कक्षा 10 गणित: अध्याय 13 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 10 गणित के अध्याय 13, 'पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें दो या दो से अधिक ठोस आकृतियों के संयोजन से बनी आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना पर ध्यान केंद्रित किया गया है। समाधानों में घनों को जोड़कर घनाभ बनाने, अर्धगोले पर अध्यारोपित बेलन और अर्धगोले पर अध्यारोपित शंकु जैसी आकृतियाँ शामिल हैं। प्रत्येक प्रश्न को हल करने के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान किए गए हैं, जिसमें आवश्यक सूत्रों का उपयोग और गणना शामिल है। ये समाधान छात्रों को विभिन्न संयुक्त ठोस आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना करने की विधि को समझने में मदद करेंगे, जो परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 10 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 13. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन |
Chapter summary
कक्षा 10 गणित के अध्याय 13 के ये NCERT समाधान छात्रों को पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन की अवधारणाओं को समझने में मदद करते हैं। यह अध्याय मुख्य रूप से विभिन्न ठोस आकृतियों के संयोजन से बनी आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना पर केंद्रित है। इसमें घनों, बेलनों, अर्धगोलों और शंकुओं जैसी आकृतियों के संयोजन से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। समाधानों में प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में सहायता मिलती है।
Learning outcomes
- दो घनों को मिलाकर बने घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना।
- अर्धगोले पर अध्यारोपित बेलन वाले बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना।
- अर्धगोले पर अध्यारोपित शंकु वाले खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना।
Topics covered
Paper topics
- घनों का संयोजन
- घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- अर्धगोले पर बेलन
- बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- संयुक्त आकृतियों का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- त्रिज्या और ऊँचाई की गणना
Important topics
- संयुक्त आकृतियों का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना
- अर्धगोले पर अध्यारोपित बेलन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- अर्धगोले पर अध्यारोपित शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल
- घनों को मिलाकर घनाभ बनाना
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Questions and Solutions
प्रश्नावली 13.1 का प्रश्न 1
दिया गया है कि प्रत्येक घन का आयतन 64 cm³ है।
हम जानते हैं कि घन का आयतन = (किनारा)³।
इसलिए, घन का किनारा = = 4 cm।
जब दो घनों के संलग्न फलकों को मिलाकर एक घनाभ बनाया जाता है, तो घनाभ की लंबाई दोनों घनों के किनारों के योग के बराबर हो जाती है, जबकि चौड़ाई और ऊँचाई प्रत्येक घन के किनारे के बराबर रहती है।
अतः, घनाभ की लंबाई (l) = 4 cm + 4 cm = 8 cm।
घनाभ की चौड़ाई (b) = 4 cm।
घनाभ की ऊँचाई (h) = 4 cm।
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने का सूत्र है:
मान रखने पर:
इस प्रकार, प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल 160 cm² है।
प्रश्नावली 13.1 का प्रश्न 2
दिया गया है कि बर्तन में अर्धगोला और उसके ऊपर एक बेलन है।
अर्धगोले का व्यास = 14 cm।
इसलिए, अर्धगोले की त्रिज्या (r) = व्यास / 2 = 14 cm / 2 = 7 cm।
चूँकि बेलन अर्धगोले के ऊपर अध्यारोपित है, बेलन की त्रिज्या भी अर्धगोले की त्रिज्या के बराबर होगी, अर्थात r = 7 cm।
बर्तन की कुल ऊँचाई (H) = 13 cm।
बेलनाकार भाग की ऊँचाई (h) ज्ञात करने के लिए, हम कुल ऊँचाई में से अर्धगोले की त्रिज्या घटा देंगे:
h = कुल ऊँचाई - अर्धगोले की त्रिज्या
h = 13 cm - 7 cm = 6 cm।
अब, बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़ेंगे।
बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =
अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =
बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल =
मान रखने पर (π = 22/7):
अतः, इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल 572 cm² है।
प्रश्नावली 13.1 का प्रश्न 3
दिया गया है कि खिलौना एक अर्ध गोले पर अध्यारोपित शंकु के आकार का है।
खिलौने में प्रयुक्त शंकु और अर्धगोले की त्रिज्या (r) = 3.5 cm।
खिलौने की संपूर्ण ऊँचाई (H) = 15.5 cm।
चूँकि खिलौना अर्धगोले पर अध्यारोपित है, संपूर्ण ऊँचाई में शंकु की ऊँचाई और अर्धगोले की त्रिज्या शामिल है।
शंकु की ऊँचाई (h) = खिलौने की संपूर्ण ऊँचाई - अर्धगोले की त्रिज्या
h = 15.5 cm - 3.5 cm = 12 cm।
अब हमें खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करना है, जो कि शंकु के पृष्ठीय क्षेत्रफल और अर्धगोले के पृष्ठीय क्षेत्रफल का योग होगा।
शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल = , जहाँ l तिर्यक ऊँचाई है।
अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल =
सबसे पहले, हमें शंकु की तिर्यक ऊँचाई (l) ज्ञात करनी होगी। तिर्यक ऊँचाई का सूत्र है:
अब, खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल = शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल + अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल =
इसे के रूप में भी लिखा जा सकता है।
मान रखने पर (π = 22/7):
अतः, इस खिलौने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल 214.5 cm² है।
Common mistakes
- संयुक्त आकृतियों के लिए सही पृष्ठीय क्षेत्रफल सूत्र का चयन न करना।
- बेलन या शंकु की ऊँचाई की गणना में त्रुटि करना, जब कुल ऊँचाई दी गई हो।
- त्रिज्या और व्यास के बीच अंतर को समझने में गलती करना।
Revision tips
- प्रत्येक संयुक्त आकृति के लिए उपयोग किए जाने वाले सूत्रों को सूचीबद्ध करें।
- ऊँचाई और त्रिज्या जैसी मापों की गणना पर विशेष ध्यान दें।
- हल किए गए उदाहरणों को स्वयं हल करने का अभ्यास करें।
Practice MCQs
Q1. दो घनों को मिलाने पर प्राप्त घनाभ की लंबाई क्या होगी यदि प्रत्येक घन का किनारा 4 cm है?
Explanation: जब दो घन एक साथ मिलाए जाते हैं, तो उनकी लंबाई जुड़ जाती है। यदि प्रत्येक घन का किनारा 4 cm है, तो घनाभ की लंबाई 4 cm + 4 cm = 8 cm होगी।
Q2. एक बर्तन में एक खोखला अर्धगोला और उसके ऊपर एक खोखला बेलन है। यदि अर्धगोले का व्यास 14 cm है, तो बेलन और अर्धगोले की त्रिज्या क्या होगी?
Explanation: अर्धगोले का व्यास 14 cm है, इसलिए इसकी त्रिज्या व्यास की आधी, अर्थात 14/2 = 7 cm होगी। चूँकि बेलन अर्धगोले पर अध्यारोपित है, बेलन की त्रिज्या भी 7 cm ही होगी।
Q3. एक खिलौना एक अर्धगोले पर अध्यारोपित शंकु के आकार का है। यदि खिलौने की कुल ऊँचाई 13 cm है और अर्धगोले की त्रिज्या 7 cm है, तो शंकु की ऊँचाई क्या होगी?
Explanation: खिलौने की कुल ऊँचाई में शंकु की ऊँचाई और अर्धगोले की त्रिज्या शामिल होती है। यदि कुल ऊँचाई 13 cm है और अर्धगोले की त्रिज्या 7 cm है, तो शंकु की ऊँचाई 13 cm - 7 cm = 6 cm होगी।
Frequently asked questions
कक्षा 10 गणित के अध्याय 13 में किन मुख्य अवधारणाओं को शामिल किया गया है?
अध्याय 13 मुख्य रूप से विभिन्न ठोस आकृतियों (जैसे घन, बेलन, अर्धगोला, शंकु) के संयोजन से बनी आकृतियों के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना पर केंद्रित है।
क्या इन समाधानों में π का मान निश्चित है?
हाँ, जब तक अन्यथा न कहा जाए, इन समाधानों में π का मान 22/7 लिया गया है, जैसा कि NCERT पाठ्यपुस्तक में निर्दिष्ट है।
यदि दो घनों को मिलाया जाता है, तो परिणामी घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल कैसे ज्ञात किया जाता है?
दो घनों को मिलाने पर, घनाभ की लंबाई दोनों घनों के किनारों के योग के बराबर हो जाती है, जबकि चौड़ाई और ऊँचाई एक घन के किनारे के बराबर रहती है। फिर घनाभ के पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र 2(lb + bh + lh) का उपयोग किया जाता है।
एक बर्तन जो अर्धगोले पर बेलन अध्यारोपित है, का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए किन सूत्रों का उपयोग किया जाता है?
ऐसे बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (2πrh) और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (2πr²) का योग किया जाता है।
ये NCERT समाधान परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करते हैं?
ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के लिए विस्तृत, चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और परीक्षा में पूछे जाने वाले समान प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करने में मदद मिलती है।
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