कक्षा 11 भौतिकी NCERT समाधान: कणों के नियम तथा घूर्णी गति
यह पृष्ठ कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 7, 'कणों के निकाय तथा घूर्णी गति' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें द्रव्यमान केंद्र की अवधारणाओं, विभिन्न आकृतियों में इसकी स्थिति, और घूर्णी गति के सिद्धांतों को शामिल किया गया है। समाधानों में सरल व्याख्याएं, चरण-दर-चरण प्रक्रियाएं और गणितीय व्युत्पत्तियां शामिल हैं, जो छात्रों को इन जटिल विषयों को समझने में मदद करती हैं। यह खंड छात्रों को द्रव्यमान केंद्र की गणना, सदिशों के अनुप्रयोग और घूर्णी गति से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करता है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की गहरी समझ के लिए एक उत्कृष्ट संसाधन के रूप में काम करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | भौतिकी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 7. कणों के नियम तथा घूर्णी गति |
Chapter summary
कक्षा 11 भौतिकी के अध्याय 7, 'कणों के निकाय तथा घूर्णी गति' के लिए NCERT समाधानों का यह संग्रह द्रव्यमान केंद्र की स्थिति, विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों के लिए इसकी गणना, और घूर्णी गति के मूल सिद्धांतों पर केंद्रित है। इसमें सदिशों का उपयोग करके त्रिभुज के क्षेत्रफल की व्युत्पत्ति जैसे अनुप्रयोग भी शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अभ्यास प्रश्नों को हल करने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों के द्रव्यमान केंद्र की स्थिति को समझना।
- द्रव्यमान केंद्र की स्थिति की गणना के लिए सूत्र लागू करना।
- घूर्णी गति में द्रव्यमान केंद्र की चाल के सिद्धांत को समझना।
- सदिशों का उपयोग करके त्रिभुज के क्षेत्रफल की गणना करना।
- द्रव्यमान केंद्र की अवधारणा को विभिन्न भौतिक प्रणालियों में लागू करना।
Topics covered
Paper topics
- द्रव्यमान केंद्र की परिभाषा
- ज्यामितीय आकृतियों का द्रव्यमान केंद्र (गोला, सिलेंडर, छल्ला, घन)
- द्रव्यमान केंद्र की स्थिति सदिश का सूत्र
- HCl अणु के द्रव्यमान केंद्र की गणना
- द्रव्यमान केंद्र की चाल (बाह्य बल की अनुपस्थिति में)
- सदिश गुणन
- सदिशों द्वारा निरूपित त्रिभुज का क्षेत्रफल
Important topics
- द्रव्यमान केंद्र की स्थिति की गणना
- द्रव्यमान केंद्र की चाल के सिद्धांत
- सदिश गुणन और क्षेत्रफल अनुप्रयोग
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
एकसमान द्रव्यमान घनत्व वाले विभिन्न पिण्डों के द्रव्यमान केन्द्र की अवस्थिति इस प्रकार है:
- गोला: गोले का द्रव्यमान केन्द्र उसके ज्यामितीय केन्द्र पर स्थित होता है।
- सिलेप्डर (बेलन): बेलन का द्रव्यमान केन्द्र उसके ज्यामितीय केन्द्र पर स्थित होता है, जो कि बेलन की अक्ष के मध्य बिंदु पर होता है।
- छल्ला: छल्ले का द्रव्यमान केन्द्र उसकी ज्यामितीय केन्द्र पर स्थित होता है।
- घन: घन का द्रव्यमान केन्द्र उसके ज्यामितीय केन्द्र पर स्थित होता है, जहाँ उसके सभी विकर्ण एक दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं।
क्या द्रव्यमान केन्द्र आवश्यक रूप से पिण्ड के भीतर होता है?
नहीं, यह आवश्यक नहीं है कि किसी पिण्ड का द्रव्यमान केन्द्र हमेशा उसके भीतर ही स्थित हो। उदाहरण के लिए, एक छल्ले, एक खोखले बेलन या एक खोखले घन का द्रव्यमान केन्द्र उनके ज्यामितीय केंद्र पर होता है, जो इन वस्तुओं के पदार्थ से बाहर होता है।
प्रश्न 2
माना हाइड्रोजन (H) परमाणु का द्रव्यमान है और क्लोरीन (Cl) परमाणु का द्रव्यमान है। दोनों नाभिकों के बीच की दूरी है।
हम हाइड्रोजन परमाणु के नाभिक को मूल बिंदु पर मान सकते हैं, इसलिए इसका स्थिति सदिश होगा। क्लोरीन परमाणु के नाभिक का स्थिति सदिश होगा।
निकाय के द्रव्यमान केन्द्र का स्थिति सदिश निम्न सूत्र द्वारा दिया जाता है:
मान रखने पर:
इसे Ångström (Å) में बदलने पर:
अतः, HCl अणु के द्रव्यमान केन्द्र की अवस्थिति हाइड्रोजन नाभिक से लगभग की दूरी पर क्लोरीन नाभिक की ओर स्थित है।
प्रश्न 3
जब बच्चा ट्रॉली पर एकसमान चाल से गतिमान है, तो निकाय (ट्रॉली + बच्चा) का द्रव्यमान केंद्र भी उसी चाल से गतिमान होगा।
जब बच्चा खड़ा होकर ट्रॉली पर दौड़ना शुरू करता है, तो यह गति बच्चे द्वारा ट्रॉली पर लगाया गया एक आंतरिक बल है। न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार, बच्चा ट्रॉली पर एक बल लगाता है और ट्रॉली बच्चे पर विपरीत दिशा में समान बल लगाती है। ये दोनों बल आंतरिक बल हैं।
चूंकि निकाय पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं कर रहा है (फर्श चिकना है और गुरुत्वाकर्षण तथा अभिलंब बल एक दूसरे को संतुलित करते हैं), निकाय के कुल संवेग में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इसलिए, निकाय के द्रव्यमान केंद्र की चाल अपरिवर्तित रहेगी।
अतः, निकाय (ट्रॉली + बच्चा) के द्रव्यमान केन्द्र की चाल अभी भी ही रहेगी।
प्रश्न 4
माना सदिश और एक त्रिभुज की दो संलग्न भुजाओं को निरूपित करते हैं, और उनके बीच का कोण है। माना सदिश OA भुजा के अनुदिश और सदिश OB भुजा के अनुदिश है।
त्रिभुज OAB का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम आधार OB और शीर्ष A से OB पर डाले गए लम्ब (ऊंचाई h) का उपयोग कर सकते हैं।
समकोण त्रिभुज OAC में (जहाँ AC लम्ब है), हमारे पास है:
त्रिभुज OAB का क्षेत्रफल निम्न सूत्र द्वारा दिया जाता है:
अब, दो सदिशों और के सदिश गुणनफल का परिमाण निम्न प्रकार दिया जाता है:
उपरोक्त दोनों समीकरणों की तुलना करने पर, हम पाते हैं:
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि और द्वारा निरूपित त्रिभुज का क्षेत्रफल के परिमाण का आधा होता है।
Common mistakes
- द्रव्यमान केंद्र की स्थिति को हमेशा वस्तु के भीतर मानना।
- आंतरिक बलों के प्रभाव को बाहरी बलों के साथ भ्रमित करना।
- सदिश गुणन और उसके परिमाण के बीच अंतर को समझने में त्रुटि।
- इकाइयों (जैसे Å और m) के रूपांतरण में गलती करना।
Revision tips
- प्रत्येक ज्यामितीय आकृति के लिए द्रव्यमान केंद्र की स्थिति को याद करें।
- द्रव्यमान केंद्र की गणना के लिए सूत्र को समझें और अभ्यास करें।
- सदिशों के अनुप्रयोग से संबंधित प्रश्नों का विशेष ध्यान रखें।
- आंतरिक और बाहरी बलों के बीच अंतर को स्पष्ट करें।
Practice MCQs
Q1. एकसमान घनत्व वाले छल्ले के द्रव्यमान केंद्र की स्थिति क्या होती है?
Explanation: एकसमान घनत्व वाले छल्ले का द्रव्यमान केंद्र उसकी ज्यामितीय केंद्र पर स्थित होता है, जो छल्ले के बाहर होता है।
Q2. यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं कर रहा है, तो उसके द्रव्यमान केंद्र के बारे में क्या कहा जा सकता है?
Explanation: न्यूटन के गति के पहले नियम के अनुसार, यदि कोई बाह्य बल नहीं है, तो निकाय का द्रव्यमान केंद्र या तो स्थिर रहेगा या एकसमान वेग से गति करेगा।
Q3. HCl अणु में, यदि क्लोरीन परमाणु हाइड्रोजन परमाणु से 35.5 गुना भारी है, तो द्रव्यमान केंद्र किसके करीब स्थित होगा?
Explanation: द्रव्यमान केंद्र भारी परमाणु के करीब स्थित होता है। चूंकि क्लोरीन परमाणु 35.5 गुना भारी है, द्रव्यमान केंद्र क्लोरीन नाभिक के करीब होगा।
Q4. दो सदिशों a और b द्वारा निरूपित त्रिभुज का क्षेत्रफल किसके बराबर होता है?
Explanation: दो सदिशों द्वारा निरूपित त्रिभुज का क्षेत्रफल उनके सदिश गुणनफल के परिमाण के आधे के बराबर होता है।
Frequently asked questions
कणों के निकाय तथा घूर्णी गति अध्याय में द्रव्यमान केंद्र का क्या महत्व है?
द्रव्यमान केंद्र किसी निकाय का वह बिंदु होता है जहाँ पूरे निकाय का द्रव्यमान केंद्रित माना जा सकता है। यह निकाय की गति का वर्णन करने में मदद करता है, खासकर जब उस पर बाह्य बल कार्य कर रहे हों।
क्या किसी वस्तु का द्रव्यमान केंद्र हमेशा वस्तु के भीतर ही स्थित होता है?
नहीं, ऐसा आवश्यक नहीं है। छल्ले, खोखले बेलन या खोखले घन जैसी वस्तुओं का द्रव्यमान केंद्र उनके ज्यामितीय केंद्र पर होता है, जो वस्तु के बाहर स्थित होता है।
यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल न लगे, तो उसके द्रव्यमान केंद्र की गति कैसी होगी?
यदि किसी निकाय पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं कर रहा है, तो उसके द्रव्यमान केंद्र की गति या तो स्थिर रहेगी या वह एकसमान वेग से सीधी रेखा में गति करेगा।
सदिशों का उपयोग करके त्रिभुज का क्षेत्रफल कैसे ज्ञात किया जाता है?
यदि सदिश a और b त्रिभुज की दो संलग्न भुजाओं को निरूपित करते हैं, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल उनके सदिश गुणनफल के परिमाण के आधे के बराबर होता है, अर्थात् 1/2 |a × b|।
यह NCERT समाधान किन कक्षाओं के लिए उपयोगी हैं?
यह NCERT समाधान विशेष रूप से कक्षा 11 के छात्रों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो भौतिकी का अध्ययन कर रहे हैं।
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