कक्षा 12 भौतिकी NCERT समाधान: स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता

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यह पृष्ठ कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 'स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें दो बिंदु आवेशों के कारण विभव की गणना, समषट्भुज के केंद्र पर विभव ज्ञात करना, सम विभव पृष्ठ की पहचान करना और गोलीय चालक के अंदर, बाहर और केंद्र से कुछ दूरी पर विद्युत क्षेत्र की गणना जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न का हल चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती है।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 12
Subjectभौतिकी विज्ञान-I
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता

Chapter summary

कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 'स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता' के ये NCERT समाधान छात्रों को विद्युत विभव, सम विभव पृष्ठ और चालक की धारिता जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में बिंदु आवेशों के कारण विभव, समषट्भुज के केंद्र पर विभव और गोलीय चालक के विभिन्न बिंदुओं पर विद्युत क्षेत्र की गणना शामिल है। यह अभ्यास छात्रों को इन सिद्धांतों को लागू करने और संबंधित समस्याओं को हल करने का कौशल प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • दो बिंदु आवेशों के कारण किसी बिंदु पर कुल विद्युत विभव की गणना करना सीखें।
  • समषट्भुज के केंद्र पर कुल विद्युत विभव की गणना करना समझें।
  • सम विभव पृष्ठ की पहचान करना और उसके गुणों को समझना।
  • गोलीय चालक के अंदर, बाहर और केंद्र से कुछ दूरी पर विद्युत क्षेत्र की गणना करना सीखें।
  • विद्युत विभव और विद्युत क्षेत्र के बीच संबंध को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • विद्युत विभव
  • बिंदु आवेशों के कारण विभव
  • सम विभव पृष्ठ
  • गोलीय चालक
  • चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र
  • चालक के बाहर विद्युत क्षेत्र
  • समषट्भुज के केंद्र पर विभव
  • विद्युत क्षेत्र की दिशा

Important topics

  • बिंदु आवेशों के कारण कुल विभव की गणना
  • सम विभव पृष्ठ की पहचान
  • गोलीय चालक के अंदर और बाहर विद्युत क्षेत्र
  • समषट्भुज के केंद्र पर विभव

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Questions and Solutions

प्रश्न 2.1

\(5 \times 10^{-8}\) C और \(-3 \times 10^{-8}\) C के दो बिंदु आवेश 16 cm दूरी पर स्थित हैं। दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के किस बिंदु पर वैद्युत विभव शून्य होता है? अनंत पर विभव शून्य लीजिए।
Solution:

माना दो आवेश \(q_1 = 5 \times 10^{-8}\) C और \(q_2 = -3 \times 10^{-8}\) C हैं, जो एक दूसरे से \(r = 16\) cm = 0.16 m की दूरी पर स्थित हैं। माना बिंदु A पर \(q_1\) और बिंदु B पर \(q_2\) स्थित हैं।

माना P एक ऐसा बिंदु है जहाँ कुल विद्युत विभव शून्य है। हम दो स्थितियाँ मानते हैं:

  1. बिंदु P दोनों आवेशों के बीच स्थित है।
  2. बिंदु P दोनों आवेशों के बाहर स्थित है।

स्थिति 1: बिंदु P दोनों आवेशों के बीच स्थित है।

माना \(q_1\) से बिंदु P की दूरी \(x\) है। तब \(q_2\) से P की दूरी \((0.16 - x)\) मीटर होगी।

बिंदु P पर कुल विभव \(V\) शून्य होना चाहिए:

V = V_1 + V_2 = 0

V = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q_1}{x} + \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q_2}{(0.16 - x)} = 0

\frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \left[ \frac{5 \times 10^{-8}}{x} + \frac{-3 \times 10^{-8}}{(0.16 - x)} \right] = 0

चूँकि \( \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \neq 0 \), इसलिए:

\frac{5 \times 10^{-8}}{x} = \frac{3 \times 10^{-8}}{(0.16 - x)}

\frac{5}{x} = \frac{3}{(0.16 - x)}

5(0.16 - x) = 3x

0.8 - 5x = 3x

8x = 0.8

x = \frac{0.8}{8} = 0.1 \,\mathrm{m} = 10 \,\mathrm{cm}

यह बिंदु दोनों आवेशों के बीच स्थित है (0.1 m < 0.16 m)।

स्थिति 2: बिंदु P दोनों आवेशों के बाहर स्थित है।

माना बिंदु P, \(q_1\) से \(x\) दूरी पर स्थित है, और यह \(q_2\) से दूर है। तब \(q_2\) से P की दूरी \((x - 0.16)\) मीटर होगी।

V = V_1 + V_2 = 0

\frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q_1}{x} + \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q_2}{(x - 0.16)} = 0

\frac{5 \times 10^{-8}}{x} = \frac{-(-3 \times 10^{-8})}{(x - 0.16)}

\frac{5}{x} = \frac{3}{(x - 0.16)}

5(x - 0.16) = 3x

5x - 0.8 = 3x

2x = 0.8

x = 0.4 \,\mathrm{m} = 40 \,\mathrm{cm}

यह बिंदु \(q_1\) से 40 cm की दूरी पर है, जो \(q_2\) से बाहर है।

उत्तर: वैद्युत विभव \(q_1\) (धनात्मक आवेश) से 10 cm की दूरी पर (दोनों आवेशों के बीच) या 40 cm की दूरी पर (ऋणात्मक आवेश की ओर, \(q_1\) से बाहर) शून्य होता है।

प्रश्न 2.2

10 cm भुजा वाले एक समषट्भुज के प्रत्येक शीर्ष पर 5μC का आवेश है। षट्भुज के केंद्र पर विभव परिकलित कीजिए।
Solution:

माना ABCDEF एक समषट्भुज है जिसकी भुजा की लंबाई \(a = 10\) cm = 0.10 m है। समषट्भुज के प्रत्येक शीर्ष पर आवेश \(q = 5\mu C = 5 \times 10^{-6}\) C है।

समषट्भुज की एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय विशेषता यह है कि इसके केंद्र से प्रत्येक शीर्ष की दूरी भुजा की लंबाई के बराबर होती है। अतः, केंद्र O से प्रत्येक शीर्ष (A, B, C, D, E, F) की दूरी \(r = a = 0.10\) m है।

किसी बिंदु पर कुल विद्युत विभव, उस बिंदु पर सभी आवेशों के कारण विभव के बीजगणितीय योग के बराबर होता है।

केंद्र O पर कुल विभव V है:

V = V_A + V_B + V_C + V_D + V_E + V_F

जहाँ \(V_i\) प्रत्येक शीर्ष पर स्थित आवेश के कारण केंद्र O पर विभव है।

चूँकि सभी आवेश समान हैं (\(q\)) और केंद्र से सभी की दूरी समान है (\(r\)), तो प्रत्येक शीर्ष के कारण विभव समान होगा:

V_i = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q}{r}

इसलिए, कुल विभव होगा:

V = 6 \times \left( \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q}{r} \right)

मान रखने पर:

V = 6 \times \frac{(9 \times 10^9 \text{ Nm}^2/\text{C}^2) \times (5 \times 10^{-6} \text{ C})}{0.10 \text{ m}}

V = 6 \times \frac{45 \times 10^3}{0.10} \text{ V}

V = 6 \times 45 \times 10^4 \text{ V}

V = 270 \times 10^4 \text{ V}

V = 2.7 \times 10^6 \text{ V}

उत्तर: षट्भुज के केंद्र पर विभव \(2.7 \times 10^6\) V है।

प्रश्न 2.3

6 cm की दूरी पर अवस्थित दो बिंदुओं A एवं B पर दो आवेश \(2\mu C\) तथा \(-2\mu C\) रखे हैं।

(a) निकाय के सम विभव पृष्ठ की पहचान कीजिए।

(b) इस पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा क्या है?

Solution:

(a) सम विभव पृष्ठ की पहचान:

हमारे पास दो समान परिमाण के लेकिन विपरीत चिन्ह के आवेश हैं, \(q_1 = +2\mu C\) और \(q_2 = -2\mu C\), जो 6 cm की दूरी पर स्थित हैं।

सम विभव पृष्ठ वह पृष्ठ होता है जिसके प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव समान होता है।

माना बिंदु A पर \(q_1\) और बिंदु B पर \(q_2\) स्थित है। माना P कोई बिंदु है जहाँ विभव शून्य है। तब:

V = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q_1}{r_1} + \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q_2}{r_2} = 0

\frac{q_1}{r_1} = -\frac{q_2}{r_2}

चूँकि \(q_1 = -q_2\), इसलिए:

\frac{q_1}{r_1} = \frac{q_1}{r_2}

इसका अर्थ है कि \(r_1 = r_2\)।

यह स्थिति दर्शाती है कि बिंदु P, आवेश \(q_1\) और \(q_2\) से समान दूरी पर होना चाहिए। ऐसे सभी बिंदुओं का बिंदु पथ, जो दोनों आवेशों से समान दूरी पर हो, दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के लंबवत एक समतल होता है, जो दोनों आवेशों के मध्य बिंदु से गुजरता है।

अतः, निकाय का सम विभव पृष्ठ वह समतल है जो दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के लंबवत है और उनके मध्य बिंदु से होकर गुजरता है। इस पृष्ठ पर विभव शून्य है।

(b) विद्युत क्षेत्र की दिशा:

विद्युत क्षेत्र रेखाएँ हमेशा धनावेश से निकलती हैं और ऋणावेश में प्रवेश करती हैं। इस निकाय में, विद्युत क्षेत्र रेखाएँ \(+2\mu C\) आवेश से निकलेंगी और \(-2\mu C\) आवेश में प्रवेश करेंगी।

सम विभव पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा, उस पृष्ठ के लंबवत होती है। चूँकि विद्युत क्षेत्र धनावेश से ऋणावेश की ओर निर्देशित होता है, इसलिए सम विभव पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा \(+2\mu C\) आवेश से \(-2\mu C\) आवेश की ओर होगी, जो सम विभव पृष्ठ के लंबवत है।

उत्तर: (a) सम विभव पृष्ठ वह समतल है जो दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के लंबवत है और उनके मध्य बिंदु से गुजरता है। (b) विद्युत क्षेत्र की दिशा \(+2\mu C\) आवेश से \(-2\mu C\) आवेश की ओर है, जो सम विभव पृष्ठ के लंबवत है।

प्रश्न 2.4

12 cm त्रिज्या वाले एक गोलीय चालक के पृष्ठ पर \(1.6 \times 10^{-7}\) C का आवेश 'एकसमान' रूप से वितरित है:

(a) गोले के अन्दर,

(b) गोले के ठीक बाहर,

(c) गोले के केंद्र से 18 cm पर अवस्थित, किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र क्या होगा?

Solution:

दिया गया है:

  • गोलीय चालक पर आवेश, \(q = 1.6 \times 10^{-7}\) C
  • गोलीय चालक की त्रिज्या, \(R = 12\) cm = 0.12 m

(a) गोले के अन्दर विद्युत क्षेत्र:

किसी भी चालक के अंदर, विद्युत क्षेत्र हमेशा शून्य होता है, भले ही चालक पर कितना भी आवेश क्यों न हो। ऐसा इसलिए है क्योंकि चालक के अंदर मुक्त इलेक्ट्रॉन इस प्रकार पुनर्वितरित हो जाते हैं कि वे एक आंतरिक विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करते हैं जो बाहरी विद्युत क्षेत्र को रद्द कर देता है।

E_{\text{अंदर}} = 0

(b) गोले के ठीक बाहर विद्युत क्षेत्र:

गोले के ठीक बाहर (अर्थात, पृष्ठ पर) विद्युत क्षेत्र की गणना गॉस के नियम का उपयोग करके की जा सकती है। गोले के बाहर \(R\) त्रिज्या पर एक गॉसियन पृष्ठ की कल्पना करें। इस पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता इस प्रकार दी जाती है:

E = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q}{R^2}

जहाँ \( \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} = 9 \times 10^9 \text{ Nm}^2/\text{C}^2 \)।

E = (9 \times 10^9 \text{ Nm}^2/\text{C}^2) \times \frac{1.6 \times 10^{-7} \text{ C}}{(0.12 \text{ m})^2}

E = (9 \times 10^9) \times \frac{1.6 \times 10^{-7}}{0.0144} \text{ N/C}

E = \frac{14.4 \times 10^2}{0.0144} \text{ N/C}

E = 1000 \times 10^2 \text{ N/C} = 1 \times 10^5 \text{ N/C}

(c) गोले के केंद्र से 18 cm पर अवस्थित बिंदु पर विद्युत क्षेत्र:

केंद्र से 18 cm की दूरी पर (अर्थात, \(r = 18\) cm = 0.18 m), यह बिंदु गोले के बाहर है। इस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की गणना भी उसी सूत्र से की जाएगी जैसे गोले के ठीक बाहर:

E = \frac{1}{4\pi\varepsilon_0} \frac{q}{r^2}

E = (9 \times 10^9 \text{ Nm}^2/\text{C}^2) \times \frac{1.6 \times 10^{-7} \text{ C}}{(0.18 \text{ m})^2}

E = (9 \times 10^9) \times \frac{1.6 \times 10^{-7}}{0.0324} \text{ N/C}

E = \frac{14.4 \times 10^2}{0.0324} \text{ N/C}

E \approx 4.44 \times 10^4 \text{ N/C}

उत्तर:

(a) गोले के अन्दर विद्युत क्षेत्र शून्य है।

(b) गोले के ठीक बाहर विद्युत क्षेत्र \(1 \times 10^5\) N/C है।

(c) गोले के केंद्र से 18 cm पर विद्युत क्षेत्र लगभग \(4.44 \times 10^4\) N/C है।

Common mistakes

  • विद्युत विभव की गणना करते समय आवेशों के चिन्हों को ध्यान में न रखना।
  • दूरी की इकाइयों को मीटर में परिवर्तित न करना।
  • सम विभव पृष्ठ और विद्युत क्षेत्र रेखाओं की दिशा के बीच भ्रमित होना।
  • गोलीय चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र को शून्य मानने में गलती करना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के हल में दिए गए सूत्रों को ध्यान से समझें और उन्हें नोट करें।
  • विद्युत विभव की गणना करते समय आवेशों के चिन्हों का विशेष ध्यान रखें।
  • गोलीय चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है, इस महत्वपूर्ण बिंदु को याद रखें।
  • सम विभव पृष्ठ की अवधारणा और विद्युत क्षेत्र रेखाओं के साथ उसके संबंध को दोहराएं।

Practice MCQs

Q1. दो बिंदु आवेशों \(q_1 = 5 \times 10^{-8}\) C और \(q_2 = -3 \times 10^{-8}\) C, जो 16 cm की दूरी पर स्थित हैं, के कारण विद्युत विभव कहाँ शून्य होगा?

Q2. 10 cm भुजा वाले एक समषट्भुज के प्रत्येक शीर्ष पर 5μC का आवेश है। षट्भुज के केंद्र पर विभव कितना है?

Q3. 6 cm की दूरी पर स्थित \(+2\mu C\) और \(-2\mu C\) आवेशों के निकाय का सम विभव पृष्ठ कैसा होता है?

Q4. 12 cm त्रिज्या वाले एक गोलीय चालक के पृष्ठ पर \(1.6 \times 10^{-7}\) C आवेश है। गोले के अंदर विद्युत क्षेत्र कितना होता है?

Q5. 12 cm त्रिज्या वाले एक गोलीय चालक के पृष्ठ पर \(1.6 \times 10^{-7}\) C आवेश है। गोले के ठीक बाहर विद्युत क्षेत्र कितना होगा?

Frequently asked questions

कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 'स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता' में मुख्य अवधारणाएँ क्या हैं?

इस अध्याय में मुख्य अवधारणाएँ विद्युत विभव, विभवांतर, बिंदु आवेशों के कारण विभव, सम विभव पृष्ठ, विद्युत द्विध्रुव के कारण विभव, चालकों की धारिता, समांतर पट्ट संधारित्र और संधारित्रों का संयोजन हैं।

NCERT समाधान 'स्थिर वैधुत विभव तथा धारिता' का उपयोग कैसे करें?

इन समाधानों का उपयोग प्रत्येक अभ्यास प्रश्न को समझने, हल करने की विधि सीखने और अपनी समझ को मजबूत करने के लिए करें। यह परीक्षा की तैयारी के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन है।

प्रश्न 2.1 में विद्युत विभव शून्य कहाँ होता है?

प्रश्न 2.1 में, विद्युत विभव \(5 \times 10^{-8}\) C आवेश से 10 cm की दूरी पर शून्य होता है, जो दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा पर स्थित है।

गोलीय चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र का मान कितना होता है?

किसी भी चालक के अंदर, चाहे वह गोलीय हो या कोई अन्य आकार का, विद्युत क्षेत्र का मान हमेशा शून्य होता है।

सम विभव पृष्ठ क्या है?

सम विभव पृष्ठ एक ऐसा पृष्ठ होता है जिसके प्रत्येक बिंदु पर विद्युत विभव समान होता है। विद्युत क्षेत्र रेखाएँ हमेशा सम विभव पृष्ठ के लंबवत होती हैं।

प्रश्न 2.2 में षट्भुज के केंद्र पर विभव की गणना कैसे की जाती है?

षट्भुज के केंद्र पर विभव की गणना प्रत्येक शीर्ष पर स्थित आवेशों के कारण विभव के सदिश योग द्वारा की जाती है। चूँकि षट्भुज के केंद्र से सभी शीर्ष समान दूरी पर होते हैं, इसलिए यह गणना सरल हो जाती है।

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