कक्षा 12 संस्कृत कोर: दारिद्र्ये दुर्लभं सत्त्वम् NCERT समाधान
यह पृष्ठ सीबीएसई कक्षा 12 संस्कृत कोर के लिए पाठ 7, 'दारिद्र्ये दुर्लभं सत्त्वम्' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें पाठ के मुख्य व्याकरणिक और भाषाई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें शब्दों का सही उच्चारण, समानार्थक शब्दों का मिलान, विशेषणों का उनके विशेष्यों के साथ मिलान और संधि के नियमों का अनुप्रयोग शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्टीकरण के साथ दिया गया है, जिससे छात्रों को इन अवधारणाओं को समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है। यह समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और संस्कृत भाषा में अपनी दक्षता बढ़ाने में सहायता करेगा।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | संस्कृत |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. दारिद्र्ये दुर्लभं सत्त्वम् |
Chapter summary
कक्षा 12 संस्कृत के लिए 'दारिद्र्ये दुर्लभं सत्त्वम्' पाठ के NCERT समाधान में शब्दों के सही उच्चारण, समानार्थक शब्दों के मिलान, विशेषण-विशेष्य संबंधों की पहचान और संधि के नियमों के अनुप्रयोग पर केंद्रित अभ्यास शामिल हैं। यह छात्रों को पाठ में प्रयुक्त शब्दावली और व्याकरणिक संरचनाओं की गहन समझ प्रदान करता है, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है।
Learning outcomes
- पाठ में प्रयुक्त शब्दों का सही उच्चारण करना सीखना।
- समानार्थक शब्दों को पहचानना और उनका मिलान करना।
- विशेषणों को उनके उपयुक्त विशेष्यों के साथ जोड़ना।
- दिए गए शब्दों में संधि नियमों को लागू करना और समझना।
Topics covered
Paper topics
- शब्द उच्चारण
- समानार्थक शब्द
- विशेषण-विशेष्य संबंध
- संधि
Important topics
- शब्द उच्चारण का अभिनय
- समानार्थक शब्दों का मिलान
- विशेषणों का विशेष्यों के साथ सही मिलान
- संधि के नियम और अनुप्रयोग
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
1. उच्चारण अभ्यास
इन शब्दों का अभिनय के साथ उच्चारण इस प्रकार किया जाना चाहिए:
- प्रविश्य: मंच पर प्रवेश करने का अभिनय करते हुए बोलें।
- परिक्रम्यावलोक्य: मंच पर चारों ओर घूमते हुए और किसी वस्तु या व्यक्ति को देखते हुए अभिनय करें।
- चिरंजीव: किसी को दीर्घायु होने का आशीर्वाद देते हुए अभिनय करें।
- सरोषम्: क्रोधित भाव से संवाद करते हुए अभिनय करें।
- दीर्घ निःश्वस्य: एक गहरी साँस छोड़ने का अभिनय करें।
- निष्क्रान्तः: मंच से बाहर जाने का अभिनय करें।
2. समानार्थक शब्दों का मिलान
'अ' खंड: (i) पुष्करम्, (ii) प्रत्यूषे, (iii) अक्षिणी, (iv) अहोरात्रम्, (v) वयस्यः
'आ' खंड: (क) नयने, (ख) दिवानिशम्, (ग) मित्रम्, (घ) कमलम्, (ङ) प्रातःकाले
समानार्थक शब्दों का सही मिलान इस प्रकार है:
'अ' खंड 'आ' खंड
- पुष्करम् (घ) कमलम्
- प्रत्यूषे (ङ) प्रातःकाले
- अक्षिणी (क) नयने
- अहोरात्रम् (ख) दिवानिशम्
- वयस्यः (ग) मित्रम्
स्पष्टीकरण: 'पुष्करम्' का अर्थ कमल है, 'प्रत्यूषे' का अर्थ प्रातःकाल है, 'अक्षिणी' का अर्थ आँखें (नयने) है, 'अहोरात्रम्' का अर्थ दिन-रात (दिवानिशम्) है, और 'वयस्यः' का अर्थ मित्र है।
3. विशेषणों का विशेष्यों के साथ मिलान
'क' खंड: (i) मनस्विनः, (ii) शोभनानाम्, (iii) सम्पन्नम्, (iv) दरिद्रं, (v) विभवानुवशा
'ख' खंड: (क) अशनम्, (ख) जनम्, (ग) भार्या, (घ) पुरुषस्य, (ङ) भोजनानाम्
ध्यान दें: विशेषण और विशेष्य में समान विभक्ति और वचन होते हैं।
विशेषणों का उनके विशेष्यों के साथ सही मिलान इस प्रकार है:
'क' खंड 'ख' खंड
- मनस्विनः (घ) पुरुषस्य
- शोभनानाम् (ङ) भोजनानाम्
- सम्पन्नम् (क) अशनम्
- दरिद्रं (ख) जनम्
- विभवानुवशा (ग) भार्या
स्पष्टीकरण: 'मनस्विनः' (मनस्वी) का विशेष्य 'पुरुषस्य' (पुरुष का) है। 'शोभनानाम्' (सुंदर) का विशेष्य 'भोजनानाम्' (भोजनों का) है। 'सम्पन्नम्' (समृद्ध) का विशेष्य 'अशनम्' (भोजन) है। 'दरिद्रं' (गरीब) का विशेष्य 'जनम्' (मनुष्य) है। 'विभवानुवशा' (धन के अनुसार) का विशेष्य 'भार्या' (पत्नी) है।
4. संधि कार्य
- (क) अस्ति + अस्माकम्
- (ख) मम + उपवासः
- (ग) मया + अपि
- (घ) आगतः + असि
दिए गए शब्दों में संधि करने पर निम्नलिखित परिवर्तन होते हैं:
- (क) अस्ति + अस्माकम् = अस्त्यस्माकम् (यहाँ 'इ' और 'अ' का मेल होकर 'य' बनता है - यण संधि)।
- (ख) मम + उपवासः = ममोपवासः (यहाँ 'अ' और 'उ' का मेल होकर 'ओ' बनता है - गुण संधि)।
- (ग) मया + अपि = मयापि (यहाँ 'आ' और 'अ' का मेल होकर 'आ' ही रहता है - दीर्घ संधि)।
- (घ) आगतः + असि = आगतोऽसि (यहाँ 'अः' और 'अ' का मेल होकर 'ओ' और 'अ' का 'अ' (अवग्रह) बनता है - विसर्ग संधि)।
Common mistakes
- उच्चारण में अशुद्धियाँ।
- समानार्थक शब्दों के अर्थ में भ्रम।
- विशेषण और विशेष्य के लिंग, वचन, विभक्ति में त्रुटियाँ।
- संधि नियमों को गलत लागू करना।
Revision tips
- प्रत्येक शब्द का अभिनय के साथ उच्चारण का अभ्यास करें।
- समानार्थक और विशेषण-विशेष्य मिलान को बार-बार दोहराएँ।
- संधि के नियमों को समझें और उदाहरणों पर लागू करें।
- पाठ के मुख्य व्याकरणिक बिंदुओं को सारांशित करें।
Practice MCQs
Q1. पाठ 'दारिद्र्ये दुर्लभं सत्त्वम्' में 'प्रविश्य' शब्द का अर्थ क्या है?
Explanation: पाठ के अनुसार, 'प्रविश्य' का अर्थ मंच पर प्रवेश करने का अभिनय करना है।
Q2. 'अक्षिणी' शब्द का समानार्थक शब्द क्या है?
Explanation: 'अक्षिणी' का अर्थ 'आँखें' होता है, जिसका समानार्थक शब्द 'नयने' है।
Q3. विशेषण 'शोभनानाम्' का विशेष्य क्या है?
Explanation: विशेषण 'शोभनानाम्' (सुंदर) का विशेष्य 'भोजनानाम्' (भोजन) है, दोनों षष्ठी विभक्ति बहुवचन में हैं।
Q4. 'अस्ति + अस्माकम्' में कौन सी संधि होगी और परिणाम क्या होगा?
Explanation: यहाँ 'इ' और 'अ' का मेल हो रहा है, जो यण संधि का नियम है, लेकिन यहाँ दीर्घ संधि का उदाहरण प्रस्तुत किया गया है जहाँ 'इ' का 'य' में परिवर्तन और 'अ' का दीर्घ 'आ' में परिवर्तन होकर 'अस्म्यस्माकम्' बनता है। (नोट: स्रोत में उत्तर 'अस्म्यस्माकम्' दिया गया है, जो दीर्घ संधि के नियम के अनुसार सही नहीं है, यह यण संधि का उदाहरण होना चाहिए था 'अस्त्यस्माकम्'। दिए गए उत्तर के अनुसार यह दीर्घ संधि का उदाहरण माना गया है।)
Q5. 'मम + उपवासः' का संधि रूप क्या है?
Explanation: यहाँ 'अ' और 'उ' का मेल होकर 'ओ' (गुण संधि) बनता है, इसलिए 'मम + उपवासः' का संधि रूप 'ममोपवासः' होगा।
Frequently asked questions
यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए है?
यह समाधान सीबीएसई कक्षा 12 संस्कृत कोर के लिए है, विशेष रूप से 'दारिद्र्ये दुर्लभं सत्त्वम्' पाठ पर केंद्रित है।
इस समाधान में कौन से मुख्य व्याकरणिक बिंदु शामिल हैं?
इसमें शब्दों का सही उच्चारण, समानार्थक शब्दों का मिलान, विशेषणों का उनके विशेष्यों के साथ मिलान और संधि के नियमों का अनुप्रयोग शामिल है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ के महत्वपूर्ण व्याकरणिक पहलुओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत सहायक हैं।
क्या प्रश्न के शब्दों को बदला गया है?
नहीं, प्रश्नों को स्रोत के अनुसार ही रखा गया है, केवल स्पष्टता के लिए वाक्यों को थोड़ा विस्तारित किया गया है।
क्या समाधानों में मूल पाठ की जानकारी को बनाए रखा गया है?
हाँ, समाधानों में मूल पाठ की विधि और परिणाम को बनाए रखा गया है, लेकिन स्पष्टीकरण को अधिक विस्तृत और समझने योग्य बनाया गया है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.