कक्षा 11 भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास: अध्याय 7 - रोजगार संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे NCERT समाधान

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यह खंड कक्षा 11 की भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास पुस्तक के अध्याय 7, 'रोजगार संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें श्रमिकों की परिभाषा, श्रमिक-जनसंख्या अनुपात, औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच अंतर, और विभिन्न प्रकार की रोजगार स्थितियों का विश्लेषण शामिल है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि कौन सी गतिविधियाँ आर्थिक रूप से उत्पादक मानी जाती हैं और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान करती हैं। यह छात्रों को रोजगार के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करता है, जिसमें ग्रामीण और शहरी महिलाओं के रोजगार पैटर्न में अंतर और गृहिणियों की आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी शामिल है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं की अपनी समझ को मजबूत कर सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 11
Subjectभारतीय अर्थव्यवस्था का विकास
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter7. रोजगार संवृद्धि, अनौपचारीकरण एवं अन्य मुद्दे

Chapter summary

कक्षा 11 भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास के अध्याय 7 के ये NCERT समाधान रोजगार, संवृद्धि, अनौपचारीकरण और संबंधित मुद्दों पर केंद्रित हैं। यह खंड श्रमिकों की परिभाषा, श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना, और आर्थिक गतिविधियों में योगदान देने वाली विभिन्न भूमिकाओं की पड़ताल करता है। इसमें औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है, साथ ही उन गतिविधियों की पहचान की गई है जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान करती हैं। समाधान ग्रामीण और शहरी महिलाओं के रोजगार पैटर्न में अंतर और घरेलू कामगारों की आर्थिक भूमिका पर भी प्रकाश डालते हैं।

Learning outcomes

  • श्रमिक की परिभाषा और आर्थिक गतिविधियों में उनके योगदान को समझें।
  • श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना और व्याख्या करें।
  • औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच अंतर स्पष्ट करें।
  • उन गतिविधियों की पहचान करें जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान करती हैं।
  • ग्रामीण और शहरी महिलाओं के रोजगार पैटर्न में अंतर का विश्लेषण करें।
  • घरेलू कामगारों और अनौपचारिक श्रमिकों की भूमिका को समझें।

Topics covered

Paper topics

  • श्रमिक की परिभाषा
  • आर्थिक क्रियाकलाप
  • श्रमिक-जनसंख्या अनुपात
  • औपचारिक क्षेत्र
  • अनौपचारिक क्षेत्र
  • रोजगार संवृद्धि
  • अनौपचारीकरण
  • सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान
  • ग्रामीण महिला रोजगार
  • शहरी महिला रोजगार
  • गृहिणियों की आर्थिक भूमिका
  • अवैध आर्थिक गतिविधियाँ

Important topics

  • श्रमिक की परिभाषा और आर्थिक गतिविधियों में योगदान
  • औपचारिक बनाम अनौपचारिक क्षेत्र
  • श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना
  • सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान करने वाली गतिविधियाँ
  • ग्रामीण और शहरी महिलाओं के रोजगार पैटर्न में अंतर

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Questions and Solutions

प्रश्न 1. श्रमिक किसे कहते हैं?

श्रमिक किसे कहते हैं?
Solution: श्रमिक वे सभी व्यक्ति होते हैं जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान देने वाली किसी भी आर्थिक क्रियाकलाप में संलग्न होते हैं। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो बीमारी, चोट, खराब मौसम, या सामाजिक-धार्मिक उत्सवों के कारण अस्थायी रूप से काम पर नहीं आ पाते हैं। इसके अतिरिक्त, जो व्यक्ति मुख्य श्रमिकों की सहायता करते हैं, उन्हें भी श्रमिक माना जाता है।

प्रश्न 2. श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की परिभाषा दें।

श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की परिभाषा दें।
Solution: श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना भारत में कार्यरत सभी श्रमिकों की कुल संख्या को देश की कुल जनसंख्या से विभाजित करके और फिर प्राप्त परिणाम को 100 से गुणा करके की जाती है। यह अनुपात जनसंख्या के उस हिस्से को दर्शाता है जो आर्थिक रूप से उत्पादक गतिविधियों में संलग्न है।

प्रश्न 3. क्या एक भिखारी, एक चोर, एक तस्कर, एक जुआरी भी श्रमिक हैं? क्यों?

क्या एक भिखारी, एक चोर, एक तस्कर, एक जुआरी भी श्रमिक हैं? क्यों?
Solution: उपरोक्त में से कोई भी व्यक्ति श्रमिक नहीं है। इसका कारण यह है कि श्रमिक वे होते हैं जो सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान देने वाली आर्थिक गतिविधियों में संलग्न होते हैं, अर्थात वे वस्तुओं या सेवाओं का उत्पादन करके धन कमाते हैं। भिखारी, चोर, तस्कर और जुआरी जैसी गतिविधियाँ अवैध होती हैं और अर्थव्यवस्था के वास्तविक उत्पादन में कोई योगदान नहीं करती हैं, इसलिए उन्हें श्रमिक नहीं माना जाता है।

प्रश्न 4. इस समूह में कौन असंगत प्रतीत होता है?

इस समूह में कौन असंगत प्रतीत होता है?
  • (क) नाई की दुकान का मालिक
  • (ख) एक मोची
  • (ग) मदर डेयरी का कोषपाल
  • (घ) ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक
  • (ङ) परिवहन कंपनी संचालक
  • (च) निर्माण मज़दूर।
Solution: इस समूह में मदर डेयरी का कोषपाल असंगत प्रतीत होता है। इसका कारण यह है कि मदर डेयरी एक बड़े पैमाने का उपक्रम है जिसमें 10 से अधिक लोग कार्यरत हैं, इसलिए कोषपाल औपचारिक क्षेत्र में कार्यरत है। शेष सभी व्यक्ति (नाई की दुकान का मालिक, मोची, ट्यूशन पढ़ाने वाला शिक्षक, परिवहन कंपनी संचालक, और निर्माण मज़दूर) अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत हैं क्योंकि वे छोटे पैमाने पर या व्यक्तिगत रूप से अपनी सेवाएँ प्रदान करते हैं।

प्रश्न 5. नये उभरते रोजगार मुख्यत :......क्षेत्रक में ही मिल रहे हैं। (सेवा/विनिर्माण)

नये उभरते रोजगार मुख्यत :......क्षेत्रक में ही मिल रहे हैं। (सेवा/विनिर्माण)
Solution: नये उभरते रोजगार मुख्यत : सेवा क्षेत्रक में ही मिल रहे हैं। आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में तकनीकी प्रगति और बढ़ती माँग के कारण सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

प्रश्न 6. चार व्यक्तियों को मज़दूरी पर काम देने वाले प्रतिष्ठान को ........ क्षेत्रक कहा जाता है। (औपचारिक/अनौपचारिक)

चार व्यक्तियों को मज़दूरी पर काम देने वाले प्रतिष्ठान को ........ क्षेत्रक कहा जाता है। (औपचारिक/अनौपचारिक)
Solution: चार व्यक्तियों को मज़दूरी पर काम देने वाले प्रतिष्ठान को अनौपचारिक क्षेत्रक कहा जाता है। अनौपचारिक क्षेत्रक में आमतौर पर कम संख्या में कर्मचारी काम करते हैं और ये अक्सर सरकारी नियमों और विनियमों के दायरे से बाहर होते हैं।

प्रश्न 7. राज स्कूल जाता है। पर जब वह स्कूल में नहीं होता, तो प्रायः अपने खेत में काम करता दिखाई देता है। क्यां आप उसे श्रमिक मानेंगे? क्यों?

राज स्कूल जाता है। पर जब वह स्कूल में नहीं होता, तो प्रायः अपने खेत में काम करता दिखाई देता है। क्यां आप उसे श्रमिक मानेंगे? क्यों?
Solution: हाँ, हम राज को श्रमिक मानेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि श्रमिक वे सभी व्यक्ति होते हैं जो सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान देते हैं। भले ही राज स्कूल जाता है, लेकिन जब वह अपने खेत में काम करता है, तो वह कृषि उत्पादन में योगदान दे रहा होता है, जो कि एक आर्थिक क्रियाकलाप है। इस प्रकार, वह एक श्रमिक की श्रेणी में आता है।

प्रश्न 8. शहरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं। क्यों?

शहरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं। क्यों?
Solution: शहरी महिलाओं की तुलना में अधिक ग्रामीण महिलाएँ काम करती दिखाई देती हैं, इसके कई कारण हैं:
  1. ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक गरीबी: ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धनता का स्तर अक्सर अधिक होता है, जो महिलाओं को अपने परिवार की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए श्रमबल में शामिल होने के लिए मजबूर करता है।
  2. घरेलू कार्यों की उपलब्धता: ग्रामीण क्षेत्रों में खेतीबाड़ी, पशुपालन जैसे कई घरेलू और कृषि-संबंधित कार्य उपलब्ध होते हैं, जिन्हें महिलाएँ घर के पास रहकर भी कर सकती हैं। इससे उन्हें घर से बाहर जाने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का सामना नहीं करना पड़ता।
  3. शहरी क्षेत्रों में सामाजिक चेतना और अपराध दर: शहरी क्षेत्रों में कुछ पुरुष उच्च आय अर्जित करते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा के प्रति अधिक सचेत होते हैं, जिससे वे अपनी पत्नियों के काम करने को बुरा मान सकते हैं। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में अपराध दर अधिक होने के कारण महिलाओं को काम करना असुरक्षित लग सकता है।

प्रश्न 9. मीना एक गृहिणी है। घर के कामों के साथ-साथ वह अपने पित की कपड़े की दुकान के काम में भी हाथ बँटाती है। क्या उसे एक श्रमिक माना जा सकता है? क्यों?

मीना एक गृहिणी है। घर के कामों के साथ-साथ वह अपने पित की कपड़े की दुकान के काम में भी हाथ बँटाती है। क्या उसे एक श्रमिक माना जा सकता है? क्यों?
Solution: हाँ, मीना को एक श्रमिक माना जा सकता है। श्रमिक वे सभी व्यक्ति होते हैं जो सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान देते हैं। मीना अपने पिता की कपड़े की दुकान के काम में हाथ बँटाकर उस आर्थिक गतिविधि में योगदान दे रही है। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि उसे इस काम के लिए वेतन मिलता है या नहीं; महत्वपूर्ण यह है कि उसका योगदान GNP में हो रहा है।

प्रश्न 10. यहाँ किसे असंगत माना जाएगाः

यहाँ किसे असंगत माना जाएगाः
  • (क) किसी अन्य के अधीन रिक्शा चलाने वाला,
  • (ख) राजमिस्त्री
  • (ग) किसी मेकेनिक की दुकान पर काम करने वाला श्रमिक
  • (घ) जूते पालिश करने वाला लड़का।
Solution: इस समूह में कोई भी व्यक्ति असंगत नहीं माना जाएगा, क्योंकि ये सभी व्यक्ति किसी न किसी रूप में आर्थिक गतिविधियों में संलग्न हैं और सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान करते हैं।
  • (क) किसी अन्य के अधीन रिक्शा चलाने वाला व्यक्ति सेवा प्रदान करके आय अर्जित करता है।
  • (ख) राजमिस्त्री निर्माण क्षेत्र में अपनी सेवाएँ देता है।
  • (ग) किसी मैकेनिक की दुकान पर काम करने वाला श्रमिक उत्पादन या मरम्मत में सहायता करता है।
  • (घ) जूते पालिश करने वाला लड़का भी एक सेवा प्रदान करके आय अर्जित करता है।
ये सभी श्रमिक की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से उत्पादक कार्यों में लगे हुए हैं।

Common mistakes

  • सभी आर्थिक रूप से सक्रिय व्यक्तियों को श्रमिक मानने में भ्रमित होना, भले ही उनकी गतिविधियाँ अवैध हों।
  • औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच के अंतर को ठीक से न समझना।
  • उन गतिविधियों को पहचानने में गलती करना जो सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान करती हैं।
  • श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना में त्रुटियाँ करना।

Revision tips

  • श्रमिकों और आर्थिक गतिविधियों से संबंधित प्रमुख परिभाषाओं को याद करें।
  • औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों के बीच अंतर को स्पष्ट करने वाले उदाहरणों का अभ्यास करें।
  • श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना के सूत्र को समझें और अभ्यास करें।
  • ग्रामीण और शहरी महिलाओं के रोजगार पैटर्न में अंतर के कारणों पर ध्यान केंद्रित करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से किसे श्रमिक माना जाता है?

Q2. श्रमिक-जनसंख्या अनुपात की गणना कैसे की जाती है?

Q3. मदर डेयरी का कोषपाल किस क्षेत्रक में कार्यरत है?

Q4. नए उभरते रोजगार मुख्य रूप से किस क्षेत्रक में मिल रहे हैं?

Q5. निम्नलिखित में से कौन सी गतिविधि सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान नहीं करती है?

Frequently asked questions

कक्षा 11 भारतीय अर्थव्यवस्था के अध्याय 7 में 'श्रमिक' किसे कहा गया है?

कक्षा 11 भारतीय अर्थव्यवस्था के अध्याय 7 के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान देने वाली किसी भी आर्थिक क्रियाकलाप में संलग्न व्यक्ति को श्रमिक कहा जाता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो अस्थायी रूप से अनुपस्थित रहते हैं या मुख्य श्रमिकों की सहायता करते हैं।

श्रमिक-जनसंख्या अनुपात क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

श्रमिक-जनसंख्या अनुपात, देश की कुल जनसंख्या की तुलना में कार्यरत श्रमिकों के प्रतिशत को दर्शाता है। इसकी गणना कार्यरत श्रमिकों की संख्या को कुल जनसंख्या से विभाजित करके और फिर 100 से गुणा करके की जाती है।

औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्र के बीच मुख्य अंतर क्या है?

औपचारिक क्षेत्र में वे उद्यम शामिल होते हैं जहाँ 10 या अधिक लोग काम करते हैं और जो सरकारी नियमों का पालन करते हैं। अनौपचारिक क्षेत्र में वे उद्यम शामिल होते हैं जहाँ 10 से कम लोग काम करते हैं और जो अक्सर सरकारी नियमों के दायरे से बाहर होते हैं।

क्या भिखारी, चोर या जुआरी को श्रमिक माना जा सकता है?

नहीं, भिखारी, चोर या जुआरी को श्रमिक नहीं माना जा सकता क्योंकि उनकी गतिविधियाँ सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान नहीं करती हैं। वे धन कमा नहीं रहे, बल्कि धन प्राप्त कर रहे हैं।

यह समाधान किस कक्षा और विषय के लिए उपयोगी है?

यह समाधान विशेष रूप से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध कक्षा 11 के छात्रों के लिए है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास विषय का अध्ययन कर रहे हैं।

क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?

हाँ, ये समाधान अध्याय के प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करते हैं और अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जो परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

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