कक्षा 11 रसायन विज्ञान: S-ब्लॉक के तत्व NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 10, 'S-ब्लॉक के तत्व' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें क्षार धातुओं (समूह 1) और क्षारीय मृदा धातुओं (समूह 2) के सामान्य भौतिक और रासायनिक गुणों, उनकी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, परमाणु और आयनिक त्रिज्या, आयनन एन्थैल्पी, घनत्व, गलनांक और क्वथनांक पर चर्चा की गई है। समाधानों में इन तत्वों की वायु, जल, हाइड्रोजन, हैलोजन और अमोनिया के साथ अभिक्रियाओं को भी समझाया गया है, साथ ही उनके अपचायक गुणों पर भी प्रकाश डाला गया है। यह सामग्री छात्रों को S-ब्लॉक तत्वों की विशेषताओं को गहराई से समझने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | रसायन विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10. S - ब्लॉक के तत्व |
Chapter summary
अध्याय 10 के ये NCERT समाधान S-ब्लॉक के तत्वों पर केंद्रित हैं, जिसमें समूह 1 (क्षार धातुएँ) और समूह 2 (क्षारीय मृदा धातुएँ) शामिल हैं। समाधानों में इन तत्वों के सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, परमाणु और आयनिक त्रिज्या में प्रवृत्ति, आयनन एन्थैल्पी, भौतिक गुण जैसे घनत्व, गलनांक और क्वथनांक, और रासायनिक गुण जैसे वायु, जल, हाइड्रोजन और हैलोजन के साथ अभिक्रियाएँ शामिल हैं। छात्रों को इन तत्वों की अभिक्रियाशीलता और उनके यौगिकों के निर्माण को समझने में मदद करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान किए गए हैं।
Learning outcomes
- क्षार धातुओं और क्षारीय मृदा धातुओं के सामान्य भौतिक गुणों को समझना।
- S-ब्लॉक तत्वों के रासायनिक गुणों का विश्लेषण करना।
- क्षार धातुओं की वायु, जल, हाइड्रोजन और हैलोजन के साथ अभिक्रियाओं को समझना।
- S-ब्लॉक तत्वों की आयनन एन्थैल्पी और त्रिज्या में प्रवृत्तियों की व्याख्या करना।
- क्षार धातुओं के अपचायक गुणों को पहचानना।
Topics covered
Paper topics
- S-ब्लॉक के तत्व
- क्षार धातुएँ
- क्षारीय मृदा धातुएँ
- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
- परमाण्वीय त्रिज्या
- आयनिक त्रिज्या
- आयनन एन्थैल्पी
- भौतिक गुण
- रासायनिक गुण
- वायु से अभिक्रिया
- जल से अभिक्रिया
- अपचायक गुण
Important topics
- क्षार धातुओं के सामान्य भौतिक गुण
- क्षार धातुओं के सामान्य रासायनिक गुण
- वायु और जल के साथ अभिक्रियाएँ
- आयनन एन्थैल्पी और त्रिज्या में प्रवृत्तियाँ
- अपचायक गुण
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Questions and Solutions
प्रश्न 10.1
क्षार धातुएँ आवर्त सारणी के समूह 1 के तत्व हैं, जिनका सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास होता है। इनके सामान्य भौतिक और रासायनिक गुण निम्नलिखित हैं:
भौतिक गुण:
- भौतिक अवस्था: ये धातुएँ अत्यंत नरम, हल्की और चांदी जैसी सफेद होती हैं। इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
- घनत्व: इनका घनत्व कम होता है और लीथियम से सीजियम तक बढ़ता है, हालांकि पोटैशियम का घनत्व सोडियम से कम होता है।
- गलनांक एवं क्वथनांक: क्षार धातुओं के गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं क्योंकि इनके परमाणुओं के बीच केवल एक संयोजी इलेक्ट्रॉन के कारण दुर्बल धात्विक बंध होते हैं।
- त्रिज्या: अपने आवर्त में इनकी परमाणु और आयनिक त्रिज्या सबसे बड़ी होती है। एकल धनायन () अपने पैत्रक परमाणु () से छोटे होते हैं।
- आयनन एन्थैल्पी: इन धातुओं की आयनन एन्थैल्पी बहुत कम होती है, क्योंकि ये आसानी से एक इलेक्ट्रॉन खोकर धनायन बनाती हैं ()।
रासायनिक गुण:
- वायु से क्रियाशीलता: क्षार धातुएँ वायु से क्रिया करके तेजी से ऑक्सीकृत हो जाती हैं। ये मुख्य रूप से ऑक्साइड बनाती हैं, जैसे लिथियम बनाता है। सोडियम सुपर ऑक्साइड () भी बना सकता है। इनकी उच्च क्रियाशीलता के कारण इन्हें मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है।
- जल से क्रिया: ये जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके संगत धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं। अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है।
- हाइड्रोजन से अभिक्रिया: ये धातुएँ सीधे हाइड्रोजन से संयोग करके आयनिक हाइड्राइड () बनाती हैं।
- हैलोजन से क्रिया: क्षार धातुएँ सभी हैलोजन के साथ क्रिया करके आयनिक हैलाइड () बनाती हैं।
- द्रव अमोनिया में विलेयता: क्षार धातुएँ द्रव अमोनिया में घुलकर एक गहरे नीले रंग का विलयन बनाती हैं, जो विद्युत का सुचालक होता है। यह विलयन अपचायक गुण दर्शाता है।
- अपचायक गुण: क्षार धातुएँ प्रबल अपचायक होती हैं क्योंकि वे आसानी से इलेक्ट्रॉन मुक्त करके आयन बनाती हैं। लीथियम को छोड़कर, ये जलीय विलयन में प्रबल अपचायक होती हैं।
Common mistakes
- क्षार धातुओं के घनत्व में पोटैशियम के असामान्य व्यवहार को याद रखने में विफलता।
- क्षार धातुओं की अभिक्रियाशीलता के क्रम को गलत समझना।
- इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखते समय गलतियाँ करना।
- आयनन एन्थैल्पी और त्रिज्या के बीच संबंध को गलत समझना।
Revision tips
- क्षार धातुओं और क्षारीय मृदा धातुओं के सामान्य गुणों की एक सारणी बनाएं।
- प्रत्येक तत्व की वायु, जल और हैलोजन के साथ अभिक्रियाओं के लिए रासायनिक समीकरणों का अभ्यास करें।
- त्रिज्या और आयनन एन्थैल्पी में आवर्ती प्रवृत्तियों पर ध्यान केंद्रित करें।
- S-ब्लॉक तत्वों के अपचायक गुणों को समझने के लिए उदाहरणों का अध्ययन करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सा क्षार धातु का गुण नहीं है?
Explanation: क्षार धातुओं के बीच दुर्बल धात्विक बंध होने के कारण उनके गलनांक और क्वथनांक कम होते हैं।
Q2. क्षार धातुएँ द्रव अमोनिया में घुलकर कौन सा रंग उत्पन्न करती हैं?
Explanation: क्षार धातुएँ द्रव अमोनिया में घुलकर एक गहरा नीला रंग उत्पन्न करती हैं, जो उनके अपचायक गुण को दर्शाता है।
Q3. क्षार धातुओं की आयनन एन्थैल्पी का मान कैसा होता है?
Explanation: क्षार धातुओं के संयोजी कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है, जिसे वे आसानी से खो देती हैं, इसलिए उनकी आयनन एन्थैल्पी कम होती है।
Q4. क्षार धातुएँ वायु से क्रिया करके मुख्य रूप से क्या बनाती हैं?
Explanation: क्षार धातुएँ वायु से क्रिया करके मुख्य रूप से अपने ऑक्साइड बनाती हैं, जैसे लिथियम ऑक्साइड (Li2O)।
Q5. क्षार धातुओं के एकल धनायन (M+) अपने पैत्रक परमाणु (M) की तुलना में कैसे होते हैं?
Explanation: इलेक्ट्रॉन खोने के कारण, धनायन में प्रोटॉन की तुलना में इलेक्ट्रॉनों की संख्या कम हो जाती है, जिससे वे पैत्रक परमाणु से छोटे हो जाते हैं।
Frequently asked questions
S-ब्लॉक के तत्व कौन से होते हैं?
S-ब्लॉक के तत्व वे होते हैं जिनके अंतिम इलेक्ट्रॉन S-ऑर्बिटल में प्रवेश करते हैं। इनमें समूह 1 (क्षार धातुएँ) और समूह 2 (क्षारीय मृदा धातुएँ) के तत्व शामिल हैं।
क्षार धातुओं के भौतिक गुण क्या हैं?
क्षार धातुएँ नरम, चांदी जैसी सफेद, हल्की होती हैं, जिनका घनत्व कम होता है और गलनांक व क्वथनांक भी कम होते हैं।
क्षार धातुएँ जल के साथ कैसे अभिक्रिया करती हैं?
क्षार धातुएँ जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके संगत धातु हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
क्षार धातुओं की आयनन एन्थैल्पी कम क्यों होती है?
क्षार धातुओं के संयोजी कोश में केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है, जिसे वे आसानी से खोकर स्थायी धनायन बना लेती हैं, इसलिए उनकी आयनन एन्थैल्पी कम होती है।
क्षार धातुओं को मिट्टी के तेल में क्यों रखा जाता है?
क्षार धातुएँ अत्यंत क्रियाशील होती हैं और वायु के संपर्क में आने पर तेजी से ऑक्सीकृत हो जाती हैं। मिट्टी का तेल उन्हें वायु और नमी से बचाता है।
क्षार धातुओं के अपचायक गुण का क्या अर्थ है?
क्षार धातुएँ आसानी से इलेक्ट्रॉन दान करके अन्य पदार्थों को अपचयित कर सकती हैं, इसलिए वे प्रबल अपचायक होती हैं।
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