कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 13: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 13, "विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव" के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें चुंबकत्व के मूल सिद्धांतों, चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों और विद्युत धाराओं द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्रों की समझ शामिल है। छात्र सीखेंगे कि दिक्सूचक सुई चुंबक के पास क्यों विक्षेपित होती है, छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कैसे खींची जाती हैं, और चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों प्रतिच्छेद नहीं करती हैं। समाधान दक्षिणावर्त विद्युत धारा वाले तार के पाश के भीतर और बाहर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्धारित करने के लिए दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम के अनुप्रयोग को भी स्पष्ट करते हैं। यह अध्याय विद्युत चुम्बकीय प्रेरण की नींव रखता है। ये समाधान छात्रों को अवधारणाओं को स्पष्ट करने, अभ्यास करने और परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने में मदद करते हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectविज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव

Chapter summary

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 13 "विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव" के लिए NCERT समाधान, चुंबकत्व के मूल सिद्धांतों पर केंद्रित हैं। इसमें चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण, दिक्सूचक सुई का विक्षेपण, और विद्युत धाराओं द्वारा उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का अनुप्रयोग शामिल है। यह अध्याय छात्रों को एकसमान चुंबकीय क्षेत्रों को निरूपित करना भी सिखाता है।

Learning outcomes

  • चुंबक के निकट दिक्सूचक सुई के विक्षेपण के कारण को समझना।
  • छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचना और उनके गुणों को सूचीबद्ध करना।
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों प्रतिच्छेद नहीं करती हैं, यह समझाना।
  • दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का उपयोग करके वृत्ताकार पाश में विद्युत धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करना।
  • एकसमान चुंबकीय क्षेत्र को निरूपित करने वाले आरेख को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • चुंबकत्व
  • चुंबकीय क्षेत्र
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण
  • दिक्सूचक सुई का विक्षेपण
  • विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव
  • दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
  • वृत्ताकार पाश में चुंबकीय क्षेत्र
  • एकसमान चुंबकीय क्षेत्र

Important topics

  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण
  • दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का अनुप्रयोग
  • दिक्सूचक सुई का विक्षेपण क्यों होता है?
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?

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Questions and Solutions

पृष्ठ संख्या 250:

Q1. चुंबक के निकट लाने पर दिक्सूचक की सुई विक्षेपित क्यों हो जाती है ?

Solution: दिक्सूचक की सुई स्वयं एक छोटा चुंबक होती है। जब इस सुई को किसी अन्य चुंबक के निकट लाया जाता है, तो चुंबक के ध्रुवों और दिक्सूचक सुई के ध्रुवों के बीच आकर्षण या प्रतिकर्षण बल कार्य करता है। इसी बल के कारण दिक्सूचक की सुई विक्षेपित हो जाती है, जो चुंबकीय क्षेत्र की उपस्थिति और दिशा को इंगित करती है।

पृष्ठ संख्या 255:

Q1. किसी छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींचिए।

Solution: छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव (N) से निकलकर दक्षिणी ध्रुव (S) में प्रवेश करती हैं और चुंबक के बाहर एक वक्र बनाती हैं। चुंबक के अंदर, ये रेखाएँ दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर जाती हैं, जिससे वे बंद वक्र बनाती हैं। जहाँ रेखाएँ घनी होती हैं, वहाँ चुंबकीय क्षेत्र प्रबल होता है।

छड़ चुंबक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ

Q2. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों की सूची बनाइए।

Solution: चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के निम्नलिखित गुण होते हैं:

  1. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से निकलकर दक्षिणी ध्रुव की ओर जाती हैं और चुंबक के बाहर एक बंद वक्र बनाती हैं।
  2. चुंबक के अंदर, चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर होती है।
  3. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ हमेशा बंद वक्र होती हैं, अर्थात वे कहीं भी टूटती नहीं हैं।
  4. जहाँ चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे के करीब होती हैं (घनी होती हैं), वहाँ चुंबकीय क्षेत्र अधिक प्रबल होता है। इसके विपरीत, जहाँ रेखाएँ दूर-दूर होती हैं, वहाँ चुंबकीय क्षेत्र दुर्बल होता है।
  5. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।

Q3. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को प्रतिच्छेद क्यों नहीं करतीं?

Solution: यदि दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को किसी बिंदु पर प्रतिच्छेद करतीं, तो उस बिंदु पर दिक्सूचक की सुई दो अलग-अलग दिशाओं में इंगित करती। चूँकि एक दिक्सूचक सुई किसी भी क्षण केवल एक ही दिशा में इंगित कर सकती है, इसलिए यह संभव नहीं है। अतः, दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।

पृष्ठ संख्या 256-257:

Q1. मेज के तल में पड़े तार के वृत्ताकार पाश पर विचार कीजिए। मान लीजिए इस पाश में दक्षिणावर्त विद्युत धारा प्रवाहित हो रही है। दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को लागू करके पाश के भीतर तथा बाहर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात कीजिए।

Solution: हम दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का उपयोग करके वृत्ताकार पाश में प्रवाहित धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात कर सकते हैं। इस नियम के अनुसार, यदि आप अपने दाहिने हाथ के अंगूठे को विद्युत धारा की दिशा में तार के चारों ओर लपेटते हैं, तो आपकी मुड़ी हुई उंगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को इंगित करेंगी।

इस वृत्ताकार पाश के लिए, यदि धारा दक्षिणावर्त (clockwise) है:

  • पाश के भीतर: जब आप अंगूठे को धारा की दिशा में (जो दक्षिणावर्त है) पाश के चारों ओर लपेटते हैं, तो आपकी उंगलियाँ पाश के तल के लंबवत, मेज से बाहर की ओर इंगित करेंगी। इसलिए, पाश के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा मेज के तल के लंबवत बाहर की ओर होती है।
  • पाश के बाहर: पाश के बाहर, चुंबकीय क्षेत्र की दिशा इसके विपरीत होती है, अर्थात मेज के तल के लंबवत अंदर की ओर।

यह चित्र में दर्शाया गया है जहाँ चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ पाश के अंदर से बाहर की ओर और बाहर से अंदर की ओर जाती हुई दिखाई गई हैं।

वृत्ताकार पाश में धारा के कारण चुंबकीय क्षेत्र

Q2. किसी दिए गए क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र एकसमान है। इसे निरूपित करने के लिए आरेख खींचिए।

Solution: किसी क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र को एकसमान तब कहा जाता है जब उस क्षेत्र में चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और परिमाण दोनों स्थिर रहते हैं। एकसमान चुंबकीय क्षेत्र को निरूपित करने के लिए, हम चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का उपयोग करते हैं जो निम्नलिखित विशेषताओं वाली होती हैं:

  • ये रेखाएँ एक-दूसरे के समानांतर होती हैं।
  • इन रेखाओं के बीच की दूरी समान होती है।
  • ये रेखाएँ समान लंबाई की होती हैं (हालांकि यह गुण आरेख में हमेशा स्पष्ट नहीं होता, समानांतर और समान दूरी महत्वपूर्ण है)।

इस प्रकार की रेखाएँ एकसमान चुंबकीय क्षेत्र को दर्शाती हैं, जैसे कि एक लंबी परिनालिका के अंदर का क्षेत्र।

Common mistakes

  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुणों को गलत समझना या भूल जाना।
  • दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम को गलत तरीके से लागू करना, जिससे दिशा गलत हो जाती है।
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के प्रतिच्छेदन के कारण को गलत बताना।

Revision tips

  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के सभी गुणों को याद करें और उन्हें उदाहरण सहित समझें।
  • दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का अभ्यास करें, विभिन्न परिदृश्यों में दिशा ज्ञात करें।
  • दिक्सूचक सुई के विक्षेपण के पीछे के सिद्धांत को स्पष्ट रूप से समझें।
  • एकसमान और असमान चुंबकीय क्षेत्रों को दर्शाने वाले आरेखों का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. दिक्सूचक की सुई चुंबक के निकट लाने पर क्यों विक्षेपित होती है?

Q2. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से निकलकर किस ध्रुव में समाहित होती हैं?

Q3. चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदु पर क्या होता है?

Q4. दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का उपयोग किस दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है?

Q5. एकसमान चुंबकीय क्षेत्र को निरूपित करने के लिए चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कैसी होनी चाहिए?

Frequently asked questions

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 13 में कौन सी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं?

अध्याय 13 "विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव" में चुंबकत्व, चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ, उनके गुण, दिक्सूचक सुई का विक्षेपण, और दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का उपयोग करके चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करना जैसी मुख्य अवधारणाएँ शामिल हैं।

दिक्सूचक की सुई चुंबक के पास क्यों विक्षेपित होती है?

दिक्सूचक की सुई स्वयं एक छोटा चुंबक होती है। जब इसे किसी अन्य चुंबक के पास लाया जाता है, तो चुंबक के ध्रुवों और सुई के ध्रुवों के बीच लगने वाले आकर्षण या प्रतिकर्षण बल के कारण सुई विक्षेपित हो जाती है।

चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के दो महत्वपूर्ण गुण क्या हैं?

दो महत्वपूर्ण गुण हैं: 1. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से निकलकर दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश करती हैं और बंद वक्र बनाती हैं। 2. दो चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को प्रतिच्छेद नहीं करती हैं।

दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का उपयोग किस लिए किया जाता है?

दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम का उपयोग किसी धारावाही चालक (जैसे तार या पाश) में विद्युत धारा के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने के लिए किया जाता है।

ये NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?

ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए स्पष्ट और विस्तृत उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को गहराई से समझने, महत्वपूर्ण नियमों और सिद्धांतों को याद रखने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों का अभ्यास करने में मदद मिलती है।

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