कक्षा 11 भौतिकी अध्याय 14: दोलन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 14 'दोलन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें आवर्ती गति, सरल आवर्त गति (SHM), और उनके बीच के अंतर की गहन समझ शामिल है। समाधानों में विभिन्न उदाहरणों का विश्लेषण किया गया है, जैसे कि तैराक की गति, चुंबक का दोलन, ग्रहों की गति, और अणुओं के कंपन, यह समझाने के लिए कि कौन सी गतियाँ आवर्ती हैं और कौन सी सरल आवर्त गति हैं। यह अध्याय गति के आवर्तकाल, आवृत्ति और आयाम जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को भी स्पष्ट करता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और संक्षिप्त मार्गदर्शिका प्रदान करते हैं, जिससे वे इन जटिल विषयों को आसानी से समझ सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. दोलन |
Chapter summary
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 14 'दोलन' के लिए NCERT समाधान आवर्ती और सरल आवर्त गति की अवधारणाओं पर केंद्रित हैं। यह अध्याय विभिन्न प्रकार की गतियों का विश्लेषण करता है, यह पहचानता है कि कौन सी गतियाँ आवर्ती हैं और कौन सी सरल आवर्त गति की विशिष्ट शर्तों को पूरा करती हैं। समाधानों में उदाहरणों के माध्यम से आवर्तकाल और गति के प्रकारों को स्पष्ट किया गया है, जो छात्रों को इन भौतिकी सिद्धांतों की गहरी समझ विकसित करने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- आवर्ती गति और सरल आवर्त गति के बीच अंतर को समझना।
- दिए गए उदाहरणों में गति के प्रकारों की पहचान करना।
- सरल आवर्त गति के लिए आवश्यक शर्तों को लागू करना।
- विभिन्न गतियों के आवर्तकाल की गणना करना।
- x-t आरेखों का विश्लेषण करके गति की प्रकृति का निर्धारण करना।
Topics covered
Paper topics
- आवर्ती गति
- सरल आवर्त गति (SHM)
- आवर्तकाल
- x-t आरेख
- गति का वर्गीकरण
- दोलन
- चुम्बक की गति
- अणुओं का कंपन
- ग्रहों की गति
- बल नियम (F = -kx)
Important topics
- आवर्ती गति बनाम सरल आवर्त गति
- सरल आवर्त गति की शर्तें
- x-t आरेखों से गति का विश्लेषण
- आवर्तकाल की गणना
- विभिन्न भौतिक प्रणालियों में दोलन
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(a) किसी तैराक द्वारा नदी के एक तट से दूसरे तट तक जाना अपनी एक वापसी यात्रा पूरी करना।
(b) किसी स्वतंत्रतापूर्वक लटकाए गए दंड चुम्बक को उसकी N-S दिशा से विस्थापित कर छोड़ देना।
(c) अपने द्रव्यमान केन्द्र के परित: घूर्णी गति करता कोई हाइड्रोजन अणु।
(d) किसी कमान से छोड़ा गया तीर।
आवर्ती गति वह गति है जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है। आइए प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करें:
(a) तैराक द्वारा एक तट से दूसरे तट तक जाकर वापसी यात्रा पूरी करना एक पूर्ण चक्र है, लेकिन यह गति स्वयं को दोहराती नहीं है जब तक कि तैराक बार-बार ऐसा न करे। इसलिए, यह एक एकल यात्रा के लिए आवर्ती गति नहीं है।
(b) जब एक दंड चुम्बक को उसकी साम्यावस्था (N-S दिशा) से विस्थापित करके छोड़ दिया जाता है, तो वह अपनी मध्यमान स्थिति के इर्द-गिर्द दोलन करता है। यह दोलन एक निश्चित समय अंतराल के बाद दोहराया जाता है, इसलिए यह एक आवर्ती गति है।
(c) अपने द्रव्यमान केंद्र के परितः घूर्णन करता हुआ हाइड्रोजन अणु एक निश्चित समय में एक पूर्ण चक्कर पूरा करता है और यह गति बार-बार दोहराई जाती है। इसलिए, यह एक आवर्ती गति है।
(d) कमान से छोड़ा गया तीर एक प्रक्षेप्य गति करता है और यह गति स्वयं को नहीं दोहराती है। इसलिए, यह आवर्ती गति नहीं है।
निष्कर्ष: विकल्प (b) और (c) आवर्ती गति को निरूपित करते हैं।
प्रश्न 2
(a) पृथ्वी की अपने अक्ष के परित: घूर्णन गति।
(b) किसी U-नली में दोलायमान पारे के स्तम्म की गति।
(c) किसी चिकने वक्रीय कटोरे के भीतर एक बाल बेयरिंग की गति जब उसे निम्नतम बिन्दु से कुछ ऊपर के बिन्दु से मुक्त रुप से छोड़ा जाए।
(d) किसी बहुपरमाणुक अणु की अपनी साम्यावस्था की स्थिति के परित: व्यापक कम्पन।
सरल आवर्त गति (SHM) एक विशेष प्रकार की आवर्ती गति है जिसमें प्रत्यानयन बल (restoring force) कण के विस्थापन के समानुपाती होता है और हमेशा साम्यावस्था की ओर निर्देशित होता है। इसे गणितीय रूप से द्वारा व्यक्त किया जाता है, जहाँ k एक धनात्मक स्थिरांक है।
(a) पृथ्वी की अपने अक्ष के परित: घूर्णन गति एक आवर्ती गति है क्योंकि यह एक निश्चित समय (लगभग 24 घंटे) में दोहराई जाती है। हालाँकि, यह सरल आवर्त गति नहीं है क्योंकि इसमें प्रत्यानयन बल की वह शर्त लागू नहीं होती जो विस्थापन के समानुपाती हो और साम्यावस्था की ओर निर्देशित हो। यह एक घूर्णी गति है।
(b) किसी U-नली में दोलायमान पारे का स्तंभ एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति दोहराता है, इसलिए यह आवर्ती गति है। पारे के स्तंभ पर लगने वाला प्रभावी बल (जो गुरुत्वाकर्षण और दाब अंतर के कारण होता है) उसके विस्थापन के लगभग समानुपाती होता है और साम्यावस्था की ओर निर्देशित होता है। इसलिए, यह लगभग सरल आवर्त गति (SHM) है।
(c) जब एक बाल बेयरिंग को वक्रीय कटोरे में निम्नतम बिंदु से ऊपर छोड़ा जाता है, तो वह कटोरे के अंदर दोलन करता है। यह गति आवर्ती होती है। यदि कटोरे की वक्रता छोटी हो (यानी, निम्नतम बिंदु के पास लगभग परवलयिक हो), तो बाल बेयरिंग पर लगने वाला प्रभावी बल उसके विस्थापन के लगभग समानुपाती होता है और साम्यावस्था की ओर निर्देशित होता है। इसलिए, यह गति लगभग सरल आवर्त गति (SHM) है।
(d) बहुपरमाणुक अणु अपनी साम्यावस्था की स्थिति के परित: कंपन करते हैं। इन कंपनों में अक्सर कई प्राकृतिक आवृत्तियाँ शामिल होती हैं, और समग्र गति इन विभिन्न सरल आवर्त गतियों का अध्यारोपण (superposition) होती है। इसलिए, यह गति सामान्यतः आवर्ती होती है, लेकिन यह स्वयं एक एकल सरल आवर्त गति नहीं होती है।
वर्गीकरण:
- सरल आवर्त गति (SHM): (b), (c)
- आवर्ती परन्तु सरल आवर्त गति नहीं: (a), (d)
प्रश्न 3
(a) [आरेख का वर्णन: एक सीधी रेखा जो समय अक्ष के समानांतर है, विस्थापन शून्य पर।]
(b) [आरेख का वर्णन: एक ज्यावक्रीय (sinusoidal) तरंग जो समय के साथ आवर्ती रूप से बदल रही है।]
(c) [आरेख का वर्णन: एक वक्र जो समय के साथ बढ़ता है और फिर घटता है, लेकिन एक निश्चित पैटर्न को दोहराता नहीं है।]
(d) [आरेख का वर्णन: एक ज्यावक्रीय (sinusoidal) तरंग जो समय के साथ आवर्ती रूप से बदल रही है, लेकिन (b) से भिन्न आयाम या चरण के साथ।]
आवर्ती गति वह गति है जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है। इस समय अंतराल को आवर्तकाल (T) कहते हैं। हम दिए गए x-t आरेखों का विश्लेषण करेंगे:
(a) इस आरेख में, कण का विस्थापन समय के साथ स्थिर (शून्य) रहता है। यह एक स्थिर स्थिति है, न कि गति। यह आवर्ती गति नहीं है क्योंकि इसमें कोई पुनरावृत्ति नहीं है।
(b) इस आरेख में, विस्थापन समय के साथ एक ज्यावक्रीय (sinusoidal) रूप से बदल रहा है। हम देख सकते हैं कि गति का पैटर्न एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहरा रहा है। यदि हम एक पूर्ण चक्र को देखें, तो यह लगभग 2 सेकंड में पूरा होता है। अतः, यह एक आवर्ती गति है और इसका आवर्तकाल लगभग 2 सेकंड है।
(c) इस आरेख में, विस्थापन समय के साथ बदल रहा है, लेकिन गति का पैटर्न एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराता हुआ प्रतीत नहीं होता है। यद्यपि की स्थिति पर पुनरावृत्ति हो सकती है, पूरी गति की पुनरावृत्ति नहीं हो रही है। इसलिए, यह आवर्ती गति नहीं है।
(d) इस आरेख में भी, विस्थापन समय के साथ एक ज्यावक्रीय रूप से बदल रहा है और गति का पैटर्न एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहरा रहा है। एक पूर्ण चक्र को देखने पर, यह लगभग 2 सेकंड में पूरा होता है। अतः, यह एक आवर्ती गति है और इसका आवर्तकाल लगभग 2 सेकंड है।
निष्कर्ष:
- आरेख (b) और (d) आवर्ती गति का निरूपण करते हैं।
- दोनों गतियों का आवर्तकाल लगभग 2 सेकंड है।
प्रश्न 4
(a)
(b)
(c)
(d)
(e)
(f)
हम दिए गए प्रत्येक फलन का विश्लेषण करेंगे यह निर्धारित करने के लिए कि यह सरल आवर्त गति (SHM), आवर्ती गति (Periodic) या अनावर्ती गति (Non-periodic) है, और यदि आवर्ती है तो उसका आवर्तकाल ज्ञात करेंगे। यहाँ एक धनात्मक अचर है।
(a)
यह फलन एक ज्यावक्रीय (sinusoidal) फलन है। यह एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराता है। इसका आवर्तकाल होता है। यह सरल आवर्त गति का एक मानक रूप है।
वर्गीकरण: (a) सरल आवर्त गति (SHM)
आवर्तकाल:
(b)
इस फलन को हम त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग करके एक एकल ज्यावक्रीय फलन के रूप में लिख सकते हैं।
यह फलन भी एक ज्यावक्रीय फलन है और सरल आवर्त गति को निरूपित करता है। इसका आवर्तकाल भी होगा।
वर्गीकरण: (b) सरल आवर्त गति (SHM)
आवर्तकाल:
(c)
यह फलन समय के साथ लगातार बढ़ता है (या घटता है, यदि हो) और एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को नहीं दोहराता है। इसलिए, यह एक अनावर्ती गति है।
वर्गीकरण: (c) अनावर्ती गति
(d)
यह फलन समय के साथ रैखिक रूप से बढ़ता है। यह एक समान वेग से गति को दर्शाता है। यह गति स्वयं को दोहराती नहीं है, इसलिए यह अनावर्ती गति है।
वर्गीकरण: (d) अनावर्ती गति
(e)
यह फलन समय के साथ चरघातांकी रूप से घटता है और शून्य की ओर अग्रसर होता है। यह गति स्वयं को नहीं दोहराती है और समय के साथ समाप्त हो जाती है। इसलिए, यह एक अनावर्ती गति है।
वर्गीकरण: (e) अनावर्ती गति
(f)
यह फलन समय के वर्ग के साथ बढ़ता है। यह गति स्वयं को नहीं दोहराती है। इसलिए, यह एक अनावर्ती गति है।
वर्गीकरण: (f) अनावर्ती गति
सारांश:
- सरल आवर्त गति (SHM): (a), (b)
- आवर्ती परन्तु सरल आवर्त गति नहीं: कोई नहीं
- अनावर्ती गति: (c), (d), (e), (f)
Common mistakes
- आवर्ती गति और सरल आवर्त गति के बीच भ्रमित होना।
- सभी आवर्ती गतियों को सरल आवर्त गति मान लेना।
- गति के आवर्तकाल को सही ढंग से निर्धारित करने में त्रुटि करना।
- बल नियम F = -kx की शर्तों को अनदेखा करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के हल को ध्यान से पढ़ें और समझें कि गति को आवर्ती या सरल आवर्त क्यों वर्गीकृत किया गया है।
- विभिन्न उदाहरणों में आवर्तकाल की गणना करने की विधि का अभ्यास करें।
- सरल आवर्त गति के लिए आवश्यक बल नियम (F = -kx) की शर्तों को याद रखें।
- x-t आरेखों का विश्लेषण करने का अभ्यास करें ताकि गति की प्रकृति को पहचाना जा सके।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी गति आवर्ती गति का उदाहरण है?
Explanation: जब एक दंड चुम्बक को उसकी साम्यावस्था से विस्थापित करके छोड़ा जाता है, तो वह अपनी मध्यमान स्थिति के इर्द-गिर्द दोलन करता है, जिससे गति एक निश्चित समय अंतराल के बाद दोहराई जाती है, जो आवर्ती गति की परिभाषा है।
Q2. सरल आवर्त गति (SHM) के लिए कौन सी शर्त आवश्यक है?
Explanation: सरल आवर्त गति के लिए, प्रत्यानयन बल (restoring force) हमेशा विस्थापन के विपरीत दिशा में और विस्थापन के समानुपाती होता है, जिसे F = -kx द्वारा दर्शाया जाता है।
Q3. पृथ्वी की अपने अक्ष के परित: घूर्णन गति किस प्रकार की गति है?
Explanation: पृथ्वी की अपने अक्ष के परित: घूर्णन गति एक निश्चित समय अंतराल के बाद दोहराई जाती है, इसलिए यह आवर्ती गति है। हालाँकि, यह सरल आवर्त गति की शर्तों (जैसे F = -kx) को पूरा नहीं करती है, क्योंकि इसमें अग्र-पश्च गति का अभाव होता है।
Q4. एक x-t आरेख में, यदि गति एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है, तो वह गति क्या कहलाती है?
Explanation: वह गति जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है, आवर्ती गति कहलाती है। सरल आवर्त गति आवर्ती गति का एक विशेष प्रकार है।
Q5. किसी बहुपरमाणुक अणु के कंपन को सामान्यतः क्या माना जाता है?
Explanation: बहुपरमाणुक अणुओं में कई प्राकृतिक आवृत्तियाँ होती हैं, और उनके कंपन अक्सर सरल आवर्त गतियों के अध्यारोपण के रूप में होते हैं, जो स्वयं एक आवर्ती गति हो सकती है लेकिन आवश्यक रूप से सरल आवर्त गति नहीं।
Frequently asked questions
आवर्ती गति और सरल आवर्त गति में क्या अंतर है?
आवर्ती गति वह गति है जो एक निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है। सरल आवर्त गति आवर्ती गति का एक विशेष प्रकार है जिसमें प्रत्यानयन बल विस्थापन के ऋणात्मक समानुपाती होता है (F = -kx)।
क्या सभी आवर्ती गतियाँ सरल आवर्त गति होती हैं?
नहीं, सभी आवर्ती गतियाँ सरल आवर्त गति नहीं होती हैं। सरल आवर्त गति के लिए कुछ विशिष्ट शर्तें पूरी होनी चाहिए, जैसे कि बल नियम F = -kx का पालन करना।
x-t आरेख क्या दर्शाता है?
x-t आरेख किसी कण के विस्थापन (x) को समय (t) के फलन के रूप में दर्शाता है। इसका उपयोग गति की प्रकृति, जैसे कि आवर्ती या अनावर्ती, और आवर्तकाल का निर्धारण करने के लिए किया जा सकता है।
किसी गति का आवर्तकाल कैसे ज्ञात किया जाता है?
आवर्तकाल वह न्यूनतम समय होता है जिसके बाद गति स्वयं को दोहराती है। x-t आरेख में, यह एक पूर्ण चक्र को पूरा करने में लगने वाला समय होता है।
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 14 के समाधान किस प्रकार सहायक हैं?
ये समाधान छात्रों को आवर्ती और सरल आवर्त गति की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझने में मदद करते हैं, विभिन्न उदाहरणों का विश्लेषण प्रदान करते हैं, और परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यास के अवसर प्रदान करते हैं।
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