कक्षा 9 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 1 - गिल्लू (महादेवी वर्मा)

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यह पृष्ठ कक्षा 9 की हिंदी (संचयन) पुस्तक के पाठ 1, 'गिल्लू' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। महादेवी वर्मा द्वारा लिखित यह पाठ एक गिलहरी के साथ लेखिका के गहरे भावनात्मक संबंध को दर्शाता है। समाधानों में गिल्लू के घायल होने पर उसके उपचार, लेखिका के साथ उसके अनोखे रिश्ते, उसकी स्वतंत्रता की चाह और अंततः उसके देहावसान से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर शामिल हैं। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहराई को समझने, पात्रों के चरित्र-चित्रण का विश्लेषण करने और महादेवी वर्मा की संवेदनशीलता को महसूस करने में मदद करेंगे। परीक्षा की तैयारी के लिए, ये विस्तृत उत्तर छात्रों को मुख्य अवधारणाओं को स्पष्ट करने और अपने उत्तरों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने में सहायक होंगे।

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BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectहिंदी
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter1. गिल्लू - महादेवी वर्मा

Chapter summary

कक्षा 9 हिंदी (संचयन) के पाठ 1 'गिल्लू' के ये NCERT समाधान महादेवी वर्मा द्वारा रचित एक मार्मिक कहानी पर केंद्रित हैं। समाधान गिल्लू नामक गिलहरी के जीवन के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करते हैं, जिसमें उसका घायल अवस्था से उबरना, लेखिका के साथ उसका स्नेहपूर्ण संबंध, उसकी स्वतंत्रता की आकांक्षा और उसके अंतिम क्षण शामिल हैं। यह पाठ लेखिका की पशु-प्रेम और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करता है। समाधान छात्रों को कहानी के पात्रों, घटनाओं और अंतर्निहित भावों को समझने में सहायता करते हैं।

Learning outcomes

  • गिल्लू के घायल होने पर उसके उपचार की प्रक्रिया को समझना।
  • लेखिका और गिल्लू के बीच विकसित हुए भावनात्मक बंधन का विश्लेषण करना।
  • गिल्लू की स्वतंत्रता की इच्छा और उसके कारणों को पहचानना।
  • कौए को समादरित और अनादरित प्राणी कहे जाने के कारणों को स्पष्ट करना।
  • गिल्लू की मृत्यु के समय की चेष्टाओं और लेखिका की भावनाओं को समझना।
  • सोनजुही की लता और गिल्लू की समाधि से जुड़े लेखिका के विश्वास को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • गिल्लू का परिचय
  • गिल्लू का घायल होना और उपचार
  • लेखिका और गिल्लू का संबंध
  • गिल्लू की स्वतंत्रता की इच्छा
  • कौए का महत्व (समादरित और अनादरित)
  • गिल्लू की परिचारिका की भूमिका
  • गिल्लू का अंतिम समय
  • गिल्लू की मृत्यु और लेखिका की भावनाएँ
  • सोनजुही की लता और गिल्लू की समाधि
  • महादेवी वर्मा की संवेदनशीलता
  • पशु-प्रेम
  • प्रकृति से जुड़ाव

Important topics

  • गिल्लू का घायल होना और उपचार
  • लेखिका और गिल्लू का भावनात्मक बंधन
  • गिल्लू की स्वतंत्रता की चाह
  • गिल्लू का अंतिम समय और मृत्यु
  • सोनजुही की लता और गिल्लू की समाधि का प्रतीकात्मक अर्थ
  • कौए का समादरित और अनादरित होना

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?
Solution: सोनजुही की कली का खिलना लेखिका के लिए अत्यंत मनमोहक था। इस पीली कली को देखकर लेखिका को अपने प्रिय गिलहरी मित्र गिल्लू की याद आई। उन्हें स्मरण हुआ कि कैसे गिल्लू छोटा जीव होने के बावजूद लता की घनी हरी पत्तियों में छिपकर बैठ जाता था और लेखिका के पास पहुँचते ही उनके कंधे पर कूदकर उन्हें चौंका देता था। पहले जब वह कली की खोज करती थीं, तो आज उन्हें उस छोटे से प्राण (गिल्लू) की खोज थी, जो अब उनके साथ नहीं था। लेखिका को गिल्लू से इतना गहरा लगाव हो गया था कि उसकी मृत्यु के पश्चात भी वह उसे भुला नहीं पा रही थीं और कली में उन्हें गिल्लू की उपस्थिति का आभास हो रहा था।

प्रश्न 2

पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?
Solution:कौए को एक ही समय में समादरित (आदरणीय) और अनादरित (अपमानित) प्राणी इसलिए कहा गया है क्योंकि समाज में उसके प्रति दो विपरीत धारणाएँ प्रचलित हैं। एक ओर, श्राद्ध के दिनों में कौए को अत्यंत आदर के साथ भोजन कराया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में हमारे पूर्वज कौए का रूप धारण करके हमसे कुछ ग्रहण करने आते हैं, इसलिए उन्हें सम्मान दिया जाता है। दूसरी ओर, कौए की निरंतर काँव-काँव की कर्कश ध्वनि को लोग पसंद नहीं करते और उसे सिरदर्द या परेशानी का कारण मानते हैं। इस प्रकार, एक ही प्राणी के प्रति समाज का दृष्टिकोण भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में अलग-अलग होता है, जिससे वह एक साथ आदर और अनादर का पात्र बनता है।

प्रश्न 3

गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया?
Solution:जब लेखिका को गिलहरी का एक घायल बच्चा मिला, तो उन्होंने उसे उठाकर अपने कमरे में ले आईं। सबसे पहले, उन्होंने रुई की सहायता से उसके शरीर से खून को धीरे-धीरे पोंछा। फिर, उन्होंने उसके घावों पर पेंसिलिन नामक मरहम लगाया ताकि संक्रमण न फैले। उसकी भूख मिटाने के लिए, लेखिका ने रुई की एक पतली बत्ती को दूध में भिगोकर उसके मुँह के पास लगाई। हालाँकि शुरुआत में दूध की बूँदें उसके मुँह के दोनों ओर गिर जाती थीं, लेकिन कई घंटों के अथक प्रयास के बाद लेखिका सफल हुईं और वह उसके मुँह में पानी की एक बूँद टपकाने में कामयाब रहीं। इस निरंतर उपचार के परिणामस्वरूप, तीन दिनों के भीतर ही वह गिलहरी का बच्चा स्वस्थ हो गया।

प्रश्न 4

लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?
Solution:गिल्लू, लेखिका का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए एक विशेष तरीका अपनाता था। वह लेखिका के पैरों तक आकर सर्र से दौड़ता हुआ पर्दे पर चढ़ जाता था और फिर उतनी ही तेजी से नीचे उतर आता था। गिल्लू का यह दौड़ने का क्रम तब तक चलता रहता था, जब तक कि लेखिका उसे पकड़ने के लिए उठ न जातीं। इस प्रकार, वह अपनी चंचलता और फुर्ती से लेखिका का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहता था।

प्रश्न 5

गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों समझी गई और उसके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया?
Solution:गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता इसलिए महसूस हुई क्योंकि वह उसका पहला बसंत था और वह बाहर की दुनिया को जानने के लिए उत्सुक था। लेखिका ने देखा कि बाहर की अन्य गिलहरियाँ खिड़की की जाली के पास आकर 'चिक-चिक' करके कुछ-कुछ कह रही थीं। गिल्लू भी अक्सर जाली के पास बैठकर उन्हें निहारता रहता था। इससे लेखिका को यह आभास हुआ कि गिल्लू अब अपने साथियों के साथ मिलना चाहता है और उसे स्वतंत्रता की आवश्यकता है। इस आवश्यकता को समझते हुए, लेखिका ने उसे मुक्त करने का उपाय किया। उन्होंने खिड़की की जाली का एक कोना खोल दिया, जिससे गिल्लू आसानी से अंदर-बाहर आ-जा सके और अपने साथियों के साथ समय बिता सके।

प्रश्न 6

गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका की भूमिका निभा रहा था?
Solution:गिल्लू ने एक परिचारिका (देखभाल करने वाली) की भूमिका तब निभाई जब लेखिका एक मोटर-दुर्घटना में घायल होकर कुछ दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहीं। अस्पताल से घर लौटने पर, जब लेखिका अस्वस्थ थीं, गिल्लू ने उनकी सेवा की। वह लेखिका के तकिए के सिरहाने बैठकर अपने छोटे-छोटे पंजों से उनके सिर और बालों को अत्यंत कोमलता से सहलाता रहता था। उसके इस स्नेहपूर्ण स्पर्श से लेखिका को बहुत आराम मिलता था। गिल्लू का वहाँ से हटना लेखिका को ऐसा लगता था मानो कोई परिचारिका उन्हें छोड़कर जा रही हो। इस प्रकार, अपनी सेवा और स्नेह से गिल्लू ने लेखिका की अस्वस्थता में एक परिचारिका का कर्तव्य निभाया।

प्रश्न 7

गिल्लू को किन चेष्टाओं से यह आभास मिलने लगा था कि अब उसका अंत समय समीप है?
Solution:गिल्लू के अंत समय के समीप आने के कई संकेत मिलने लगे थे। सबसे पहले, उसने खाना-पीना पूरी तरह से छोड़ दिया था, जो उसके अस्वस्थ होने का स्पष्ट संकेत था। इसके अतिरिक्त, वह अपने सामान्य स्वभाव के विपरीत, घर से बाहर भी नहीं गया। सबसे मार्मिक संकेत तब मिला जब वह अपने झूले से उतरकर लेखिका के बिस्तर पर निश्चेष्ट (बिना हिले-डुले) लेट गया। उसके नन्हे पंजे पूरी तरह ठंडे पड़ चुके थे, जो जीवन के अंत का सूचक था। वह पूरी रात लेखिका की उंगली को पकड़े रहा, मानो अंतिम क्षणों में भी वह उनका साथ नहीं छोड़ना चाहता था। प्रभात होने तक, वह सदा के लिए मृत्यु की नींद सो गया।

प्रश्न 8

'प्रभात की प्रथम किरण के स्पर्श के साथ ही वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया' - का आशय स्पष्ट कीजिए।
Solution:इस कथन का गहरा भावनात्मक आशय है। यह बताता है कि गिल्लू ने अपने जीवन का अंत प्रातः काल के समय किया, जब सूर्य की पहली किरणें पृथ्वी को स्पर्श कर रही थीं। लेखिका का यह कहना कि 'वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया' एक विश्वास को दर्शाता है। इसके माध्यम से लेखिका यह व्यक्त करती हैं कि गिल्लू की मृत्यु केवल अंत नहीं है, बल्कि एक नए जन्म की शुरुआत है। वह मानती हैं कि गिल्लू ने इस जीवन की यात्रा पूरी कर ली है और अब वह किसी अन्य लोक या नए रूप में जन्म लेने के लिए विश्राम (मृत्यु) की अवस्था में चला गया है, जहाँ वह एक नई चेतना के साथ जागृत होगा। यह लेखिका की आशा और गिल्लू के प्रति उनके अटूट प्रेम को दर्शाता है।

प्रश्न 9

सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है?
Solution:सोनजुही की लता के नीचे गिल्लू की समाधि बनाना लेखिका के लिए एक महत्वपूर्ण कार्य था। इस समाधि को देखकर लेखिका के मन में एक गहरा और सुंदर विश्वास जन्म लेता है। उन्हें यह दृढ़ विश्वास हो जाता है कि गिल्लू की आत्मा का अंत नहीं हुआ है, बल्कि वह प्रकृति के चक्र में कहीं न कहीं विद्यमान है। विशेष रूप से, उन्हें यह आशा है कि एक दिन गिल्लू इसी सोनजुही की लता के एक छोटे से पत्ते के रूप में अवश्य खिलेगा। जब वह पत्ता खिलेगा, तो लेखिका को फिर से गिल्लू का अनुभव होगा, वह उसे अपने आस-पास महसूस कर पाएंगी। यह विश्वास लेखिका को संतोष देता है और गिल्लू के प्रति उनके प्रेम को अमर बनाता है।

Common mistakes

  • गिल्लू के उपचार के चरणों को क्रम से न बता पाना।
  • कौए के समादरित और अनादरित होने के दोनों पक्षों को स्पष्ट न कर पाना।
  • गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता के पीछे के भावनात्मक कारणों को न समझना।
  • लेखिका की भावनाओं और गिल्लू के प्रति उसके लगाव की गहराई को कम आंकना।

Revision tips

  • गिल्लू के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों (घायल होने से लेकर मृत्यु तक) को क्रमबद्ध तरीके से याद करें।
  • लेखिका के दृष्टिकोण से गिल्लू के प्रति व्यक्त भावनाओं पर विशेष ध्यान दें।
  • कौए से संबंधित प्रश्न के उत्तर में आदर और अनादर दोनों के कारणों को स्पष्ट रूप से समझें।
  • सोनजुही की लता और गिल्लू की समाधि के प्रतीकात्मक अर्थ पर विचार करें।
  • कहानी में महादेवी वर्मा की भाषा शैली और संवेदनशीलता को समझने का प्रयास करें।

Practice MCQs

Q1. सोनजुही में लगी पीली कली को देखकर लेखिका के मन में क्या विचार आया?

Q2. पाठ के अनुसार, कौए को 'समादरित' प्राणी क्यों माना जाता है?

Q3. गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार करते समय लेखिका ने उसके घावों पर क्या लगाया?

Q4. लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?

Q5. गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?

Q6. लेखिका के अस्पताल से लौटने पर गिल्लू ने किस प्रकार सेवा की?

Q7. गिल्लू की मृत्यु के समय उसकी क्या चेष्टाएँ थीं?

Q8. सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में क्या विश्वास जन्मा?

Frequently asked questions

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 'गिल्लू' में मुख्य पात्र कौन है?

कक्षा 9 हिंदी के पाठ 'गिल्लू' में मुख्य पात्र गिल्लू नामक एक गिलहरी है, जिसका महादेवी वर्मा के साथ गहरा भावनात्मक संबंध दर्शाया गया है।

गिल्लू को लेखिका ने कैसे बचाया?

लेखिका ने गिल्लू को तब बचाया जब वह घायल अवस्था में मिला। उन्होंने रुई से उसका खून पोंछा, घावों पर पेंसिलिन का मरहम लगाया और दूध पिलाने का प्रयास किया।

कौए को 'समादरित' और 'अनादरित' क्यों कहा गया है?

कौए को श्राद्ध जैसे अवसरों पर पितरों के रूप में आदर दिया जाता है (समादरित), लेकिन उसकी कर्कश वाणी और काँव-काँव के कारण उसे अक्सर अनादरित भी किया जाता है।

गिल्लू को मुक्त करने का निर्णय क्यों लिया गया?

गिल्लू को मुक्त करने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि लेखिका को लगा कि बसंत ऋतु में वह अपने साथियों के साथ बाहर की दुनिया में रहना चाहता है।

गिल्लू की मृत्यु के बाद लेखिका को किस बात का विश्वास था?

गिल्लू की मृत्यु के बाद लेखिका को विश्वास था कि वह सोनजुही की लता के नीचे एक छोटे से पत्ते के रूप में खिलेगा और वह उसे फिर से अनुभव कर पाएगी।

यह NCERT समाधान किस कक्षा और विषय के लिए हैं?

यह NCERT समाधान कक्षा 9 के हिंदी (संचयन) विषय के लिए हैं, विशेष रूप से पाठ 1 'गिल्लू' पर केंद्रित हैं।

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