कक्षा 10 हिंदी NCERT समाधान: अध्याय 3 साना-साना हाथ जोड़ि

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यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'कृतिका' के अध्याय 3, 'साना-साना हाथ जोड़ि' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। यह अध्याय सिक्किम की राजधानी गंतोक की यात्रा और वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजीवन और हिमालय के विस्मयकारी रूपों का वर्णन करता है। लेखिका ने गंतोक के जादुई वातावरण, मेहनतकश लोगों के संघर्ष और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को गहराई से चित्रित किया है। समाधानों में गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया, श्वेत और रंगीन पताकाओं का महत्व, और हिमालय के विभिन्न रूपों का सजीव वर्णन शामिल है। यह विस्तृत समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण जानकारी और अवधारणाओं को समझने में मदद करेगा।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. साना-साना हाथ जोड़ि

Chapter summary

कक्षा 10 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'कृतिका' के अध्याय 3 'साना-साना हाथ जोड़ि' के ये NCERT समाधान गंतोक की यात्रा पर केंद्रित हैं। इनमें लेखिका द्वारा अनुभव किए गए प्राकृतिक सौंदर्य, जैसे झिलमिलाते तारे और हिमालय के बदलते रूप, का विस्तृत वर्णन है। समाधानों में गंतोक के मेहनतकश लोगों के जीवन संघर्ष, उनकी कार्यशैली और 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' कहे जाने के कारणों पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, श्वेत और रंगीन पताकाओं के प्रतीकात्मक अर्थ और यात्रा के दौरान जितेन नार्गे द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियों का भी विश्लेषण किया गया है।

Learning outcomes

  • गंतोक के प्राकृतिक सौंदर्य और जादुई वातावरण का वर्णन करना।
  • 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' के रूप में गंतोक की पहचान के कारणों को समझना।
  • श्वेत और रंगीन पताकाओं के प्रतीकात्मक अर्थों को स्पष्ट करना।
  • सिक्किम के जनजीवन, भौगोलिक स्थिति और हिमालय के विभिन्न रूपों का विश्लेषण करना।
  • एक कुशल गाइड के आवश्यक गुणों की पहचान करना।
  • यात्रा वृत्तांत में वर्णित हिमालय के विभिन्न रूपों को अपने शब्दों में व्यक्त करना।

Topics covered

Paper topics

  • गंतोक का प्राकृतिक सौंदर्य
  • रात्रि का जादुई दृश्य
  • मेहनतकश बादशाहों का शहर
  • सिक्किम का जनजीवन
  • श्वेत और रंगीन पताकाओं का महत्व
  • हिमालय के विभिन्न रूप
  • धार्मिक आस्थाएँ और विश्वास
  • कुशल गाइड के गुण
  • यात्रा वृत्तांत का विश्लेषण
  • प्रकृति और मनुष्य का संबंध

Important topics

  • गंतोक का 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' के रूप में वर्णन
  • पताकाओं का प्रतीकात्मक अर्थ
  • हिमालय के बदलते रूप का चित्रण
  • जितेन नार्गे द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारियाँ
  • लोंग स्टॉक के धर्म चक्र का महत्व

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Questions and Solutions

1. झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को किस तरह सम्मोहित कर रहा था?

झिलमिलाते सितारों की रोशनी में नहाया गंतोक लेखिका को किस तरह सम्मोहित कर रहा था?
Solution: रात्रि के समय गंतोक का दृश्य अत्यंत मनमोहक था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सारे तारे नीचे धरती पर उतर आए हों और टिमटिमा रहे हों। दूर ढलान पर फैले सितारों के गुच्छे एक रोशन झालर का आभास दे रहे थे। रात के अंधकार में सितारों से जगमगाता गंतोक लेखिका को एक जादुई अनुभव करा रहा था। यह जादू इतना सम्मोहक था कि लेखिका को अपना अस्तित्व स्थगित सा लगने लगा, सब कुछ अर्थहीन प्रतीत हो रहा था और उसकी चेतना एक शून्यता का अनुभव कर रही थी। वह सुख की एक अतींद्रिय अवस्था में डूबी हुई उस जादुई उजाले का आनंद ले रही थी, जो उसे आत्मिक सुख प्रदान कर रहा था।

2. गंतीक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया?

गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया?
Solution: गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' इसलिए कहा गया है क्योंकि वहाँ के निवासियों ने विपरीत और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अत्यधिक श्रम करके इस शहर को सुंदर और रहने योग्य बनाया है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण उन्हें पहाड़ों को काटकर रास्ते बनाने पड़ते हैं। औरतें पहाड़ों पर बैठकर पत्थर तोड़ती हैं, जिनके हाथों में कुदाल और हथौड़े होते हैं, और कई बार उनकी पीठ पर बँधे बच्चों के साथ भी वे काम करती रहती हैं। युवतियाँ बोकु नामक पारंपरिक परिधान पहनकर हरे-भरे बागानों में चाय की पत्तियाँ तोड़ती हैं, और बच्चे भी अपनी माँओं के साथ काम में हाथ बँटाते हैं। यहाँ जीवन बेहद कठिन है, लेकिन इन कठिनाइयों के बावजूद वहाँ के लोगों ने अपने श्रम से शहर के हर पल को खूबसूरत बना दिया है।

3. कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?

कभी श्वेत तो कभी रंगीन पताकाओं का फहराना किन अलग-अलग अवसरों की ओर संकेत करता है?
Solution: पताकाओं का फहराना विभिन्न अवसरों और भावनाओं का प्रतीक है। श्वेत बौद्ध पताकाएँ शांति और अहिंसा का प्रतीक होती हैं, और उन पर मंत्र लिखे होते हैं। यदि किसी बौद्ध अनुयायी की मृत्यु हो जाती है, तो उसकी आत्मा की शांति के लिए 108 श्वेत पताकाएँ फहराई जाती हैं। दूसरी ओर, किसी नए कार्य के शुभारंभ या किसी शुभ अवसर पर रंगीन पताकाएँ फहराई जाती हैं। इस प्रकार, ये पताकाएँ शोक की अवधि और नए कार्य के शुभारंभ, दोनों ही अवसरों की ओर संकेत करती हैं।

4. जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति, वहाँ की भौगोलिक स्थिति एवं जनजीवन के बारे में क्या महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, लिखिए।

जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम की प्रकृति, वहाँ की भौगोलिक स्थिति एवं जनजीवन के बारे में क्या महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं, लिखिए।
Solution: जितेन नार्गे ने लेखिका को सिक्किम के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं:
  1. प्रकृति और भूगोल: नार्गे के अनुसार, सिक्किम के रास्तों में हिमालय की गहरी घाटियाँ और फूलों से लदी वादियाँ मिलती हैं, जिनका सौंदर्य स्विट्जरलैंड की खूबसूरती से तुलना करने योग्य है।
  2. पताकाओं का महत्व: उसने बताया कि पहाड़ी रास्तों पर फहराई जाने वाली श्वेत और रंग-बिरंगी पताकाएँ किसी बौद्ध की मृत्यु या किसी नए कार्य की शुरुआत का प्रतीक होती हैं।
  3. जनजीवन और संस्कृति: नार्गे ने बताया कि वहाँ की युवतियाँ 'बोकु' नामक पारंपरिक सिक्किमी परिधान पहनती हैं, जो उनके सौंदर्य को और निखारता है। घरों की बनावट भी अनोखी होती है, जो घाटियों में ताश के पत्तों की तरह बिखरे लगते हैं।
  4. मेहनतकश जीवन: उसने सिक्किम के लोगों के मेहनती स्वभाव और उनके कठिन जीवन पर प्रकाश डाला। स्त्रियों और बच्चों सहित सभी काम करते हैं - स्वेटर बुनना, घर संभालना, खेती करना, पत्थर तोड़कर सड़कें बनाना, चाय की पत्तियाँ तोड़ना, पानी भरना और जानवर चराना।
  5. शिक्षा: बच्चों को पढ़ाई के लिए बहुत ऊँचाई पर जाना पड़ता है क्योंकि स्कूल दूर-दूर तक नहीं हैं।
  6. आस्थाएँ: उसने यह भी बताया कि सिक्किम में घूमते चक्र जैसी मान्यताएँ भारत के अन्य हिस्सों में व्याप्त आस्थाओं, विश्वासों और पाप-पुण्य की अवधारणाओं के समान ही हैं।

5. लोंग स्टॉक में घूमते हुए चक्र को देखकर लेखिका को पूरे भारत की आत्मा एक-सी क्यों दिखाई दी?

लोंग स्टॉक में घूमते हुए चक्र को देखकर लेखिका को पूरे भारत की आत्मा एक-सी क्यों दिखाई दी?
Solution: लेखिका कवी-लोंग स्टॉक नामक स्थान पर गई, जहाँ जितेन नार्गे ने उसे घूमते हुए धर्म चक्र के बारे में बताया कि इसे घुमाने से सारे पाप धुल जाते हैं। लेखिका को यह सुनकर अपने मैदानी क्षेत्र की गंगा नदी से जुड़ी ऐसी ही धारणा का स्मरण हुआ। इस अनुभव से लेखिका को यह महसूस हुआ कि वैज्ञानिक प्रगति के बावजूद, भारत के विभिन्न क्षेत्रों - चाहे वे मैदान हों या पहाड़ - में लोगों की आस्थाएँ, विश्वास, पाप-पुण्य की अवधारणाएँ और कल्पनाएँ काफी हद तक एक जैसी हैं। यही साझा विश्वास पूरे भारत को एक ही सूत्र में पिरोता है, जिससे उसे पूरे भारत की आत्मा एक-सी दिखाई दी।

6. जितेन नार्गे की गाइड की भूमिका के बारे में विचार करते हुए लिखिए कि एक कुशल गाइड में क्या गुण होते हैं?

जितेन नार्गे की गाइड की भूमिका के बारे में विचार करते हुए लिखिए कि एक कुशल गाइड में क्या गुण होते हैं?
Solution: जितेन नार्गे एक अत्यंत कुशल और समर्पित गाइड था, जिसे सिक्किम के हर कोने की विस्तृत जानकारी थी। एक कुशल गाइड में निम्नलिखित गुण होने आवश्यक हैं:
  1. क्षेत्र का गहन ज्ञान: उसे अपने देश और इलाके के हर हिस्से की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
  2. भौगोलिक, जलवायु और ऐतिहासिक जानकारी: उसे वहाँ की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और इतिहास का संपूर्ण ज्ञान होना चाहिए।
  3. प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम: वह अपने पर्यटकों द्वारा पूछे गए हर प्रश्न का संतोषजनक उत्तर देने में सक्षम हो।
  4. विश्वसनीयता: उसे अपने पर्यटकों का विश्वास जीतना चाहिए ताकि एक आत्मीय रिश्ता कायम हो सके।
  5. कुशलता और बुद्धिमानी: विषम परिस्थितियों का सामना अपनी कुशलता और बुद्धिमानी से कर सके और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
  6. प्रभावशाली वाणी: उसकी वाणी प्रभावशाली होनी चाहिए ताकि यात्रा रोचक बनी रहे और पर्यटकों की रुचि बनी रहे।
  7. दर्शनीय स्थलों की जानकारी: वह रास्ते में आने वाले दर्शनीय स्थलों के बारे में पर्यटकों को बताता रहे।
  8. जन-जीवन से अवगत कराना: वह वहाँ के जन-जीवन की दिनचर्या से पर्यटकों को अवगत कराए।
  9. दृश्य वर्णन: रास्ते में आने वाले प्रत्येक दृश्य का पर्यटकों को परिचय कराए।

7. इस यात्रा-वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन-जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।

इस यात्रा-वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के जिन-जिन रूपों का चित्र खींचा है, उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।
Solution: इस यात्रा वृत्तांत में लेखिका ने हिमालय के बदलते और विस्मयकारी रूपों का सजीव चित्रण किया है। जैसे-जैसे लेखिका ऊँचाई की ओर बढ़ती है, हिमालय का विशाल रूप और भी बड़ा और भव्य होता चला जाता है। लेखिका ने हिमालय को कई रूपों में देखा: कहीं वह एक मोटे, हरे कालीन की तरह दिखाई देता था, जो प्रकृति की हरियाली को दर्शाता था। कहीं उसका रंग हल्का पीलापन लिए हुए था, जो शायद मौसम या सूर्य की रोशनी के प्रभाव को इंगित करता था। यह चित्रण हिमालय की भव्यता, विशालता और उसके निरंतर बदलते स्वरूप को दर्शाता है, जो प्रकृति की अद्भुत शक्ति का प्रतीक है।

Common mistakes

  • पताकाओं के प्रतीकात्मक अर्थों को गलत समझना।
  • मेहनतकश लोगों के जीवन की कठिनाइयों को कम आंकना।
  • हिमालय के विभिन्न रूपों का वर्णन करते समय अस्पष्टता।
  • कुशल गाइड के गुणों को केवल जानकारी तक सीमित रखना।

Revision tips

  • गंतोक के वर्णन को याद करने के लिए मुख्य विशेषणों पर ध्यान दें।
  • पताकाओं के अर्थ को समझने के लिए उन्हें शोक और नए कार्य के शुभारंभ से जोड़ें।
  • जितेन नार्गे द्वारा दी गई जानकारियों को बिंदुओं में सूचीबद्ध करें।
  • हिमालय के विभिन्न रूपों का वर्णन करते समय 'कालीन', 'मोटा', 'पीलापन' जैसे शब्दों का प्रयोग करें।

Practice MCQs

Q1. रात्रि में गंतोक का दृश्य लेखिका को कैसा प्रतीत हो रहा था?

Q2. गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया है?

Q3. सफेद पताकाएँ किसका प्रतीक हैं?

Q4. लोंग स्टॉक में घूमते चक्र को देखकर लेखिका को क्या विचार आया?

Q5. एक कुशल गाइड में कौन सा गुण आवश्यक नहीं है?

Frequently asked questions

कक्षा 10 हिंदी के अध्याय 'साना-साना हाथ जोड़ि' में मुख्य रूप से क्या बताया गया है?

इस अध्याय में लेखिका की सिक्किम की राजधानी गंतोक की यात्रा का वर्णन है, जिसमें गंतोक के प्राकृतिक सौंदर्य, वहाँ के मेहनतकश लोगों के जीवन और हिमालय के विस्मयकारी रूपों का चित्रण किया गया है।

गंतोक को 'मेहनतकश बादशाहों का शहर' क्यों कहा गया है?

गंतोक को यह उपाधि इसलिए दी गई है क्योंकि वहाँ के निवासियों ने अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और विपरीत हालातों में अथक परिश्रम करके अपने शहर को सुंदर और रहने योग्य बनाया है।

सफेद और रंगीन पताकाओं का क्या महत्व है?

सफेद पताकाएँ शांति, अहिंसा और बौद्ध धर्म में मृत्यु के बाद आत्मा की शांति का प्रतीक हैं, जबकि रंगीन पताकाएँ अक्सर किसी नए कार्य के शुभारंभ का संकेत देती हैं।

यात्रा वृत्तांत में हिमालय के किन रूपों का वर्णन है?

लेखिका ने हिमालय के पल-पल बदलते रूपों का वर्णन किया है, जो ऊँचाई के साथ विशालतर होता जाता है। कहीं वह हरे कालीन जैसा दिखता है, तो कहीं उसका रंग पीलापन लिए हुए होता है।

एक कुशल गाइड में क्या-क्या गुण होने चाहिए?

एक कुशल गाइड को अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी, भौगोलिक स्थिति, इतिहास का ज्ञान, पर्यटकों के प्रति विश्वसनीयता, विषम परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता और प्रभावशाली वाणी जैसे गुण रखने चाहिए।

यह समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को अध्याय की मुख्य अवधारणाओं, पात्रों और घटनाओं को गहराई से समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर दे सकें।

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