कक्षा 11 रसायन विज्ञान अध्याय 11: P-ब्लॉक के तत्व NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 11, 'P-ब्लॉक के तत्व' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें बोरॉन (B) से थैलियम (Tl) और कार्बन (C) से लेड (Pb) तक के तत्वों की विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं की व्याख्या, अक्रिय युग्म प्रभाव की भूमिका, और बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) जैसे यौगिकों के लुईस अम्ल व्यवहार पर चर्चा शामिल है। समाधानों में BCl3 और CCl4 के जल-अपघटन की तुलना भी की गई है। ये समाधान छात्रों को P-ब्लॉक तत्वों के महत्वपूर्ण गुणों और प्रतिक्रियाओं को समझने में मदद करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectरसायन विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter11. P - ब्लॉक के तत्व

Chapter summary

कक्षा 11 रसायन विज्ञान के अध्याय 11 के ये NCERT समाधान P-ब्लॉक के तत्वों पर केंद्रित हैं। इसमें समूह 13 (B से Tl) और समूह 14 (C से Pb) के तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में भिन्नता, विशेष रूप से अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण होने वाले परिवर्तनों की व्याख्या की गई है। समाधान बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) के लुईस अम्ल के रूप में व्यवहार और BCl3 तथा CCl4 के जल-अपघटन की तुलनात्मक विवेचना भी करते हैं। यह अध्याय छात्रों को इन तत्वों के रासायनिक व्यवहार की गहरी समझ प्रदान करता है।

Learning outcomes

  • समूह 13 और 14 के तत्वों की विभिन्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं की व्याख्या करना सीखें।
  • अक्रिय युग्म प्रभाव की अवधारणा और इसके प्रभाव को समझें।
  • बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) के लुईस अम्ल व्यवहार को समझें।
  • BCl3 और CCl4 के जल-अपघटन की प्रतिक्रियाओं की तुलना करें।

Topics covered

Paper topics

  • P-ब्लॉक के तत्व
  • समूह 13 के तत्व
  • समूह 14 के तत्व
  • ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
  • अक्रिय युग्म प्रभाव
  • लुईस अम्ल
  • बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3)
  • BCl3 का जल-अपघटन
  • CCl4 का जल-अपघटन
  • तत्वों के रासायनिक गुण

Important topics

  • समूह 13 और 14 के तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में भिन्नता
  • अक्रिय युग्म प्रभाव की व्याख्या
  • BF3 का लुईस अम्ल के रूप में व्यवहार
  • BCl3 और CCl4 के जल-अपघटन की तुलना

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Questions and Solutions

प्रश्न 11.1

प्रश्न 11.1. (क) बोरॉन (B) से थैलियम (Tl) तक तथा (ख) कार्बन (C) से लेड (Pb) तक की ऑक्सीकरण अवस्थाओं की भिन्नता के क्रम की व्याख्या कीजिए।
Solution:

(क) समूह 13 के तत्वों (B से Tl) का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns^2np^1 होता है। वर्ग में नीचे की ओर जाने पर, ns^2 इलेक्ट्रॉन बंध निर्माण में भाग लेने के बजाय अक्रिय हो जाते हैं। इस प्रभाव को 'अक्रिय युग्म प्रभाव' कहा जाता है। इसके कारण, भारी तत्वों जैसे गैलियम (Ga), इंडियम (In), और थैलियम (Tl) के लिए +1 ऑक्सीकरण अवस्था +3 की तुलना में अधिक स्थिर हो जाती है।

ऑक्सीकरण अवस्थाओं का क्रम इस प्रकार है:

  • बोरॉन (B): +3
  • ऐलुमीनियम (Al): +3
  • गैलियम (Ga): +3, +1
  • इण्डियम (In): +3, +1
  • थैलियम (Tl): +3, +1 (जहाँ +1 अधिक प्रभावी है)

(ख) समूह 14 के तत्वों (C से Pb) का सामान्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns^2np^2 होता है। यहाँ भी, नीचे की ओर जाने पर अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण ns^2 इलेक्ट्रॉन अक्रिय हो जाते हैं। इस कारण, कार्बन (C) और सिलिकॉन (Si) मुख्य रूप से +4 ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करते हैं, जबकि जर्मेनियम (Ge), टिन (Sn), और लेड (Pb) के लिए +2 ऑक्सीकरण अवस्था +4 की तुलना में अधिक स्थिर हो जाती है।

ऑक्सीकरण अवस्थाओं का क्रम इस प्रकार है:

  • कार्बन (C): +4
  • सिलिकॉन (Si): +4
  • जर्मेनियम (Ge): +4, +2
  • टिन (Sn): +4, +2
  • लेड (Pb): +4, +2 (जहाँ +2 अधिक प्रभावी है)

प्रश्न 11.2

प्रश्न 11.2. TlCl की तुलना में BCl3 के उच्च स्थायित्व को आप कैसे समझाएँगे?
Solution:

थैलियम (Tl) समूह 13 का एक भारी तत्व है, और इसमें अक्रिय युग्म प्रभाव प्रबल होता है। इस प्रभाव के कारण, Tl के लिए +1 ऑक्सीकरण अवस्था +3 की तुलना में अधिक स्थिर होती है। इसलिए, TlCl यौगिक TlCl3 की तुलना में अधिक स्थायी होता है।

इसके विपरीत, बोरॉन (B) समूह 13 का सबसे हल्का तत्व है और इसमें अक्रिय युग्म प्रभाव नगण्य होता है। बोरॉन के लिए +3 ऑक्सीकरण अवस्था सबसे सामान्य और स्थिर होती है। इसलिए, BCl3 यौगिक, TlCl की तुलना में अधिक स्थायी होता है क्योंकि यह बोरॉन की सबसे स्थिर ऑक्सीकरण अवस्था को दर्शाता है।

प्रश्न 11.3

प्रश्न 11.3. बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) लुईस अम्ल के समान व्यवहार क्यों प्रदर्शित करता है?
Solution:

बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) की लुईस संरचना में, केंद्रीय बोरॉन परमाणु के पास केवल छह संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं (प्रत्येक तीन फ्लोरीन परमाणुओं के साथ एक सहसंयोजक बंध बनाकर)। बोरॉन का अष्टक (octet) पूरा नहीं होता है।

लुईस अम्ल वे प्रजातियाँ होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार कर सकती हैं। चूंकि BF3 में बोरॉन का अष्टक अपूर्ण है, यह इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करने के लिए एक इलेक्ट्रॉन-न्यून (electron-deficient) यौगिक के रूप में कार्य करता है। उदाहरण के लिए, यह अमोनिया (NH3) जैसे लुईस क्षार से एक इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करके एक योगात्मक यौगिक (adduct) बना सकता है।

H_3N: + BF_3 \longrightarrow H_3N \rightarrow BF_3

इस प्रकार, इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करने की अपनी क्षमता के कारण, BF3 लुईस अम्ल के रूप में व्यवहार करता है।

प्रश्न 11.4

प्रश्न 11.4. BCl3 का जल-अपघटन क्यों होता है, जबकि CCl4 का नहीं? समझाइए।
Solution:

बोरॉन ट्राइक्लोराइड (BCl3) का जल-अपघटन आसानी से होता है क्योंकि बोरॉन परमाणु में रिक्त p-कक्षक (p-orbitals) होते हैं जो जल के अणुओं से इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार कर सकते हैं। यह अभिक्रिया बोरिक अम्ल (H_3BO_3) और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) बनाती है।

BCl_3 + 3H_2O \longrightarrow H_3BO_3 + 3HCl

उत्पन्न होने वाला हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) एक वाष्पशील गैस है, जिसके कारण BCl3 नम हवा में फ्यूम (धुएं) के रूप में दिखाई देता है।

दूसरी ओर, कार्बन टेट्राक्लोराइड (CCl4) का जल-अपघटन आसानी से नहीं होता है। इसका मुख्य कारण यह है कि कार्बन परमाणु में रिक्त d-कक्षक अनुपस्थित होते हैं। जल के अणु द्वारा इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार करने के लिए कार्बन के पास कोई उपयुक्त रिक्त कक्षक उपलब्ध नहीं होता है, जिससे जल-अपघटन की अभिक्रिया आगे नहीं बढ़ पाती है।

Common mistakes

  • अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तन को समझने में कठिनाई।
  • लुईस अम्ल और लुईस क्षार के बीच अंतर को स्पष्ट न कर पाना।
  • विभिन्न यौगिकों की जल-अपघटन प्रतिक्रियाओं के स्थायित्व की तुलना करने में त्रुटि।

Revision tips

  • अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण ऑक्सीकरण अवस्थाओं में होने वाले परिवर्तनों के पैटर्न को याद करें।
  • लुईस अम्ल की परिभाषा और BF3 जैसे उदाहरणों को समझें।
  • BCl3 और CCl4 की जल-अपघटन प्रतिक्रियाओं के बीच मुख्य अंतर पर ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. समूह 13 में नीचे की ओर जाने पर कौन सी ऑक्सीकरण अवस्था अधिक प्रभावी हो जाती है?

Q2. बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) लुईस अम्ल के रूप में व्यवहार क्यों करता है?

Q3. निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक जल-अपघटन पर HCl गैस उत्पन्न करता है?

Q4. समूह 14 के तत्वों में नीचे की ओर जाने पर कौन सी ऑक्सीकरण अवस्था अधिक प्रभावी होती है?

Frequently asked questions

P-ब्लॉक के तत्व क्या हैं?

P-ब्लॉक के तत्व आवर्त सारणी के समूह 13 से 18 तक के तत्व होते हैं, जिनके अंतिम इलेक्ट्रॉन p-कक्षक में प्रवेश करते हैं।

अक्रिय युग्म प्रभाव क्या है और यह P-ब्लॉक तत्वों को कैसे प्रभावित करता है?

अक्रिय युग्म प्रभाव समूह में नीचे की ओर जाने पर ns^2 इलेक्ट्रॉनों की बंध निर्माण में भाग लेने की प्रवृत्ति में कमी को दर्शाता है। यह समूह 13 और 14 के भारी तत्वों में निम्न ऑक्सीकरण अवस्थाओं को स्थिर करता है।

बोरॉन ट्राइफ्लोराइड (BF3) को लुईस अम्ल क्यों कहा जाता है?

BF3 में केंद्रीय बोरॉन परमाणु का अष्टक अपूर्ण होता है, जिसके पास केवल छह संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। यह इलेक्ट्रॉन युग्म स्वीकार कर सकता है, इसलिए यह एक लुईस अम्ल है।

BCl3 और CCl4 के जल-अपघटन में क्या अंतर है?

BCl3 का जल-अपघटन आसानी से होता है, जिससे बोरिक अम्ल और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनता है। CCl4 का जल-अपघटन आसानी से नहीं होता क्योंकि कार्बन में रिक्त d-कक्षक नहीं होते हैं।

समूह 13 के तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में भिन्नता का क्या कारण है?

समूह 13 के तत्वों की सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था +3 होती है, लेकिन भारी तत्वों (जैसे Tl) में अक्रिय युग्म प्रभाव के कारण +1 ऑक्सीकरण अवस्था भी पाई जाती है।

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