कक्षा 11 गणित अध्याय 14 गणितीय विवेचन के लिए NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 गणित के अध्याय 14, 'गणितीय विवेचन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें कथनों की पहचान करना, उनके निषेधन लिखना और तार्किक संचालन को समझना शामिल है। समाधानों में प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण प्रक्रियाएं शामिल हैं, जो छात्रों को गणितीय तर्क की मूल बातें समझने में मदद करती हैं। यह अध्याय छात्रों को यह सिखाता है कि कैसे वाक्यों को तार्किक कथनों के रूप में वर्गीकृत किया जाए, जो सत्य या असत्य हो सकते हैं, और कैसे इन कथनों के विपरीत या निषेधन बनाए जाएं। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की गहरी समझ विकसित करने में सहायता करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 14. गणितीय विवेचन |
Chapter summary
कक्षा 11 गणित के अध्याय 14, 'गणितीय विवेचन' के ये NCERT समाधान, तार्किक कथनों की अवधारणा पर केंद्रित हैं। छात्र सीखेंगे कि कौन से वाक्य कथन होते हैं और कौन से नहीं, और कथनों के निषेधन कैसे लिखें। समाधान प्रश्नावली 14.1 और 14.2 के प्रश्नों को हल करते हैं, जिसमें कथनों की सत्यता या असत्यता का निर्धारण और उनके तार्किक विपरीत का निर्माण शामिल है। यह अध्याय छात्रों को गणितीय भाषा और तर्क की सटीकता को समझने में मदद करता है।
Learning outcomes
- कथनों को पहचानना और उन्हें सत्य या असत्य के रूप में वर्गीकृत करना सीखना।
- दिए गए कथनों के निषेधन (negations) को लिखना सीखना।
- यह समझना कि कौन से वाक्य कथन नहीं माने जाते हैं और क्यों।
- गणितीय भाषा की सटीकता और तार्किक संरचना को समझना।
Topics covered
Paper topics
- कथन की परिभाषा
- कथनों की पहचान
- सत्य और असत्य कथन
- निषेधन (Negation)
- वाक्य जो कथन नहीं हैं
- गणितीय तर्क
- तार्किक संचालन
Important topics
- कथन की परिभाषा और पहचान
- निषेधन लिखना
- कथनों की सत्यता का निर्धारण
- गणितीय भाषा की सटीकता
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(i) एक महीने में 35 दिन होते हैं।
(ii) गणित एक कठिन विषय है।
(iii) 5 और 7 का योगफल 10 से अधिक है।
(iv) किसी संख्या का वर्ग एक सम संख्या होती है।
(v) किसी चतुर्भुज की भुजाएँ बराबर (समान) लंबाई की होती हैं।
(vi) इस प्रश्न का उत्तर दीजिए।
(vii) -1 और 8 का गुणनफल 8 है।
(viii) किसी त्रिभुज के सभी अंतः कोणों का योगफल 180° होता है।
(ix) आज एक तूफानी दिन है।
(x) सभी वास्तविक संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ होती हैं।
एक कथन वह वाक्य होता है जो या तो निश्चित रूप से सत्य हो या निश्चित रूप से असत्य हो। यहाँ प्रत्येक वाक्य का विश्लेषण दिया गया है:
-
(i) यह वाक्य सदैव असत्य है, क्योंकि किसी भी महीने में अधिकतम 31 दिन होते हैं, 35 नहीं। चूँकि यह वाक्य निश्चित रूप से असत्य है, इसलिए यह एक कथन है।
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(ii) यह वाक्य एक कथन नहीं है। यह व्यक्तिपरक है; कुछ लोगों के लिए गणित कठिन हो सकता है, जबकि अन्य के लिए यह सरल हो सकता है। इसकी सत्यता या असत्यता निश्चित नहीं है।
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(iii) यह वाक्य सदैव सत्य है। 5 और 7 का योगफल 12 होता है, जो कि 10 से अधिक है। चूँकि यह वाक्य निश्चित रूप से सत्य है, इसलिए यह एक कथन है।
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(iv) यह वाक्य एक कथन नहीं है। किसी संख्या का वर्ग सम हो भी सकता है और नहीं भी। उदाहरण के लिए, 4 का वर्ग (16) सम है, लेकिन 5 का वर्ग (25) विषम है। चूँकि यह हमेशा सत्य या हमेशा असत्य नहीं है, यह एक कथन नहीं है।
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(v) यह वाक्य एक कथन नहीं है। यह कभी सत्य होता है और कभी असत्य। उदाहरण के लिए, एक वर्ग या समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं (सत्य), लेकिन एक आयत या समलंब चतुर्भुज की भुजाएँ समान लंबाई की नहीं होती हैं (असत्य)। चूँकि यह हमेशा सत्य या हमेशा असत्य नहीं है, यह एक कथन नहीं है।
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(vi) यह वाक्य एक कथन नहीं है। यह एक आदेश है, और आदेशों को सत्य या असत्य के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जा सकता है।
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(vii) यह वाक्य असत्य है। -1 और 8 का गुणनफल -8 होता है, न कि 8। चूँकि यह वाक्य निश्चित रूप से असत्य है, इसलिए यह एक कथन है।
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(viii) यह वाक्य सदैव सत्य होता है। किसी भी त्रिभुज के सभी अंतः कोणों का योगफल हमेशा 180° होता है। चूँकि यह वाक्य निश्चित रूप से सत्य है, इसलिए यह एक कथन है।
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(ix) यह वाक्य एक कथन नहीं है। 'आज' किस दिन का उल्लेख किया गया है, यह स्पष्ट नहीं है, और 'तूफानी दिन' व्यक्तिपरक हो सकता है। इसकी सत्यता या असत्यता निश्चित नहीं है।
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(x) यह वाक्य सत्य है। सभी वास्तविक संख्याओं को के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ x एक वास्तविक संख्या है। इस प्रकार, प्रत्येक वास्तविक संख्या एक सम्मिश्र संख्या होती है। चूँकि यह वाक्य निश्चित रूप से सत्य है, इसलिए यह एक कथन है।
प्रश्न 2
कथन वह वाक्य होता है जो या तो निश्चित रूप से सत्य हो या निश्चित रूप से असत्य हो। यहाँ वाक्यों के तीन उदाहरण दिए गए हैं जो कथन नहीं हैं, उनके कारणों सहित:
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(i) "इस कमरे में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति निडर है।" यह एक कथन नहीं है। इसका कारण यह है कि यह स्पष्ट नहीं है कि किस कमरे का उल्लेख किया जा रहा है (संदर्भ की कमी) और 'निडर' शब्द व्यक्तिपरक है और स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं है। इसलिए, हम निश्चित रूप से यह नहीं कह सकते कि यह वाक्य सत्य है या असत्य।
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(ii) "वह अभियान्त्रिकी की छात्रा है।" यह भी एक कथन नहीं है। इसका कारण यह है कि सर्वनाम 'वह' का उल्लेख किसी विशिष्ट व्यक्ति को इंगित नहीं करता है। जब तक हम यह नहीं जानते कि 'वह' कौन है, तब तक हम वाक्य की सत्यता या असत्यता का निर्धारण नहीं कर सकते।
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(iii) " का मान सदैव 1/2 से अधिक होता है।" यह एक कथन नहीं है जब तक कि का मान ज्ञात न हो। का मान 0 और 1 के बीच होता है। यदि है, तो , जो 1/2 से अधिक नहीं है। यदि है, तो , जो 1/2 से अधिक है। चूँकि के मान के आधार पर वाक्य सत्य या असत्य हो सकता है, यह एक कथन नहीं है।
प्रश्न 1
(i) चेन्नई, तमिलनाडु की राजघानी है।
(ii) √2 एक सम्मिश्र संख्या नहीं है।
(iii) सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज नहीं होते हैं।
(iv) संख्या 2, संख्या 7 से अधिक है।
(v) प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्णांक होती है।
किसी कथन का निषेधन (negation) वह कथन होता है जिसका सत्य मान मूल कथन के विपरीत होता है। निषेधन बनाने के लिए, हम आमतौर पर वाक्य में 'नहीं' शब्द जोड़ते या हटाते हैं।
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(i) मूल कथन: चेन्नई, तमिलनाडु की राजघानी है। (यह सत्य है) निषेधन: चेन्नई, तमिलनाडु की राजघानी नहीं है। (यह असत्य है)
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(ii) मूल कथन: √2 एक सम्मिश्र संख्या नहीं है। (यह सत्य है, क्योंकि √2 एक अपरिमेय संख्या है, और सभी अपरिमेय संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ नहीं होतीं, बल्कि वास्तविक संख्याएँ होती हैं। यहाँ वाक्य का अर्थ है कि √2 को a+bi के रूप में नहीं लिखा जा सकता जहाँ b≠0 हो, जो सत्य है। यदि प्रश्न का अर्थ है कि √2 सम्मिश्र संख्या नहीं है, तो यह असत्य है। मान लेते हैं कि प्रश्न का अर्थ है कि √2 एक सम्मिश्र संख्या के रूप में नहीं है, जो कि सत्य है। यदि हम इसे सम्मिश्र संख्या के रूप में देखें तो लिख सकते हैं। लेकिन प्रश्न के अनुसार, यह कथन सत्य है कि √2 एक सम्मिश्र संख्या नहीं है।) निषेधन: √2 एक सम्मिश्र संख्या है। (यह असत्य है, क्योंकि √2 को के रूप में लिखा जा सकता है, जो एक सम्मिश्र संख्या है। अतः मूल कथन असत्य है।) *स्पष्टीकरण: प्रश्न के अनुसार, यदि मूल कथन सत्य है, तो निषेधन असत्य होगा। यदि मूल कथन असत्य है, तो निषेधन सत्य होगा। यहाँ, √2 एक वास्तविक संख्या है, और सभी वास्तविक संख्याएँ सम्मिश्र संख्याएँ होती हैं (जहाँ काल्पनिक भाग शून्य होता है)। इसलिए, कथन "√2 एक सम्मिश्र संख्या नहीं है" असत्य है। इसका निषेधन "√2 एक सम्मिश्र संख्या है" सत्य होगा।
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(iii) मूल कथन: सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज नहीं होते हैं। (यह सत्य है, क्योंकि कुछ त्रिभुज समबाहु होते हैं और कुछ नहीं।) निषेधन: सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज होते हैं। (यह असत्य है)
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(iv) मूल कथन: संख्या 2, संख्या 7 से अधिक है। (यह असत्य है) निषेधन: संख्या 2, संख्या 7 से अधिक नहीं है। (यह सत्य है)
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(v) मूल कथन: प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्णांक होती है। (यह सत्य है) निषेधन: प्रत्येक प्राकृत संख्या एक पूर्णांक नहीं होती है। (यह असत्य है)
Common mistakes
- व्यक्तिपरक या संदर्भ-निर्भर वाक्यों को कथन मानना।
- आदेशों, प्रश्नों या उद्गारों को कथन समझना।
- निषेधन लिखते समय 'नहीं' शब्द को सही ढंग से जोड़ना या हटाना भूल जाना।
- कथनों की सत्यता या असत्यता का गलत निर्धारण करना।
Revision tips
- प्रत्येक वाक्य को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित करें कि क्या वह निश्चित रूप से सत्य या असत्य है।
- निषेधन लिखते समय, मूल कथन के अर्थ को उलटने पर ध्यान केंद्रित करें।
- उन वाक्यों के उदाहरणों की समीक्षा करें जो कथन नहीं हैं ताकि अंतर को समझ सकें।
- गणितीय कथनों की सत्यता की जाँच के लिए उदाहरणों का उपयोग करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन है?
Explanation: कथन वह वाक्य होता है जो या तो निश्चित रूप से सत्य हो या निश्चित रूप से असत्य हो। '5 और 7 का योगफल 10 से अधिक है' (जो कि 12 है) एक निश्चित रूप से सत्य वाक्य है, इसलिए यह एक कथन है।
Q2. वाक्य 'गणित एक कठिन विषय है' कथन क्यों नहीं है?
Explanation: यह वाक्य व्यक्तिपरक है। कुछ लोगों के लिए गणित कठिन हो सकता है, जबकि दूसरों के लिए यह सरल हो सकता है। इसलिए, यह निश्चित रूप से सत्य या असत्य नहीं है।
Q3. कथन 'चेन्नई, तमिलनाडु की राजघानी है।' का निषेधन क्या है?
Explanation: किसी कथन का निषेधन वह कथन होता है जिसका सत्य मान मूल कथन के विपरीत होता है। मूल कथन सत्य है, इसलिए इसका निषेधन असत्य होना चाहिए, जो कि 'चेन्नई, तमिलनाडु की राजघानी नहीं है।' है।
Q4. निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य कथन नहीं है?
Explanation: 'वह एक होशियार छात्र है।' एक कथन नहीं है क्योंकि 'वह' कौन है, यह स्पष्ट नहीं है, और 'होशियार' एक व्यक्तिपरक विशेषण है।
Q5. कथन 'सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज नहीं होते हैं।' का निषेधन क्या है?
Explanation: मूल कथन 'सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज नहीं होते हैं।' सत्य है। इसका निषेधन 'सभी त्रिभुज समबाहु त्रिभुज होते हैं।' असत्य होगा, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से गलत है।
Frequently asked questions
कक्षा 11 गणित में 'गणितीय विवेचन' अध्याय क्या है?
यह अध्याय छात्रों को गणितीय कथनों की पहचान करना, उनकी सत्यता या असत्यता का निर्धारण करना और कथनों के निषेधन लिखना सिखाता है। यह तार्किक तर्क की नींव रखता है।
NCERT समाधान छात्रों की मदद कैसे करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद मिलती है।
कौन से वाक्य कथन नहीं माने जाते हैं?
आदेश, प्रश्न, उद्गार, या ऐसे वाक्य जो व्यक्तिपरक हों या जिनके सत्य या असत्य होने का निश्चित रूप से निर्धारण न किया जा सके, कथन नहीं माने जाते हैं।
कथन का निषेधन (negation) क्या होता है?
कथन का निषेधन एक ऐसा कथन होता है जिसका सत्य मान मूल कथन के विपरीत होता है। यदि मूल कथन सत्य है, तो उसका निषेधन असत्य होगा, और इसके विपरीत।
क्या इन समाधानों में सभी प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं?
हाँ, ये समाधान NCERT पाठ्यपुस्तक के अध्याय 14 'गणितीय विवेचन' में दिए गए सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं।
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