कक्षा 9 अर्थशास्त्र: भारत में खाद्य सुरक्षा NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के छात्रों के लिए अर्थशास्त्र के अध्याय 'भारत में खाद्य सुरक्षा' पर विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के सरकारी उपायों, बफर स्टॉक, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), और मौसमी व दीर्घकालिक भुखमरी के बीच अंतर जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। समाधानों में हरित क्रांति के प्रभाव और आपदाओं के खाद्य आपूर्ति पर पड़ने वाले असर का भी विश्लेषण किया गया है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक स्पष्ट और व्यापक समझ प्रदान करते हैं, जिससे वे इन अवधारणाओं को प्रभावी ढंग से सीख सकें।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectअर्थशास्त्र
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter4. भारत में खाद्य सुरक्षा

Chapter summary

कक्षा 9 अर्थशास्त्र के अध्याय 'भारत में खाद्य सुरक्षा' के ये NCERT समाधान छात्रों को भारत में खाद्य उपलब्धता, पहुंच और सामर्थ्य सुनिश्चित करने वाली रणनीतियों की गहन समझ प्रदान करते हैं। इसमें बफर स्टॉक प्रबंधन, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस), अंत्योदय अन्न योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और निर्गम मूल्य जैसी सरकारी पहलों पर प्रकाश डाला गया है। समाधान मौसमी और दीर्घकालिक भुखमरी के बीच अंतर को भी स्पष्ट करते हैं, साथ ही हरित क्रांति और प्राकृतिक आपदाओं के खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की व्याख्या करते हैं।

Learning outcomes

  • भारत में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकारी उपायों को समझना।
  • बफर स्टॉक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की भूमिका का विश्लेषण करना।
  • मौसमी और दीर्घकालिक भुखमरी के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • हरित क्रांति के खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव का मूल्यांकन करना।
  • आपदाओं के खाद्य आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभावों को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • खाद्य सुरक्षा
  • बफर स्टॉक
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस)
  • लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस)
  • अंत्योदय अन्न योजना
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)
  • निर्गम कीमत
  • हरित क्रांति
  • खाद्य असुरक्षा
  • मौसमी भुखमरी
  • दीर्घकालिक भुखमरी
  • सहकारी समितियों की भूमिका

Important topics

  • खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के सरकारी उपाय
  • बफर स्टॉक और पीडीएस की कार्यप्रणाली
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और निर्गम कीमत
  • मौसमी बनाम दीर्घकालिक भुखमरी
  • आपदाओं का खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

गरीबों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार ने क्या उपाय किए हैं? सरकार की ओर से शुरू की गई किन्हीं दो योजनाओं को लिखें।
Solution: सरकार गरीबों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई उपाय करती है, जिनमें बफर स्टॉक का निर्माण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का संचालन शामिल है। सरकार द्वारा शुरू की गई दो प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:
  1. संशोधित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (RPDS): इस प्रणाली को 1992 में देश के 1700 ब्लॉकों में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ पहुंचाना था। जून 1997 में, गरीबों को लक्षित करने के सिद्धांत को अपनाने के लिए एक लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) शुरू की गई, जो सभी क्षेत्रों में लागू हुई।
  2. अंत्योदय अन्न योजना (AAY): यह योजना विशेष रूप से गरीबों में भी सबसे गरीब लोगों की सहायता के लिए शुरू की गई थी। इस योजना को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के मौजूदा नेटवर्क से जोड़ा गया है। इस योजना के अंतर्गत, निर्धन परिवारों को प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।

प्रश्न 2

भारत में खाद्य सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है?
Solution: भारत में खाद्य सुरक्षा मुख्य रूप से दो प्रमुख तंत्रों द्वारा सुनिश्चित की जाती है: बफर स्टॉक का रखरखाव और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का संचालन। बफर स्टॉक सरकार द्वारा किसानों से अधिशेष अनाज खरीदकर बनाया जाता है, जिसका उपयोग कीमतों को स्थिर रखने और आपातकालीन स्थितियों में खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। पीडीएस के माध्यम से, सरकार जरूरतमंदों को रियायती दरों पर खाद्यान्न वितरित करती है।

प्रश्न 3

कौन लोग खाद्य असुरक्षा से अधिक ग्रस्त हो सकते हैं?
Solution: खाद्य असुरक्षा से वे लोग अधिक ग्रस्त हो सकते हैं जिनके पास स्थिर आय या संसाधनों की कमी होती है। इनमें मुख्य रूप से भूमिहीन किसान, पारंपरिक कारीगर, और पारंपरिक सेवाएं प्रदान करने वाले लोग जैसे कि नाई, बढ़ई, धोबी आदि शामिल हैं। ये समूह अक्सर अपनी आजीविका के लिए अनिश्चित स्रोतों पर निर्भर होते हैं और किसी भी आर्थिक या प्राकृतिक झटके के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

प्रश्न 4

क्या आप मानते हैं कि हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्नों में आत्मनिर्भर बना दिया है? कैसे?
Solution: हाँ, यह मानना उचित है कि हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्नों के मामले में काफी हद तक आत्मनिर्भर बना दिया है। हरित क्रांति के परिणामस्वरूप, विशेष रूप से गेहूं और चावल जैसी प्रमुख फसलों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। इस वृद्धि ने देश की बढ़ती आबादी की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में मदद की और खाद्यान्नों के आयात पर भारत की निर्भरता को काफी कम कर दिया। उन्नत बीजों, सिंचाई तकनीकों और उर्वरकों के उपयोग ने इस उत्पादकता वृद्धि को संभव बनाया।

प्रश्न 5

आपदा खाद्य आपूर्ति को कैसे प्रभावित करती है? या विपदा में खाद्य सुरक्षा कैसे प्रभावित करती है?
Solution: प्राकृतिक आपदाएं, जैसे बाढ़, सूखा, या तूफान, खाद्य आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा को कई तरह से नकारात्मक रूप से प्रभावित करती हैं:
  1. उत्पादन में कमी: आपदाएं फसलों को नष्ट कर देती हैं, जिससे खाद्यान्नों का कुल उत्पादन कम हो जाता है।
  2. क्षेत्रीय कमी: प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्नों की उपलब्धता गंभीर रूप से कम हो जाती है।
  3. कीमतों में वृद्धि: आपूर्ति में कमी के कारण खाद्यान्नों की कीमतें बढ़ जाती हैं, जिससे वे गरीबों की पहुंच से बाहर हो जाते हैं।
  4. भुखमरी की स्थिति: यदि आपदा लंबे समय तक बनी रहती है और राहत उपाय अपर्याप्त होते हैं, तो यह भुखमरी की गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है।

प्रश्न 6

मौसमी भुखमरी तथा दीर्घकालिक भुखमरी में अंतर स्पष्ट कीजिए?
Solution: मौसमी भुखमरी और दीर्घकालिक भुखमरी के बीच मुख्य अंतर उनके कारणों और अवधि में निहित है:

मौसमी भुखमरी:

यह मुख्य रूप से कृषि उत्पादन में मौसमी गिरावट या वर्ष भर नियमित रोजगार के अवसरों की कमी के कारण उत्पन्न होती है। यह अक्सर उन क्षेत्रों में देखी जाती है जहां कृषि मुख्य आजीविका है और फसल चक्र के दौरान या प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़ या सूखा) के कारण काम उपलब्ध नहीं होता है।

दीर्घकालिक भुखमरी:

यह एक स्थायी स्थिति है जो लगातार कम आय या गरीबी के कारण उत्पन्न होती है। ऐसे व्यक्ति या परिवार खाद्यान्न खरीदने में असमर्थ होते हैं क्योंकि उनकी आय उनकी बुनियादी खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपर्याप्त होती है। यह कुपोषण का कारण बनती है क्योंकि व्यक्ति लंबे समय तक अपर्याप्त या असंतुलित आहार लेते हैं।

प्रश्न 7

भुखमरी से आप क्या समझते हैं?
Solution: भुखमरी एक ऐसी गंभीर स्थिति है जिसमें किसी व्यक्ति या आबादी को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पाता है, जिसके कारण वे भूख से पीड़ित होते हैं और अंततः मृत्यु भी हो सकती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब भोजन की उपलब्धता, पहुंच या सामर्थ्य में गंभीर संकट आ जाता है, जिससे लोगों को अपनी बुनियादी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाई होती है।

प्रश्न 8

बफर स्टॉक क्या है? सरकार इसे क्यों बनाती है?
Solution: बफर स्टॉक अनाज का वह भंडार है जिसे सरकार किसानों से अधिशेष अनाज खरीदकर बनाती है। सरकार बफर स्टॉक का निर्माण मुख्य रूप से दो कारणों से करती है:
  1. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना: यह देश में खाद्यान्नों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है, विशेषकर उन वर्षों में जब फसल उत्पादन कम होता है या कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है।
  2. कीमतों को स्थिर रखना: बफर स्टॉक का उपयोग बाजार में खाद्यान्नों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। सरकार इसे जरूरतमंद वर्गों में बाजार मूल्य से कम कीमत पर वितरित करके कीमतों को बढ़ने से रोकती है।

प्रश्न 9

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से आप क्या समझते हैं?
Solution: न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) वह मूल्य है जो सरकार द्वारा किसानों को उनकी फसलों के लिए बुवाई के मौसम की शुरुआत से पहले ही घोषित कर दिया जाता है। यह मूल्य किसानों को यह आश्वासन देता है कि सरकार उनकी उपज को एक निश्चित न्यूनतम मूल्य पर खरीदेगी, भले ही बाजार में कीमतें गिर जाएं। एमएसपी किसानों को उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी आय को स्थिर करने में मदद करता है।

प्रश्न 10

निर्गम कीमत क्या है? स्पष्ट करें?
Solution: निर्गम कीमत वह कीमत है जिस पर सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से समाज के गरीब वर्गों को खाद्यान्न वितरित करती है। यह कीमत आमतौर पर बाजार मूल्य से काफी कम होती है। निर्गम कीमत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सबसे गरीब लोग भी आवश्यक खाद्यान्नों को वहन कर सकें और खाद्य असुरक्षा से बचे रहें।

प्रश्न 11

खाद्य और संबंधित वस्तुओं को उपलब्ध कराने में सहकारी समितियों की भूमिका का वर्णन करें?
Solution: सहकारी समितियां खाद्य और संबंधित वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, विशेषकर कुछ क्षेत्रों में। ये समितियां अपने सदस्यों के लिए उचित मूल्य पर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराती हैं। उदाहरण के लिए, गुजरात में सहकारी समितियों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे किसानों से सीधे उपज खरीदकर या थोक में सामान खरीदकर अपने सदस्यों को कम कीमतों पर बेचकर बिचौलियों को हटाकर लागत कम करने में मदद करती हैं। इससे न केवल सदस्यों को लाभ होता है, बल्कि बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद मिलती है।

Common mistakes

  • मौसमी और दीर्घकालिक भुखमरी के बीच अंतर को समझने में भ्रमित होना।
  • सरकारी योजनाओं के विशिष्ट विवरणों को याद रखने में कठिनाई।
  • बफर स्टॉक और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के उद्देश्यों को गलत समझना।

Revision tips

  • खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रमुख सरकारी योजनाओं की सूची बनाएं।
  • बफर स्टॉक और पीडीएस के महत्व को समझने के लिए उदाहरणों का उपयोग करें।
  • भुखमरी के विभिन्न प्रकारों और उनके कारणों के बीच अंतर को स्पष्ट करें।
  • हरित क्रांति और आपदाओं के प्रभाव पर संक्षिप्त नोट्स तैयार करें।

Practice MCQs

Q1. गरीबों के लिए खाद्यान्न उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा संचालित प्रणाली कौन सी है?

Q2. अंत्योदय अन्न योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q3. किसानों को उनकी फसलों के लिए पहले से घोषित मूल्य को क्या कहते हैं?

Q4. प्राकृतिक आपदाएं खाद्य सुरक्षा को कैसे प्रभावित करती हैं?

Q5. मौसमी भुखमरी का मुख्य कारण क्या है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 अर्थशास्त्र में 'भारत में खाद्य सुरक्षा' अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

यह अध्याय छात्रों को भारत में खाद्य उपलब्धता, पहुंच और सामर्थ्य सुनिश्चित करने वाली महत्वपूर्ण सरकारी नीतियों और प्रणालियों को समझने में मदद करता है, जो परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

बफर स्टॉक क्या है और सरकार इसे क्यों बनाती है?

बफर स्टॉक सरकार द्वारा किसानों से अधिशेष अनाज खरीदकर बनाया जाता है। इसका उपयोग खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, कीमतों को स्थिर रखने और आपातकालीन स्थितियों में वितरण के लिए किया जाता है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कैसे काम करती है?

पीडीएस के माध्यम से सरकार गरीबों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। लक्षित पीडीएस (टीपीडीएस) यह सुनिश्चित करता है कि लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।

मौसमी भुखमरी और दीर्घकालिक भुखमरी में क्या अंतर है?

मौसमी भुखमरी कृषि में मौसमी गिरावट या काम की कमी से होती है, जबकि दीर्घकालिक भुखमरी लगातार कम आय या खाद्यान्न खरीदने में असमर्थता के कारण होती है।

हरित क्रांति ने भारत की खाद्य सुरक्षा में कैसे योगदान दिया?

हरित क्रांति ने गेहूं और चावल जैसी फसलों के उत्पादन में भारी वृद्धि की, जिससे भारत खाद्यान्नों के मामले में आत्मनिर्भर बन गया और आयात पर निर्भरता कम हो गई।

आपदाएं खाद्य सुरक्षा को कैसे प्रभावित करती हैं?

प्राकृतिक आपदाएं खाद्यान्न उत्पादन को कम कर सकती हैं, आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकती हैं, कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं और गंभीर मामलों में भुखमरी की स्थिति पैदा कर सकती हैं।

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