कक्षा 12 गणित NCERT समाधान: रैखिक प्रोग्रामन
यह पृष्ठ कक्षा 12 गणित के अध्याय 12, रैखिक प्रोग्रामन (Linear Programming) के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें रैखिक प्रोग्रामन की मूल अवधारणाओं, जैसे उद्देश्य फलन, व्यवरोध, सुसंगत क्षेत्र और कोनीय बिंदु की व्याख्या की गई है। समाधान ग्राफीय विधि का उपयोग करके समस्याओं को हल करने के चरण-दर-चरण तरीके बताते हैं, जिसमें असमिकाओं को समीकरणों में बदलना, आलेख बनाना, सुसंगत बहुभुज ज्ञात करना और कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन के अधिकतम या न्यूनतम मान की गणना करना शामिल है। ये समाधान छात्रों को रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल करने और परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करने में मदद करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 12. रैखिक प्रोग्रामन |
Chapter summary
अध्याय 12, रैखिक प्रोग्रामन, के ये NCERT समाधान छात्रों को ग्राफीय विधि का उपयोग करके रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं को हल करने की प्रक्रिया सिखाते हैं। इसमें उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम करने के लिए व्यवरोधों और ऋणेत्तर बाधाओं के तहत सुसंगत क्षेत्र की पहचान करना शामिल है। समाधान कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन के मानों की गणना पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
Learning outcomes
- रैखिक प्रोग्रामन समस्या की मूल परिभाषाओं को समझना।
- उद्देश्य फलन और व्यवरोधों की पहचान करना।
- ग्राफीय विधि का उपयोग करके सुसंगत क्षेत्र का निर्धारण करना।
- सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं को ज्ञात करना।
- कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन के अधिकतम और न्यूनतम मानों की गणना करना।
Topics covered
Paper topics
- रैखिक प्रोग्रामन की परिभाषा
- उद्देश्य फलन
- व्यवरोध
- सुसंगत क्षेत्र
- कोनीय बिंदु
- ग्राफीय विधि
- असमिकाओं का आलेखन
- अधिकतमीकरण
- न्यूनतमीकरण
- रैखिक प्रोग्रामन समस्या का हल
Important topics
- रैखिक प्रोग्रामन की मूल परिभाषाएँ
- ग्राफीय विधि से सुसंगत क्षेत्र का निर्धारण
- कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मान ज्ञात करना
- अधिकतम और न्यूनतम मान ज्ञात करना
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
प्रश्नानुसार, हमें उद्देश्य फलन का अधिकतमीकरण करना है, जिसके लिए निम्नलिखित अवरोध दिए गए हैं:
हम इन असमिकाओं को ग्राफीय विधि से हल करेंगे:
- असमिका के लिए: सबसे पहले, हम रेखा का आलेख खींचेंगे। यह रेखा बिंदु (जब ) और (जब ) से होकर गुजरती है। अब, हम यह निर्धारित करेंगे कि असमिका का क्षेत्र रेखा के किस ओर है। हम मूल बिंदु को असमिका में रखकर जाँच करते हैं: , जो कि सत्य है। इसलिए, का क्षेत्र रेखा पर और मूल बिंदु की ओर स्थित है।
- असमिका के लिए: यह असमिका दर्शाती है कि x का मान शून्य या शून्य से बड़ा है। इसका क्षेत्र y-अक्ष पर और y-अक्ष के दायीं ओर स्थित है।
- असमिका के लिए: यह असमिका दर्शाती है कि y का मान शून्य या शून्य से बड़ा है। इसका क्षेत्र x-अक्ष पर और x-अक्ष के ऊपर स्थित है।
इन सभी अवरोधों को संतुष्ट करने वाला उभयनिष्ठ क्षेत्र एक त्रिभुज है, जिसके कोनीय बिंदु (शीर्ष) हैं: , , और ।
अब, हम इन कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मान ज्ञात करेंगे:
| कोनीय बिंदु | का संगत मान |
सारणी से स्पष्ट है कि Z का अधिकतम मान 16 है, जो बिंदु पर प्राप्त होता है।
उत्तर: Z का अधिकतम मान 16 है, जो बिंदु पर प्राप्त होता है।
प्रश्न 2
हमें उद्देश्य फलन का न्यूनतमीकरण करना है, जिसके लिए निम्नलिखित अवरोध दिए गए हैं:
हम इन असमिकाओं को ग्राफीय विधि से हल करेंगे:
- असमिका के लिए: रेखा बिंदु (जब ) और (जब ) से होकर गुजरती है। मूल बिंदु को असमिका में रखने पर: , जो सत्य है। अतः, इस असमिका का क्षेत्र रेखा पर और मूल बिंदु की ओर है।
- असमिका के लिए: रेखा बिंदु (जब ) और (जब ) से होकर गुजरती है। मूल बिंदु को असमिका में रखने पर: , जो सत्य है। अतः, इस असमिका का क्षेत्र रेखा पर और मूल बिंदु की ओर है।
- असमिका के लिए: यह क्षेत्र y-अक्ष पर और उसके दायीं ओर है।
- असमिका के लिए: यह क्षेत्र x-अक्ष पर और उसके ऊपर है।
इन सभी अवरोधों को संतुष्ट करने वाला उभयनिष्ठ सुसंगत क्षेत्र एक बहुभुज है। हमें इस क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं को ज्ञात करना होगा। कोनीय बिंदु निम्नलिखित हैं:
- मूल बिंदु ।
- रेखा और x-अक्ष () का प्रतिच्छेदन बिंदु, जो है।
- रेखा और y-अक्ष () का प्रतिच्छेदन बिंदु, जो है।
- रेखाओं और का प्रतिच्छेदन बिंदु। इन समीकरणों को हल करने पर:
समीकरण (2) में से समीकरण (1) को घटाने पर:
x = 2 को समीकरण (1) में रखने पर:
अतः, प्रतिच्छेदन बिंदु है।
सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदु हैं: , , , और ।
अब, हम इन कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मान ज्ञात करेंगे:
| कोनीय बिंदु | का संगत मान |
सारणी से स्पष्ट है कि Z का न्यूनतम मान -12 है, जो बिंदु पर प्राप्त होता है।
उत्तर: Z का न्यूनतम मान -12 है, जो बिंदु पर प्राप्त होता है।
Common mistakes
- असमिकाओं को सही ढंग से आलेखित करने में त्रुटि।
- सुसंगत क्षेत्र की पहचान में गलती।
- कोनीय बिंदुओं को गलत तरीके से ज्ञात करना।
- उद्देश्य फलन के मानों की गणना में अंकगणितीय त्रुटियाँ।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए ग्राफीय विधि के चरणों को दोहराएं।
- सुसंगत क्षेत्र को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने का अभ्यास करें।
- कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन के मानों की गणना को ध्यान से जांचें।
- अधिकतमीकरण और न्यूनतमीकरण की स्थितियों को समझें।
Practice MCQs
Q1. रैखिक प्रोग्रामन समस्या में, जिस फलन को अधिकतम या न्यूनतम किया जाना है, उसे क्या कहते हैं?
Explanation: रैखिक प्रोग्रामन समस्या में, जिस रैखिक फलन के अधिकतम या न्यूनतम मान को ज्ञात करना होता है, उसे उद्देश्य फलन कहा जाता है।
Q2. रैखिक प्रोग्रामन समस्या में, जिन प्रतिबन्धों के तहत इष्टतमीकरण किया जाता है, उन्हें क्या कहते हैं?
Explanation: जिन प्रतिबन्धों या शर्तों के अधीन उद्देश्य फलन को अधिकतम या न्यूनतम किया जाता है, उन्हें व्यवरोध कहा जाता है।
Q3. ग्राफीय विधि में, सभी व्यवरोधों द्वारा परिबद्ध क्षेत्र को क्या कहा जाता है?
Explanation: सभी रैखिक असमिकाओं और ऋणेत्तर बाधाओं को संतुष्ट करने वाले सभी बिंदुओं का समुच्चय सुसंगत क्षेत्र कहलाता है।
Q4. एक रैखिक प्रोग्रामन समस्या में, सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं पर उद्देश्य फलन का मान ज्ञात करने का क्या उद्देश्य है?
Explanation: प्रमेय के अनुसार, उद्देश्य फलन का इष्टतम मान (अधिकतम या न्यूनतम) सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं में से किसी एक पर प्राप्त होता है।
Frequently asked questions
रैखिक प्रोग्रामन क्या है?
रैखिक प्रोग्रामन एक गणितीय विधि है जिसका उपयोग विभिन्न बाधाओं (व्यवरोधों) के अधीन किसी रैखिक फलन (उद्देश्य फलन) के अधिकतम या न्यूनतम मान को ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
इस अध्याय के समाधान किस विधि का उपयोग करते हैं?
इस अध्याय के समाधान मुख्य रूप से ग्राफीय विधि का उपयोग करते हैं, जिसमें असमिकाओं को आलेखित करके सुसंगत क्षेत्र ज्ञात किया जाता है।
सुसंगत क्षेत्र क्या होता है?
सुसंगत क्षेत्र उन सभी बिंदुओं का समुच्चय होता है जो समस्या के सभी व्यवरोधों और ऋणेत्तर बाधाओं को संतुष्ट करते हैं।
कोनीय बिंदु क्यों महत्वपूर्ण हैं?
रैखिक प्रोग्रामन प्रमेय के अनुसार, उद्देश्य फलन का इष्टतम मान (अधिकतम या न्यूनतम) हमेशा सुसंगत क्षेत्र के कोनीय बिंदुओं में से किसी एक पर प्राप्त होता है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान रैखिक प्रोग्रामन की अवधारणाओं और ग्राफीय विधि से समस्याओं को हल करने की प्रक्रिया को स्पष्ट करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक हैं।
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