कक्षा 8 गणित: चतुर्भुजों को समझना NCERT समाधान
यह पृष्ठ कक्षा 8 के गणित के अध्याय 3, 'चतुर्भुजों को समझना' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रदान करता है। इसमें साधारण वक्रों, साधारण बंद वक्रों, बहुभुजों, उत्तल बहुभुजों और अवतल बहुभुजों के वर्गीकरण को समझाया गया है। छात्रों को उत्तल चतुर्भुजों और अवतल चतुर्भुजों में विकर्णों की संख्या ज्ञात करने के तरीके सिखाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उत्तल चतुर्भुज के कोणों के योगफल की प्रमेय को सिद्ध किया गया है और यह भी बताया गया है कि यह गुण अवतल चतुर्भुजों पर भी लागू होता है। ये समाधान छात्रों को चतुर्भुजों की विभिन्न अवधारणाओं को स्पष्ट करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | गणित |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | 3. चतुर्भुजों को समझना |
Chapter summary
कक्षा 8 के गणित के अध्याय 3 'चतुर्भुजों को समझना' के लिए NCERT समाधान छात्रों को ज्यामितीय आकृतियों के वर्गीकरण की मूल बातें सिखाते हैं। इसमें साधारण वक्र, बंद वक्र, बहुभुज, उत्तल और अवतल बहुभुज की परिभाषाएँ और उदाहरण शामिल हैं। समाधान यह भी बताते हैं कि किसी चतुर्भुज में कितने विकर्ण होते हैं और उत्तल चतुर्भुज के कोणों के योग का गुणधर्म सिद्ध करते हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह गुण अवतल चतुर्भुजों के लिए भी मान्य है।
Learning outcomes
- साधारण वक्र, साधारण बंद वक्र, बहुभुज, उत्तल बहुभुज और अवतल बहुभुज को पहचानना और वर्गीकृत करना।
- दिए गए बहुभुज में विकर्णों की संख्या ज्ञात करना।
- उत्तल चतुर्भुज के कोणों के योगफल का गुणधर्म समझना और सिद्ध करना।
- यह समझना कि चतुर्भुज के कोणों का योगफल 360° होता है, चाहे वह उत्तल हो या अवतल।
- ज्यामितीय आकृतियों के गुणों का विश्लेषण करना।
Topics covered
Paper topics
- साधारण वक्र
- साधारण बंद वक्र
- बहुभुज
- उत्तल बहुभुज
- अवतल बहुभुज
- विकर्ण
- चतुर्भुज के कोणों का योगफल
- त्रिभुज के कोणों का योगफल
- ज्यामितीय आकृतियों का वर्गीकरण
- बहुभुजों के गुणधर्म
Important topics
- बहुभुजों का वर्गीकरण (उत्तल और अवतल)
- विकर्णों की संख्या ज्ञात करना
- चतुर्भुज के कोणों का योगफल (360°)
- कोण योग गुणधर्म का प्रमाण
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
- साधारण वक्र
- साधारण बंद वक्र
- बहुभुज
- उत्तल बहुभुज
- अवतल बहुभुज
आकृतियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
- साधारण वक्र: वे वक्र जो स्वयं को नहीं काटते हैं। आकृतियाँ (1), (2), (5), (6), (7) साधारण वक्र हैं।
- साधारण बंद वक्र: वे साधारण वक्र जिनका एक सिरा दूसरे से जुड़ा होता है, जिससे कोई खुला सिरा नहीं बचता। आकृतियाँ (1), (2), (5), (6), (7) साधारण बंद वक्र हैं।
- बहुभुज: वे सरल बंद वक्र जो केवल रेखा खंडों से बने होते हैं। आकृतियाँ (1), (2), (4) बहुभुज हैं।
- उत्तल बहुभुज: वे बहुभुज जिनके सभी आंतरिक कोण 180° से कम होते हैं और विकर्ण चतुर्भुज के अंदर स्थित होते हैं। आकृति (1) एक उत्तल बहुभुज है।
- अवतल बहुभुज: वे बहुभुज जिनमें कम से कम एक आंतरिक कोण 180° से अधिक होता है। आकृति (4) एक अवतल बहुभुज है।
प्रश्न 2
- एक उत्तल चतुर्भुज
- एक त्रिभुज
- एक समषड्भुज
विकर्ण वह रेखा खंड होता है जो किसी बहुभुज के दो गैर-आसन्न शीर्षों को जोड़ता है।
- एक उत्तल चतुर्भुज: एक उत्तल चतुर्भुज में 2 विकर्ण होते हैं। यदि चतुर्भुज के शीर्ष A, B, C, D हैं, तो विकर्ण AC और BD होंगे।
- एक त्रिभुज: एक त्रिभुज में 0 विकर्ण होते हैं, क्योंकि इसके सभी शीर्ष आसन्न होते हैं।
- एक समषड्भुज: एक समषड्भुज (6 भुजाओं वाला बहुभुज) में 9 विकर्ण होते हैं। यदि शीर्ष A, B, C, D, E, F हैं, तो विकर्ण हैं: AC, AD, AE, BD, BE, BF, CE, CF, DF।
प्रश्न 3
उत्तल चतुर्भुज के कोणों का योगफल:
माना ABCD एक उत्तल चतुर्भुज है। हम विकर्ण AC खींचते हैं, जो चतुर्भुज को दो त्रिभुजों, ΔABC और ΔADC में विभाजित करता है।
त्रिभुज के कोण-योग गुणधर्म के अनुसार, प्रत्येक त्रिभुज के आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
इसलिए, ΔABC में:
और ΔADC में:
चतुर्भुज ABCD के कोणों का योगफल इन दोनों त्रिभुजों के कोणों के योग के बराबर होगा:
अतः, एक उत्तल चतुर्भुज के कोणों की मापों का योगफल 360° होता है।
अवतल चतुर्भुज के लिए गुणधर्म:
हाँ, यह गुणधर्म अवतल चतुर्भुज पर भी लागू होता है। माना ABCD एक अवतल चतुर्भुज है जिसमें ∠C अवतल कोण है (180° से बड़ा)। हम विकर्ण BD खींचते हैं। यह विकर्ण चतुर्भुज को दो त्रिभुजों, ΔABD और ΔBCD में विभाजित करता है।
त्रिभुज के कोण-योग गुणधर्म से:
ΔABD में: ... (i)
ΔBCD में: ... (ii)
समीकरण (i) और (ii) को जोड़ने पर:
अतः, अवतल चतुर्भुज के कोणों का योगफल भी 360° होता है।
Common mistakes
- वक्रों और बहुभुजों के बीच अंतर करने में भ्रमित होना।
- उत्तल और अवतल आकृतियों को गलत वर्गीकृत करना।
- विकर्णों की गणना करते समय शीर्षों को छोड़ देना या दोहराना।
- कोण योग गुणधर्म को केवल उत्तल चतुर्भुजों तक सीमित मानना।
Revision tips
- प्रत्येक प्रकार की आकृति (वक्र, बहुभुज, उत्तल, अवतल) की परिभाषाओं को स्पष्ट रूप से समझें।
- विकर्णों की गणना के लिए सूत्र या विधि को याद रखें और विभिन्न बहुभुजों पर अभ्यास करें।
- चतुर्भुज के कोण योग गुणधर्म के प्रमाण को चरण-दर-चरण समझें।
- दिए गए उदाहरणों और आकृतियों का उपयोग करके अवधारणाओं को दृश्यात्मक रूप से समझने का प्रयास करें।
Practice MCQs
Q1. निम्नलिखित में से कौन सी आकृति एक साधारण वक्र है?
Explanation: एक साधारण वक्र वह वक्र होता है जो स्वयं को नहीं काटता है। वृत्त एक साधारण वक्र का उदाहरण है।
Q2. एक उत्तल चतुर्भुज में कितने विकर्ण होते हैं?
Explanation: एक उत्तल चतुर्भुज के दो विकर्ण होते हैं, जो विपरीत शीर्षों को जोड़ते हैं।
Q3. एक बहुभुज वह सरल बंद वक्र होता है जो केवल किससे बना होता है?
Explanation: एक बहुभुज केवल रेखा खंडों से बना एक सरल बंद वक्र होता है।
Q4. एक समषड्भुज में कितने विकर्ण होते हैं?
Explanation: एक समषड्भुज (6 भुजाओं वाला बहुभुज) में 9 विकर्ण होते हैं।
Q5. किसी भी चतुर्भुज के चारों आंतरिक कोणों का योगफल कितना होता है?
Explanation: किसी भी चतुर्भुज (उत्तल या अवतल) के चारों आंतरिक कोणों का योगफल हमेशा 360° होता है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 के गणित में 'चतुर्भुजों को समझना' अध्याय में क्या शामिल है?
इस अध्याय में साधारण वक्र, साधारण बंद वक्र, बहुभुज, उत्तल और अवतल बहुभुज की अवधारणाओं को समझाया गया है। इसमें विकर्णों की गणना और चतुर्भुज के कोणों के योगफल के गुणधर्म पर भी चर्चा की गई है।
एक उत्तल चतुर्भुज और एक अवतल चतुर्भुज में क्या अंतर है?
एक उत्तल चतुर्भुज में सभी आंतरिक कोण 180° से कम होते हैं और इसके विकर्ण चतुर्भुज के अंदर स्थित होते हैं। एक अवतल चतुर्भुज में एक आंतरिक कोण 180° से अधिक होता है और कम से कम एक विकर्ण चतुर्भुज के बाहर स्थित हो सकता है।
किसी भी चतुर्भुज के कोणों का योगफल हमेशा 360° क्यों होता है?
किसी भी चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है। चूँकि प्रत्येक त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है, इसलिए दो त्रिभुजों का कुल योग 180° + 180° = 360° होता है, जो चतुर्भुज के कोणों का योगफल है।
विकर्ण क्या होता है?
विकर्ण एक रेखा खंड होता है जो किसी बहुभुज के दो गैर-आसन्न शीर्षों को जोड़ता है।
क्या ये समाधान परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं?
हाँ, ये समाधान प्रत्येक प्रश्न के विस्तृत स्पष्टीकरण और चरण-दर-चरण विधि प्रदान करते हैं, जो अवधारणाओं को समझने और परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
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