कक्षा 8 हिंदी NCERT समाधान: पाठ 2 - लाख की चूड़ियाँ
यह पृष्ठ कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक 'वसंत भाग 2' के पाठ 2 'लाख की चूड़ियाँ' के लिए विस्तृत NCERT समाधान प्रस्तुत करता है। इसमें लेखक के बचपन की यादें, बदलू काका के साथ उनका रिश्ता, और उस समय की वस्तु विनिमय प्रणाली पर प्रकाश डाला गया है। समाधान यह भी बताते हैं कि कैसे मशीनी युग ने पारंपरिक कारीगरों, विशेष रूप से बदलू जैसे लाख की चूड़ियाँ बनाने वालों के जीवन और आजीविका को प्रभावित किया। पाठ के माध्यम से लेखक ने कारीगरों की व्यथा और लुप्त होती कलाओं पर चिंता व्यक्त की है। ये समाधान छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा की तैयारी में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
Quick info
| Board | CBSE |
|---|---|
| Class | Class 8 |
| Subject | हिंदी |
| Session | 2026 |
| Language | Hindi |
| Type | NCERT Solutions |
| Chapter | पाठ 2 - लाख की चूड़ियाँ |
Chapter summary
कक्षा 8 हिंदी के पाठ 'लाख की चूड़ियाँ' के ये NCERT समाधान छात्रों को कहानी के मुख्य पात्र बदलू और लेखक के बचपन के अनुभवों से परिचित कराते हैं। समाधान वस्तु विनिमय की पुरानी प्रणाली और आधुनिक मुद्रा प्रणाली के बीच अंतर स्पष्ट करते हैं। वे मशीनी युग के आगमन से पारंपरिक कारीगरों पर पड़े नकारात्मक प्रभाव, विशेषकर बदलू के व्यवसाय के ठप होने और उसकी आजीविका पर संकट आने की व्यथा को विस्तार से समझाते हैं। यह पाठ लुप्त होती कलाओं और कारीगरों की उपेक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उजागर करता है।
Learning outcomes
- लेखक के बचपन की यादों और बदलू काका के साथ उसके रिश्ते को समझना।
- वस्तु विनिमय प्रणाली और वर्तमान विनिमय प्रणाली के बीच अंतर स्पष्ट करना।
- मशीनी युग के कारण पारंपरिक कारीगरों के जीवन में आए बदलावों का विश्लेषण करना।
- पाठ में व्यक्त की गई कारीगरों की व्यथा और लुप्त होती कलाओं के महत्व को समझना।
- कहानी के पात्रों और उनकी भावनाओं का मूल्यांकन करना।
Topics covered
Paper topics
- लाख की चूड़ियाँ
- बचपन की यादें
- बदलू काका का चरित्र
- वस्तु विनिमय प्रणाली
- विनिमय की प्रचलित पद्धति
- मशीनी युग का प्रभाव
- कारीगरों की व्यथा
- पारंपरिक कलाएं
- आजीविका का संकट
- कहानी का सारांश
Important topics
- वस्तु विनिमय प्रणाली और उसका महत्व
- मशीनी युग का पारंपरिक कारीगरों पर प्रभाव
- बदलू के चरित्र और उसकी भावनाओं का विश्लेषण
- लेखक द्वारा व्यक्त की गई सामाजिक व्यथा
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Questions and Solutions
प्रश्न 1
लेखक अपने मामा के गाँव इसलिए चाव से जाता था क्योंकि वहाँ लाख की चूड़ियाँ बनाने वाला एक कारीगर, बदलू रहता था। बदलू लेखक को ढेर सारी रंग-बिरंगी लाख की गोलियाँ बनाकर देता था, जो लेखक को बहुत पसंद थीं।
गाँव के सभी लोग बदलू को आदर से 'बदलू काका' कहकर बुलाते थे। इसी कारण लेखक भी अपने मामा के गाँव में बदलू को 'बदलू मामा' के बजाय 'बदलू काका' ही कहता था। यह बच्चों की स्वाभाविक नकल और बड़ों के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
प्रश्न 2
वस्तु विनिमय एक ऐसी प्राचीन प्रणाली है जिसमें किसी वस्तु को खरीदने या प्राप्त करने के लिए पैसे का उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि उसके बदले में दूसरी वस्तु का आदान-प्रदान किया जाता है। उदाहरण के लिए, अनाज के बदले कपड़े लेना या सेवा के बदले कोई वस्तु देना।
आज के समय में विनिमय की सबसे प्रचलित पद्धति 'पैसा' है। हम किसी भी वस्तु को खरीदने या बेचने के लिए पैसे का उपयोग करते हैं।
प्रश्न 3
इस पंक्ति में लेखक ने मशीनी युग के कारण पारंपरिक कारीगरों की दुर्दशा और उनके बेरोजगार होने की व्यथा की ओर संकेत किया है। मशीनों के आविष्कार और उनके बढ़ते प्रयोग ने उन कारीगरों का काम छीन लिया है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी हाथ से बनी वस्तुओं से अपनी आजीविका चलाते आ रहे थे।
इन कारीगरों ने अपनी कला को ही अपना पेशा बनाया था और वे इसके अलावा कुछ और नहीं जानते थे। मशीनों के कारण उनका पैतृक व्यवसाय बंद हो गया, जिससे उनकी रोजी-रोटी छिन गई। लेखक इस बात से दुखी है कि मशीनी युग ने न केवल इन कारीगरों को बेरोजगार किया है, बल्कि कई अनमोल पारंपरिक कलाओं को भी विलुप्त होने की कगार पर ला खड़ा किया है।
प्रश्न 4
बदलू का मुख्य व्यवसाय लाख की चूड़ियाँ बनाना और बेचना था। लेकिन जैसे-जैसे समय बदला और कांच की चूड़ियों का प्रचलन बढ़ गया, उसका व्यवसाय धीरे-धीरे ठप पड़ने लगा। लोग अब लाख की चूड़ियों की जगह कांच की चूड़ियों को अधिक पसंद करने लगे थे।
अपने व्यवसाय की इस गिरती हुई स्थिति और बाजार में कांच की चूड़ियों की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर बदलू मन ही मन बहुत दुखी और चिंतित रहता था। यह व्यवसाय उसके लिए केवल आजीविका का साधन ही नहीं था, बल्कि उसकी कला और पहचान भी थी। व्यवसाय का यह संकट और अपनी कला का अवमूल्यन ही वह व्यथा थी जो लेखक, जो बदलू को अच्छी तरह समझता था, उससे छिपी न रह सकी।
प्रश्न 5
मशीनी युग के आगमन से बदलू के जीवन में कई नकारात्मक बदलाव आए। सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि मशीनों से बनी कांच की चूड़ियों के प्रचलन के कारण उसका लाख की चूड़ियाँ बनाने का व्यवसाय लगभग बंद हो गया।
काम न मिलने के कारण वह खाली रहने लगा। लगातार काम न करने और चिंता के कारण उसका शरीर भी ढलने लगा। उसके हाथों और माथे की नसें उभर आईं, जो उसके शारीरिक और मानसिक तनाव को दर्शाती थीं। वह पहले की तरह स्वस्थ और सक्रिय न रहकर बीमार रहने लगा। इस प्रकार, मशीनी युग ने न केवल उसकी आजीविका छीनी, बल्कि उसके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाला।
Common mistakes
- वस्तु विनिमय और पैसे के विनिमय के बीच के अंतर को समझने में भ्रम।
- मशीनी युग के प्रभाव को केवल आर्थिक दृष्टि से देखना, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव को अनदेखा करना।
- बदलू की व्यथा के कारणों को सतही तौर पर समझना।
Revision tips
- पाठ को पढ़ते समय बदलू के चरित्र और उसकी भावनाओं पर विशेष ध्यान दें।
- वस्तु विनिमय प्रणाली के उदाहरणों को नोट करें और वर्तमान प्रणाली से तुलना करें।
- मशीनी युग के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की सूची बनाएं, विशेषकर कारीगरों के संदर्भ में।
- लेखक द्वारा व्यक्त की गई व्यथा के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करें।
Practice MCQs
Q1. लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था?
Explanation: लेखक को बदलू द्वारा दी जाने वाली लाख की रंग-बिरंगी गोलियाँ बहुत पसंद थीं, जिसके कारण वह मामा के गाँव बड़े चाव से जाता था।
Q2. गाँव के लोग बदलू को क्या कहकर बुलाते थे?
Explanation: गाँव के सभी निवासी बदलू को 'बदलू काका' कहकर संबोधित करते थे, इसी कारण लेखक भी उसे इसी नाम से पुकारता था।
Q3. वस्तु विनिमय का क्या अर्थ है?
Explanation: वस्तु विनिमय वह प्रणाली है जिसमें किसी वस्तु के बदले पैसे का प्रयोग न होकर सीधे दूसरी वस्तु का आदान-प्रदान किया जाता है।
Q4. पाठ के अनुसार, विनिमय की प्रचलित पद्धति क्या है?
Explanation: लेखक ने बताया है कि जहाँ पहले वस्तु विनिमय चलता था, वहीं अब पैसे के माध्यम से विनिमय की पद्धति प्रचलित है।
Q5. लेखक ने 'मशीनी युग' ने कितने हाथ काट दिए हैं' पंक्ति में किसकी व्यथा बताई है?
Explanation: इस पंक्ति के माध्यम से लेखक ने उन पारंपरिक कारीगरों की पीड़ा व्यक्त की है जिनका रोजगार मशीनों के आने से छिन गया है।
Frequently asked questions
कक्षा 8 हिंदी के पाठ 'लाख की चूड़ियाँ' में मुख्य पात्र कौन है?
इस पाठ में मुख्य पात्र बदलू है, जो लाख की चूड़ियाँ बनाने वाला एक कारीगर है। लेखक उसके साथ अपने बचपन के अनुभवों को साझा करता है।
वस्तु विनिमय क्या होता है?
वस्तु विनिमय वह प्रणाली है जिसमें एक वस्तु के बदले दूसरी वस्तु का आदान-प्रदान किया जाता है, न कि पैसे का।
मशीनी युग ने बदलू जैसे कारीगरों को कैसे प्रभावित किया?
मशीनी युग में कांच की चूड़ियों के प्रचलन और मशीनों द्वारा उत्पादन बढ़ने से बदलू जैसे लाख की चूड़ियाँ बनाने वाले कारीगरों का व्यवसाय ठप पड़ गया, जिससे उनकी आजीविका छिन गई।
लेखक ने 'मशीनी युग' ने कितने हाथ काट दिए हैं' कहकर क्या दर्शाया है?
इस पंक्ति के माध्यम से लेखक ने यह दर्शाया है कि मशीनों के आने से पारंपरिक कारीगरों का रोजगार छिन गया है, जिससे वे बेरोजगार हो गए हैं और उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
यह NCERT समाधान छात्रों की परीक्षा तैयारी में कैसे मदद करेंगे?
ये समाधान पाठ के प्रत्येक प्रश्न का विस्तृत और स्पष्ट उत्तर प्रदान करते हैं, जिससे छात्रों को पाठ की गहरी समझ विकसित करने और परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर देने में मदद मिलती है।
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