कक्षा 12 रसायन विज्ञान अध्याय 6: जैव-अणु NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 12 PDF

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के लिए NCERT समाधानों का यह व्यापक सेट अध्याय 6, जैव-अणु पर केंद्रित है। यह खंड छात्रों को कार्बोहाइड्रेट (ग्लूकोज, सुक्रोज, लैक्टोज), अमीनो एसिड, प्रोटीन और विटामिन जैसे महत्वपूर्ण जैविक अणुओं की संरचना, गुणों और कार्यों की गहन समझ प्रदान करता है। समाधानों में विलेयता, जल-अपघटन, प्रोटीन विकृतीकरण और विटामिन के चयापचय से संबंधित प्रश्नों की विस्तृत व्याख्या शामिल है। प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिसमें रासायनिक संरचनाओं और प्रतिक्रियाओं पर जोर दिया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत आधार बनाने और जैव-अणु की अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से समझने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectरसायन विज्ञान-II
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
ChapterChapter 6

Chapter summary

यह अध्याय जैव-अणु पर केंद्रित है, जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, न्यूक्लिक एसिड, विटामिन और एंजाइम जैसे आवश्यक जैविक अणुओं का विस्तृत अध्ययन शामिल है। समाधानों में ग्लूकोज और सुक्रोज की जल में विलेयता, लैक्टोज के जल-अपघटन, D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट की संरचना, अमीनो एसिड के गलनांक और विलेयता, प्रोटीन विकृतीकरण और विटामिन C के संचय जैसे विषयों को शामिल किया गया है। यह छात्रों को इन महत्वपूर्ण अणुओं की रासायनिक प्रकृति और जैविक भूमिकाओं को समझने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • ग्लूकोज, सुक्रोज और लैक्टोज जैसे कार्बोहाइड्रेट की विलेयता को समझना।
  • लैक्टोज के जल-अपघटन से बनने वाले उत्पादों की पहचान करना।
  • D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट में एल्डिहाइड समूह की अनुपस्थिति की व्याख्या करना।
  • अमीनो एसिड और हैलो एसिड के गलनांक और विलेयता में अंतर को समझना।
  • प्रोटीन विकृतीकरण की प्रक्रिया को समझना।
  • विटामिन C के शरीर में संचित न होने के कारण को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • जैव-अणु
  • कार्बोहाइड्रेट
  • ग्लूकोज
  • सुक्रोज
  • लैक्टोज
  • डाइसैकेराइड
  • मोनोसैकेराइड
  • अमीनो एसिड
  • प्रोटीन
  • प्रोटीन विकृतीकरण
  • विटामिन
  • विटामिन C

Important topics

  • कार्बोहाइड्रेट की संरचना और गुण
  • अमीनो एसिड की द्विध्रुवीय प्रकृति
  • प्रोटीन की संरचना और विकृतीकरण
  • विटामिन के प्रकार और कार्य

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

प्रश्न 1

ग्लूकोस तथा सुक्रोज जल में विलेय हैं जबकि साइक्लोहेक्सेन अथवा बेंजीन (सामान्य छ: सदस्यीय वलय युक्त यौगिक) जल में अविलेय होते हैं। समझाइए।
Solution:

ग्लूकोस (C_6H_{12}O_6) में पाँच हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह होते हैं, और सुक्रोज (C_{12}H_{22}O_{11}) में भी कई हाइड्रॉक्सिल समूह होते हैं। ये हाइड्रॉक्सिल समूह ध्रुवीय प्रकृति के होते हैं और जल के अणुओं के साथ अंतराण्विक हाइड्रोजन बंध बना सकते हैं। हाइड्रोजन बंध बनाने की यह क्षमता ग्लूकोज और सुक्रोज को जल में आसानी से विलेय बनाती है।

इसके विपरीत, बेंजीन (C_6H_6) और साइक्लोहेक्सेन (C_6H_{12}) हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कोई महत्वपूर्ण ध्रुवीय समूह नहीं होता है। इसलिए, वे जल के अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध नहीं बना पाते हैं। इस कारण से, वे जल में अविलेय होते हैं।

प्रश्न 2

लैक्टोस के जल-अपघटन से किन उत्पादों के बनने की अपेक्षा करते हैं?
Solution:

लैक्टोस एक डाइसैकेराइड है। जब लैक्टोस का जल-अपघटन किया जाता है, तो यह दो मोनोसैकेराइड इकाइयों में टूट जाता है। ये उत्पाद D-(+)-ग्लूकोज का एक अणु और D-(+)-गैलेक्टोज का एक अणु होते हैं।

रासायनिक समीकरण इस प्रकार है:

C_{12}H_{22}O_{11} + H_2O \xrightarrow{H_3O^+} C_6H_{12}O_6 + C_6H_{12}O_6

लैक्टोस (डाइसैकेराइड) \rightarrow D-(+)-ग्लूकोज + D-(+)-गैलेक्टोज

प्रश्न 3

D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट में आप ऐल्डिहाइड समूह की अनुपस्थिति को कैसे समझाएगें?
Solution:

D-ग्लूकोस एक एल्डोहैक्सोस है और सामान्यतः एल्डिहाइड समूह की विशिष्ट अभिक्रियाएँ (जैसे HCN, टॉलेन अभिकर्मक, या फेहलिंग अभिकर्मक के साथ अभिक्रिया) प्रदर्शित करता है। हालाँकि, D-ग्लूकोस का पेन्टाऐसीटेट ये अभिक्रियाएँ नहीं देता है। इसका कारण यह है कि पेन्टाऐसीटेट में एल्डिहाइड समूह रासायनिक रूप से उपलब्ध नहीं रहता है।

वास्तव में, D-ग्लूकोस में एल्डिहाइड समूह एक चक्रीय हेमीएसिटल संरचना का हिस्सा होता है। जब इसका एसिटिलीकरण किया जाता है, तो यह हेमीएसिटल समूह भी एसिटिलेटेड हो जाता है, जिससे एक एसिटल बनता है। यह एसिटल लिंकेज एल्डिहाइड समूह को प्रतिक्रिया के लिए अनुपलब्ध बना देता है।

संरचनात्मक रूप से, D-ग्लूकोस का पेन्टाऐसीटेट निम्नलिखित अभिक्रिया द्वारा बनता है:

D\text{-ग्लूकोस} + 5(CH_3CO)_2O \rightarrow D\text{-ग्लूकोस का पेन्टाऐसीटेट} + 5CH_3COOH

पेन्टाऐसीटेट में, एल्डिहाइड कार्बन एसिटॉक्सी समूह (-OCOCH3) से जुड़ा होता है, जो इसे प्रतिक्रियाशील एल्डिहाइड के रूप में कार्य करने से रोकता है।

प्रश्न 4

ऐमीनों अम्लों के गलनांक एवं जल में विलेयता सामान्यत: संगत हैलो अम्लों की तुलना में अधिक होती है। समझाइए।
Solution:

अमीनो अम्ल अपनी द्विध्रुवीय (zwitterionic) प्रकृति के कारण उच्च गलनांक प्रदर्शित करते हैं। एक द्विध्रुवीय आयन में, अणु में एक ही समय में एक ऋणात्मक आवेशित (-COO-) और एक धनात्मक आवेशित (-NH3+) समूह होता है। यह द्विध्रुवीय प्रकृति मजबूत अंतराण्विक स्थैतिक आकर्षण (electrostatic attraction) उत्पन्न करती है, जिसके लिए उच्च तापमान पर गलने की आवश्यकता होती है।

जब अमीनो अम्ल जल में घोले जाते हैं, तो वे जल के अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध बना सकते हैं, जिससे वे जल में विलेय हो जाते हैं (समविभव बिंदु पर छोड़कर, जहाँ उनकी विलेयता न्यूनतम होती है)।

इसके विपरीत, हैलो अम्ल द्विध्रुवीय नहीं होते हैं। उनमें केवल कार्बोक्सिल समूह (-COOH) ही हाइड्रोजन बंध में भाग ले सकता है, हैलोजन परमाणु नहीं। इस कारण, हैलो अम्लों में अमीनो अम्लों की तुलना में कमजोर अंतराण्विक आकर्षण होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनके गलनांक और जल में विलेयता कम होती है।

प्रश्न 5

अण्डे को उबालने पर उसमें उपस्थित जल कहाँ चला जाता है?
Solution:

जब अंडे को उबाला जाता है, तो अंडे के सफेद भाग में मौजूद ग्लोबुलर प्रोटीन (मुख्य रूप से एल्ब्यूमिन) विकृत हो जाते हैं। विकृतीकरण की प्रक्रिया में, प्रोटीन अपनी त्रि-आयामी संरचना खो देते हैं और फैल जाते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, प्रोटीन अणु पानी को अवशोषित या अधिशोषित कर लेते हैं। यह पानी प्रोटीन संरचना में बंध जाता है और उबले हुए अंडे से बाहर निकलता हुआ दिखाई नहीं देता, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि जल 'चला गया' है।

प्रश्न 6

हमारे शरीर में विटामिन C संचित क्यों नहीं होता है?
Solution:

विटामिन C, जिसे एस्कॉर्बिक एसिड भी कहा जाता है, एक जल-विलेय विटामिन है। इसका मतलब है कि यह शरीर के जलीय वातावरण में आसानी से घुल जाता है। शरीर अतिरिक्त विटामिन C को जमा नहीं करता है; इसके बजाय, यह लगातार मूत्र के माध्यम से शरीर से उत्सर्जित होता रहता है। इस निरंतर उत्सर्जन के कारण, विटामिन C शरीर में महत्वपूर्ण मात्रा में संचित नहीं हो पाता है।

Common mistakes

  • हाइड्रोजन बॉन्डिंग के कारण विलेयता को गलत समझना।
  • एल्डिहाइड समूह की प्रतिक्रियाशीलता को गलत समझना।
  • अमीनो एसिड की द्विध्रुवीय प्रकृति को नजरअंदाज करना।
  • प्रोटीन विकृतीकरण के प्रभाव को गलत समझना।

Revision tips

  • प्रत्येक जैव-अणु की रासायनिक संरचना और कार्यात्मक समूहों पर ध्यान केंद्रित करें।
  • विलेयता और गलनांक जैसे भौतिक गुणों को प्रभावित करने वाले कारकों को समझें।
  • रासायनिक प्रतिक्रियाओं, जैसे जल-अपघटन और एसिटिलीकरण, के तंत्र की समीक्षा करें।
  • प्रोटीन विकृतीकरण और विटामिन के चयापचय से संबंधित अवधारणाओं को स्पष्ट करें।

Practice MCQs

Q1. ग्लूकोज और सुक्रोज जल में विलेय क्यों होते हैं जबकि बेंजीन और साइक्लोहेक्सेन अविलेय होते हैं?

Q2. लैक्टोज के जल-अपघटन से कौन से मोनोसैकेराइड बनते हैं?

Q3. D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट में एल्डिहाइड समूह की अनुपस्थिति का क्या कारण है?

Q4. अमीनो एसिड के गलनांक सामान्यतः हैलो एसिड की तुलना में अधिक क्यों होते हैं?

Q5. विटामिन C शरीर में संचित क्यों नहीं होता है?

Frequently asked questions

कक्षा 12 रसायन विज्ञान के अध्याय 6 में कौन से मुख्य जैव-अणु शामिल हैं?

अध्याय 6 में मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट (जैसे ग्लूकोज, सुक्रोज, लैक्टोज), अमीनो एसिड, प्रोटीन, न्यूक्लिक एसिड और विटामिन जैसे जैव-अणुओं को शामिल किया गया है।

ग्लूकोज और सुक्रोज जल में क्यों घुलनशील हैं?

ग्लूकोज और सुक्रोज में कई हाइड्रॉक्सिल (-OH) समूह होते हैं जो जल के अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध बना सकते हैं, जिससे वे जल में आसानी से घुल जाते हैं।

D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट में एल्डिहाइड समूह की प्रतिक्रिया क्यों नहीं होती है?

D-ग्लूकोस के पेन्टाऐसीटेट में, एल्डिहाइड समूह एक हेमीएसिटल संरचना का हिस्सा बन जाता है, जो रासायनिक रूप से स्थिर होता है और सामान्य एल्डिहाइड प्रतिक्रियाओं में भाग नहीं लेता है।

अमीनो एसिड के उच्च गलनांक का क्या कारण है?

अमीनो एसिड द्विध्रुवीय आयनों (जविटरआयन) के रूप में मौजूद होते हैं, जिनमें मजबूत आंतरिक आयनिक और द्विध्रुवीय आकर्षण होते हैं, जिसके कारण उनके गलनांक उच्च होते हैं।

क्या विटामिन C शरीर में जमा हो सकता है?

नहीं, विटामिन C जल में विलेय होता है और अतिरिक्त मात्रा मूत्र के माध्यम से शरीर से उत्सर्जित हो जाती है, इसलिए यह शरीर में जमा नहीं हो पाता है।

अंडे को उबालने पर प्रोटीन का क्या होता है?

अंडे को उबालने पर, उसमें मौजूद ग्लोबुलर प्रोटीन विकृत हो जाते हैं, जिससे अंडे की बनावट बदल जाती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.