कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान: संसाधन के रूप में लोग - NCERT समाधान

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यह पृष्ठ कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'संसाधन के रूप में लोग' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। यह अध्याय बताता है कि कैसे जनसंख्या को एक संसाधन के रूप में देखा जा सकता है, न कि केवल एक बोझ के रूप में। समाधान सर्व शिक्षा अभियान, शिशु मृत्यु दर को कम करने के तरीकों, बेरोजगारी के विभिन्न रूपों (जैसे प्रच्छन्न और मौसमी बेरोजगारी), आर्थिक और गैर-आर्थिक गतिविधियों के बीच अंतर, और मानव पूंजी के महत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डालते हैं। यह भी समझाया गया है कि शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या क्यों है और विभिन्न प्रकार की पूंजी (भूमि, श्रम, भौतिक और मानव पूंजी) में से मानव पूंजी को सबसे श्रेष्ठ क्यों माना जाता है। ये समाधान छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए अवधारणाओं को स्पष्ट करने और महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर समझने में मदद करेंगे।

Quick info

BoardCBSE
ClassClass 9
Subjectसामाजिक विज्ञान
Session2026
LanguageHindi
TypeNCERT Solutions
Chapter2. संसाधन के रूप में लोग

Chapter summary

कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान के अध्याय 'संसाधन के रूप में लोग' के ये NCERT समाधान छात्रों को जनसंख्या को एक उत्पादक संसाधन के रूप में देखने के लिए मार्गदर्शन करते हैं। इसमें सर्व शिक्षा अभियान के उद्देश्य, शिशु मृत्यु दर को कम करने के उपाय, बेरोजगारी की परिभाषा और इसके प्रकार (प्रच्छन्न और मौसमी), आर्थिक व गैर-आर्थिक क्रियाओं के बीच अंतर, और मानव पूंजी के महत्व पर चर्चा की गई है। समाधान यह भी स्पष्ट करते हैं कि शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक गंभीर समस्या क्यों है और मानव पूंजी को अन्य प्रकार की पूंजी से बेहतर क्यों माना जाता है।

Learning outcomes

  • जनसंख्या को एक संसाधन के रूप में समझने की क्षमता विकसित करना।
  • सर्व शिक्षा अभियान के उद्देश्यों को समझना।
  • शिशु मृत्यु दर को कम करने के उपायों की पहचान करना।
  • बेरोजगारी के विभिन्न रूपों (प्रच्छन्न और मौसमी) के बीच अंतर स्पष्ट करना।
  • आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं के बीच भेद करना सीखना।
  • मानव पूंजी के महत्व और अन्य पूंजी से इसकी श्रेष्ठता को समझना।

Topics covered

Paper topics

  • संसाधन के रूप में लोग
  • जनसंख्या को संसाधन मानना
  • सर्व शिक्षा अभियान
  • शिशु मृत्यु दर
  • बेरोजगारी
  • प्रच्छन्न बेरोजगारी
  • मौसमी बेरोजगारी
  • आर्थिक क्रियाएँ
  • गैर-आर्थिक क्रियाएँ
  • मानव पूंजी
  • भौतिक पूंजी
  • शिक्षित बेरोजगारी

Important topics

  • संसाधन के रूप में लोग की अवधारणा
  • बेरोजगारी के प्रकार (प्रच्छन्न और मौसमी)
  • आर्थिक बनाम गैर-आर्थिक क्रियाएँ
  • मानव पूंजी का महत्व
  • शिक्षित बेरोजगारी की समस्या

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Questions and Solutions

प्रश्न 1

सर्व शिक्षा अभियान क्या है?
Solution: सर्व शिक्षा अभियान एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य 2010 तक 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना था। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रत्येक बच्चा स्कूल जाए और उसे बुनियादी शिक्षा मिले।

प्रश्न 2

शिशु मृत्यु दर को कैसे घटाया जा सकता है?
Solution: शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
  1. बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए उचित स्वास्थ्य देखभाल और टीकाकरण सुनिश्चित करना।
  2. बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना।
  3. माताओं को शिशु पालन, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी में प्रशिक्षित करना, ताकि वे अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें।
इन उपायों से शिशुओं के जीवित रहने की संभावना बढ़ती है और मृत्यु दर में कमी आती है।

प्रश्न 3

बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं?
Solution: बेरोजगारी उस स्थिति को कहते हैं जब कोई व्यक्ति प्रचलित मजदूरी दर पर काम करने के लिए इच्छुक और सक्षम हो, लेकिन उसे रोजगार न मिल पाए। दूसरे शब्दों में, जब काम करने की इच्छा रखने वाले लोग उपलब्ध अवसरों के अभाव में काम नहीं कर पाते, तो वे बेरोजगार कहलाते हैं।

प्रश्न 4

आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं में क्या अंतर है?
Solution: आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं के बीच मुख्य अंतर उनके उद्देश्य में निहित है:

आर्थिक क्रियाएँ: ये वे क्रियाएँ हैं जो धन या आय कमाने के उद्देश्य से की जाती हैं। उदाहरण के लिए, व्यवसाय करना, नौकरी करना या मजदूरी करना।

गैर-आर्थिक क्रियाएँ: ये वे क्रियाएँ हैं जो धन कमाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्यार, सहानुभूति, कर्तव्य या देशप्रेम जैसे अन्य उद्देश्यों से की जाती हैं। उदाहरण के लिए, घर के काम करना, बच्चों की देखभाल करना या किसी की मदद करना बिना किसी पारिश्रमिक के।

प्रश्न 5

संसाधन के रूप में लोग से आप क्या समझते हैं?
Solution: 'संसाधन के रूप में लोग' का अर्थ है किसी देश की कार्यशील जनसंख्या, जो अपने ज्ञान, कौशल और निपुणता के माध्यम से सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) में योगदान करती है। यह जनसंख्या का एक सकारात्मक पहलू है, जिसे अक्सर अवहेलना की जाती है। जब जनसंख्या को शिक्षित, प्रशिक्षित और स्वस्थ बनाकर एक उत्पादक संसाधन में बदला जाता है, तो यह देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रश्न 6

शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या है, कैसे?
Solution: शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक गंभीर समस्या है क्योंकि हर साल बड़ी संख्या में युवा अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में निकलते हैं। हालांकि, देश में उपलब्ध रोजगार के अवसर इन शिक्षित युवाओं की संख्या की तुलना में बहुत कम हैं। इसके परिणामस्वरूप, लाखों शिक्षित युवा या तो बेरोजगार रह जाते हैं या अपनी योग्यता से कम स्तर के काम करने को मजबूर होते हैं, जिससे उनकी प्रतिभा और क्षमता का सही उपयोग नहीं हो पाता और देश के विकास में बाधा आती है।

प्रश्न 7

किस पूँजी को आप सबसे अच्छी मानते हैं - भूमि, श्रम, भौतिक पूँजी और मानव पूँजी?
Solution: इन सभी में, मानव पूंजी को सबसे अच्छी पूंजी माना जाता है। मानव पूंजी में लोगों की शिक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और कौशल शामिल होते हैं, जो उन्हें अधिक उत्पादक बनाते हैं। एक शिक्षित और कुशल व्यक्ति न केवल अपनी आय बढ़ाता है, बल्कि भूमि, श्रम और भौतिक पूंजी जैसे अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करके राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। मानव पूंजी के बिना, अन्य प्रकार की पूंजी का प्रभावी ढंग से उपयोग करना मुश्किल हो सकता है।

प्रश्न 8

प्रच्छन्न और मौसमी बेरोजगार में क्या अंतर है?
Solution: प्रच्छन्न बेरोजगारी और मौसमी बेरोजगारी, दोनों ही बेरोजगारी के प्रकार हैं, लेकिन इनमें मुख्य अंतर इस प्रकार है:

प्रच्छन्न बेरोजगारी (Disguised Unemployment): यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब किसी कार्य में आवश्यकता से अधिक लोग लगे होते हैं। यदि उनमें से कुछ लोगों को हटा भी दिया जाए, तो भी कुल उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। यह अक्सर कृषि जैसे क्षेत्रों में देखा जाता है, जहाँ परिवार के सभी सदस्य खेत में काम करते हैं, भले ही कम लोगों से भी वही काम हो सके।

मौसमी बेरोजगारी (Seasonal Unemployment): यह बेरोजगारी तब होती है जब लोग वर्ष के कुछ विशेष महीनों में ही रोजगार प्राप्त कर पाते हैं और बाकी समय वे बेरोजगार रहते हैं। यह भी अक्सर कृषि से जुड़ा होता है, जहाँ बुवाई, कटाई जैसे व्यस्त मौसमों में काम होता है, लेकिन अन्य समय में कृषि पर निर्भर लोगों को काम नहीं मिल पाता।

प्रश्न 9

आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं में क्या अंतर है?
Solution: आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं के बीच अंतर उनके उद्देश्य पर आधारित होता है:

आर्थिक क्रियाएँ: ये वे सभी क्रियाएँ हैं जो धन या आय अर्जित करने के उद्देश्य से की जाती हैं। इनमें व्यवसाय, नौकरी, मजदूरी आदि शामिल हैं।

गैर-आर्थिक क्रियाएँ: ये वे क्रियाएँ हैं जो धन कमाने के उद्देश्य से नहीं की जातीं, बल्कि व्यक्तिगत संतुष्टि, प्रेम, सहानुभूति, कर्तव्य या सामाजिक संबंधों के कारण की जाती हैं। उदाहरण के लिए, घर के काम करना, बच्चों की देखभाल करना, या किसी मित्र की मदद करना।

Common mistakes

  • जनसंख्या को केवल एक बोझ के रूप में देखना, न कि एक संसाधन के रूप में।
  • प्रच्छन्न और मौसमी बेरोजगारी के बीच अंतर को स्पष्ट रूप से न समझना।
  • आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं के बीच के सूक्ष्म अंतर को पहचानने में कठिनाई।
  • मानव पूंजी के महत्व को कम आंकना।

Revision tips

  • प्रत्येक प्रश्न के उत्तर को समझने के लिए उसे छोटे-छोटे भागों में तोड़ें।
  • मानव पूंजी, बेरोजगारी और आर्थिक/गैर-आर्थिक क्रियाओं जैसी प्रमुख अवधारणाओं को स्पष्ट करने के लिए समाधानों का उपयोग करें।
  • विभिन्न प्रकार की बेरोजगारी के बीच अंतर को याद करने के लिए तुलनात्मक चार्ट बनाएं।
  • सर्व शिक्षा अभियान और शिशु मृत्यु दर जैसे सरकारी पहलों के बारे में मुख्य बिंदुओं को नोट करें।

Practice MCQs

Q1. सर्व शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Q2. शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा उपाय महत्वपूर्ण है?

Q3. बेरोजगारी की स्थिति कब उत्पन्न होती है?

Q4. निम्नलिखित में से कौन सी एक गैर-आर्थिक क्रिया का उदाहरण है?

Q5. मानव पूंजी को सबसे अच्छी पूंजी क्यों माना जाता है?

Q6. प्रच्छन्न बेरोजगारी कहाँ पाई जाती है?

Frequently asked questions

कक्षा 9 के सामाजिक विज्ञान में 'संसाधन के रूप में लोग' अध्याय का क्या अर्थ है?

इस अध्याय का अर्थ है कि जनसंख्या को केवल एक बोझ के रूप में नहीं, बल्कि एक उत्पादक संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए, जो देश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकता है।

सर्व शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?

सर्व शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य 2010 तक 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना था।

प्रच्छन्न बेरोजगारी और मौसमी बेरोजगारी में क्या अंतर है?

प्रच्छन्न बेरोजगारी में लोग काम करते तो हैं, लेकिन उनकी आवश्यकता से अधिक संख्या होती है और उन्हें हटा देने पर भी उत्पादन पर असर नहीं पड़ता। मौसमी बेरोजगारी में लोग वर्ष के कुछ महीनों में ही काम पाते हैं और बाकी समय बेरोजगार रहते हैं।

मानव पूंजी को सबसे अच्छी पूंजी क्यों माना जाता है?

मानव पूंजी को सबसे अच्छी पूंजी इसलिए माना जाता है क्योंकि यह लोगों की शिक्षा, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य के माध्यम से उनकी उत्पादक क्षमता को बढ़ाती है, जो भूमि, श्रम और भौतिक पूंजी से भी अधिक महत्वपूर्ण है।

शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक समस्या क्यों है?

भारत में हर साल बड़ी संख्या में युवा शिक्षित होकर रोजगार की तलाश में निकलते हैं, लेकिन उपलब्ध रोजगार के अवसर सीमित हैं, जिससे शिक्षित बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

आर्थिक और गैर-आर्थिक क्रियाओं के बीच मुख्य अंतर क्या है?

आर्थिक क्रियाएँ धन या आय कमाने के उद्देश्य से की जाती हैं, जबकि गैर-आर्थिक क्रियाएँ प्यार, सहानुभूति या कर्तव्य जैसे अन्य उद्देश्यों से की जाती हैं।

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