कक्षा 10 गणित अध्याय 15: प्रायिकता NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 के गणित के लिए NCERT समाधान प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से अध्याय 15 'प्रायिकता' पर केंद्रित है। इसमें प्रायिकता की मूल अवधारणाओं, जैसे कि किसी घटना की प्रायिकता, असंभव घटना, निश्चित घटना, और सभी प्रारंभिक घटनाओं के योग को समझाया गया है। समाधानों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौन से प्रयोग समप्रायिक होते हैं और कौन से नहीं, और प्रायिकता के मान की सीमा क्या होती है। विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से, जैसे कि सिक्का उछालना, गेंदें निकालना, और जन्मदिन की प्रायिकता, छात्रों को प्रायिकता की गणना करना सिखाया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए विस्तृत और चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 15. प्रायिकता |
Chapter summary
कक्षा 10 गणित के अध्याय 15 'प्रायिकता' के ये NCERT समाधान प्रायिकता की बुनियादी समझ प्रदान करते हैं। इसमें घटनाओं की प्रायिकताओं को पूरा करना, समप्रायिक परिणामों की पहचान करना, और विभिन्न परिदृश्यों में प्रायिकताओं की गणना करना शामिल है। समाधानों में एक घटना की प्रायिकता की सीमा, असंभव और निश्चित घटनाओं की प्रायिकता, और सभी प्रारंभिक घटनाओं के योग जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों को शामिल किया गया है। यह अध्याय छात्रों को व्यावहारिक समस्याओं को हल करने के लिए प्रायिकता के सिद्धांतों को लागू करने में मदद करता है।
Learning outcomes
- प्रायिकता की मूल परिभाषा और सूत्रों को समझना।
- किसी घटना की प्रायिकता की सीमा (0 से 1 तक) को पहचानना।
- असंभव और निश्चित घटनाओं की प्रायिकताओं को निर्धारित करना।
- समप्रायिक परिणामों वाले प्रयोगों की पहचान करना।
- दिए गए प्रयोगों के लिए प्रायिकताओं की गणना करना।
- पूरक घटनाओं की प्रायिकताओं की गणना करना।
Topics covered
Paper topics
- प्रायिकता की परिभाषा
- प्रारंभिक घटनाएँ
- समप्रायिक परिणाम
- असंभव घटना
- निश्चित घटना
- प्रायिकता की सीमा
- पूरक घटनाएँ
- गेंदों की प्रायिकता
- सिक्कों की प्रायिकता
- कंचों की प्रायिकता
- जन्मदिन की प्रायिकता
- सत्य/असत्य प्रश्नों की प्रायिकता
Important topics
- प्रायिकता की मूल परिभाषा और सूत्र
- P(E) + P(E') = 1 का अनुप्रयोग
- किसी घटना की प्रायिकता की सीमा (0 ≤ P(E) ≤ 1)
- विभिन्न प्रयोगों में प्रायिकताओं की गणना
- असंभव और निश्चित घटनाओं की प्रायिकता
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
(i) घटना E की प्रायिकता + घटना 'E नहीं' की प्रायिकता = .......... है।
(ii) उस घटना की प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती .......... है। ऐसी घटना .......... कहलाती है।
(iii) उस घटना की प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है .......... है। ऐसी घटना .......... कहलाती है।
(iv) किसी प्रयोग की सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग .......... है।
(v) किसी घटना की प्रायिकता .......... से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा .......... से छोटी या उसके बराबर होती है।
प्रायिकता के मूल सिद्धांतों के अनुसार, इन कथनों को इस प्रकार पूरा किया जा सकता है:
(i) घटना E की प्रायिकता + घटना 'E नहीं' की प्रायिकता = 1 है। यह पूरक घटनाओं का नियम है।
(ii) उस घटना की प्रायिकता जो घटित नहीं हो सकती 0 है। ऐसी घटना असंभव घटना कहलाती है।
(iii) उस घटना की प्रायिकता जिसका घटित होना निश्चित है 1 है। ऐसी घटना निश्चित घटना कहलाती है।
(iv) किसी प्रयोग की सभी प्रारंभिक घटनाओं की प्रायिकताओं का योग 1 होता है।
(v) किसी घटना की प्रायिकता 0 से बड़ी या उसके बराबर होती है तथा 1 से छोटी या उसके बराबर होती है।
प्रश्न 2
(i) एक ड्राइवर कार चलाने का प्रयत्न करता है। कार चलना प्रारंभ हो जाती है या कार चलना प्रारंभ नहीं होती है।
(ii) एक खिलाड़ी बास्केटबौल को बास्केट में डालने का प्रयत्न करती है। वह बास्केट में बौल डाल पाती है या नहीं डाल पाती है।
(iii) एक सत्य - असत्य प्रश्न का अनुमान लगाया जाता है। उत्तर सही है या गलत होगा।
(iv) एक बच्चे का जन्म होता है। वह एक लड़का है या एक लड़की है।
समप्रायिक परिणाम वे होते हैं जिनके घटित होने की संभावना बराबर होती है। आइए प्रत्येक प्रयोग का विश्लेषण करें:
(i) समप्रायिक नहीं हैं। कार के चलने या न चलने की संभावना कार की स्थिति, ड्राइवर के कौशल आदि पर निर्भर करती है, इसलिए ये परिणाम समप्रायिक नहीं हैं।
(ii) समप्रायिक नहीं हैं। खिलाड़ी के बास्केट में बौल डालने की सफलता उसके कौशल पर निर्भर करती है, इसलिए परिणाम समप्रायिक नहीं हैं।
(iii) समप्रायिक हैं। यदि अनुमान लगाया जा रहा है, तो उत्तर के सही या गलत होने की संभावना बराबर मानी जा सकती है, बशर्ते कोई अतिरिक्त जानकारी न हो।
(iv) समप्रायिक हैं। सामान्य परिस्थितियों में, एक बच्चे के लड़के या लड़की होने की संभावना लगभग बराबर मानी जाती है, इसलिए ये परिणाम समप्रायिक हैं।
प्रश्न 3
सिक्का उछालना एक न्यायसंगत विधि माना जाता है क्योंकि एक निष्पक्ष सिक्के के दो संभावित परिणाम होते हैं: चित (Head) या पट (Tail)। जब एक निष्पक्ष सिक्का उछाला जाता है, तो प्रत्येक परिणाम (चित या पट) के आने की संभावना बराबर होती है, अर्थात 1/2। इसलिए, दोनों टीमों के पास पहले बौल लेने का समान अवसर होता है, जिससे यह निर्णय निष्पक्ष होता है।
प्रश्न 4
(A) 2/3
(B) -1.5
(C) 15%
(D) 0.7
किसी घटना की प्रायिकता का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है (0 ≤ P(E) ≤ 1)। आइए दिए गए विकल्पों की जाँच करें:
(A) 2/3 ≈ 0.67, जो 0 और 1 के बीच है। यह एक वैध प्रायिकता है।
(B) -1.5 एक ऋणात्मक संख्या है। प्रायिकता ऋणात्मक नहीं हो सकती। इसलिए, यह किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती।
(C) 15% को दशमलव में बदलने पर 0.15 होता है, जो 0 और 1 के बीच है। यह एक वैध प्रायिकता है।
(D) 0.7, जो 0 और 1 के बीच है। यह एक वैध प्रायिकता है।
अतः, सही उत्तर (B) -1.5 है।
प्रश्न 5
हम जानते हैं कि किसी घटना E की प्रायिकता और उसकी पूरक घटना 'E नहीं' की प्रायिकता का योग 1 होता है। सूत्र है:
हमें दिया गया है। हमें ज्ञात करना है।
अतः, 'E नहीं' की प्रायिकता 0.95 है।
प्रश्न 6
(i) संतरे कि महक वाली है ?
(ii) नींबू कि महक वाली है ?
इस स्थिति में, थैले में केवल नींबू की महक वाली गोलियाँ हैं।
कुल गोलियों की संख्या हमें ज्ञात नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि सभी गोलियाँ एक ही प्रकार की हैं।
(i) संतरे की महक वाली गोली की प्रायिकता:
चूंकि थैले में संतरे की महक वाली कोई गोली नहीं है, इसलिए संतरे की महक वाली गोली निकालना एक असंभव घटना है।
असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
अतः, संतरे की महक वाली गोली निकालने की प्रायिकता है।
(ii) नींबू की महक वाली गोली की प्रायिकता:
चूंकि थैले में सभी गोलियाँ नींबू की महक वाली हैं, इसलिए नींबू की महक वाली गोली निकालना एक निश्चित घटना है।
निश्चित घटना की प्रायिकता 1 होती है।
अतः, नींबू की महक वाली गोली निकालने की प्रायिकता है।
प्रश्न 7
मान लीजिए घटना E है: '2 विधार्थियों के जन्मदिन एक ही दिन न हों'।
हमें दिया गया है कि P(E) = 0.9992।
हमें वह प्रायिकता ज्ञात करनी है जब '2 विधार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन हो'। यह घटना E की पूरक घटना है, जिसे हम E' मान सकते हैं।
पूरक घटनाओं के लिए सूत्र है:
P(E) + P(E') = 1
हमें P(E') ज्ञात करना है।
0.9992 + P(E') = 1
P(E') = 1 - 0.9992
P(E') = 0.0008
अतः, इन 2 विधार्थियों का जन्मदिन एक ही दिन होने की प्रायिकता 0.0008 है।
प्रश्न 8
(i) लाल हो
(ii) लाल नहीं हो ?
थैले में लाल गेंदों की संख्या = 3
थैले में काली गेंदों की संख्या = 5
थैले में कुल गेंदों की संख्या = 3 + 5 = 8
(i) लाल गेंद होने की प्रायिकता:
अनुकूल परिणामों की संख्या (लाल गेंदें) = 3
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल गेंदें) = 8
प्रायिकता का सूत्र है:
अतः, लाल गेंद निकलने की प्रायिकता है।
(ii) लाल गेंद नहीं होने की प्रायिकता:
लाल गेंद नहीं होने का अर्थ है कि गेंद काली हो।
अनुकूल परिणामों की संख्या (काली गेंदें) = 5
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल गेंदें) = 8
वैकल्पिक रूप से, हम पूरक घटना के नियम का उपयोग कर सकते हैं:
अतः, लाल गेंद नहीं निकलने की प्रायिकता है।
प्रश्न 9
(i) लाल है ?
(ii) सफेद है ?
(iii) हरा नहीं है ?
डिब्बे में लाल कंचों की संख्या = 5
डिब्बे में सफेद कंचों की संख्या = 8
डिब्बे में हरे कंचों की संख्या = 4
डिब्बे में कुल कंचों की संख्या = 5 + 8 + 4 = 17
(i) लाल कंचा होने की प्रायिकता:
अनुकूल परिणामों की संख्या (लाल कंचे) = 5
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल कंचे) = 17
अतः, लाल कंचा निकलने की प्रायिकता है।
(ii) सफेद कंचा होने की प्रायिकता:
अनुकूल परिणामों की संख्या (सफेद कंचे) = 8
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल कंचे) = 17
अतः, सफेद कंचा निकलने की प्रायिकता है।
(iii) हरा कंचा नहीं होने की प्रायिकता:
हरा कंचा नहीं होने का अर्थ है कि कंचा या तो लाल हो या सफेद हो।
अनुकूल परिणामों की संख्या (लाल + सफेद कंचे) = 5 + 8 = 13
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल कंचे) = 17
वैकल्पिक रूप से, हम हरे कंचों की प्रायिकता निकालकर पूरक घटना का उपयोग कर सकते हैं:
हरे कंचों की संख्या = 4
अतः, हरा कंचा नहीं निकलने की प्रायिकता है।
प्रश्न 10
(i) 50 पैसे का होगा ?
(ii) 5 रू का नहीं होगा ?
पिग्गी बैंक में विभिन्न मूल्यवर्ग के सिक्कों की संख्या इस प्रकार है:
50 पैसे के सिक्के = 100
1 रू के सिक्के = 50
2 रू के सिक्के = 20
5 रू के सिक्के = 10
कुल सिक्कों की संख्या = 100 + 50 + 20 + 10 = 180
चूंकि सिक्के गिरने के परिणाम समप्रायिक हैं, प्रत्येक सिक्के के गिरने की संभावना बराबर है।
(i) 50 पैसे का सिक्का होने की प्रायिकता:
अनुकूल परिणामों की संख्या (50 पैसे के सिक्के) = 100
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल सिक्के) = 180
इस भिन्न को सरल करने पर:
अतः, 50 पैसे का सिक्का गिरने की प्रायिकता है।
(ii) 5 रू का सिक्का नहीं होने की प्रायिकता:
5 रू का सिक्का नहीं होने का अर्थ है कि सिक्का 50 पैसे का, 1 रू का, या 2 रू का हो।
अनुकूल परिणामों की संख्या (50 पैसे + 1 रू + 2 रू के सिक्के) = 100 + 50 + 20 = 170
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल सिक्के) = 180
इस भिन्न को सरल करने पर:
वैकल्पिक रूप से, हम 5 रू के सिक्के की प्रायिकता निकालकर पूरक घटना का उपयोग कर सकते हैं:
5 रू के सिक्कों की संख्या = 10
अतः, 5 रू का सिक्का नहीं गिरने की प्रायिकता है।
प्रश्न 11
(i) नर मछली है ?
(ii) मादा मछली है ?
टंकी में नर मछलियों की संख्या = 5
टंकी में मादा मछलियों की संख्या = 8
टंकी में कुल मछलियों की संख्या = 5 + 8 = 13
चूंकि मछली यदृच्छया निकाली जाती है, प्रत्येक मछली के चुने जाने की संभावना बराबर है।
(i) नर मछली होने की प्रायिकता:
अनुकूल परिणामों की संख्या (नर मछलियाँ) = 5
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल मछलियाँ) = 13
अतः, नर मछली निकलने की प्रायिकता है।
(ii) मादा मछली होने की प्रायिकता:
अनुकूल परिणामों की संख्या (मादा मछलियाँ) = 8
कुल संभावित परिणामों की संख्या (कुल मछलियाँ) = 13
अतः, मादा मछली निकलने की प्रायिकता है।
Common mistakes
- प्रायिकता के मान को 0 और 1 की सीमा से बाहर मानना।
- असंभव घटना की प्रायिकता को 1 या कोई अन्य मान मानना।
- निश्चित घटना की प्रायिकता को 0 या कोई अन्य मान मानना।
- गणना में कुल परिणामों और अनुकूल परिणामों की सही पहचान न करना।
- पूरक घटनाओं की प्रायिकता की सही गणना न करना।
Revision tips
- प्रायिकता के सभी मूल सूत्रों को याद करें, विशेष रूप से P(E) + P(E') = 1।
- प्रत्येक प्रश्न में कुल संभावित परिणामों और अनुकूल परिणामों की सावधानीपूर्वक पहचान करें।
- उन प्रयोगों पर ध्यान दें जिनके परिणाम समप्रायिक हैं और क्यों।
- असंभव और निश्चित घटनाओं से संबंधित प्रश्नों का अभ्यास करें।
- विभिन्न प्रकार की वस्तुओं (गेंदें, सिक्के, कंचे) से संबंधित प्रायिकता गणनाओं का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. किसी घटना की प्रायिकता का मान निम्नलिखित में से किस सीमा के बीच होता है?
Explanation: किसी भी घटना की प्रायिकता हमेशा 0 और 1 के बीच होती है, जिसमें 0 असंभव घटना के लिए और 1 निश्चित घटना के लिए होता है।
Q2. यदि किसी घटना E के घटित होने की प्रायिकता 0.05 है, तो घटना 'E नहीं' के घटित होने की प्रायिकता क्या है?
Explanation: पूरक घटनाओं के लिए, P(E) + P(E') = 1 होता है। इसलिए, P(E') = 1 - P(E) = 1 - 0.05 = 0.95।
Q3. निम्नलिखित में से कौन सी संख्या किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती?
Explanation: प्रायिकता का मान कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकता। -1.5 एक ऋणात्मक संख्या है, इसलिए यह किसी घटना की प्रायिकता नहीं हो सकती।
Q4. एक थैले में 3 लाल और 5 काली गेंदें हैं। एक लाल गेंद निकालने की प्रायिकता क्या है?
Explanation: कुल गेंदें 3 + 5 = 8 हैं। लाल गेंदों की संख्या 3 है। इसलिए, लाल गेंद निकालने की प्रायिकता 3/8 है।
Q5. एक सिक्का उछालने पर चित आने की प्रायिकता क्या है?
Explanation: एक सिक्के के दो संभावित परिणाम होते हैं: चित या पट। चित आने के अनुकूल परिणाम 1 है, और कुल परिणाम 2 हैं। अतः प्रायिकता 1/2 है।
Frequently asked questions
प्रायिकता क्या है?
प्रायिकता किसी घटना के घटित होने की संभावना का माप है। यह 0 और 1 के बीच की एक संख्या होती है।
किसी घटना की प्रायिकता की सीमा क्या होती है?
किसी भी घटना की प्रायिकता 0 से बड़ी या उसके बराबर और 1 से छोटी या उसके बराबर होती है, अर्थात 0 ≤ P(E) ≤ 1।
असंभव घटना और निश्चित घटना क्या होती है?
असंभव घटना वह है जो घटित नहीं हो सकती, जिसकी प्रायिकता 0 होती है। निश्चित घटना वह है जिसका घटित होना तय है, जिसकी प्रायिकता 1 होती है।
पूरक घटनाएँ क्या हैं?
किसी घटना E के न घटित होने की घटना को E की पूरक घटना कहते हैं, जिसे E' से दर्शाया जाता है। इनकी प्रायिकताओं का योग हमेशा 1 होता है: P(E) + P(E') = 1।
समप्रायिक परिणाम क्या होते हैं?
समप्रायिक परिणाम वे होते हैं जिनके घटित होने की संभावना बराबर होती है। उदाहरण के लिए, एक निष्पक्ष सिक्के को उछालने पर चित या पट आने की प्रायिकता समान होती है।
इन समाधानों का उपयोग परीक्षा की तैयारी के लिए कैसे किया जा सकता है?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को प्रायिकता की अवधारणाओं को समझने और विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने का तरीका सीखने में मदद मिलती है।
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