कक्षा 10 विज्ञान: प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 के विज्ञान विषय के अध्याय 10, 'प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें अवतल और उत्तल दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब निर्माण, फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या के बीच संबंध, आवर्धन की गणना, और प्रकाश के अपवर्तन के सिद्धांतों को शामिल किया गया है। समाधानों में प्रकाश किरणें विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करते समय अभिलंब की ओर क्यों झुकती हैं, और विभिन्न माध्यमों में प्रकाश की चाल की गणना कैसे की जाती है, जैसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अभ्यास करने और अवधारणाओं की गहरी समझ विकसित करने में मदद करेंगे।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | विज्ञान |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 10. प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन |
Chapter summary
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 10, 'प्रकाश परावर्तन तथा अपवर्तन' के लिए ये NCERT समाधान, प्रकाशिकी के मूलभूत सिद्धांतों पर केंद्रित हैं। इसमें गोलीय दर्पणों के प्रकार, उनकी फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या के बीच संबंध, तथा विभिन्न स्थितियों में बनने वाले प्रतिबिंबों का विश्लेषण शामिल है। साथ ही, प्रकाश के अपवर्तन की घटना, सघन और विरल माध्यमों में प्रकाश की चाल और दिशा में परिवर्तन, तथा अपवर्तनांक की अवधारणा को भी समझाया गया है। ये समाधान छात्रों को अभ्यास के माध्यम से इन महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने में सहायता करते हैं।
Learning outcomes
- अवतल दर्पण के मुख्य फोकस को परिभाषित करना सीखें।
- गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या और फोकस दूरी के बीच संबंध को समझें।
- विभिन्न दर्पणों द्वारा बनाए गए प्रतिबिंबों के प्रकार (सीधा, आवर्धित, वास्तविक) की पहचान करें।
- उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता देने के कारणों का विश्लेषण करें।
- प्रकाश के अपवर्तन की घटना को समझें और अभिलंब की ओर झुकाव के कारण का वर्णन करें।
- दिए गए अपवर्तनांक और निर्वात में प्रकाश की चाल से किसी माध्यम में प्रकाश की चाल की गणना करें।
Topics covered
Paper topics
- गोलीय दर्पण
- अवतल दर्पण
- उत्तल दर्पण
- मुख्य फोकस
- वक्रता त्रिज्या
- फोकस दूरी
- आवर्धन
- वास्तविक प्रतिबिंब
- आभासी प्रतिबिंब
- प्रकाश का अपवर्तन
- सघन और विरल माध्यम
- अपवर्तनांक
Important topics
- गोलीय दर्पणों द्वारा प्रतिबिंब निर्माण के नियम
- फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या में संबंध
- आवर्धन की गणना
- प्रकाश का अपवर्तन और अभिलंब की ओर झुकाव
- अपवर्तनांक और माध्यम में प्रकाश की चाल
PDF preview
Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.
Questions and Solutions
प्रश्न 1: अवतल दर्पण के मुख्य फोकस की परिभाषा लिखिए।
प्रश्न 2: एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है। इसकी फोकस दूरी क्या होगी?
दिया गया है:
वक्रता त्रिज्या, R = 20 cm
फोकस दूरी का सूत्र है:
मान रखने पर:
अतः, दिए गए गोलीय दर्पण की फोकस दूरी 10 cm है।
प्रश्न 3: उस दर्पण का नाम बताइए जो बिंब का सीधा तथा आवर्धित प्रतिबिंब बना सके।
प्रश्न 4: हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं?
- सीधा प्रतिबिंब: उत्तल दर्पण हमेशा बिंब का सीधा (आभासी) प्रतिबिंब बनाता है, जिससे ड्राइवर को सड़क की स्थिति को समझने में आसानी होती है।
- विस्तृत दृष्टि क्षेत्र: उत्तल दर्पण बाहर की ओर वक्रित होने के कारण समतल दर्पण की तुलना में बहुत बड़े क्षेत्र का प्रतिबिंब बना सकता है। इससे ड्राइवर अपने पीछे के एक बड़े हिस्से को देख पाता है, जिससे सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित होती है।
- छोटा प्रतिबिंब: यद्यपि प्रतिबिंब छोटा होता है, लेकिन यह बड़े क्षेत्र को कवर करता है, जो पश्च-दृश्य के लिए अधिक उपयोगी है।
प्रश्न 1: उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए जिसकी वक्रता-त्रिज्या 32 cm है।
दिया गया है:
उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या, R = 32 cm
फोकस दूरी का सूत्र है:
मान रखने पर:
अतः, उस उत्तल दर्पण की फोकस दूरी 16 cm है।
प्रश्न 2: कोई अवतल दर्पण आपने सामने 10 cm दूरी पर रखे किसी बिंब का तीन गुणा आवर्धित (बड़ा) वास्तविक प्रतिबिंब बनाता है। प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर है।
यहाँ अवतल दर्पण के लिए निम्नलिखित जानकारी दी गई है:
- बिंब की दूरी, u = -10 cm (चूँकि बिंब दर्पण के सामने रखा जाता है, इसलिए यह ऋणात्मक होगा)
- आवर्धन, m = -3 (चूँकि प्रतिबिंब वास्तविक है, आवर्धन ऋणात्मक होता है, और यह 3 गुना आवर्धित है)
आवर्धन (m) का सूत्र है:
जहाँ v प्रतिबिंब की दूरी है।
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
अब, v के लिए हल करने पर:
ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि प्रतिबिंब दर्पण के सामने ही बन रहा है, जो कि वास्तविक प्रतिबिंब के लिए अपेक्षित है।
अतः, प्रतिबिंब दर्पण से 30 cm की दूरी पर बन रहा है।
प्रश्न 1: वायु में गमन करती प्रकाश की एक किरण जल में तिरछी प्रवेश करती है। क्या प्रकाश किरण अभिलंब की ओर झ्केगी अथवा अभिलंब से दूर हटेगी? बताइए क्यों?
कारण: ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रकाश की चाल विभिन्न माध्यमों में भिन्न-भिन्न होती है। विरल माध्यम (जैसे वायु) में प्रकाश की चाल सघन माध्यम (जैसे जल) की अपेक्षा अधिक होती है। जब प्रकाश एक विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करता है, तो उसकी चाल कम हो जाती है। इस चाल में कमी के कारण, प्रकाश किरण अपने मूल पथ से मुड़ जाती है और अभिलंब की ओर झुक जाती है।
प्रश्न 2: प्रकाश वायु से 1.50 अपवर्तनांक की काँच की प्लेट में प्रवेश करता है। काँच में प्रकाश की चाल कितनी है? निर्वात में प्रकाश की चाल है।
हमें दिया गया है:
- काँच का अपवर्तनांक,
- निर्वात में प्रकाश की चाल,
अपवर्तनांक (n) की परिभाषा के अनुसार, यह किसी माध्यम में प्रकाश की चाल (v) और निर्वात में प्रकाश की चाल (c) का अनुपात होता है:
हमें काँच में प्रकाश की चाल (v) ज्ञात करनी है। सूत्र को v के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर:
अब दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
अतः, काँच की प्लेट में प्रकाश की चाल है।
Common mistakes
- गोलीय दर्पणों के लिए चिन्ह परिपाटी (sign convention) का सही उपयोग न करना, विशेषकर बिंब दूरी (u) और प्रतिबिंब दूरी (v) के लिए।
- आवर्धन (m) के ऋणात्मक (वास्तविक प्रतिबिंब) और धनात्मक (आभासी प्रतिबिंब) मानों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
- फोकस दूरी (f) और वक्रता त्रिज्या (R) के बीच संबंध (R=2f) को गलत लागू करना।
- प्रकाश के अपवर्तन में विरल से सघन माध्यम में जाते समय अभिलंब से दूर हटने या सघन से विरल में जाते समय अभिलंब की ओर झुकने जैसी सामान्य गलतियाँ करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के हल में प्रयुक्त सूत्र (जैसे दर्पण सूत्र, आवर्धन सूत्र) को अलग से नोट करें और उन्हें याद करें।
- गोलीय दर्पणों के लिए विभिन्न स्थितियों में बनने वाले प्रतिबिंबों के रेखाचित्र बनाने का अभ्यास करें।
- प्रकाश के अपवर्तन से संबंधित प्रश्नों को हल करते समय माध्यमों की सघनता और प्रकाश की चाल में परिवर्तन पर विशेष ध्यान दें।
- सभी सूत्रों और परिभाषाओं की एक सूची बनाएं और नियमित रूप से दोहराएं।
Practice MCQs
Q1. अवतल दर्पण का मुख्य फोकस क्या है?
Explanation: अवतल दर्पण में, मुख्य अक्ष के समांतर आपतित किरणें परावर्तन के बाद मुख्य अक्ष पर एक बिंदु पर मिलती हैं, जिसे मुख्य फोकस कहते हैं।
Q2. यदि किसी गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 25 cm है, तो उसकी फोकस दूरी क्या होगी?
Explanation: गोलीय दर्पण की फोकस दूरी उसकी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है (f = R/2)। इसलिए, फोकस दूरी 25 cm / 2 = 12.5 cm होगी।
Q3. कौन सा दर्पण सीधा और आवर्धित प्रतिबिंब बना सकता है?
Explanation: अवतल दर्पण, जब बिंब को उसके ध्रुव और मुख्य फोकस के बीच रखा जाता है, तो सीधा और आवर्धित (बड़ा) प्रतिबिंब बनाता है।
Q4. वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में किस दर्पण का उपयोग किया जाता है और क्यों?
Explanation: उत्तल दर्पण सीधा, छोटा और विस्तृत क्षेत्र का प्रतिबिंब बनाता है, जिससे ड्राइवर को पीछे के बड़े क्षेत्र को देखने में मदद मिलती है।
Q5. जब प्रकाश विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करता है, तो क्या होता है?
Explanation: जब प्रकाश विरल माध्यम (जैसे वायु) से सघन माध्यम (जैसे जल या काँच) में प्रवेश करता है, तो उसकी चाल कम हो जाती है और वह अभिलंब की ओर झुक जाता है।
Frequently asked questions
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 10 में मुख्य रूप से किन अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
इस अध्याय में मुख्य रूप से प्रकाश के परावर्तन (गोलीय दर्पणों द्वारा) और प्रकाश के अपवर्तन (विरल से सघन माध्यम में प्रवेश) की अवधारणाओं को शामिल किया गया है, जिसमें फोकस दूरी, वक्रता त्रिज्या, आवर्धन और अपवर्तनांक जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
अवतल दर्पण का मुख्य फोकस क्या होता है?
अवतल दर्पण का मुख्य फोकस वह बिंदु है जहाँ मुख्य अक्ष के समांतर आपतित किरणें परावर्तन के पश्चात् मिलती हैं।
गोलीय दर्पण की फोकस दूरी और वक्रता त्रिज्या में क्या संबंध है?
गोलीय दर्पण की फोकस दूरी (f) उसकी वक्रता त्रिज्या (R) की आधी होती है, अर्थात f = R/2।
वाहनों में पश्च-दृश्य दर्पण के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तल दर्पण सीधा, छोटा और विस्तृत क्षेत्र का प्रतिबिंब बनाता है, जिससे ड्राइवर को पीछे के बड़े क्षेत्र को देखने में सुविधा होती है।
जब प्रकाश वायु से काँच में प्रवेश करता है तो क्या होता है?
जब प्रकाश वायु (विरल माध्यम) से काँच (सघन माध्यम) में प्रवेश करता है, तो प्रकाश की चाल कम हो जाती है और वह अभिलंब की ओर झुक जाता है।
इन NCERT समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के हल को स्पष्ट रूप से समझाते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करने में मदद मिलती है।
Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy
NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.