कक्षा 10 हिंदी NCERT समाधान: यह दंतुरित मुस्कान और फसल

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यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी के लिए 'यह दंतुरहित मुस्कान' और 'फसल' कविताओं पर केंद्रित NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें कवि नागार्जुन की इन दो महत्वपूर्ण कविताओं से संबंधित सभी अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत उत्तर शामिल हैं। समाधान बच्चे की मासूम मुस्कान के कवि पर पड़ने वाले प्रभाव, बच्चे और बड़े की मुस्कान के बीच अंतर, और मुस्कान के सौंदर्य को व्यक्त करने के लिए उपयोग किए गए बिंबों की व्याख्या करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह 'फसल' कविता के सार को स्पष्ट करता है, जिसमें फसल को नदियों के पानी, हाथों के स्पर्श और मिट्टी के गुणों का परिणाम बताया गया है। समाधान फसल उगाने के लिए आवश्यक तत्वों जैसे मानव श्रम, पानी, मिट्टी, सूरज की किरणों और हवा पर भी प्रकाश डालते हैं। ये समाधान छात्रों को कविताओं की गहरी समझ विकसित करने, मुख्य भावों को पहचानने और परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter6 यह दंतुरहित मुस्कान और फसल

Chapter summary

कक्षा 10 हिंदी के लिए 'यह दंतुरित मुस्कान' और 'फसल' कविताओं के NCERT समाधानों का यह संग्रह छात्रों को कविताओं के गहन अर्थ को समझने में सहायता करता है। इसमें 'यह दंतुरित मुस्कान' में बच्चे की मासूमियत और उसके कवि पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण है, साथ ही 'फसल' कविता में प्रकृति और मानव श्रम के सह-अस्तित्व से उपजी फसल के महत्व को समझाया गया है। समाधान अभ्यास प्रश्नों के उत्तर, भावार्थ और कवि द्वारा प्रयुक्त बिंबों की विस्तृत व्याख्या प्रदान करते हैं।

Learning outcomes

  • बच्चे की दंतुरित मुस्कान के कवि पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना।
  • बच्चे और बड़े की मुस्कान के बीच अंतर का विश्लेषण करना।
  • कवि द्वारा प्रयुक्त बिंबों के माध्यम से मुस्कान के सौंदर्य को पहचानना।
  • फसल कविता के केंद्रीय भाव को समझना।
  • फसल उगाने के लिए आवश्यक प्राकृतिक और मानवीय तत्वों की पहचान करना।
  • कविताओं के भावार्थ और निहितार्थों को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • यह दंतुरित मुस्कान कविता का सारांश
  • बच्चे की मुस्कान का प्रभाव
  • बच्चे और बड़े की मुस्कान में अंतर
  • कवि द्वारा प्रयुक्त बिंब
  • फसल कविता का सारांश
  • फसल उगाने के आवश्यक तत्व
  • मानवीय श्रम का महत्व
  • प्रकृति का योगदान (पानी, मिट्टी, किरणें, हवा)
  • भाव स्पष्टीकरण
  • रचना और अभिव्यक्ति के प्रश्न

Important topics

  • बच्चे की दंतुरित मुस्कान का कवि पर प्रभाव
  • फसल को नदियों के पानी, हाथों के स्पर्श और मिट्टी का परिणाम मानना
  • फसल उगाने के लिए आवश्यक तत्व
  • कवि द्वारा प्रयुक्त बिंबों का विश्लेषण
  • मुस्कान और क्रोध के वातावरण की भिन्नता

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

बच्चे की दंतुरित (बिना दाँतों वाली) मुस्कान का कवि के मन पर अत्यंत गहरा और जादुई प्रभाव पड़ता है। कवि को यह मुस्कान इतनी मनमोहक और जीवनदायिनी लगती है कि वह मानो मृत व्यक्ति में भी प्राण डाल सकती है। यह मुस्कान कवि के मन की सारी उदासी और निराशा को दूर कर देती है और उसे नवजीवन का संचार करती है।

प्रश्न 2

बच्चे की मुसकान और एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है?

बच्चे की मुस्कान और एक बड़े व्यक्ति की मुस्कान में कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं:

  • स्वतःस्फूर्तता: बच्चे बिना किसी विशेष कारण या अवसर के भी मुस्कुरा देते हैं, उनकी मुस्कान सहज और स्वाभाविक होती है। इसके विपरीत, बड़े व्यक्ति अक्सर किसी खास वजह या मौके की प्रतीक्षा करते हैं तब मुस्कुराते हैं।
  • प्रभाव क्षेत्र: बच्चे की मुस्कान सभी को, चाहे वह अपरिचित ही क्यों न हो, सहज रूप से प्रभावित करती है और मन मोह लेती है। वहीं, बड़ों की मुस्कान का प्रभाव अक्सर सीमित होता है और वह केवल परिचितों या विशेष परिस्थितियों में ही लोगों को प्रभावित कर पाती है।
  • निश्छलता: बच्चे की मुस्कान में पूर्ण निश्छलता और मासूमियत होती है, जबकि बड़ों की मुस्कान में कई बार स्वार्थ या औपचारिकता छिपी हो सकती है।

प्रश्न 3

कवि ने बच्चे की मुसकान के सींदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है?

कवि नागार्जुन ने बच्चे की दंतुरित मुस्कान के सौंदर्य और उसके प्रभाव को व्यक्त करने के लिए कई सजीव बिंबों का प्रयोग किया है, जो इस प्रकार हैं:

  • मृतक में प्राण डालना: बच्चे की मुस्कान इतनी जीवंत है कि वह मृत शरीर में भी जान डाल सकती है।
  • कमल का तालाब छोड़कर झोपड़ी में खिलना: कवि को बच्चे की मुस्कान ऐसी लगती है मानो तालाब में खिलने वाले कमल के फूल अपनी जगह छोड़कर कवि की साधारण झोपड़ी में खिल गए हों, जो उसकी मुस्कान की असाधारणता को दर्शाता है।
  • शेफ़ालिका के फूलों का झड़ना: कवि की झोपड़ी में बच्चे के स्पर्श से ऐसे लगता है मानो बाँस या बबूल जैसे काँटेदार और रूखे वृक्षों से भी शेफ़ालिका के कोमल फूल झड़ने लगे हों। यह बच्चे के कोमल स्पर्श और मुस्कान के प्रभाव को दर्शाता है।
  • पाषाण का पिघलना: बच्चे के स्पर्श और मुस्कान में इतनी कोमलता और वात्सल्य है कि कठोर पत्थर भी पिघल जाए।
  • तिरछी नज़रों से देखकर मुसकाना: जब बच्चा कवि को तिरछी नज़रों से देखता है और फिर मुस्कुराता है, तो यह दृश्य कवि के हृदय को मोह लेता है।

प्रश्न 4 (क)

भाव स्पष्ट कीजिए - छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात।

इस पंक्ति का भाव यह है कि बच्चे की मुस्कान इतनी मनमोहक और अद्भुत है कि वह साधारण सी लगने वाली झोपड़ी को भी ऐसे सुशोभित कर देती है, जैसे तालाब में खिलने वाले सुंदर कमल के फूल (जलजात) अपनी जगह छोड़कर यहाँ खिल गए हों। यह बच्चे की मुस्कान की अलौकिक सुंदरता और उसके प्रभाव को दर्शाता है, जो साधारण स्थान को भी विशेष बना देती है।

प्रश्न 4 (ख)

भाव स्पष्ट कीजिए - छु गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल?

इस पंक्ति का भाव यह है कि बच्चे के कोमल स्पर्श और उसकी मुस्कान में इतनी अद्भुत शक्ति है कि वह कठोर और रूखे स्वभाव वाले व्यक्ति (जैसे बाँस या बबूल) को भी कोमल और भावुक बना देती है। कवि यह कहना चाहता है कि बच्चे के छूने मात्र से ही ऐसे व्यक्ति के हृदय से भी कोमल भावनाओं का झरना बहने लगता है, जैसे काँटेदार वृक्षों से भी कोमल शेफ़ालिका के फूल झरने लगें। यह बच्चे की वात्सल्यमयी शक्ति का प्रतीक है।

प्रश्न 5

मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।

मुस्कान और क्रोध दो बिल्कुल विपरीत भाव हैं, और इनकी उपस्थिति से वातावरण में भारी अंतर आ जाता है।

मुस्कान: मुस्कान चेहरे को आकर्षक बनाती है, मन में प्रसन्नता और उल्लास भर देती है। जहाँ मुस्कान होती है, वहाँ का वातावरण सुखद, सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक हो जाता है। मुस्कान कठोर से कठोर हृदय को भी कोमल बना सकती है और पराये को भी अपना बना लेने की क्षमता रखती है। यह तनाव को कम करती है और संबंधों में मधुरता लाती है।

क्रोध: इसके विपरीत, क्रोध चेहरे को भयानक बना देता है। यह मन में अशांति, बेचैनी और नकारात्मकता लाता है। क्रोध के कारण वातावरण तनावपूर्ण, भयभीत और असहज हो जाता है। क्रोध व्यक्ति के हृदय को कठोर और असंवेदनशील बना देता है। इससे न केवल रिश्तों में दरार आती है, बल्कि लोगों के बीच भय और दूरी भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे अपने भी पराये लगने लगते हैं।

प्रश्न 6

दंतुरित मुसकान से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।

बच्चे के मुख पर दंतुरित मुस्कान देखकर उसकी उम्र का अनुमान लगाया जा सकता है। सामान्यतः बच्चों के दूध के दाँत लगभग 6 महीने से 1 साल की उम्र के बीच आने शुरू होते हैं। प्रश्न में यह भी संकेत है कि माँ बच्चे को उँगलियों से मधुपर्क (शहद और दही का मिश्रण) करा रही है, जो आमतौर पर तब कराया जाता है जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है और ठोस आहार लेना शुरू कर देता है, लेकिन अभी भी पूरी तरह से माँ पर निर्भर होता है। इस आधार पर, यह अनुमान लगाया जा सकता है कि बच्चे की आयु लगभग 1 वर्ष के आसपास है। उसकी यह निश्छल दंतुरित मुस्कान ही उसके भोलेपन और आकर्षण का प्रमाण है।

प्रश्न 7

बच्चे से कवि की मुताकात का जो शब्द-चित्र उपस्थित हुआ है उसे अपने शब्दों में तिखिए।

कवि और बच्चे की पहली मुलाकात काफी रोचक थी क्योंकि दोनों एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अपरिचित थे। बच्चा कवि को देखकर झिझका नहीं, बल्कि उसे एकटक देखता रहा। उसने कवि की उंगलियाँ पकड़ लीं और बिना पलक झपकाए कवि को निहारता रहा। कवि को लगा कि बच्चा उसे लगातार देखकर थक न जाए, इसलिए वह अपनी आँखें फेर लेता है। लेकिन जैसे ही कवि की नज़रें हटती हैं, बच्चा उसे तिरछी नज़रों से देखता है और फिर मुस्कुरा देता है। बच्चे की इस मासूम और निश्छल मुस्कान ने कवि के हृदय को गहराई से छू लिया। कवि को ऐसा महसूस हुआ जैसे तालाब छोड़कर कमल के फूल उसकी झोपड़ी में खिल गए हों। इस मुस्कान ने कवि के मन में एक नई ऊर्जा और खुशी भर दी, मानो वह संन्यास छोड़कर पुनः गृहस्थ जीवन में लौट आया हो।

प्रश्न 8

कवि के अनुसार फसल क्या है?

कवि के अनुसार, फसल केवल एक पौधा या उपज नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और मानव श्रम का एक सुंदर संगम है। फसल वास्तव में कई नदियों के निर्मल जल का जादू है, जो उसे सींचता है। यह अनेक लोगों, विशेषकर किसानों और मजदूरों के हाथों के स्पर्श की गरिमा और उनके अथक परिश्रम का परिणाम है। साथ ही, यह विभिन्न खेतों की उपजाऊ मिट्टी के गुणों का भी मिला-जुला रूप है। इस प्रकार, फसल किसी एक व्यक्ति या तत्व की देन न होकर, प्रकृति और मानव के सामूहिक प्रयास का साकार रूप है।

प्रश्न 9

कविता में फसल उपजाने के लिए आवश्यक तत्वों की बात कही गई है। वे आवश्यक तत्व कौन-कौन से हैं?

कविता में फसल को उपजाने के लिए निम्नलिखित आवश्यक तत्वों का उल्लेख किया गया है:

  • पानी: विशेष रूप से नदियों का पानी, जो फसल को जीवन देता है।
  • मानव श्रम: अनेक लोगों के हाथों का स्पर्श और उनका परिश्रम, जो फसल को सींचने और उगाने में लगता है।
  • मिट्टी: खेतों की उपजाऊ मिट्टी, जो फसल के लिए पोषक तत्व प्रदान करती है।
  • सूरज की किरणें: जो फसल को ऊर्जा और विकास के लिए आवश्यक हैं।
  • हवा: जो फसल के विकास में सहायक होती है।

कवि इन सभी तत्वों को फसल के लिए अनिवार्य मानता है।

प्रश्न 10

फसल को 'हाथों के स्पर्श की गरिमा' और 'महिमा' कहकर कवि क्या व्यक्त करना चाहता है?

जब कवि फसल को 'हाथों के स्पर्श की गरिमा' और 'महिमा' कहता है, तो वह मुख्य रूप से मानव श्रम के महत्व और उसके प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त करना चाहता है। वह यह बताना चाहता है कि फसल केवल प्रकृति की देन नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसानों और मजदूरों का अनगिनत घंटों का कठिन परिश्रम, उनका पसीना और उनका समर्पण छिपा है। उनके हाथों के स्पर्श से ही बंजर भूमि भी उपजाऊ बनती है और बीज अंकुरित होकर फसल का रूप लेते हैं। इस प्रकार, कवि किसानों और मजदूरों के श्रम की महत्ता को रेखांकित करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता और आदर प्रकट करता है।

प्रश्न 11

भाव स्पष्ट कीजिए - रूपांतर है सूरज की किरणों का, सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!

इन पंक्तियों का भाव यह है कि फसल के निर्माण में सूरज की किरणें और हवा का महत्वपूर्ण योगदान है।

'रूपांतर है सूरज की किरणों का' - इसका अर्थ है कि फसल का हरा-भरा रंग और उसका विकास सूरज की किरणों के प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) की प्रक्रिया का ही परिणाम है। सूरज की किरणें ही फसल को ऊर्जा प्रदान करती हैं और उसे बढ़ने में मदद करती हैं।

'सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!' - इसका अर्थ है कि हवा का हल्का झोंका या उसकी गति (थिरकन) भी फसल के लिए आवश्यक है। हवा न केवल परागण (pollination) में मदद करती है, बल्कि पौधों को मजबूती भी प्रदान करती है और उनके विकास को संतुलित रखती है। हवा की यह 'सिमटी हुई संकोच' वाली गति फसल के लिए एक आवश्यक तत्व है।

इस प्रकार, कवि यह बताना चाहता है कि फसल इन प्राकृतिक तत्वों के सहयोग से ही संभव हो पाती है।

Common mistakes

  • बच्चे की मुस्कान के प्रभाव को सतही तौर पर समझना।
  • फसल को केवल प्राकृतिक प्रक्रिया मानना, मानवीय श्रम के महत्व को अनदेखा करना।
  • कवि द्वारा प्रयुक्त बिंबों के गहरे अर्थ को न समझ पाना।
  • भाव स्पष्ट करने वाले प्रश्नों में काव्यांश के मूल भाव से भटक जाना।

Revision tips

  • दोनों कविताओं के केंद्रीय भाव को संक्षेप में लिखें।
  • कवि द्वारा प्रयुक्त बिंबों की सूची बनाएं और उनका अर्थ समझें।
  • फसल कविता में बताए गए आवश्यक तत्वों को याद करें।
  • अभ्यास प्रश्नों के उत्तरों को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. बच्चे की दंतुरित मुस्कान का कवि पर क्या प्रभाव पड़ता है?

Q2. निम्नलिखित में से कौन सा बिंब कवि ने बच्चे की मुस्कान के सौंदर्य को व्यक्त करने के लिए प्रयोग नहीं किया है?

Q3. कवि के अनुसार फसल किसका परिणाम है?

Q4. बच्चे की मुस्कान और बड़े व्यक्ति की मुस्कान में मुख्य अंतर क्या है?

Q5. 'फसल' कविता में 'हाथों के स्पर्श की गरिमा' से कवि क्या कहना चाहता है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 हिंदी के लिए 'यह दंतुरित मुस्कान' और 'फसल' कविताओं के NCERT समाधान क्यों महत्वपूर्ण हैं?

ये समाधान छात्रों को कविताओं के गहन अर्थ, केंद्रीय भाव, प्रयुक्त बिंबों और परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर समझने में मदद करते हैं।

'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में कवि बच्चे की मुस्कान से क्या कहना चाहता है?

कवि बच्चे की निश्छल और मनमोहक मुस्कान के माध्यम से जीवन की कड़वाहटों को भुलाकर पुनः जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश देना चाहता है।

'फसल' कविता में कवि ने फसल को 'हाथों के स्पर्श की गरिमा' क्यों कहा है?

कवि ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि फसल उगाने में किसानों और मजदूरों के अथक परिश्रम और उनके हाथों के स्पर्श का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

फसल उगाने के लिए कविता में किन-किन तत्वों का उल्लेख किया गया है?

कविता में फसल उगाने के लिए नदियों का पानी, अनेक लोगों के हाथों का स्पर्श, खेतों की मिट्टी के गुण, सूरज की किरणें और हवा का उल्लेख किया गया है।

क्या ये समाधान केवल प्रश्नोत्तर तक सीमित हैं?

नहीं, इन समाधानों में प्रश्नों के उत्तर के साथ-साथ कविताओं का भावार्थ, बिंबों की व्याख्या और रचना-अभिव्यक्ति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

इन कविताओं से किस प्रकार के प्रश्न परीक्षा में पूछे जा सकते हैं?

परीक्षा में कविताओं के केंद्रीय भाव, कवि द्वारा प्रयुक्त बिंबों, फसल के महत्व, बच्चे की मुस्कान के प्रभाव और भाव स्पष्ट करने जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

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