कक्षा 10 गणित NCERT समाधान: अध्याय 5 - समांतर श्रेढियाँ

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यह पृष्ठ कक्षा 10 गणित के अध्याय 5, 'समांतर श्रेढियाँ' (AP), के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें प्रश्नावली 5.1 के प्रश्नों के हल शामिल हैं, जो यह समझने पर केंद्रित हैं कि दी गई स्थितियाँ समांतर श्रेढ़ी बनाती हैं या नहीं। समाधानों में प्रत्येक स्थिति का विश्लेषण, प्रथम पद (a) और सार्व अंतर (d) की गणना, और यह निर्धारित करने के लिए कि क्या पदों के बीच का अंतर स्थिर है, स्पष्टीकरण शामिल हैं। यह छात्रों को AP की मूल अवधारणाओं को समझने और वास्तविक जीवन की स्थितियों में उन्हें लागू करने में मदद करता है। ये समाधान परीक्षा की तैयारी और अवधारणाओं की स्पष्ट समझ के लिए एक मूल्यवान संसाधन हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectगणित
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter5. समांतर श्रेढि़याँ

Chapter summary

अध्याय 5, 'समांतर श्रेढियाँ', के ये NCERT समाधान छात्रों को AP की मूल बातें समझने में मदद करते हैं। इसमें प्रश्नावली 5.1 के प्रश्न शामिल हैं, जो यह पहचानने पर केंद्रित हैं कि क्या संख्याओं की एक सूची एक समांतर श्रेढ़ी बनाती है। समाधानों में प्रत्येक स्थिति का चरण-दर-चरण विश्लेषण, सार्व अंतर की गणना और AP के लिए कसौटी का अनुप्रयोग शामिल है। यह छात्रों को AP की परिभाषा और गुणों को स्पष्ट करने में सहायता करता है।

Learning outcomes

  • यह समझना कि कौन सी स्थितियाँ समांतर श्रेढ़ी (AP) का निर्माण करती हैं।
  • किसी दी गई स्थिति के लिए प्रथम पद (a) और सार्व अंतर (d) की पहचान करना।
  • यह सत्यापित करने के लिए कि क्या संख्याओं की सूची AP बनाती है, लगातार पदों के बीच के अंतर की गणना करना।
  • वास्तविक जीवन की स्थितियों को गणितीय अनुक्रमों के रूप में मॉडल करना।

Topics covered

Paper topics

  • समांतर श्रेढ़ी (AP) की अवधारणा
  • AP की पहचान करना
  • प्रथम पद (a)
  • सार्व अंतर (d)
  • AP के लिए शर्तें
  • वास्तविक जीवन में AP के अनुप्रयोग

Important topics

  • AP की परिभाषा
  • AP की पहचान के लिए सार्व अंतर की गणना
  • दी गई स्थितियों का AP के रूप में विश्लेषण

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

निम्नलिखित स्थितियों में से किन स्थितियों में संबद्ध संख्याओं की सूची एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है और क्यों?
  1. प्रत्येक किलोमीटर के बाद टैक्सी का किराया, जबकि प्रथम किलोमीटर के लिए किराया 15 रुपये है और प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए किराया 8 रुपये है।
Solution:

इस स्थिति में, टैक्सी का किराया इस प्रकार है:

पहले किलोमीटर के लिए किराया = 15 रुपये।

दूसरे किलोमीटर के लिए किराया = 15 + 8 = 23 रुपये।

तीसरे किलोमीटर के लिए किराया = 23 + 8 = 31 रुपये।

चौथे किलोमीटर के लिए किराया = 31 + 8 = 39 रुपये।

इस प्रकार, किराए की सूची 15, 23, 31, 39, ... बनती है।

यह जांचने के लिए कि क्या यह एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है, हम लगातार पदों के बीच के अंतर की गणना करते हैं:

दूसरा पद - पहला पद = 23 - 15 = 8

तीसरा पद - दूसरा पद = 31 - 23 = 8

चौथा पद - तीसरा पद = 39 - 31 = 8

चूंकि लगातार पदों के बीच का अंतर स्थिर है (जो कि 8 है), यह सूची एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है। यहाँ प्रथम पद a = 15 है और सार्व अंतर d = 8 है।

प्रश्न 1 (जारी)

निम्नलिखित स्थितियों में से किन स्थितियों में संबद्ध संख्याओं की सूची एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है और क्यों?
  1. किसी बेलन (cylinder) में उपस्थित हवा की मात्रा, जबकि वायु निकालने वाला पम्प प्रत्येक बार बेलन की हवा का 1/4 भाग बाहर निकाल देता है।
Solution:

माना कि बेलन में शुरुआत में हवा की कुल मात्रा V है।

पहली बार पम्प करने के बाद, हवा की मात्रा का 1/4 भाग निकल जाता है। शेष हवा = V - \frac{1}{4}V = \frac{3}{4}V

दूसरी बार पम्प करने के बाद, शेष हवा का 1/4 भाग निकलता है, जो कि \frac{1}{4} \times \frac{3}{4}V = \frac{3}{16}V है।

दूसरी बार पम्प करने के बाद शेष हवा = \frac{3}{4}V - \frac{3}{16}V = \frac{12V - 3V}{16} = \frac{9}{16}V

तीसरी बार पम्प करने के बाद, शेष हवा का 1/4 भाग निकलता है, जो कि \frac{1}{4} \times \frac{9}{16}V = \frac{9}{64}V है।

तीसरी बार पम्प करने के बाद शेष हवा = \frac{9}{16}V - \frac{9}{64}V = \frac{36V - 9V}{64} = \frac{27}{64}V

इस प्रकार, बेलन में बची हुई हवा की मात्रा की सूची (प्रारंभिक मात्रा V को 1 मानकर) है: 1, \frac{3}{4}, \frac{9}{16}, \frac{27}{64}, ...

अब हम लगातार पदों के बीच के अंतर की गणना करते हैं:

पहला अंतर (d_1) = \frac{3}{4} - 1 = \frac{3 - 4}{4} = -\frac{1}{4}

दूसरा अंतर (d_2) = \frac{9}{16} - \frac{3}{4} = \frac{9 - 12}{16} = -\frac{3}{16}

चूंकि लगातार पदों के बीच का अंतर (-\frac{1}{4} और -\frac{3}{16}) समान नहीं है, यह सूची एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) नहीं है।

प्रश्न 1 (जारी)

निम्नलिखित स्थितियों में से किन स्थितियों में संबद्ध संख्याओं की सूची एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है और क्यों?
  1. प्रत्येक मीटर की खुदाई के बाद, एक कुआं खोदने में आई लागत, जबकि प्रथम मीटर खुदाई की लागत 150 रुपये है और बाद में प्रत्येक खुदाई की लागत 50 रुपये बढ़ती जाती है।
Solution:

इस स्थिति में, कुआं खोदने की लागत इस प्रकार है:

पहले मीटर की खुदाई की लागत = 150 रुपये।

दूसरे मीटर की खुदाई की लागत = 150 + 50 = 200 रुपये।

तीसरे मीटर की खुदाई की लागत = 200 + 50 = 250 रुपये।

चौथे मीटर की खुदाई की लागत = 250 + 50 = 300 रुपये।

इस प्रकार, लागत की सूची 150, 200, 250, 300, ... बनती है।

यह जांचने के लिए कि क्या यह एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है, हम लगातार पदों के बीच के अंतर की गणना करते हैं:

दूसरा पद - पहला पद = 200 - 150 = 50

तीसरा पद - दूसरा पद = 250 - 200 = 50

चौथा पद - तीसरा पद = 300 - 250 = 50

चूंकि लगातार पदों के बीच का अंतर स्थिर है (जो कि 50 है), यह सूची एक समांतर श्रेढ़ी (A.P.) है। यहाँ प्रथम पद a = 150 है और सार्व अंतर d = 50 है।

Common mistakes

  • यह पहचानने में गलती करना कि क्या पदों के बीच का अंतर स्थिर है।
  • AP की परिभाषा को गलत समझना।
  • गणनाओं में अंकगणितीय त्रुटियाँ करना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के लिए AP की परिभाषा को याद करें।
  • सार्व अंतर की गणना पर ध्यान केंद्रित करें।
  • वास्तविक जीवन के उदाहरणों को AP से जोड़ने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति एक समांतर श्रेढ़ी (AP) का निर्माण करती है?

Q2. यदि किसी सूची के लगातार पदों के बीच का अंतर स्थिर रहता है, तो सूची को क्या कहा जाता है?

Q3. एक कुआं खोदने की लागत के मामले में, पहले मीटर की लागत 150 रुपये है और प्रत्येक अतिरिक्त मीटर की लागत 50 रुपये बढ़ जाती है। यह किस प्रकार की श्रेढ़ी है?

Frequently asked questions

समांतर श्रेढ़ी (AP) क्या है?

समांतर श्रेढ़ी (AP) संख्याओं की एक ऐसी सूची है जिसमें प्रत्येक पद (पहले पद के अलावा) एक निश्चित संख्या को पिछले पद में जोड़ने पर प्राप्त होता है। इस निश्चित संख्या को सार्व अंतर (d) कहा जाता है।

प्रश्नावली 5.1 में मुख्य रूप से क्या पूछा गया है?

प्रश्नावली 5.1 मुख्य रूप से यह पहचानने पर केंद्रित है कि दी गई स्थितियाँ या संख्याओं की सूचियाँ समांतर श्रेढ़ी (AP) बनाती हैं या नहीं, और इसके कारणों की व्याख्या करने पर।

AP की पहचान करने के लिए हमें क्या जांचना चाहिए?

AP की पहचान करने के लिए, हमें यह जांचना चाहिए कि सूची के लगातार पदों के बीच का अंतर स्थिर है या नहीं। यदि अंतर स्थिर है, तो यह एक AP है।

क्या ये समाधान कक्षा 10 के छात्रों के लिए उपयोगी हैं?

हाँ, ये समाधान कक्षा 10 के छात्रों के लिए बहुत उपयोगी हैं क्योंकि वे NCERT पाठ्यक्रम के अनुसार 'समांतर श्रेढियाँ' अध्याय के प्रश्नों को हल करने के लिए स्पष्ट और विस्तृत स्पष्टीकरण प्रदान करते हैं।

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