कक्षा 12 रसायन विज्ञान अध्याय 7 बहुलक के लिए NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 7, बहुलक के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें बहुलकों की परिभाषा, संरचना के आधार पर उनका वर्गीकरण (रैखिक, शाखित श्रृंखला, और तिर्यक बंधित बहुलक), और विभिन्न बहुलकों के एकलकों की पहचान शामिल है। समाधान योगात्मक और संघनन बहुलकों के बीच अंतर को भी स्पष्ट करते हैं। यह सामग्री छात्रों को बहुलकों की मूल बातें समझने, विभिन्न प्रकार के बहुलकों को पहचानने और उनके निर्माण खंडों को जानने में मदद करती है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए एक मूल्यवान संसाधन हैं, जो अवधारणाओं की स्पष्ट समझ और अभ्यास प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 12 |
| Subject | रसायन विज्ञान-II |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | Chapter 7 |
Chapter summary
कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 7, बहुलक के लिए NCERT समाधान, बहुलकों की मौलिक अवधारणाओं को शामिल करते हैं। यह खंड बहुलकों को परिभाषित करता है, उनके उच्च आणविक द्रव्यमान और बहुलकीकरण प्रक्रिया पर प्रकाश डालता है। यह संरचना के आधार पर बहुलकों को वर्गीकृत करता है, जिसमें रैखिक, शाखित श्रृंखला और तिर्यक बंधित बहुलक शामिल हैं, प्रत्येक के उदाहरण प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, यह विभिन्न सामान्य बहुलकों जैसे नायलॉन-6,6, नायलॉन-6 और टेफ्लॉन के लिए एकलकों की पहचान करता है। अंत में, यह योगात्मक और संघनन बहुलकों के बीच अंतर करने का अभ्यास प्रदान करता है।
Learning outcomes
- बहुलकों को परिभाषित करना और उनके महत्व को समझना।
- संरचना के आधार पर बहुलकों को वर्गीकृत करना।
- दिए गए बहुलकों के लिए एकलकों की पहचान करना।
- योगात्मक और संघनन बहुलकों के बीच अंतर करना।
Topics covered
Paper topics
- बहुलक की परिभाषा
- बहुलकों का वर्गीकरण (संरचना के आधार पर)
- रैखिक बहुलक
- शाखित श्रृंखला बहुलक
- तिर्यक बंधित/जाल क्रम बहुलक
- एकलक
- बहुलकीकरण
- नायलॉन-6,6
- नायलॉन-6
- टेफ्लॉन (पॉलिटेट्राफ्लुओरोएथीन)
- योगात्मक बहुलक
- संघनन बहुलक
Important topics
- बहुलकों की परिभाषा और वर्गीकरण
- विभिन्न बहुलकों के एकलक
- योगात्मक बनाम संघनन बहुलक
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
उदाहरण के लिए, एथीन (एकलक) के बहुलकीकरण से पॉलिथीन (बहुलक) बनता है:
यहाँ, 'n' एथीन की पुनरावृत्त इकाइयों की संख्या को दर्शाता है।
प्रश्न 2
- रैखिक बहुलक (Linear Polymers): इन बहुलकों में एकलक इकाइयाँ सीधी या रैखिक श्रृंखलाओं में व्यवस्थित होती हैं। इन श्रृंखलाओं के बीच बहुत कम या कोई अंतर-आणविक बल नहीं होता है। उदाहरणों में उच्च घनत्व पॉलिथीन (HDPE) और पॉलिवाइनिल क्लोराइड (PVC) शामिल हैं।
- शाखित श्रृंखला बहुलक (Branched Chain Polymers): इन बहुलकों में, मुख्य श्रृंखला के साथ पार्श्व शाखाएँ (side branches) जुड़ी होती हैं। ये शाखाएँ बहुलक श्रृंखलाओं को एक-दूसरे के करीब आने से रोकती हैं, जिससे घनत्व कम हो जाता है। अल्प घनत्व पॉलिथीन (LDPE) इसका एक प्रमुख उदाहरण है।
- तिर्यक बंधित अथवा जाल क्रम बहुलक (Cross-linked or Network Polymers): इन बहुलकों में, विभिन्न रैखिक या शाखित बहुलक श्रृंखलाएँ तिर्यक बंधों (cross-links) द्वारा एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं, जिससे एक त्रि-आयामी जाल (three-dimensional network) बनता है। ये बहुलक कठोर और भंगुर होते हैं। उदाहरणों में बेकेलाइट और मेलैमीन शामिल हैं।
प्रश्न 3
यहाँ दिए गए बहुलकों को बनाने वाले एकलकों के नाम निम्नलिखित हैं:
- यह बहुलक नायलॉन-6,6 की संरचना को दर्शाता है। नायलॉन-6,6 दो एकलकों से बनता है: हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन () और ऐडिपिक अम्ल ()।
- यह बहुलक टेफ्लॉन (पॉलिटेट्राफ्लुओरोएथीन) है। इसका एकलक टेट्राफ्लुओरोएथीन है, जिसका सूत्र है।
प्रश्न 4
दिए गए बहुलकों का योगात्मक और संघनन बहुलकों में वर्गीकरण इस प्रकार है:
- योगात्मक बहुलक (Addition Polymers): ये बहुलक एकलक इकाइयों के सीधे जुड़ने से बनते हैं, जिसमें कोई छोटा अणु बाहर नहीं निकलता है।
- पॉलिवाइनिल क्लोराइड (PVC)
- पॉलिथीन (Polyethylene)
- संघनन बहुलक (Condensation Polymers): ये बहुलक तब बनते हैं जब दो एकलक इकाइयाँ आपस में जुड़ती हैं और इस प्रक्रिया में एक छोटे अणु (जैसे पानी, मेथनॉल या HCl) का निष्कासन होता है।
- टेरिलीन (Terylene) - यह एक पॉलिएस्टर है जो एथिलीन ग्लाइकॉल और टेरेफ्थेलिक अम्ल के संघनन से बनता है।
- बेकेलाइट (Bakelite) - यह फिनोल और फॉर्मेल्डिहाइड के संघनन से बनता है।
Common mistakes
- बहुलकों और एकलक के बीच भ्रमित होना।
- योगात्मक और संघनन बहुलकीकरण के बीच अंतर करने में गलती करना।
- विशिष्ट बहुलकों के लिए सही एकलक इकाइयों को याद रखने में कठिनाई।
Revision tips
- प्रत्येक प्रकार के बहुलक (रैखिक, शाखित, तिर्यक बंधित) के उदाहरणों को याद करें।
- महत्वपूर्ण बहुलकों और उनके संबंधित एकलक के बीच संबंध का अभ्यास करें।
- योगात्मक और संघनन बहुलकीकरण के बीच मुख्य अंतरों को समझें।
Practice MCQs
Q1. बहुलक शब्द की उत्पत्ति किन ग्रीक शब्दों से हुई है?
Explanation: बहुलक शब्द ग्रीक शब्दों 'पॉली' जिसका अर्थ है अनेक और 'मर' जिसका अर्थ है इकाई से लिया गया है, जो बहुलक की पुनरावृत्त इकाइयों को दर्शाता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा एक रैखिक बहुलक का उदाहरण है?
Explanation: उच्च घनत्व पॉलिथीन (एचडीपीई) एक रैखिक बहुलक है, जबकि अल्प घनत्व पॉलिथीन शाखित श्रृंखला वाला होता है, और बेकेलाइट व मेलैमीन तिर्यक बंधित बहुलक होते हैं।
Q3. नायलॉन-6,6 बनाने वाले एकलकों के नाम क्या हैं?
Explanation: नायलॉन-6,6 का निर्माण हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन और ऐडिपिक अम्ल के संघनन से होता है।
Q4. टेफ्लॉन (पॉलिटेट्राफ्लुओरोएथीन) का एकलक क्या है?
Explanation: टेफ्लॉन, जिसे पॉलिटेट्राफ्लुओरोएथीन के रूप में भी जाना जाता है, का एकलक टेट्राफ्लुओरोएथीन है।
Q5. निम्नलिखित में से कौन सा एक संघनन बहुलक का उदाहरण है?
Explanation: बेकेलाइट एक संघनन बहुलक है, जो छोटे अणुओं जैसे पानी के निष्कासन के साथ बनता है, जबकि पॉलिथीन और पॉलिवाइनिल क्लोराइड योगात्मक बहुलक हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 12 रसायन विज्ञान में बहुलक क्या हैं?
कक्षा 12 रसायन विज्ञान में, बहुलक को बहुत बड़े अणु (मैक्रोमोलेक्यूल्स) के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिनका आणविक द्रव्यमान बहुत अधिक होता है। ये बहुलकीकरण नामक प्रक्रिया के माध्यम से कई छोटी दोहराई जाने वाली इकाइयों (एकलक) के रासायनिक बंधों द्वारा जुड़ने से बनते हैं।
संरचना के आधार पर बहुलकों के मुख्य प्रकार कौन से हैं?
संरचना के आधार पर, बहुलकों को तीन मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: रैखिक बहुलक, शाखित श्रृंखला बहुलक और तिर्यक बंधित या जाल क्रम बहुलक।
नायलॉन-6,6 और नायलॉन-6 के एकलकों के नाम बताइए।
नायलॉन-6,6 के एकलकों हेक्सामेथिलीन डाइऐमीन और ऐडिपिक अम्ल हैं। नायलॉन-6 का एकलक कैप्रोलैक्टम है।
योगात्मक और संघनन बहुलक में क्या अंतर है?
योगात्मक बहुलकीकरण में, एकलक सीधे एक दूसरे से जुड़ते हैं, जिससे कोई छोटा अणु नहीं निकलता है। संघनन बहुलकीकरण में, दो एकलक एक छोटे अणु (जैसे पानी) के निष्कासन के साथ प्रतिक्रिया करते हैं।
ये NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?
ये समाधान छात्रों को बहुलक अध्याय की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने में मदद करते हैं। वे प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत, चरण-दर-चरण उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अभ्यास करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में सहायता मिलती है।
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