कक्षा 11 भौतिकी: तरंगें NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 15, 'तरंगें' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें अनुप्रस्थ तरंगों की गति, ध्वनि की चाल और तनाव के बीच संबंध जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिसमें आवश्यक सूत्र, गणना के चरण और अंतिम उत्तर शामिल हैं। यह छात्रों को तरंगों से संबंधित अवधारणाओं को गहराई से समझने और उनकी परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने में मदद करेगा।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 15. तरंगें |
Chapter summary
अध्याय 15 'तरंगें' के ये NCERT समाधान छात्रों को अनुप्रस्थ तरंगों की गति, ध्वनि की चाल और तनाव के बीच संबंध जैसी प्रमुख अवधारणाओं को समझने में सहायता करते हैं। इसमें दिए गए प्रश्नों के हल में तरंग की चाल, तनाव और द्रव्यमान घनत्व के बीच संबंध स्थापित करने के लिए आवश्यक गणितीय गणनाएँ शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करने और अपनी समझ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
Learning outcomes
- अनुप्रस्थ तरंगों की गति की गणना करना सीखें।
- तनाव और द्रव्यमान घनत्व के आधार पर तरंग की चाल ज्ञात करें।
- ध्वनि की चाल और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से संबंधित समस्याओं को हल करें।
- तरंगों के संचरण में लगने वाले समय की गणना करें।
Topics covered
Paper topics
- अनुप्रस्थ तरंगों की गति
- डोरी में तरंग की चाल
- रैखिक द्रव्यमान घनत्व
- ध्वनि की चाल
- समय की गणना
- गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव
- तनाव की गणना
Important topics
- अनुप्रस्थ तरंगों की गति की गणना
- ध्वनि की चाल से संबंधित समय की गणना
- डोरी में तनाव और तरंग की चाल का संबंध
- रैखिक द्रव्यमान घनत्व का अनुप्रयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
सबसे पहले, हम डोरी के रैखिक द्रव्यमान घनत्व () की गणना करेंगे।
डोरी का द्रव्यमान (m) = 2.50 kg
डोरी की लम्बाई (l) = 20 cm = 0.20 m
रैखिक द्रव्यमान घनत्व () = = = 12.5 kg/m
डोरी में तनाव (T) = 200 N
अनुप्रस्थ तरंग की चाल (v) का सूत्र है:
मान रखने पर:
अब, विक्षोभ को डोरी के दूसरे सिरे तक पहुँचने में लगने वाले समय (t) की गणना करेंगे:
मान रखने पर:
अतः, उत्पन्न विक्षोभ 0.05 सेकंड में दूसरे सिरे तक पहुँचेगा।
प्रश्न 2
इस समस्या को हल करने के लिए, हमें दो समय अवधियों की गणना करनी होगी: पहला, पत्थर को मीनार की तली तक पहुँचने में लगने वाला समय (), और दूसरा, पानी से टकराने के बाद ध्वनि को मीनार के शीर्ष तक पहुँचने में लगने वाला समय ()।
दिया गया है:
मीनार की ऊँचाई (h) = 300 m
प्रारम्भिक वेग (u) = 0 m/s (क्योंकि पत्थर शीर्ष से गिराया गया है)
गुरुत्वीय त्वरण (g) = 9.8 m/s2
वायु में ध्वनि की चाल (v) = 340 m/s
पत्थर को नीचे गिरने में लगा समय () ज्ञात करने के लिए, हम गति के दूसरे समीकरण का उपयोग करेंगे:
मान रखने पर:
अब, ध्वनि को मीनार के शीर्ष तक पहुँचने में लगा समय () ज्ञात करेंगे:
मान रखने पर:
कुल समय (t) जब ध्वनि सुनाई देगी, वह पत्थर के गिरने के समय और ध्वनि के ऊपर आने के समय का योग होगा:
अतः, पत्थर के टकराने की ध्वनि मीनार के शीर्ष पर पत्थर गिराने के लगभग 8.70 सेकंड बाद सुनाई देगी।
प्रश्न 3
हमें तार में वह तनाव (T) ज्ञात करना है जिसके लिए अनुप्रस्थ तरंग की चाल (v) शुष्क वायु में ध्वनि की चाल के बराबर हो।
दिया गया है:
तार की लम्बाई (l) = 12.0 m
तार का द्रव्यमान (m) = 2.10 kg
वांछित तरंग की चाल (v) = 343 m/s (जो 20°C पर शुष्क वायु में ध्वनि की चाल है)
सबसे पहले, हम तार का रैखिक द्रव्यमान घनत्व () ज्ञात करेंगे:
मान रखने पर:
अनुप्रस्थ तरंग की चाल (v) का सूत्र तनाव (T) और रैखिक द्रव्यमान घनत्व () के पदों में है:
हमें तनाव (T) ज्ञात करना है, इसलिए हम सूत्र को T के लिए पुनर्व्यवस्थित करेंगे:
अब, दिए गए मानों को सूत्र में रखेंगे:
अतः, तार में लगभग 20588.58 N का तनाव होना चाहिए ताकि उस पर अनुप्रस्थ तरंग की चाल शुष्क वायु में ध्वनि की चाल के बराबर हो।
Common mistakes
- इकाइयों को परिवर्तित करने में त्रुटियाँ।
- सूत्रों के अनुप्रयोग में गलतियाँ।
- गणना के दौरान दशमलव स्थानों का गलत प्रबंधन।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के लिए उपयोग किए गए सूत्रों को सूचीबद्ध करें।
- गणना के चरणों को ध्यान से समझें और स्वयं अभ्यास करें।
- ध्वनि की चाल और अनुप्रस्थ तरंगों की चाल के बीच अंतर को समझें।
Practice MCQs
Q1. एक तानित डोरी में अनुप्रस्थ तरंग की चाल किन कारकों पर निर्भर करती है?
Explanation: अनुप्रस्थ तरंग की चाल का सूत्र <math>v = \sqrt{\frac{T}{\mu}}</math> है, जहाँ T तनाव है और <math>\mu</math> रैखिक द्रव्यमान घनत्व है।
Q2. 300 मीटर ऊँची मीनार से गिराया गया पत्थर पानी से टकराने में कितना समय लेगा (लगभग)? (<math>g = 9.8 \,\mathrm{m/s}^2</math>)
Explanation: पत्थर को नीचे गिरने में लगा समय <math>t_1 = \sqrt{\frac{2h}{g}}</math> सूत्र से निकाला जाता है, जो लगभग 7.82 सेकंड है।
Q3. यदि ध्वनि की चाल 340 m/s है, तो 300 मीटर की दूरी तय करने में ध्वनि को कितना समय लगेगा?
Explanation: समय की गणना <math>t_2 = \frac{h}{v}</math> सूत्र से की जाती है, जो <math>\frac{300}{340}</math> = 0.88 सेकंड है।
Q4. स्टील के तार में अनुप्रस्थ तरंग की चाल को ध्वनि की चाल के बराबर करने के लिए आवश्यक तनाव किस पर निर्भर करता है?
Explanation: आवश्यक तनाव की गणना <math>T = \mu v^2</math> से की जाती है, जहाँ <math>\mu</math> रैखिक द्रव्यमान घनत्व है और v ध्वनि की चाल है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 15 में मुख्य रूप से किन विषयों को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से अनुप्रस्थ तरंगों की गति, डोरी में तनाव के तहत तरंग की चाल, ध्वनि की चाल और संबंधित गणनाओं को शामिल किया गया है।
NCERT समाधान 'तरंगें' छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों को हल करने का तरीका सीखने में मदद मिलती है।
प्रश्न 1 में अनुप्रस्थ तरंग की चाल की गणना कैसे की जाती है?
प्रश्न 1 में, अनुप्रस्थ तरंग की चाल की गणना <math>v = \sqrt{\frac{T}{\mu}}</math> सूत्र का उपयोग करके की जाती है, जहाँ T डोरी में तनाव है और <math>\mu</math> डोरी का रैखिक द्रव्यमान घनत्व है।
प्रश्न 2 में कुल समय की गणना में किन दो समय अवधियों को जोड़ा गया है?
प्रश्न 2 में, कुल समय की गणना में पत्थर को मीनार की तली तक पहुँचने में लगा समय (<math>t_1</math>) और ध्वनि को मीनार की चोटी तक पहुँचने में लगा समय (<math>t_2</math>) को जोड़ा गया है।
प्रश्न 3 में तार में आवश्यक तनाव की गणना के लिए कौन सा सूत्र प्रयोग किया जाता है?
प्रश्न 3 में, तार में आवश्यक तनाव की गणना के लिए <math>T = \mu v^2</math> सूत्र का प्रयोग किया जाता है, जहाँ <math>\mu</math> तार का रैखिक द्रव्यमान घनत्व है और v वांछित तरंग की चाल है।
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