कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: कैदी और कोकिला

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यह पृष्ठ कक्षा 9 हिंदी की पाठ्यपुस्तक 'क्षितिज भाग 1' में संकलित कविता 'कैदी और कोकिला' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। कवि मोहनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित यह कविता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में बंद एक कैदी के मार्मिक अनुभवों और कोयल के प्रति उसकी भावनाओं को व्यक्त करती है। समाधानों में कविता की पंक्तियों का भावार्थ, कवि की कोयल के प्रति प्रतिक्रिया, जेल जीवन की यातनाएं, स्वतंत्रता सेनानियों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार और कवि की कोयल से ईर्ष्या जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा शामिल है। ये समाधान छात्रों को कविता की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में सहायता करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter12 कैदी और कोकिला

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी की कविता 'कैदी और कोकिला' के NCERT समाधान छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में बंद कैदी के अनुभवों से परिचित कराते हैं। ये समाधान कविता की व्याख्या, कोयल की कूक पर कवि की प्रतिक्रिया, जेल में दी जाने वाली यातनाओं, कवि की कोयल से ईर्ष्या और हथकड़ियों को गहना मानने जैसे प्रमुख भावों को स्पष्ट करते हैं। यह छात्रों को पराधीन भारत की जेलों की स्थिति और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति ब्रिटिश सरकार के रवैये को समझने में मदद करता है।

Learning outcomes

  • कोयल की कूक पर कवि की प्रतिक्रिया को समझना।
  • कवि द्वारा कोयल के बोलने के संभावित कारणों का विश्लेषण करना।
  • पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यातनाओं का वर्णन करना।
  • कविता की पंक्तियों के भावार्थ को स्पष्ट करना।
  • कवि की कोयल के प्रति ईर्ष्या के कारणों को समझना।
  • हथकड़ियों को गहना मानने के पीछे के गौरव को पहचानना।

Topics covered

Paper topics

  • कैदी और कोकिला कविता का सारांश
  • कोयल की कूक पर कवि की प्रतिक्रिया
  • जेल जीवन की यातनाएं
  • पराधीन भारत का चित्रण
  • कवि की कोयल से ईर्ष्या
  • हथकड़ियों का प्रतीकात्मक अर्थ
  • शासन की तुलना तम से
  • भाव स्पष्टीकरण
  • रचना और अभिव्यक्ति

Important topics

  • कोयल की कूक पर कवि की प्रतिक्रिया और संदेश
  • जेल में दी जाने वाली यातनाओं का वर्णन
  • कवि की कोयल से ईर्ष्या का कारण
  • हथकड़ियों को गहना मानने का भाव
  • कविता की पंक्तियों का भावार्थ

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?
Solution: कोयल की कूक सुनकर कवि को ऐसा प्रतीत हुआ मानो कोयल उसके लिए कोई महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई हो। कवि का मानना है कि यदि संदेश महत्वपूर्ण न होता, तो कोयल सुबह होने तक प्रतीक्षा करती। यह संदेशा संभवतः कोई विशेष सूचना या चेतावनी हो सकती है।

प्रश्न 2

कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की संभावना बताई?
Solution: कवि ने कोयल के आधी रात में बोलने के कई संभावित कारण बताए हैं:
  1. कोयल शायद कोई महत्वपूर्ण संदेशा पहुँचाना चाहती है।
  2. उसने दावानल (जंगल की आग) की भयानक लपटें देख ली हैं, जिससे वह व्याकुल है।
  3. समस्या इतनी गंभीर है कि वह सुबह होने का इंतज़ार नहीं कर पा रही है।
  4. वह क्रांतिकारियों के मन में देश-प्रेम की भावना को और अधिक मजबूत करने आई है।

प्रश्न 3

किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों?
Solution: अंग्रेज़ों के शासन की तुलना 'तम' (अंधकार) के प्रभाव से की गई है। इसका कारण यह है कि अंग्रेज़ सरकार की कार्यप्रणाली अन्यायपूर्ण और अंधकारमय थी। यहाँ 'तम' का अर्थ अन्याय और ظلم से है, जो अंग्रेज़ शासन की क्रूरता और दमनकारी नीति को दर्शाता है।

प्रश्न 4

कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए।
Solution: कविता के अनुसार, पराधीन भारत की जेलों में भारतीय कैदियों को अनेक प्रकार की यातनाएँ दी जाती थीं। उनसे पशुओं की तरह घोर परिश्रम करवाया जाता था, जैसे पेट पर जुआ (हल चलाने का यंत्र) बाँधकर कुएँ से पानी खिंचवाना। कैदियों को अँधेरी, छोटी कोठरियों में जंजीरों से बाँधकर रखा जाता था। उन्हें खाने के लिए भी बहुत कम दिया जाता था। यह सब ब्रिटिश सरकार के अत्याचार और भारतीयों के प्रति उनके अपमानजनक व्यवहार को दर्शाता है।

प्रश्न 5

भाव स्पष्ट कीजिए: (क) मृदुल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो। (ख) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जुआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ।
Solution:

(क) मृदुल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो।

इस पंक्ति का भाव यह है कि कवि कोयल की कोमल और मधुर आवाज़ को उसकी कोमलता और सुंदरता का प्रतीक मानता है। कोयल की आवाज़ में एक विशेष प्रकार का सौंदर्य और वैभव है। लेकिन जब वही कोयल वेदनापूर्ण स्वर में चीखती है, तो कवि उससे उसकी इस पीड़ा का कारण पूछता है। कवि कोयल की मधुरता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है जब वह रात में चीखती है।

(ख) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जुआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कुँआ।

इस पंक्ति का भाव यह है कि अंग्रेज़ सरकार कवि से दास की तरह, पशुओं के समान परिश्रम करवाती है। कवि के पेट पर जुआ बाँधकर उसे कुएँ से पानी निकालने जैसे कठिन कार्य में लगाया जाता है। यह शारीरिक श्रम की पराकाष्ठा है। इसके बावजूद, कवि हार मानने को तैयार नहीं है। वह इस परिश्रम के माध्यम से न केवल अपना पेट भरता है, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से ब्रिटिश सरकार के अहंकार और अकड़ को भी चूर-चूर करने का संकल्प रखता है।

प्रश्न 6

आधी रात में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा होते है?
Solution: आधी रात में कोयल के अचानक चीखने से कवि को कई प्रकार के अंदेशे या आशंकाएँ होती हैं। उसे लगता है कि शायद कोयल पागल हो गई है, या वह किसी गहरे कष्ट में है। कवि यह भी सोचता है कि क्या कोयल कोई विशेष संदेश लेकर आई है, या शायद वह क्रांतिकारियों के दुखों और कष्टों से द्रवित होकर अपनी वेदना व्यक्त कर रही है। यह अनपेक्षित चीख कवि के मन में बेचैनी और जिज्ञासा उत्पन्न करती है।

प्रश्न 7

कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है?
Solution: कवि को कोयल से उसकी स्वतंत्रता के कारण ईर्ष्या हो रही है। कोयल खुले आकाश में आज़ादी से विचरण कर सकती है, अपनी मर्ज़ी से गा सकती है और अपनी खुशी व्यक्त कर सकती है। इसके विपरीत, कवि जेल की काल कोठरी में बंद है, जहाँ उसका जीवन अत्यंत कष्टमय है। वह अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त नहीं कर सकता, यहाँ तक कि रोना भी उसके लिए एक गुनाह है जिसके लिए उसे दंड मिल सकता है। कोयल की यह स्वतंत्रता कवि को ईर्ष्यालु बना देती है।

प्रश्न 8

कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?
Solution: कवि के स्मृति-पटल पर कोयल के गीतों की वे मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं जब वह हरी डाली पर बैठकर अपने कर्णप्रिय गीत गाती थी। उसके गीतों में एक विशेष प्रकार का माधुर्य और उल्लास होता था, जो सृष्टि को अलंकृत करता था और उसकी खुशी को दर्शाता था। परंतु अब, जेल की भयावहता और अपने कष्टों के कारण, कवि को लगता है कि कोयल अपनी इन मधुर स्मृतियों और विशेषताओं को नष्ट करने पर तुली हुई है, मानो वह बावली हो गई हो और उसका मधुर गीत भी अब वेदना में बदल गया हो।

प्रश्न 9

हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है?
Solution: कवि ने हथकड़ियों को गहना कहा है क्योंकि वे उसे स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण अंग्रेज़ सरकार द्वारा पहनाई गई हैं। कवि इन हथकड़ियों को अपमान या दंड के रूप में नहीं, बल्कि एक गौरवपूर्ण प्रतीक के रूप में देखता है। यह उसके बलिदान और देश के प्रति समर्पण का चिह्न है। इसलिए, वह इन्हें साधारण आभूषणों से भी बढ़कर मानता है।

प्रश्न 10

'कलि तू .....ऐ आली।' - इन पंक्तियों में 'काली' शब्द की आवृत्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए।
Solution: इन पंक्तियों में 'काली' शब्द का प्रयोग नौ बार किया गया है, जो एक विशिष्ट साहित्यिक चमत्कार उत्पन्न करता है। यह आवृत्ति केवल शब्द की पुनरावृत्ति नहीं है, बल्कि इसके विभिन्न अर्थों और भावों को उजागर करती है। 'काली' शब्द यहाँ कई संदर्भों में प्रयुक्त हुआ है:
  • यह अंग्रेज़ सरकार के काले, अन्यायपूर्ण शासन को संबोधित करता है।
  • यह जेल की कोठरी के अंधकारमय वातावरण को दर्शाता है।
  • यह कवि के मन की निराशा और हताशा को भी व्यक्त करता है।
  • यह कोयल के रंग को भी इंगित करता है।
इस प्रकार, 'काली' शब्द की बार-बार आवृत्ति कविता में गहन अर्थ, निराशा और विरोध का भाव भर देती है, जिससे भाषा में एक विशेष प्रभाव उत्पन्न होता है।

प्रश्न 11

काव्य - सौंदर्य स्पष्ट कीजिए - (क) किस दानावल की ज्वालाएँ हैं दीखीं? (ख) तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह। देख विषमता तेरी - मेरी बजा रही तिस पर रणभेरी!
Solution:

(क) किस दानावल की ज्वालाएँ हैं दीखीं?

इस पंक्ति में कवि कोयल की वेदनापूर्ण चीख पर अपनी आशंका व्यक्त कर रहा है। वह प्रश्नात्मक शैली का प्रयोग करके कोयल के कष्ट का अनुमान लगा रहा है। कवि कोयल से पूछ रहा है कि क्या उसने जंगल की आग (दावानल) की लपटें देख ली हैं, जो उसे इतना व्याकुल कर रही हैं। यहाँ कवि ने बिम्बात्मक शैली का प्रयोग किया है, जिससे पाठक को दृश्य की कल्पना करने में सहायता मिलती है। भाषा सहज और सरल है।

(ख) तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह। देख विषमता तेरी - मेरी बजा रही तिस पर रणभेरी!

इन काव्य पंक्तियों में कवि ने अपने और कोयल के जीवन की घोर विषमताओं की ओर संकेत किया है। कोयल के गीत को लोग 'वाह' कहकर सराहते हैं, यानी उसके गीत आनंद और प्रशंसा के योग्य हैं। इसके विपरीत, कवि के लिए तो रोना भी एक गुनाह है, जिसे करने पर उसे दंड मिल सकता है। कवि कोयल से कहता है कि जब वह (कवि) इन दोनों के जीवन की इतनी बड़ी विषमता को देखता है, तो उसे ऐसा लगता है मानो युद्ध का बिगुल (रणभेरी) बज रहा हो। यह विषमता कवि के मन में विद्रोह और संघर्ष की भावना को तीव्र करती है।

प्रश्न 12

कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है?
Solution: कवि ने जेल के आसपास अन्य पक्षियों के चहकने के बावजूद कोकिला की ही बात इसलिए की है, क्योंकि कोकिला (कोयल) भारत माता का प्रतीक है और उसकी आवाज़ में एक विशेष मार्मिकता है। कोयल सामान्यतः रात में नहीं बोलती, लेकिन आधी रात में उसका करुण स्वर सुनाई देना कवि के लिए किसी बड़े संकट या वेदना का संकेत है। कोयल की आवाज़ अन्य पक्षियों की अपेक्षा अधिक मधुर और भिन्न होती है, और उसकी चीख कवि के मन में विशेष भाव जगाती है। यह चीख कवि को उसकी अपनी बेबसी और पराधीनता का अहसास कराती है, और शायद स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की प्रेरणा भी देती है।

प्रश्न 13

आपके विचार से स्वतंत्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार क्यों किया जाता होगा?
Solution: मेरे विचार से, अंग्रेज़ सरकार स्वतंत्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक-सा व्यवहार इसलिए करती थी क्योंकि दोनों ही उनकी स्थापित व्यवस्था के लिए 'खतरा' माने जाते थे। सरकार की दृष्टि में, स्वतंत्रता सेनानी देश की आज़ादी की माँग करके उनकी सत्ता को चुनौती दे रहे थे, ठीक वैसे ही जैसे कोई अपराधी कानून तोड़कर व्यवस्था को चुनौती देता है। सरकार क्रांतिकारियों के इस साहस को दबाना चाहती थी और उन्हें अपमानित करके उनका मनोबल तोड़ना चाहती थी। दोनों के साथ समान व्यवहार करके, सरकार यह संदेश देना चाहती थी कि उनकी नज़र में देश के लिए लड़ने वाले और सामान्य अपराधी में कोई अंतर नहीं है, और वे दोनों को समान रूप से दंडित करेंगे। यह भारतीयों पर अपना प्रभुत्व बनाए रखने और उनके मन में भय उत्पन्न करने की एक रणनीति थी।

Common mistakes

  • कविता के प्रतीकात्मक अर्थों को समझने में कठिनाई।
  • जेल जीवन की यातनाओं का वर्णन करते समय भावनात्मक गहराई की कमी।
  • कवि की कोयल से ईर्ष्या के वास्तविक कारणों को न समझ पाना।
  • पंक्तियों के भावार्थ को सतही तौर पर समझना।

Revision tips

  • कविता को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक पंक्ति के अर्थ को समझने का प्रयास करें।
  • जेल जीवन की यातनाओं और कवि की भावनाओं को रेखांकित करने वाले अंशों पर विशेष ध्यान दें।
  • कोयल और कवि के बीच की तुलना और ईर्ष्या के कारणों को समझें।
  • महत्वपूर्ण पंक्तियों के भावार्थ को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।

Practice MCQs

Q1. कोयल की कूक सुनकर कवि को क्या महसूस होता है?

Q2. कवि ने अंग्रेज़ों के शासन की तुलना किससे की है?

Q3. जेल में कैदियों से किस प्रकार का व्यवहार किया जाता था?

Q4. कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों होती है?

Q5. कवि हथकड़ियों को क्या कहता है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के 'कैदी और कोकिला' पाठ में मुख्य रूप से क्या दर्शाया गया है?

'कैदी और कोकिला' पाठ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में बंद एक कैदी के अनुभवों और उसकी भावनाओं को दर्शाता है। इसमें कवि की कोयल के प्रति प्रतिक्रिया, जेल की यातनाएं और स्वतंत्रता की लालसा का वर्णन है।

कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों होती है?

कवि को कोयल की स्वतंत्रता से ईर्ष्या होती है क्योंकि कोयल खुले आकाश में उड़ सकती है और स्वतंत्र है, जबकि कवि जेल की काल कोठरी में बंद है और रोना भी उसके लिए गुनाह है।

कविता में हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है?

कवि हथकड़ियों को गहना कहता है क्योंकि वे उसे स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण मिली हैं, जो उसके लिए गौरव का प्रतीक हैं, न कि शर्म का।

यह NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?

ये समाधान कविता के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का सटीक उत्तर देने में मदद मिलती है।

कवि ने अंग्रेज़ों के शासन की तुलना किससे की है और क्यों?

कवि ने अंग्रेज़ों के शासन की तुलना 'तम' (अंधकार) के प्रभाव से की है, क्योंकि यह शासन अन्यायपूर्ण, काला और निराशाजनक था।

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