कक्षा 9 क्षितिज पाठ 8: एक कुत्ता और एक मैना - NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 9 के हिंदी क्षितिज पुस्तक के पाठ 8, 'एक कुत्ता और एक मैना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। हजारीप्रसाद द्विवेदी द्वारा लिखित इस निबंध में लेखक पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, एकांत की आवश्यकता और मानवीय भावनाओं की गहराई जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हैं। समाधानों में गुरुदेव द्वारा शांतिनिकेतन छोड़ने के कारण, मूक प्राणियों की संवेदनशीलता, कविता के मर्म को समझना, और निबंध की कलात्मक शैली की विशेषताओं पर चर्चा की गई है। यह छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 9 |
| Subject | क्षितिज |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 8. हजारीप्रसाद द्विवेदी - एक कुत्ता और एक मैना |
Chapter summary
कक्षा 9 के हिंदी क्षितिज पुस्तक के पाठ 8, 'एक कुत्ता और एक मैना' के NCERT समाधानों में हजारीप्रसाद द्विवेदी के निबंध का गहन विश्लेषण शामिल है। यह समाधान छात्रों को गुरुदेव के एकांतवास के कारणों, पशु-पक्षियों की संवेदनशीलता, और रविंद्रनाथ टैगोर की कविता के मर्म को समझने में मदद करते हैं। इसमें निबंध की कलात्मक और लालित्यपूर्ण शैली की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला गया है, जो छात्रों को गद्य साहित्य की उत्कृष्ट विधा की समझ प्रदान करता है।
Learning outcomes
- गुरुदेव द्वारा शांतिनिकेतन छोड़ने के कारणों को समझना।
- मूक प्राणियों की संवेदनशीलता और स्नेह की अनुभूति को पहचानना।
- रविंद्रनाथ टैगोर की कविता के मर्म को समझना।
- निबंध की कलात्मक और लालित्यपूर्ण शैली की विशेषताओं का विश्लेषण करना।
- सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं को पहचानना और वाक्यों में उनका प्रयोग समझना।
Topics covered
Paper topics
- गुरुदेव का एकांतवास
- पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता
- मूक प्राणियों की भावनाएं
- रविंद्रनाथ टैगोर की कविता का विश्लेषण
- निबंध की कलात्मक शैली
- सकर्मक और अकर्मक क्रियाएं
- मानवीय करुणा
- एकांत की आवश्यकता
Important topics
- पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता
- निबंध की कलात्मक शैली
- गुरुदेव का एकांतवास
- मूक प्राणियों की भावनाएं
- सकर्मक और अकर्मक क्रियाएं
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- बढ़ती उम्र के साथ उनका स्वास्थ्य निरंतर क्षीण होता जा रहा था, जिससे उन्हें अधिक आराम और एकांत की आवश्यकता महसूस हो रही थी।
- शांति निकेतन में उनसे मिलने वालों की भीड़ लगातार बनी रहती थी, जिसके कारण उन्हें मानसिक शांति और आराम करने का अवसर नहीं मिल पाता था। इन कारणों से उन्होंने श्रीनिकेतन के तीन तल्ले वाले भवन में रहने का निश्चय किया ताकि उन्हें कुछ एकांत मिल सके।
प्रश्न 2
- गुरुदेव के स्पर्श को कुत्ता अपनी आँखें बंद करके अनुभव करता है, मानो उसे उस स्पर्श से गहरी तृप्ति मिल गई हो। यह दर्शाता है कि वह गुरुदेव के स्नेह को समझता है।
- कुत्ता बिना किसी के बुलाए या बताए दो मील दूर श्रीनिकेतन तक गुरुदेव के पास पहुँच गया था, जो उसके लगाव और संवेदनशीलता का प्रमाण है।
- गुरुदेव की अंतिम यात्रा में कुत्ता भी अन्य लोगों की तरह शामिल हुआ और उनके अस्थिकलश के पास देर तक उदास बैठा रहा, मानो वह भी अपने स्वामी के प्रति शोक व्यक्त कर रहा हो। यह उसकी गहरी भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।
प्रश्न 3
प्रश्न 4
- आश्रम के लोगों का अनपेक्षित आगमन: लेखक ने आश्रम के उन लोगों का वर्णन किया है जो बिना समय या परिस्थिति का ध्यान रखे मिलने आ जाते थे, और गुरुदेव की उनसे 'भीत-भीत' रहने की स्थिति को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है।
- मैना का चित्रण: लँगड़ी मैना का फुदकना और गुरुदेव का उसे 'यूथ भ्रष्ट' कहना, तथा उसकी चाल में करुण भाव देखना, लेखक की सूक्ष्म अवलोकन क्षमता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
- पशु-पक्षियों की भाषा की कल्पना: लेखक ने पक्षियों की भाषा को न जानते हुए भी, उनके बीच होने वाली संभावित बातचीत की कल्पना (जैसे पत्नी-पति संवाद) को बड़े ही रोचक और कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है।
- कुत्ते के प्रति स्नेह: कुत्ते द्वारा गुरुदेव के स्पर्श को अनुभव करना और आनंदित होना, तथा गुरुदेव की अंतिम यात्रा में उसका शामिल होना, इन प्रसंगों में लेखक ने पशुओं के प्रति गहरे स्नेह और संवेदनशीलता को बड़ी ही मार्मिकता से व्यक्त किया है।
- कवि की मर्मभेदी दृष्टि: लेखक ने कवि की उस क्षमता का वर्णन किया है जो भाषाहीन प्राणी की करूण दृष्टि के भीतर उस विशाल मानव-सत्य को देख लेती है, जिसे मनुष्य अक्सर एक-दूसरे के अंदर भी नहीं देख पाता। यह कथन निबंध की दार्शनिक गहराई और कलात्मकता को उजागर करता है।
प्रश्न 5
प्रश्न 6
प्रश्न 7
सकर्मक क्रिया वाले वाक्य:
- बच्चों से जरा छेड़छाड़ की, कुशल क्षेम पूछे। (यहाँ 'छेड़छाड़' और 'पूछे' क्रियाओं का कर्म है।)
- हम लोग उस कुत्ते के आनंद को देखने लगे। (यहाँ 'देखने लगे' क्रिया का कर्म 'आनंद' है।)
- इतनी ही स्वीकृति पाकर ही उसके अंग-अंग में आनंद का प्रवाह बह उठता है। (यहाँ 'बह उठता है' क्रिया का कर्म 'आनंद का प्रवाह' है।)
- गुरुदेव ने इस भाव की एक कविता लिखी थी। (यहाँ 'लिखी थी' क्रिया का कर्म 'कविता' है।)
अकर्मक क्रिया वाले वाक्य:
- गुरुदेव ज़रा मुस्करा दिए। (यहाँ 'मुस्करा दिए' क्रिया का कोई कर्म नहीं है।)
- मैं जब यह कविता पढ़ता हूँ। (यहाँ 'पढ़ता हूँ' क्रिया का कर्म 'कविता' है, यह सकर्मक है। पाठ से अकर्मक का एक उदाहरण: 'वह श्रीनिकेतन में रहने गये।')
- आश्रम के अधिकांश लोग बाहर चले गए। (यहाँ 'चले गए' क्रिया का कोई कर्म नहीं है।)
- प्रतिदिन प्रातः काल यह भक्त कृत्ता स्तब्ध होकर आसन के पास तब तक बैठा रहता है। (यहाँ 'बैठा रहता है' क्रिया का कोई कर्म नहीं है।)
Common mistakes
- पशु-पक्षियों की भावनाओं को कम आंकना।
- निबंध की कलात्मक शैली की विशेषताओं को पहचानने में कठिनाई।
- सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं के बीच अंतर करने में भ्रम।
Revision tips
- पाठ को ध्यान से पढ़ें और मुख्य पात्रों (गुरुदेव, कुत्ता, मैना) के बीच संबंधों को समझें।
- निबंध में वर्णित पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता के उदाहरणों को नोट करें।
- सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं के उदाहरणों को पहचानें और उनका अभ्यास करें।
- निबंध की कलात्मक भाषा और शैली पर विशेष ध्यान दें।
Practice MCQs
Q1. गुरुदेव ने शांतिनिकेतन को छोड़कर कहीं और रहने का मन क्यों बनाया?
Explanation: गुरुदेव बढ़ती उम्र और शांतिनिकेतन में मिलने वालों की भीड़ के कारण एकांत और आराम चाहते थे, इसलिए उन्होंने अन्यत्र रहने का मन बनाया।
Q2. पाठ के अनुसार, मूक प्राणी भी मनुष्य से कम संवेदनशील नहीं होते, इसका क्या प्रमाण है?
Explanation: कुत्ते का गुरुदेव के स्पर्श को अनुभव करना और उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त करना दर्शाता है कि मूक प्राणी भी स्नेह और संवेदनाओं को गहराई से महसूस करते हैं।
Q3. लेखक गुरुदेव द्वारा मैना पर लिखी कविता के मर्म को कब समझ पाया?
Explanation: लेखक ने तब कविता का मर्म समझा जब गुरुदेव के कहने पर उसने मैना को झुंड से अलग होकर अकेले चलते हुए देखा, जिससे उसे निष्कासन के दर्द का अहसास हुआ।
Q4. निबंध में 'यूथ भ्रष्ट' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
Explanation: गुरुदेव ने उस लँगड़ी मैना के लिए 'यूथ भ्रष्ट' शब्द का प्रयोग किया था जो झुंड से अलग होकर अकेली चहलकदमी करती थी।
Q5. निबंध की कौन सी विशेषता लेखक के भावों और विचारों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है?
Explanation: निबंध में पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, एकांत की महत्ता और मूक प्राणियों की भावनाओं को समझना - ये सभी तत्व लेखक की कलात्मक शैली को दर्शाते हैं।
Frequently asked questions
कक्षा 9 क्षितिज पाठ 8 का मुख्य विषय क्या है?
कक्षा 9 क्षितिज पाठ 8, 'एक कुत्ता और एक मैना', का मुख्य विषय पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता, एकांत की आवश्यकता, और मानवीय भावनाओं की गहराई है, जिसे हजारीप्रसाद द्विवेदी ने अपने निबंध में कलात्मक शैली में प्रस्तुत किया है।
गुरुदेव ने शांतिनिकेतन क्यों छोड़ा?
गुरुदेव ने बढ़ती उम्र के कारण स्वास्थ्य की चिंता और शांतिनिकेतन में मिलने वालों की भीड़ से उत्पन्न एकांत की कमी के कारण वहाँ से कहीं और रहने का मन बनाया।
क्या यह समाधान परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे?
हाँ, ये समाधान पाठ की गहरी समझ विकसित करने, मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकारों को समझने में छात्रों की सहायता करेंगे।
निबंध में सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं का क्या महत्व है?
निबंध में सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं के उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को व्याकरण के इन महत्वपूर्ण भेदों को पहचानने और समझने में मदद मिलती है, जो भाषा की स्पष्टता के लिए आवश्यक है।
पशु-पक्षियों की संवेदनशीलता के बारे में पाठ क्या सिखाता है?
पाठ सिखाता है कि मूक प्राणी भी स्नेह, दुःख और संवेदनाओं को गहराई से महसूस करते हैं, और मनुष्य को उनके प्रति अधिक संवेदनशील और करुणामय व्यवहार करना चाहिए।
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