कक्षा 10 भारत और समकालीन विश्व - 2: भूमंडलीकृत विश्व का बनना NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 10 के लिए 'भारत और समकालीन विश्व - 2' पुस्तक के अध्याय 3, 'भूमंडलीकृत विश्व का बनना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें 17वीं सदी से पहले के आदान-प्रदान, बीमारियों के प्रसार के उपनिवेशीकरण पर प्रभाव, कॉर्न लॉ का उन्मूलन, अफ्रीका में रिंडरपेस्ट का आगमन, विश्व युद्धों के प्रभाव, महामंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर, और बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादन स्थानांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधान खाद्य उपलब्धता पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव और ब्रिटेन वुड्स समझौते के अर्थ की भी व्याख्या करते हैं। ये समाधान छात्रों को अध्याय की गहरी समझ विकसित करने, परीक्षा के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने और जटिल अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करेंगे।

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BoardCBSE
ClassClass 10
Subjectभारत और समकालीन विश्व - 2
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter3. भूमंडलीकृत विश्व का बनना

Chapter summary

अध्याय 'भूमंडलीकृत विश्व का बनना' पूर्व-आधुनिक और आधुनिक काल में वैश्विक अंतर्संबंधों की पड़ताल करता है। यह अध्याय 17वीं सदी से पहले के व्यापारिक आदान-प्रदान, बीमारियों के प्रसार के उपनिवेशीकरण पर प्रभाव, और विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं जैसे कॉर्न लॉ, रिंडरपेस्ट, विश्व युद्धों, महामंदी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निर्णयों के प्रभावों पर केंद्रित है। इसमें खाद्य उपलब्धता पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव और ब्रिटेन वुड्स समझौते की भी चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को वैश्विक इतिहास की प्रमुख घटनाओं और उनके दूरगामी परिणामों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • 17वीं सदी से पहले के वैश्विक आदान-प्रदान के उदाहरणों की पहचान करना।
  • बीमारियों के प्रसार और उपनिवेशीकरण के बीच संबंध को समझना।
  • ऐतिहासिक घटनाओं के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण करना।
  • प्रौद्योगिकी के खाद्य उपलब्धता पर प्रभाव को उदाहरण सहित समझाना।
  • ब्रिटेन वुड्स समझौते के महत्व और उद्देश्यों को स्पष्ट करना।

Topics covered

Paper topics

  • वैश्विक आदान-प्रदान
  • बीमारियों का प्रसार और उपनिवेशीकरण
  • कॉर्न लॉ का उन्मूलन
  • रिंडरपेस्ट का अफ्रीका पर प्रभाव
  • विश्व युद्धों का आर्थिक प्रभाव
  • महामंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
  • बहुराष्ट्रीय कंपनियों का उत्पादन स्थानांतरण
  • प्रौद्योगिकी और खाद्य उपलब्धता
  • ब्रिटेन वुड्स समझौता
  • गिरमिटिया मजदूर प्रणाली

Important topics

  • बीमारियों का प्रसार और उपनिवेशीकरण
  • महामंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
  • ब्रिटेन वुड्स समझौता
  • वैश्विक आदान-प्रदान और प्रौद्योगिकी का प्रभाव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

17 वी सदी से पहले होने वाले आदान-प्रदान के दो उदाहरण दीजिए। एक उदाहरण एशिया से और एक उदाहरण अमेरिका महाद्वीप के बारे में चुने।
Solution: 17वीं सदी से पहले वैश्विक स्तर पर विभिन्न प्रकार के आदान-प्रदान होते थे। यहाँ दो उदाहरण दिए गए हैं, जिनमें से एक एशिया से और दूसरा अमेरिका महाद्वीप से संबंधित है:
  1. एशिया से आदान-प्रदान: यूरोप के देशों ने एशिया के साथ व्यापार में सोने और चांदी के बदले में कपड़ा, मसाले और चीनी मिट्टी के बर्तन जैसी मूल्यवान वस्तुओं का आदान-प्रदान किया। यह व्यापार सिल्क रूट जैसे प्राचीन व्यापार मार्गों के माध्यम से होता था, जिससे विभिन्न संस्कृतियों और अर्थव्यवस्थाओं का जुड़ाव बढ़ा।
  2. अमेरिका महाद्वीप से आदान-प्रदान: अमेरिका महाद्वीप से यूरोप में सोने और चांदी के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ निर्यात किए गए। इनमें आलू, सोया, मूंगफली, टमाटर और मिर्च जैसी फसलें शामिल थीं। इन खाद्य पदार्थों ने यूरोपीय आहार और कृषि में क्रांति ला दी, जबकि यूरोप से लाई गई वस्तुएं अमेरिकी महाद्वीप में पहुंचीं।

प्रश्न 2

बताइए पूर्व आधुनिक विश्व में बीमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागो उपनिवेशीकरण में किस प्रकार मदद की।
Solution: पूर्व-आधुनिक विश्व में बीमारियों का वैश्विक प्रसार अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हुआ। इसका मुख्य कारण यह था कि अमेरिका के मूल निवासी यूरोपीय लोगों द्वारा लाई गई बीमारियों के प्रति बिल्कुल भी प्रतिरक्षित (immune) नहीं थे।

यूरोपीय लोग, जो सदियों से विभिन्न बीमारियों के संपर्क में रहने के कारण कुछ हद तक प्रतिरक्षित हो चुके थे, अपने साथ चेचक जैसे घातक रोग लेकर आए। अमेरिका के मूल निवासियों के लिए, जो लाखों वर्षों से दुनिया के बाकी हिस्सों से कटे हुए थे, इन बीमारियों का कोई इलाज या बचाव नहीं था। इन बीमारियों ने लाखों लोगों की जान ले ली और पूरे समुदायों को नष्ट कर दिया। इस प्रकार, बीमारियों ने यूरोपीय उपनिवेशवादियों के लिए विजय और प्रभुत्व का मार्ग प्रशस्त किया, क्योंकि वे हथियारों और सैनिकों से कहीं अधिक विनाशकारी साबित हुईं।

प्रश्न 3 (क)

निम्नलिखित के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: (क) कॉर्न लॉ को समाप्त करने के बारे में ब्रिटिश सरकार का फैसला।
Solution: ब्रिटिश सरकार द्वारा कॉर्न लॉ (Corn Laws) को समाप्त करने के फैसले के महत्वपूर्ण प्रभाव हुए:

कृषि क्षेत्र पर प्रभाव: कॉर्न लॉ को समाप्त करने से ब्रिटेन में कृषि क्षेत्र को नुकसान हुआ। आयातित अनाज पर लगे प्रतिबंधों को हटाने से सस्ता अनाज ब्रिटेन में आने लगा, जिससे घरेलू किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो गया। खेती में लगे हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए क्योंकि खेती लाभप्रद नहीं रही।

औद्योगिक क्षेत्र पर प्रभाव: दूसरी ओर, इस फैसले से औद्योगिक क्षेत्र को लाभ हुआ। भोजन सस्ता होने से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी, जिससे औद्योगिक वस्तुओं की मांग में वृद्धि हुई। शहरों में सस्ते भोजन की उपलब्धता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर श्रमिकों का पलायन बढ़ा, जिससे उद्योगों के लिए सस्ते श्रम की आपूर्ति सुनिश्चित हुई। इस प्रकार, यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक लेकिन शहरी और औद्योगिक विकास के लिए सहायक सिद्ध हुआ।

प्रश्न 3 (ख)

निम्नलिखित के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: (ख) अफ्रीका में रिंडरपेस्ट आना।
Solution: अफ्रीका में रिंडरपेस्ट (Rinderpest) नामक पशु रोग का आगमन एक विनाशकारी घटना थी जिसके दूरगामी परिणाम हुए:

आजीविका का नुकसान: रिंडरपेस्ट ने अफ्रीका में लाखों मवेशियों को मार डाला। मवेशी अफ्रीकी लोगों के लिए न केवल भोजन और परिवहन का साधन थे, बल्कि उनकी संपत्ति और सामाजिक स्थिति का भी प्रतीक थे। इस बीमारी के कारण अनगिनत अफ्रीकियों ने अपनी आजीविका खो दी और वे गरीबी में धकेल दिए गए।

उपनिवेशी शक्तियों का लाभ: इस तबाही का फायदा उठाकर, यूरोपीय उपनिवेशी राष्ट्रों ने अफ्रीका पर अपना नियंत्रण मजबूत किया। मवेशियों की भारी कमी के कारण, अफ्रीकी लोग अपनी जमीन और श्रम बेचने के लिए मजबूर हो गए। उपनिवेशवादियों ने इस स्थिति का उपयोग करके दुर्लभ मवेशी संसाधनों पर एकाधिकार कर लिया और अफ्रीकी आबादी को श्रम बाजार में लाने के लिए उन पर दबाव डाला। इस प्रकार, रिंडरपेस्ट ने अफ्रीका के उपनिवेशीकरण और वशीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया।

प्रश्न 3 (ग)

निम्नलिखित के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: (ग) विश्व युद्ध के कारण यूरोप में कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौत।
Solution: प्रथम और द्वितीय विश्व युद्धों के कारण यूरोप में कामकाजी उम्र के लाखों पुरुषों की मृत्यु के गंभीर सामाजिक और आर्थिक परिणाम हुए:

श्रम शक्ति में कमी: युद्धों में बड़ी संख्या में युवा और स्वस्थ पुरुषों की मृत्यु से यूरोप की श्रम शक्ति में भारी कमी आई। इससे उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा।

घरेलू आय में गिरावट: परिवारों के कमाने वाले सदस्यों की मृत्यु या विकलांग होने के कारण, कई परिवारों को अपनी आय में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा। इससे उनके लिए अपने जीवन-यापन के खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो गया। महिलाओं को अक्सर घर चलाने और बच्चों की देखभाल की अतिरिक्त जिम्मेदारी उठानी पड़ी।

सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव: इन मौतों ने परिवारों को तोड़ दिया और समाज में गहरा शोक और अनिश्चितता का माहौल पैदा किया। युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण और सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने में भी बड़ी चुनौतियां आईं।

प्रश्न 3 (घ)

निम्नलिखित के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: (घ) भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी का प्रभाव।
Solution: 1929 में शुरू हुई महामंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा और व्यापक प्रभाव पड़ा:

आयात और निर्यात में गिरावट: महामंदी के कारण वैश्विक व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारत के मामले में, 1928 और 1934 के बीच, देश के आयात और निर्यात में लगभग आधी कमी आ गई। इससे भारतीय बाजारों में विदेशी वस्तुओं की उपलब्धता कम हो गई और निर्यात से होने वाली आय भी घट गई।

कृषि क्षेत्र पर प्रभाव: महामंदी का सबसे बुरा असर भारतीय कृषि क्षेत्र पर पड़ा। वैश्विक स्तर पर कृषि उत्पादों की मांग में कमी आने से भारत से निर्यात होने वाली फसलों की कीमतें तेजी से गिरीं। उदाहरण के लिए, गेहूं की कीमतों में 50% तक की गिरावट आई। किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिला, जिससे उनकी आय कम हो गई और वे कर्ज के बोझ तले दब गए। शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण अर्थव्यवस्था इस मंदी से कहीं अधिक प्रभावित हुई।

अन्य प्रभाव: मंदी के कारण शहरी क्षेत्रों में भी बेरोजगारी बढ़ी और लोगों की क्रय शक्ति कम हुई, जिससे औद्योगिक उत्पादन भी प्रभावित हुआ।

प्रश्न 3 (ड)

निम्नलिखित के प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणी लिखें: (ड) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपने उत्पादन को एशियाई देशों में स्थानांतरित करने का फैसला।
Solution: बहुराष्ट्रीय कंपनियों (Multinational Corporations - MNCs) द्वारा अपने उत्पादन को एशियाई देशों में स्थानांतरित करने के फैसले के वैश्विक और एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़े:

वैश्विक व्यापार और पूंजी प्रवाह में वृद्धि: इस निर्णय से विश्व व्यापार और पूंजी के प्रवाह को एक नई गति मिली। एशियाई देशों में उत्पादन स्थापित करने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत हुईं और विभिन्न देशों के बीच आर्थिक संबंध घनिष्ठ हुए।

एशियाई देशों को लाभ: एशियाई देशों में उत्पादन स्थानांतरित करने का मुख्य कारण वहां कम लागत वाली उत्पादन संरचना और अपेक्षाकृत कम मजदूरी दरें थीं। इससे इन देशों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए, जिससे बेरोजगारी कम हुई और लोगों की आय में वृद्धि हुई। इसके परिणामस्वरूप, इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं में त्वरित आर्थिक परिवर्तन और विकास हुआ।

रोजगार सृजन और आर्थिक विकास: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए, बल्कि सहायक उद्योगों और सेवाओं के विकास को भी बढ़ावा मिला। इससे एशियाई देशों के समग्र आर्थिक विकास में तेजी आई और वे वैश्विक अर्थव्यवस्था में अधिक एकीकृत हुए।

प्रश्न 4

खाद्य उपलब्धता पर तकनीक के प्रभाव को दर्शाने के लिए इतिहास से दो उदाहरण दें।
Solution: इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं जो दर्शाते हैं कि प्रौद्योगिकी ने खाद्य उपलब्धता को कैसे बढ़ाया और परिवर्तित किया है। यहाँ दो प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं:
  1. परिवहन प्रौद्योगिकी में सुधार (19वीं शताब्दी): 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, परिवहन के क्षेत्र में हुई तकनीकी प्रगति ने खाद्य उपलब्धता पर गहरा प्रभाव डाला। तेज गति वाले रेलवे, हल्के वजन वाले वैगन और बड़े मालवाहक जहाजों के विकास ने खाद्य पदार्थों को उत्पादन स्थलों से दूर के बाजारों तक सस्ते और तेजी से पहुंचाना संभव बना दिया। इसके अतिरिक्त, प्रशीतित जहाजों (refrigerated ships) के आविष्कार ने मांस, मक्खन और अंडे जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को लंबी दूरी तक सुरक्षित रूप से ले जाना संभव बनाया। इससे विभिन्न क्षेत्रों के लोग विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों का उपभोग कर सके, जिससे खाद्य उपलब्धता बढ़ी और आहार में विविधता आई।
  2. कृषि प्रौद्योगिकी का विकास (आधुनिक युग): आधुनिक युग में कृषि प्रौद्योगिकी, जैसे कि बेहतर बीज, उर्वरक, कीटनाशक और उन्नत सिंचाई प्रणालियों के विकास ने खाद्य उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की है। हरित क्रांति जैसी पहलों ने गेहूं और चावल जैसी फसलों की पैदावार को कई गुना बढ़ा दिया, जिससे दुनिया की बढ़ती आबादी के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली। मशीनीकरण (जैसे ट्रैक्टर और हार्वेस्टर) ने खेती को अधिक कुशल और कम श्रम-गहन बना दिया है।

प्रश्न 5

ब्रिटेन वुड्स समझौते का क्या अर्थ है ?
Solution: ब्रिटेन वुड्स समझौता (Bretton Woods Agreement) द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वैश्विक आर्थिक व्यवस्था को स्थिर करने के उद्देश्य से किया गया एक महत्वपूर्ण समझौता था।

स्थापना और उद्देश्य: इस समझौते को जुलाई 1944 में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर में स्थित ब्रिटेन वुड्स नामक स्थान पर अंतिम रूप दिया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध के बाद की दुनिया में आर्थिक स्थिरता बनाए रखना, पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाना था।

संस्थाओं की स्थापना: इस समझौते के तहत दो प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की स्थापना की गई:

  1. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund - IMF): इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच विनिमय दरों को स्थिर रखना और भुगतान संतुलन की समस्याओं का समाधान करना था।
  2. विश्व बैंक (World Bank): इसकी स्थापना युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए और विकासशील देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी।

कार्यप्रणाली: इन संस्थानों ने सदस्य राष्ट्रों के बाहरी वित्तीय घाटे और अधिशेष (surpluses) से निपटने में मदद की और युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक वित्तपोषण प्रदान किया। इस समझौते ने एक ऐसी प्रणाली की नींव रखी जिसने अगले कुछ दशकों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार दिया।

प्रश्न 6

कल्पना कीजिए कि आप कैरिबियाई क्षेत्र में काम करने वाले गिरमिटिया मज़दूर है | इस अध्याय में दिए गए विवरण के आधार पर अपने हालात और अपनी भावनाओं का वर्णन करते हुए अपने परिवार के नाम पर एक पत्र लिखें।
Solution: प्रिय माँ और पिताजी,

मैं आशा करता हूँ कि आप स्वस्थ होंगे। मैं यहाँ कैरिबियाई क्षेत्र में गिरमिटिया मजदूर के रूप में काम कर रहा हूँ और अपनी स्थिति के बारे में आपको बताने के लिए यह पत्र लिख रहा हूँ। यहाँ का जीवन बहुत कठिन है और मैं अक्सर आप सबको बहुत याद करता हूँ।

जब मुझे यहाँ लाया गया था, तो ठेकेदार ने काम की जगह, यात्रा के साधनों और रहने की परिस्थितियों के बारे में जो वादे किए थे, वे सब झूठे निकले। हमें बहुत कम कानूनी अधिकार दिए गए हैं और हम पूरी तरह से ठेकेदार की दया पर निर्भर हैं। वह हमारे साथ बहुत कठोरता से पेश आता है, अक्सर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता है और हमें 'कूली' कहकर पुकारता है। हम यहाँ कोको के बागानों में काम करते हैं, जो एक असहज और कठिन वातावरण है।

कभी-कभी तो एजेंट मुझे जबरन यहाँ ले आए, जबकि मैं काम करने के लिए सहमत भी नहीं था। यहाँ काम के घंटे बहुत लंबे हैं और मजदूरी बहुत कम। हमें पर्याप्त भोजन और आराम भी नहीं मिलता। मैं अक्सर बीमार महसूस करता हूँ और यहाँ की जलवायु भी मेरे लिए बहुत मुश्किल है।

मैं यहाँ फंसा हुआ महसूस करता हूँ और घर लौटने का सपना देखता हूँ। कृपया मेरी चिंता न करें, मैं हिम्मत बनाए रखने की कोशिश कर रहा हूँ। आप सब अपना ख्याल रखना।

आपका प्रिय पुत्र/पुत्री,

[आपका नाम]

Common mistakes

  • ऐतिहासिक घटनाओं के बीच कारण और प्रभाव संबंधों को गलत समझना।
  • विभिन्न घटनाओं के आर्थिक प्रभावों का सतही विश्लेषण करना।
  • गिरमिटिया मजदूरों की भावनाओं और परिस्थितियों को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए ऐतिहासिक घटनाओं और उनके प्रभावों को सूचीबद्ध करें।
  • कॉर्न लॉ, रिंडरपेस्ट, महामंदी जैसी प्रमुख घटनाओं के कारण और परिणाम को संक्षेप में लिखें।
  • गिरमिटिया मजदूरों के पत्र को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के अभ्यास के रूप में उपयोग करें।

Practice MCQs

Q1. 17वीं सदी से पहले यूरोप द्वारा एशिया से किन वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था?

Q2. पूर्व-आधुनिक दुनिया में बीमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में कैसे मदद की?

Q3. अफ्रीका में रिंडरपेस्ट के आने का क्या परिणाम हुआ?

Q4. महामंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?

Q5. ब्रिटेन वुड्स समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या था?

Frequently asked questions

कक्षा 10 के लिए 'भूमंडलीकृत विश्व का बनना' अध्याय में किन मुख्य विषयों को शामिल किया गया है?

इस अध्याय में 17वीं सदी से पहले के वैश्विक आदान-प्रदान, बीमारियों के प्रसार के उपनिवेशीकरण पर प्रभाव, कॉर्न लॉ, रिंडरपेस्ट, विश्व युद्धों, महामंदी, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निर्णयों, प्रौद्योगिकी के खाद्य उपलब्धता पर प्रभाव और ब्रिटेन वुड्स समझौते जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

यह समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में कैसे मदद करेगा?

यह समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करता है, जिससे छात्रों को अध्याय की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले विभिन्न प्रकार के प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलती है।

क्या समाधान में ऐतिहासिक घटनाओं के प्रभावों का विश्लेषण किया गया है?

हाँ, समाधान में कॉर्न लॉ को समाप्त करने, अफ्रीका में रिंडरपेस्ट आने, विश्व युद्धों, महामंदी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के निर्णयों जैसी घटनाओं के प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।

ब्रिटेन वुड्स समझौते का क्या महत्व है?

ब्रिटेन वुड्स समझौते ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता और पूर्ण रोजगार के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की स्थापना की, जिसने युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गिरमिटिया मजदूरों की स्थिति के बारे में क्या बताया गया है?

समाधान में गिरमिटिया मजदूरों की कठिनाइयों, ठेकेदारों के दुर्व्यवहार, अपर्याप्त अधिकारों और अपमानजनक व्यवहार का वर्णन किया गया है, जैसा कि कैरिबियाई क्षेत्र में काम करने वाले एक मजदूर के पत्र के माध्यम से दर्शाया गया है।

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