कक्षा 9 हिंदी क्षितिज पाठ 13: सुमित्रानंदन पंत ग्राम श्री - NCERT समाधान

NCERT Solutions PDF Class 9 PDF

यह पृष्ठ कक्षा 9 हिंदी क्षितिज पुस्तक के पाठ 13, 'ग्राम श्री' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित यह कविता ग्रामीण भारत के प्राकृतिक सौंदर्य का मनमोहक चित्रण करती है। समाधानों में कवि द्वारा वर्णित गाँव के मनमोहक दृश्यों, जैसे कि हरियाली, फूलों, फलों, खेतों और मौसम के सौंदर्य का विस्तृत विश्लेषण शामिल है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर स्पष्ट और सरल भाषा में दिया गया है, जिससे छात्रों को कविता के भावार्थ, अलंकारों और चित्रण को समझने में मदद मिलेगी। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी में सहायता करेंगे और उन्हें कविता की गहरी समझ विकसित करने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter13. सुमित्रानंदन पंत ग्राम श्री

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी क्षितिज के पाठ 13 'ग्राम श्री' के ये NCERT समाधान सुमित्रानंदन पंत की कविता पर केंद्रित हैं। ये समाधान कविता में चित्रित ग्रामीण भारत के प्राकृतिक सौंदर्य, विशेष रूप से वसंत ऋतु के आगमन पर प्रकृति में होने वाले परिवर्तन, जैसे नई कोपलें, फूल, फल और लहलहाते खेत का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करते हैं। इसमें गंगा के तट का वर्णन, 'मरकत डिब्बे सा खुला' जैसे उपमाओं का भावार्थ और विभिन्न अलंकारों की पहचान भी शामिल है। ये समाधान छात्रों को कविता के भाव, भाषा और चित्रण को समझने में मदद करते हैं।

Learning outcomes

  • कवि द्वारा चित्रित ग्रामीण सौंदर्य को समझना।
  • कविता में प्रयुक्त अलंकारों (पुनरुक्ति, अनुप्रास, मानवीकरण) की पहचान करना।
  • कविता के भावार्थ और मुख्य विचारों को स्पष्ट करना।
  • प्रकृति के मानवीकरण को समझना।
  • गंगा नदी के तट और उसके आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का वर्णन करना।

Topics covered

Paper topics

  • ग्राम श्री कविता का सारांश
  • सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय
  • कविता का भावार्थ
  • प्रकृति चित्रण
  • वसंत ऋतु का सौंदर्य
  • गंगा नदी का तट
  • अलंकार (पुनरुक्ति, अनुप्रास, मानवीकरण)
  • भाषा शैली
  • रचना और अभिव्यक्ति प्रश्न
  • ग्रामीण जीवन का सौंदर्य

Important topics

  • कविता का भावार्थ और मुख्य संदेश
  • प्रकृति का मानवीकरण
  • अलंकारों की पहचान और उनका प्रयोग
  • ग्रामीण सौंदर्य का चित्रण
  • वसंत ऋतु का वर्णन

PDF preview

Read page by page below. PDF is streamed from the official NCERT website — no download button on this page.

Loading document …
Page of
Loading page …

Questions and Solutions

1. कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' क्यों कहा है?

कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' क्यों कहा है?
Solution: कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' इसलिए कहा है क्योंकि गाँव का प्राकृतिक सौंदर्य अत्यंत मनमोहक और अनुपम है। चारों ओर फैली हरियाली, फूलों की सुगंध और प्राकृतिक छटा मन को प्रसन्नता से भर देती है, जिससे यह सभी लोगों के मन को हर लेती है।

2. कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?

कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?
Solution: इस कविता में मुख्य रूप से वसंत ऋतु के सौंदर्य का वर्णन किया गया है। वसंत ऋतु के आगमन से पहले पेड़ों से पुराने पत्ते झड़ जाते हैं और उन पर नई कोपलें, पत्तियाँ, फूल और फल आने लगते हैं। यह वह समय होता है जब खेत लहलहाते हैं, सरसों खिलती है और चारों ओर एक मनोरम वातावरण छा जाता है।

3. गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?

गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?
Solution: गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' इसलिए कहा गया है क्योंकि चारों ओर फैली हुई हरी-भरी फसलें, रंग-बिरंगी तितलियाँ, फूलों की सुगंध और सूर्य की स्वर्णिम धूप से चमकता हुआ प्राकृतिक सौंदर्य एक खुले हुए मरकत (पन्ना) के डिब्बे के समान प्रतीत होता है, जो अपनी चमक और सुंदरता से मन मोह लेता है।

4. अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?

अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?
Solution: कवि को अरहर और सनई के खेत ऐसे प्रतीत होते हैं मानो धरती (वसुधा) ने अपनी कमर पर सुनहरी रंग की करधनी बाँध रखी हो। हवा चलने पर ये खेत हिलते हैं और एक मधुर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, जो करधनी के हिलने के समान लगती है।

5.1 भाव स्पष्ट कीजिए: बालू के साँपों से अंकित गंगा की सतरंगी रेती

भाव स्पष्ट कीजिए: बालू के साँपों से अंकित गंगा की सतरंगी रेती
Solution: प्रस्तुत पंक्तियों में गंगा नदी के किनारे फैली हुई रेत का वर्णन है। यह रेत सतरंगी इसलिए लगती है क्योंकि पानी की लहरों और हवा के कारण उस पर टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएँ बन जाती हैं। जब सूरज की किरणें इन रेखाओं पर पड़ती हैं, तो वे चमकने लगती हैं। ये रेखाएँ ऐसी दिखती हैं मानो रेत पर साँपों ने चलकर निशान बनाए हों।

5.2 भाव स्पष्ट कीजिए: हँसमुख हरियाली हिमआतप सुख से अलसाएसे सोए

भाव स्पष्ट कीजिए: हँसमुख हरियाली हिमआतप सुख से अलसाएसे सोए
Solution: इन पंक्तियों में ओस से भीगी हुई हरियाली का वर्णन है, जो सूर्य के प्रकाश में चमक रही है और प्रसन्न दिखाई दे रही है। सर्दी की धूप भी खिली-खिली और सुखद है। इस सुखद वातावरण में ऐसा प्रतीत होता है मानो सभी जीव-जंतु और प्रकृति आलस्य से भरकर सुखपूर्वक सो रहे हों।

6. निम्न पंक्तियों में कौनसा अलंकार है? तिनकों के हरे हरे तन पर हिल हरित रुधिर है रहा झलक

निम्न पंक्तियों में कौनसा अलंकार है? तिनकों के हरे हरे तन पर हिल हरित रुधिर है रहा झलक
Solution:

इन पंक्तियों में निम्नलिखित अलंकार हैं:

  • पुनरुक्ति अलंकार: 'हरे हरे' शब्द का प्रयोग दो बार हुआ है, जिसका अर्थ समान है।
  • अनुप्रास अलंकार: 'हिल हरित' में 'ह' और 'र' वर्णों की आवृत्ति के कारण अनुप्रास अलंकार है।
  • मानवीकरण अलंकार: 'तिनकों के हरे हरे तन' में निर्जीव तिनकों को सजीव मानकर 'तन' (शरीर) का प्रयोग किया गया है, इसलिए यहाँ मानवीकरण अलंकार है।

7. इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है वह भारत के किस भूभाग पर स्थित है?

इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है वह भारत के किस भूभाग पर स्थित है?
Solution: इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है, वह भारत के उत्तरी भाग में गंगा नदी के तट पर स्थित किसी गाँव का प्रतीत होता है। कविता में गंगा की रेती और उसके आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का वर्णन इसी ओर संकेत करता है।

8. भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
Solution: भाव और भाषा दोनों की दृष्टि से 'ग्राम श्री' कविता अत्यंत सहज, सुंदर और मनमोहक है। कवि ने प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का अत्यंत सजीव और लुभावना चित्रण किया है। प्रकृति का मानवीकरण करते हुए कवि ने उसे सजीव रूप प्रदान किया है। कविता की भाषा सरल, मधुर और प्रवाहमयी है, जो पाठक को सीधे प्रभावित करती है। अलंकारों के सुंदर प्रयोग ने कविता के सौंदर्य में वृद्धि की है, जिससे यह पढ़ने में अत्यंत आनंददायक लगती है।

9. आप जहाँ रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।

आप जहाँ रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।
Solution: (यह एक व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का प्रश्न है, यहाँ मुंबई की बरसात का एक उदाहरण गद्य में प्रस्तुत है। छात्र अपने अनुभव के अनुसार वर्णन कर सकते हैं।)

मेरे शहर मुंबई की बरसात, उमस भरी गर्मी से राहत दिलाने वाली, खुशियों से सराबोर करने वाली बरसात है। यह चाय की चुस्कियों और गरमागरम पकौड़ियों वाली बरसात है। मरीन ड्राइव पर सागर की लहरों के साथ अठखेलियाँ करती हुई, कीचड़ से सराबोर सड़कों पर ट्रैफिक जाम का कारण बनती हुई भी यह बरसात अपनी एक अलग छटा बिखेरती है। यह आपाधापी और रेलमपेल वाली बरसात है, जो मजदूरों की रोजी-रोटी छीनने वाली भी हो सकती है, पर फिर भी यह मुंबई की पहचान का एक अभिन्न अंग है।

Common mistakes

  • अलंकारों की सही पहचान न कर पाना।
  • कविता के भावार्थ को सतही तौर पर समझना।
  • प्रकृति चित्रण के सूक्ष्म विवरणों को अनदेखा करना।

Revision tips

  • कविता को कई बार पढ़ें और उसके मुख्य बिंबों को याद करें।
  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को अपने शब्दों में लिखने का अभ्यास करें।
  • कविता में प्रयुक्त अलंकारों के उदाहरणों को रेखांकित करें और उनका अर्थ समझें।
  • कवि द्वारा प्रकृति के मानवीकरण के उदाहरणों पर विशेष ध्यान दें।

Practice MCQs

Q1. कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' क्यों कहा है?

Q2. कविता में मुख्य रूप से किस ऋतु के सौंदर्य का वर्णन है?

Q3. गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?

Q4. अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं?

Q5. 'हरे हरे' शब्द में कौन सा अलंकार है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 13 'ग्राम श्री' में मुख्य रूप से क्या वर्णित है?

इस पाठ में सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित 'ग्राम श्री' कविता है, जिसमें ग्रामीण भारत के प्राकृतिक सौंदर्य, विशेषकर वसंत ऋतु के आगमन पर प्रकृति में होने वाले मनमोहक परिवर्तनों का चित्रण किया गया है।

कवि ने गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा है?

कवि ने गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' इसलिए कहा है क्योंकि चारों ओर फैली हरियाली, फूलों की सुगंध और सूर्य की सुनहरी धूप से चमकता हुआ गाँव एक खुले पन्ने (मरकत) के डिब्बे की तरह सुंदर और आकर्षक लगता है।

कविता में किन अलंकारों का प्रयोग हुआ है?

कविता में पुनरुक्ति अलंकार ('हरे हरे'), अनुप्रास अलंकार ('हिल हरित') और मानवीकरण अलंकार ('तिनकों के हरे हरे तन पर') जैसे अलंकारों का सुंदर प्रयोग हुआ है।

ये NCERT समाधान छात्रों के लिए कैसे उपयोगी हैं?

ये समाधान छात्रों को 'ग्राम श्री' कविता के कठिन भावार्थों को समझने, प्रश्नों के उत्तर देने और परीक्षा की तैयारी करने में मदद करते हैं। इनमें कविता के मुख्य बिंबों और साहित्यिक तत्वों की विस्तृत व्याख्या शामिल है।

क्या इन समाधानों में कविता के भावार्थ की व्याख्या भी शामिल है?

हाँ, इन समाधानों में कविता की पंक्तियों के भावार्थ को स्पष्ट रूप से समझाया गया है, जिससे छात्रों को कविता के गहरे अर्थ को समझने में सहायता मिलती है।

Content reviewed by the NCERT Help team. Editorial Team and update policy

NCERT Solutions PDF PDF on NCERT Help. URL unchanged for search indexing.