अर्थ हथियारों को पूरी तरह से समाप्त करना है, विशेष रूप से सामूहिक विनाश के हथियार।

प्रश्न 2

निम्नलिखित में से आप किसे पारंपरिक सुरक्षा चिंता / गैर पारंपरिक सुरक्षा चिंता / खतरे की स्थिति नहीं का दर्जा देंगे?

(अ) चिकनगुनिया/डेंगू बुखार का प्रसार

  • (ब) पड़ोसी राष्ट्र के श्रमिकों की आमद
  • (स) अपने क्षेत्र के लिए राष्ट्रीयता की मांग करने वाले समूह का उदय
  • (द) अपने क्षेत्र के लिए स्वायत्तता की मांग करने वाले समूह का उदय
  • (य) एक अखबार जो देश में सशस्त्र बलों की आलोचनात्मक नज़र से देखता है।
Solution:

यह प्रश्न विभिन्न स्थितियों को सुरक्षा के संदर्भ में वर्गीकृत करने के लिए कहता है। यहाँ प्रत्येक स्थिति का वर्गीकरण दिया गया है:

  • (अ) चिकनगुनिया/डेंगू बुखार का प्रसार - गैर पारंपरिक सुरक्षा चिंता। महामारियाँ और स्वास्थ्य संकट मानव जीवन और कल्याण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, जो पारंपरिक सैन्य खतरों से अलग हैं।
  • (ब) पड़ोसी राष्ट्र के श्रमिकों की आमद - गैर पारंपरिक सुरक्षा चिंता। बड़े पैमाने पर श्रमिकों का आगमन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, जिससे संसाधन और रोजगार पर दबाव पड़ सकता है।
  • (स) अपने क्षेत्र के लिए राष्ट्रीयता की मांग करने वाले समूह का उदय - पारंपरिक सुरक्षा चिंता। राष्ट्रीयता की मांग अक्सर अलगाववादी आंदोलनों को जन्म दे सकती है, जो राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए एक पारंपरिक खतरा है।
  • (द) अपने क्षेत्र के लिए स्वायत्तता की मांग करने वाले समूह का उदय - खतरे की स्थिति नहीं। स्वायत्तता की मांग आमतौर पर राष्ट्रीयता की मांग जितनी गंभीर नहीं होती और इसे सीधे तौर पर पारंपरिक सुरक्षा चिंता नहीं माना जाता, जब तक कि यह हिंसा या अलगाव का रूप न ले ले।
  • (य) एक अखबार जो देश में सशस्त्र बलों की आलोचनात्मक नज़र से देखता है - खतरे की स्थिति नहीं। एक स्वतंत्र प्रेस का सशस्त्र बलों की आलोचना करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का एक रूप है और इसे सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा नहीं माना जाता है।

प्रश्न 3

परंपरागत और अपारंपरिक सुरक्षा में क्या अंतर है? गठबंधनों का निर्माण करना और उनको बनाये रखना इनमें से किस कोटि में आता है?
Solution:

परंपरागत और अपारंपरिक सुरक्षा के बीच मुख्य अंतर उनके द्वारा संबोधित किए जाने वाले खतरों की प्रकृति में निहित है।

परंपरागत सुरक्षा (Traditional Security):

यह मुख्य रूप से राज्य की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाहरी सैन्य खतरों से बचाने पर केंद्रित है। इसमें शामिल हैं:

  1. बाहरी आक्रमण का खतरा: दूसरे देशों की सेनाओं से होने वाला सीधा हमला।
  2. सैन्य शक्ति का असंतुलन: पड़ोसी देशों के पास परमाणु हथियार या बड़ी सैन्य शक्ति का होना, जो शांति के लिए खतरा बन सकता है।
  3. आतंकवाद: राज्य के भीतर या बाहर से होने वाले हिंसक कृत्य जो नागरिकों को भयभीत करते हैं और सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करते हैं।
  4. शरणार्थी प्रवाह: पड़ोसी देशों से बड़ी संख्या में लोगों का आना, जो जनसंख्या, संसाधनों और सामाजिक व्यवस्था पर दबाव डाल सकता है।

परंपरागत सुरक्षा में, एक राष्ट्र बाहरी आक्रमण का सामना करने पर तीन मुख्य तरीकों से प्रतिक्रिया दे सकता है:

  • (क) आत्मसमर्पण करके।
  • (ख) आक्रमणकारी की माँगें मानकर।
  • (ग) आक्रमणकारी को युद्ध में हराकर।

अपारंपरिक सुरक्षा (Non-traditional Security):

यह सुरक्षा की एक व्यापक अवधारणा है जिसमें मानव अस्तित्व के लिए खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है, जो केवल सैन्य हमलों तक सीमित नहीं है। इसमें शामिल हैं:

  1. मानवीय सुरक्षा: गरीबी, भुखमरी, बीमारी (जैसे महामारी), प्राकृतिक आपदाएँ, और पर्यावरण क्षरण जैसे मुद्दे।
  2. आंतरिक खतरे: कभी-कभी सरकार की नीतियां या आंतरिक संघर्ष भी नागरिकों के लिए खतरा बन सकते हैं।
  3. वैश्विक मुद्दे: जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, और संगठित अपराध जैसे मुद्दे जिनकी सीमाएँ नहीं होतीं।

गठबंधनों का निर्माण और रखरखाव:

गठबंधनों का निर्माण करना और उन्हें बनाए रखना मुख्य रूप से पारंपरिक सुरक्षा की कोटि में आता है। गठबंधन राष्ट्रों को बाहरी सैन्य खतरों से सामूहिक रूप से निपटने या उन्हें रोकने के लिए एक साथ लाते हैं। यह साझा सुरक्षा हितों को साधने और एक-दूसरे की रक्षा करने का एक तरीका है, जो परंपरागत सुरक्षा की मूल अवधारणा है।

Common mistakes

  • पारंपरिक और अपारंपरिक सुरक्षा चिंताओं के बीच भ्रमित होना।
  • सुरक्षा से संबंधित शब्दावली की गलत व्याख्या करना।
  • गठबंधन बनाने के उद्देश्यों को ठीक से न समझना।
  • निरस्त्रीकरण और अस्त्र-नियंत्रण के बीच अंतर को पहचानने में कठिनाई।

Revision tips

  • प्रत्येक सुरक्षा चिंता के लिए विशिष्ट उदाहरणों को याद करें।
  • पारंपरिक और अपारंपरिक सुरक्षा के बीच मुख्य अंतरों की एक तालिका बनाएं।
  • विश्वास बहाली के उपायों, अस्त्र-नियंत्रण और निरस्त्रीकरण की परिभाषाओं को समझें।
  • गठबंधन बनाने के कारणों और उनके परिणामों पर विचार करें।

Practice MCQs

Q1. विश्वास बहाली के उपाय (CBMs) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सी एक पारंपरिक सुरक्षा चिंता का उदाहरण है?

Q3. अस्त्र-नियंत्रण का क्या अर्थ है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सी एक गैर-पारंपरिक सुरक्षा चिंता है?

Q5. निरस्त्रीकरण का उद्देश्य क्या है?

Frequently asked questions

समकालीन विश्व में सुरक्षा से क्या तात्पर्य है?

समकालीन विश्व में सुरक्षा का तात्पर्य केवल बाहरी सैन्य आक्रमण से बचाव ही नहीं, बल्कि आतंकवाद, महामारी, शरणार्थी संकट और पर्यावरणीय क्षरण जैसे व्यापक खतरों से भी है।

पारंपरिक और अपारंपरिक सुरक्षा में मुख्य अंतर क्या है?

पारंपरिक सुरक्षा मुख्य रूप से बाहरी सैन्य खतरों से संबंधित है, जबकि अपारंपरिक सुरक्षा में मानव अस्तित्व को प्रभावित करने वाले गैर-सैन्य खतरे शामिल हैं, जैसे गरीबी, बीमारी और पर्यावरण।

विश्वास बहाली के उपाय (CBMs) क्यों महत्वपूर्ण हैं?

CBMs राष्ट्रों के बीच विश्वास बनाने, गलतफहमी को कम करने और सैन्य संघर्ष की संभावना को घटाने में मदद करते हैं, क्योंकि वे सूचनाओं के आदान-प्रदान और पारदर्शिता को बढ़ावा देते हैं।

गठबंधन बनाने का क्या उद्देश्य होता है?

गठबंधन आमतौर पर साझा सुरक्षा हितों को प्राप्त करने, सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने, या किसी विशेष खतरे का सामना करने के लिए बनाए जाते हैं।

निरस्त्रीकरण और अस्त्र-नियंत्रण में क्या भिन्नता है?

निरस्त्रीकरण का लक्ष्य हथियारों को पूरी तरह से समाप्त करना है, जबकि अस्त्र-नियंत्रण का उद्देश्य हथियारों के निर्माण, प्रसार या उपयोग को सीमित करना है।

क्या अखबारों द्वारा सशस्त्र बलों की आलोचना को सुरक्षा चिंता माना जा सकता है?

नहीं, आमतौर पर अखबारों द्वारा सशस्त्र बलों की आलोचना को सुरक्षा चिंता नहीं माना जाता है, जब तक कि यह सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में न डाले। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा हो सकता है।

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