कक्षा 11 गणित: अध्याय 2 संबंध एवं फलन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 11 गणित के अध्याय 2, 'संबंध एवं फलन' के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें प्रश्नावली 2.1 के सभी प्रश्नों के विस्तृत हल शामिल हैं, जो क्रमित युग्मों, कार्तीय गुणन, और समुच्चयों के बीच संबंधों की अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। समाधानों में प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को इन महत्वपूर्ण गणितीय अवधारणाओं को गहराई से समझने में सहायता मिलती है। यह संसाधन परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की पुनरीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी है, जो छात्रों को अभ्यास के माध्यम से अपनी समझ को मजबूत करने में सक्षम बनाता है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 11 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 2. संबंध एवं फलन |
Chapter summary
अध्याय 2, 'संबंध एवं फलन' के लिए NCERT समाधान, प्रश्नावली 2.1 पर केंद्रित हैं। यह खंड क्रमित युग्मों की समानता, दो समुच्चयों के कार्तीय गुणन की गणना, और कार्तीय गुणन के गुणों को समझने पर जोर देता है। समाधानों में समुच्चयों के बीच संबंधों को स्थापित करने और उनका प्रतिनिधित्व करने के तरीकों का भी वर्णन किया गया है। यह छात्रों को इन मूलभूत अवधारणाओं में महारत हासिल करने में मदद करता है।
Learning outcomes
- क्रमित युग्मों की समानता के आधार पर अज्ञात चरों का मान ज्ञात करना सीखें।
- दो समुच्चयों के कार्तीय गुणन को परिभाषित और परिकलित करना समझें।
- समुच्चयों के कार्तीय गुणन के गुणों का विश्लेषण करें।
- समुच्चय सिद्धांत का उपयोग करके संबंधों को हल करना सीखें।
- त्रिक (triples) के कार्तीय गुणन की गणना करना समझें।
Topics covered
Paper topics
- क्रमित युग्म
- क्रमित युग्मों की समानता
- समुच्चय
- अरिक्त समुच्चय
- कार्तीय गुणन
- समुच्चयों का कार्तीय गुणन
- समुच्चय गुणन के अवयवों की संख्या
- त्रिक (Triples)
- समुच्चय गुणन के गुण
- रिक्त समुच्चय
- संबंध की परिभाषा
- फलन की परिभाषा
Important topics
- क्रमित युग्मों की समानता
- दो समुच्चयों का कार्तीय गुणन
- समुच्चय गुणन में अवयवों की संख्या
- त्रिक का कार्तीय गुणन
- कार्तीय गुणन के गुण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
हमें दिया गया है कि दो क्रमित युग्म बराबर हैं:
दो क्रमित युग्मों की समानता के गुणधर्म के अनुसार, उनके संगत घटक बराबर होने चाहिए। इसलिए, हम निम्नलिखित दो समीकरण प्राप्त करते हैं:
पहले समीकरण को हल करने पर:
दोनों पक्षों को 3 से गुणा करने पर:
दूसरे समीकरण को हल करने पर:
अतः, और ।
प्रश्न 2
हमें दिया गया है कि समुच्चय A में अवयवों की संख्या है।
समुच्चय B दिया गया है: . इसलिए, समुच्चय B में अवयवों की संख्या है।
दो समुच्चयों के कार्तीय गुणन में अवयवों की संख्या ज्ञात करने का सूत्र है: .
इस सूत्र का प्रयोग करने पर:
अतः, में अवयवों की संख्या 9 होगी।
प्रश्न 3
हमें दो समुच्चय दिए गए हैं: और .
समुच्चय G में अवयवों की संख्या है और समुच्चय H में अवयवों की संख्या है।
दो अरिक्त समुच्चयों P और Q का कार्तीय गुणन उन सभी क्रमित युग्मों का समुच्चय होता है, जिनके प्रथम घटक P से और द्वितीय घटक Q से लिए जाते हैं। अर्थात, .
अब, हम की गणना करते हैं:
इसके अवयव होंगे:
अब, हम की गणना करते हैं:
इसके अवयव होंगे:
अतः, और .
प्रश्न 4
(i) यदि और , तो
(ii) यदि A और B अरिक्त समुच्चय हैं, तो क्रमित युग्मों का एक अरिक्त समुच्चय इस प्रकार है, कि तथा .
(iii)
(i) कथन: यदि और , तो
यह कथन असत्य है।
सही कथन: यदि और , तो की गणना इस प्रकार की जाती है:
इसलिए, में चार अवयव हैं, न कि दो।
(ii) कथन: यदि A और B अरिक्त समुच्चय हैं, तो क्रमित युग्मों का एक अरिक्त समुच्चय इस प्रकार है, कि तथा .
यह कथन सत्य है। यह कार्तीय गुणन की परिभाषा है। चूँकि A और B अरिक्त समुच्चय हैं, तो कम से कम एक और एक मौजूद होगा, जिससे एक क्रमित युग्म बनेगा और अरिक्त होगा।
(iii) कथन:
यह कथन सत्य है।
स्पष्टीकरण: हम जानते हैं कि किसी भी समुच्चय का रिक्त समुच्चय () के साथ सर्वनिष्ठ (intersection) हमेशा रिक्त समुच्चय होता है।
अर्थात, .
इसलिए, .
किसी भी समुच्चय का रिक्त समुच्चय के साथ कार्तीय गुणन हमेशा रिक्त समुच्चय होता है।
अतः, .
प्रश्न 5
हमें समुच्चय दिया गया है।
सबसे पहले, हम की गणना करते हैं:
अब, हम की गणना करते हैं, जो के बराबर है:
इसके अवयव निम्नलिखित त्रिक (triples) होंगे:
अतः, में 8 अवयव हैं।
प्रश्न 6
हमें कार्तीय गुणन दिया गया है।
समुच्चय के परिभाषा के अनुसार, समुच्चय A में वे सभी अवयव होते हैं जो के क्रमित युग्मों के प्रथम घटक हैं, और समुच्चय B में वे सभी अवयव होते हैं जो के क्रमित युग्मों के द्वितीय घटक हैं।
दिए गए के क्रमित युग्मों के प्रथम घटकों को देखने पर, हमें और मिलते हैं। इसलिए, समुच्चय A है:
इसी प्रकार, दिए गए के क्रमित युग्मों के द्वितीय घटकों को देखने पर, हमें और मिलते हैं। इसलिए, समुच्चय B है:
अतः, और .
Common mistakes
- क्रमित युग्मों की समानता में संगत घटकों को गलत तरीके से बराबर करना।
- कार्तीय गुणन की गणना करते समय अवयवों को व्यवस्थित करने में त्रुटियाँ।
- समुच्चय A × B और B × A के बीच अंतर को समझने में भ्रम।
- समुच्चय गुणन के सूत्रों को लागू करने में गलतियाँ।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के हल में दिए गए चरणों का पालन करें और समझें।
- क्रमित युग्मों और कार्तीय गुणन से संबंधित परिभाषाओं को याद करें।
- हल किए गए उदाहरणों का उपयोग करके स्वयं अभ्यास करें।
- सत्य/असत्य कथनों के लिए तर्क को ध्यान से समझें।
Practice MCQs
Q1. यदि <math>\left(\frac{x}{3}+1, y-\frac{2}{3}\right)=\left(\frac{5}{3}, \frac{1}{3}\right)</math>, तो x का मान क्या है?
Explanation: दो क्रमित युग्म बराबर होते हैं यदि उनके संगत घटक बराबर हों। इसलिए, <math>\frac{x}{3}+1 = \frac{5}{3}</math> को हल करने पर <math>x=2</math> प्राप्त होता है।
Q2. यदि समुच्चय A में 3 अवयव हैं और समुच्चय B में 3 अवयव हैं, तो <math>A \times B</math> में कितने अवयव होंगे?
Explanation: <math>n(A \times B) = n(A) \times n(B)</math> सूत्र का उपयोग करके, <math>3 \times 3 = 9</math> अवयव होंगे।
Q3. यदि <math>G = \{7, 8\}</math> और <math>H = \{5, 4, 2\}</math>, तो <math>G \times H</math> में कितने अवयव होंगे?
Explanation: <math>n(G) = 2</math> और <math>n(H) = 3</math>। इसलिए, <math>n(G \times H) = n(G) \times n(H) = 2 \times 3 = 6</math>।
Q4. कथन: यदि <math>P = \{m, n\}</math> और <math>Q = \{n, m\}</math>, तो <math>P \times Q = \{(m, n), (n, m)\}</math>। यह कथन है:
Explanation: यह कथन असत्य है। <math>P \times Q</math> में <math>\{(m, n), (m, m), (n, n), (n, m)\}</math> अवयव होंगे।
Q5. समुच्चय <math>A = \{-1, 1\}</math> के लिए <math>A \times A \times A</math> में कितने अवयव होंगे?
Explanation: <math>n(A) = 2</math>। इसलिए, <math>n(A \times A \times A) = n(A) \times n(A) \times n(A) = 2 \times 2 \times 2 = 8</math>।
Frequently asked questions
कक्षा 11 गणित के अध्याय 2 'संबंध एवं फलन' में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से क्रमित युग्मों, क्रमित युग्मों की समानता, दो समुच्चयों के कार्तीय गुणन, और कार्तीय गुणन के गुणों जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है।
प्रश्नावली 2.1 में किस प्रकार के प्रश्न हल किए गए हैं?
प्रश्नावली 2.1 में क्रमित युग्मों की समानता का उपयोग करके अज्ञात चरों का मान ज्ञात करना, समुच्चयों के कार्तीय गुणन की गणना करना, और कार्तीय गुणन से संबंधित सत्य/असत्य कथनों की पहचान करना जैसे प्रश्न हल किए गए हैं।
यदि <math>A \times B</math> दिया गया हो, तो <math>A</math> और <math>B</math> कैसे ज्ञात करें?
<math>A \times B</math> में दिए गए सभी क्रमित युग्मों के प्रथम घटकों का समुच्चय <math>A</math> होता है, और सभी द्वितीय घटकों का समुच्चय <math>B</math> होता है।
क्या <math>A \times B</math> और <math>B \times A</math> हमेशा समान होते हैं?
नहीं, <math>A \times B</math> और <math>B \times A</math> केवल तभी समान होते हैं जब <math>A=B</math> हो। सामान्यतः, ये भिन्न होते हैं।
यह NCERT समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी है?
यह समाधान छात्रों को प्रत्येक प्रश्न के हल को समझने में मदद करता है, जिससे वे संबंध एवं फलन की अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से सीख सकते हैं और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी कर सकते हैं।
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