कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: दो बैलों की कथा
यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी पुस्तक 'स्पर्श भाग 1' के पहले अध्याय, "दो बैलों की कथा" के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। प्रेमचंद द्वारा लिखित यह कहानी हीरा और मोती नामक दो बैलों के माध्यम से स्वतंत्रता के महत्व, सच्ची मित्रता की गहराई और पशुओं के साथ मनुष्यों के भावनात्मक संबंधों को दर्शाती है। समाधानों में कांजीहौस में पशुओं की हाजिरी, छोटी बच्ची का बैलों के प्रति प्रेम, बैलों के माध्यम से व्यक्त नैतिक मूल्य, गधे के प्रति रूढ़िवादी धारणाओं का खंडन, हीरा-मोती की अटूट दोस्ती, स्त्री के प्रति सम्मान और किसान-पशु के बीच के स्नेहपूर्ण संबंधों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई है। ये समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, कथानक और निहितार्थों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं, जिससे वे परीक्षा की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 1 दो बैलों की कथा |
Chapter summary
कक्षा 9 हिंदी के अध्याय "दो बैलों की कथा" के ये NCERT समाधान छात्रों को प्रेमचंद की इस मार्मिक कहानी की गहरी समझ प्रदान करते हैं। समाधानों में कहानी के मुख्य पात्रों हीरा और मोती के माध्यम से मित्रता, स्वतंत्रता की चाह, और मानवीय क्रूरता के प्रति पशुओं की प्रतिक्रिया का विश्लेषण किया गया है। इसमें कांजीहौस की घटनाएँ, बैलों का अपने मालिक के प्रति प्रेम, और गधे जैसे पशुओं के प्रति समाज की सोच पर पुनर्विचार जैसे विषयों को शामिल किया गया है। यह छात्रों को कहानी के नैतिक संदेशों और पात्रों के चरित्र-चित्रण को समझने में सहायता करता है।
Learning outcomes
- जानवरों की हाजिरी लेने के उद्देश्य को समझना।
- छोटी बच्ची के बैलों के प्रति प्रेम के कारणों का विश्लेषण करना।
- कहानी में प्रस्तुत नैतिक मूल्यों (जैसे मित्रता, स्वतंत्रता) की पहचान करना।
- गधे के प्रति रूढ़िवादी धारणाओं पर कहानी के दृष्टिकोण को समझना।
- हीरा और मोती के बीच गहरी दोस्ती के उदाहरणों को पहचानना।
- पशुओं के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को समझना।
Topics covered
Paper topics
- पशु-मानव संबंध
- मित्रता का महत्व
- स्वतंत्रता की चाह
- नैतिक मूल्य
- प्रेमचंद की लेखन शैली
- गधे का चरित्र चित्रण
- कांजीहौस की घटना
- शोषण के विरुद्ध आवाज
- किसान जीवन
- स्त्री के प्रति दृष्टिकोण
Important topics
- मित्रता और सहयोग का महत्व
- स्वतंत्रता का मूल्य और उसके लिए संघर्ष
- पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार
- गधे के चरित्र के माध्यम से व्यक्त नए अर्थ
- कहानी के नैतिक संदेश
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी इसलिए ली जाती होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी पशु सुरक्षित हैं और उनकी संख्या में कोई कमी नहीं आई है। इससे यह भी पता चलता है कि कोई पशु भाग तो नहीं गया या किसी की मृत्यु तो नहीं हो गई है। यह व्यवस्था पशुओं की गिनती और उन पर नियंत्रण रखने के लिए महत्वपूर्ण थी।
प्रश्न 2
छोटी बच्ची को बैलों के प्रति प्रेम इसलिए उमड़ आया क्योंकि वह स्वयं माँ के बिछड़ने का दर्द जानती थी। जब उसने हीरा और मोती को उनके मालिक से बिछड़ने की व्यथा में देखा, तो उसे अपनी स्थिति की याद आ गई। उसे लगा कि ये बैल भी उसी की तरह अभागे हैं और अपने प्रिय मालिक से दूर हैं, इसलिए उसके मन में उनके प्रति करुणा और प्रेम जागृत हुआ।
प्रश्न 3
इस कहानी के माध्यम से कई महत्वपूर्ण नीति-विषयक मूल्य उभरकर सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- मित्रता का महत्व: विपत्ति के समय सच्चे मित्र को हमेशा अपने साथी की सहायता करनी चाहिए, जैसा हीरा और मोती ने एक-दूसरे के लिए किया।
- स्वतंत्रता की ललक: आजादी मनुष्य (और पशुओं) के लिए अनमोल होती है और इसके लिए हमेशा सजग रहना चाहिए तथा संघर्षशील रहना चाहिए।
- सामूहिकता का भाव: अपने समुदाय या साथियों के हितों के लिए कभी-कभी अपने व्यक्तिगत हितों का त्याग करने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।
- साहस और दृढ़ता: आजादी प्राप्त करने के लिए मनुष्य को बड़े-से-बड़ा जोखिम उठाने और साहस दिखाने के लिए तैयार रहना चाहिए।
प्रश्न 4
प्रेमचंद ने गधे की निम्नलिखित स्वभावगत विशेषताओं को उजागर करके उसके प्रति 'मूर्ख' के रूढ़िवादी अर्थ को चुनौती दी है और एक नया अर्थ प्रस्तुत किया है:
- सहनशीलता: गधा अत्यंत सहनशील प्राणी है, जो हर परिस्थिति को चुपचाप सह लेता है।
- सीधापन: वह बहुत सीधा और भोला होता है, जिसमें कोई छल-कपट नहीं होता।
- समभाव: गधा हानि और लाभ, सुख और दुःख, या अपमान और सम्मान में समान रहता है, कभी भी क्रोधित या असंतुष्ट नहीं होता।
इन गुणों के आधार पर, प्रेमचंद गधे को मूर्ख के स्थान पर एक 'संत' या 'धैर्यवान' प्राणी के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जो अपनी सरलता के कारण ही समाज द्वारा उपेक्षित या कम समझा जाता है।
प्रश्न 5
हीरा और मोती के बीच गहरी दोस्ती को दर्शाने वाली कई घटनाएँ कहानी में वर्णित हैं:
- प्रेम प्रदर्शन: वे एक-दूसरे को चाटकर और सूंघकर अपना स्नेह व्यक्त करते थे।
- बोझ का बंटवारा: जब उन्हें हल या गाड़ी में जुता जाता था, तो वे अधिक से अधिक बोझ स्वयं उठाकर दूसरे बैल पर कम भार डालने की कोशिश करते थे।
- साथ भोजन: नाद (चारा खाने का पात्र) में खली-भूसा पड़ जाने पर वे दोनों साथ ही मुँह डालते थे और साथ ही बैठते थे। यदि एक ने मुँह हटा लिया, तो दूसरा भी हटा लेता था।
- एक-दूसरे के लिए रुकना: जब कुछ लोगों ने खेत से उन्हें पकड़ने के लिए घेरा, तो हीरा निकल गया, लेकिन मोती के पकड़े जाने पर वह भी स्वयं लौटकर बंधक बन गया।
- कांजीहौस में वफादारी: कांजीहौस की दीवार टूटने पर जब हीरा ने भागने से मना कर दिया, तो अवसर होने के बावजूद मोती भी उसे छोड़कर नहीं भागा।
प्रश्न 6
हीरा के इस कथन से प्रेमचंद का स्त्री के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण स्पष्ट होता है। यह कथन दर्शाता है कि उस समय समाज में स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार आम था और उन्हें शारीरिक यातनाएँ दी जाती थीं। इसलिए, समाज में यह नियम बनाया गया था कि पुरुषों को स्त्रियों पर हाथ नहीं उठाना चाहिए या उन्हें शारीरिक दंड नहीं देना चाहिए। हीरा और मोती, जो भले इंसानों के प्रतीक हैं, इस सभ्य समाज के नियम का पालन करते हैं। यह कथन उस समय की सामाजिक कुरीतियों पर प्रकाश डालता है जहाँ स्त्रियों को कमजोर समझा जाता था और उनके प्रति हिंसा को रोकने के लिए ऐसे नियमों की आवश्यकता पड़ती थी।
प्रश्न 7
प्रेमचंद ने 'दो बैलों की कथा' में किसान जीवन में मनुष्य और पशु के बीच गहरे भावनात्मक संबंधों को बड़ी कुशलता से व्यक्त किया है। हीरा और मोती, झूरी नामक किसान के बैल हैं, जो अपने मालिक से अत्यंत प्रेम करते हैं। वे मालिक के प्रति वफादार हैं और उसी के पास रहना चाहते हैं। यह दर्शाता है कि पशु भी स्नेह के भूखे होते हैं; वे प्रेम पाने पर प्रेम व्यक्त करते हैं और अपमान या क्रूरता का अनुभव होने पर असंतोष व्यक्त करते हैं। कहानी यह भी बताती है कि किसान अपने पशुओं को केवल काम का साधन नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानते हैं और उनके साथ भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं।
प्रश्न 8
मोती के इस कथन से उसकी निम्नलिखित विशेषताएँ स्पष्ट होती हैं:
- आशावादी दृष्टिकोण: मोती को विश्वास है कि उन्होंने जो अच्छा काम किया है, उसके लिए उन्हें आशीर्वाद मिलेगा। यह दर्शाता है कि वह कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोच रखता है।
- निःस्वार्थता और परोपकार: कांजीहौस की दीवार तोड़कर उसने अन्य पशुओं को भागने का अवसर दिया। स्वयं भागने की क्षमता होने के बावजूद, उसने पहले दूसरों की जान बचाने को प्राथमिकता दी, जो उसके निःस्वार्थ स्वभाव को दर्शाता है।
- कर्तव्यनिष्ठा: वह जानता है कि उसने दस प्राणियों की जान बचाई है, और इस कार्य से उसे संतोष है, भले ही उसे स्वयं दंड भुगतना पड़े।
प्रश्न 9
(क) अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी, जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।
(ख) उस एक रोटी से उनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।
(क) आशय स्पष्टीकरण:
इस कथन का आशय यह है कि हीरा और मोती के बीच एक ऐसी अनकही समझ और संवाद की शक्ति थी, जिसे मनुष्य अपनी श्रेष्ठता का दावा करने के बावजूद नहीं समझ पाता। वे बिना बोले ही एक-दूसरे के मन की बात, भावनाओं और विचारों को समझ लेते थे। यह आपसी जुड़ाव और सहज संवाद की क्षमता मनुष्यों में अक्सर नहीं पाई जाती, जो उन्हें पशुओं से अलग करती है।
(ख) आशय स्पष्टीकरण:
जब हीरा और मोती गया के घर बंधे हुए थे और उन्हें अपमानजनक व्यवहार का सामना करना पड़ रहा था, तब एक छोटी लड़की ने आकर उन्हें एक रोटी दी। इस रोटी से उनका पेट तो नहीं भर सकता था, लेकिन उस बालिका के प्रेम और करुणा को महसूस करके उनके हृदय को असीम शांति और संतोष मिला। यह दर्शाता है कि कभी-कभी भौतिक भोजन से अधिक भावनात्मक पोषण महत्वपूर्ण होता है, और प्रेम का एक छोटा सा कार्य भी हृदय को तृप्त कर सकता है।
प्रश्न 10
क. गया पराये बैलों पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था।
ख. गरीबी के कारण खली आदि खरीदना उसके बस की बात न थी।
ग. वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
घ. उसे खली आदि सामग्री की जानकारी नहीं थी।
सही उत्तर है: ग. वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुखी था।
गया हीरा और मोती के भागने के प्रयास और उनके द्वारा किए गए उपद्रव से नाराज़ और दुखी था। इसी कारण उसने उन्हें दंड के तौर पर सूखा भूसा दिया, जो कि उनके लिए अपमानजनक था। वह उन्हें अच्छा भोजन देकर खुश नहीं करना चाहता था।
प्रश्न 11
हीरा और मोती की शोषण के खिलाफ़ आवाज़ उठाने और उसके लिए प्रताड़ना सहने की प्रतिक्रिया अत्यंत सराहनीय है। यह दर्शाता है कि वे केवल पशु नहीं, बल्कि स्वाभिमानी और स्वतंत्रता-प्रिय प्राणी थे।
- शोषण के विरुद्ध संघर्ष: जब उन्हें उनके मालिक झूरी से अलग किया गया और गया द्वारा उन्हें अपमानजनक व्यवहार व भोजन (सूखा भूसा) दिया गया, तो उन्होंने इसका विरोध किया। यह उनके स्वाभिमान पर चोट थी और उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।
- स्वतंत्रता की चाह: उनका बार-बार भागना यह दर्शाता है कि वे अपनी स्वतंत्रता को बहुत महत्व देते थे और किसी भी प्रकार के बंधन या शोषण को बर्दाश्त नहीं कर सकते थे।
- प्रताड़ना सहना: अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए उन्हें कई बार पीटा गया, भूखा रखा गया और कांजीहौस जैसी जगहों पर कैद किया गया। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी।
यह प्रतिक्रिया हमें सिखाती है कि अन्याय और शोषण के विरुद्ध आवाज उठाना आवश्यक है, भले ही इसके लिए हमें कठिनाइयों और प्रताड़ना का सामना क्यों न करना पड़े। उनकी यह प्रतिक्रिया मानवीय मूल्यों जैसे साहस, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रति प्रेम को दर्शाती है।
Common mistakes
- पशुओं के प्रति सहानुभूति और प्रेम के महत्व को कम आंकना।
- स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के महत्व को नजरअंदाज करना।
- कहानी के नैतिक संदेशों को सतही तौर पर समझना।
- पात्रों के कार्यों के पीछे छिपे कारणों का विश्लेषण न करना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में दिए गए नैतिक मूल्यों को सूचीबद्ध करें।
- हीरा और मोती की दोस्ती को दर्शाने वाले प्रसंगों को याद करें।
- गधे के प्रति लेखक के बदले हुए दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करें।
- कहानी के अंत में बैलों की रिहाई के महत्व पर विचार करें।
Practice MCQs
Q1. कांजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती थी?
Explanation: हाजिरी लेने का मुख्य उद्देश्य कैद पशुओं की सही संख्या का पता लगाना था ताकि कोई पशु भाग न जाए या मर न जाए।
Q2. छोटी बच्ची को हीरा-मोती से प्रेम क्यों आया?
Explanation: बच्ची अपनी माँ के बिछड़ने का दर्द जानती थी, इसलिए उसने हीरा-मोती की व्यथा को समझा और उनके प्रति प्रेम उमड़ आया।
Q3. कहानी के अनुसार, विपत्ति के समय क्या करना चाहिए?
Explanation: कहानी में एक महत्वपूर्ण नैतिक मूल्य यह उभरकर आता है कि विपत्ति के समय हमेशा मित्र की सहायता करनी चाहिए।
Q4. प्रेमचंद ने गधे को 'मूर्ख' के स्थान पर किस स्वभाव का प्राणी बताया है?
Explanation: प्रेमचंद ने गधे के सहनशीलता, सीधेपन और हानि-लाभ में समान रहने जैसे गुणों के आधार पर उसे संत स्वभाव का प्राणी कहा है।
Q5. हीरा और मोती की गहरी दोस्ती का कौन सा उदाहरण नहीं है?
Explanation: हीरा और मोती के बीच प्रेम और सहयोग के कई उदाहरण हैं, लेकिन एक-दूसरे को डाँटने का कोई प्रसंग कहानी में नहीं है।
Frequently asked questions
कक्षा 9 हिंदी के 'दो बैलों की कथा' पाठ में मुख्य पात्र कौन हैं?
इस पाठ के मुख्य पात्र हीरा और मोती नामक दो बैल हैं, जो अपने मालिक झूरी के प्रति अत्यंत वफादार हैं।
'दो बैलों की कथा' पाठ हमें क्या सिखाता है?
यह पाठ हमें मित्रता के महत्व, स्वतंत्रता की चाह, पशुओं के प्रति प्रेम और सहानुभूति, तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देता है।
कांजीहौस क्या था और उसमें पशुओं के साथ कैसा व्यवहार होता था?
कांजीहौस एक पशुओं की जेल थी जहाँ पकड़े गए या दंडित पशुओं को रखा जाता था। कहानी में हीरा-मोती के अनुभव से पता चलता है कि वहाँ उनकी देखभाल ठीक से नहीं होती थी।
लेखक प्रेमचंद ने गधे के बारे में क्या नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है?
प्रेमचंद ने गधे के सीधेपन, सहनशीलता और संतोषी स्वभाव को मूर्खता के बजाय एक संत जैसा गुण बताया है।
हीरा और मोती की दोस्ती किन घटनाओं से पता चलती है?
उनकी दोस्ती एक-दूसरे का बोझ बाँटने, साथ खाने-पीने और एक-दूसरे के लिए खतरा मोल लेने जैसी घटनाओं से पता चलती है।
यह NCERT समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?
ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने, महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर तैयार करने और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मदद करते हैं।
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